*रीवा मॉडल साइंस कॉलेज में बस शुल्क का विरोध, NSUI ने बताया अवैध वसूली* *डिप्टी सीएम को सौंपा ज्ञापन, छात्रों से जबरन वसूली बंद करने की मांग* रीवा। रीवा के शासकीय मॉडल साइंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए डिप्टी सीएम को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज गेट पर प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों से बस सुविधा के नाम पर जबरन शुल्क लिया जा रहा है, जबकि अधिकांश छात्र बस सुविधा का उपयोग नहीं करते। एनएसयूआई ने इसे अवैध वसूली बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि शासकीय कॉलेज में छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। गरीब व ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले छात्रों को इससे परेशानी हो रही है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शुल्क वसूली बंद नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। एनएसयूआई ने डिप्टी सीएम से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और दोषी कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्रों से वसूला गया शुल्क वापस कराने की भी मांग की गई है।
*रीवा मॉडल साइंस कॉलेज में बस शुल्क का विरोध, NSUI ने बताया अवैध वसूली* *डिप्टी सीएम को सौंपा ज्ञापन, छात्रों से जबरन वसूली बंद करने की मांग* रीवा। रीवा के शासकीय मॉडल साइंस कॉलेज में बस शुल्क को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए डिप्टी सीएम को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज गेट पर प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों से बस सुविधा के नाम पर जबरन शुल्क लिया जा रहा है, जबकि अधिकांश छात्र बस सुविधा का उपयोग नहीं करते। एनएसयूआई ने इसे अवैध वसूली बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि शासकीय कॉलेज में छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। गरीब व ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले छात्रों को इससे परेशानी हो रही है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शुल्क वसूली बंद नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। एनएसयूआई ने डिप्टी सीएम से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और दोषी कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए। साथ ही छात्रों से वसूला गया शुल्क वापस कराने की भी मांग की गई है।
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1
- Post by Shobhit tiwari2
- Post by Prakash Pathak Satna1
- *अल्ट्राटेक माइंस में महिला की मौत, सिर पर गिरी पत्थर की भारी चट्टान — क्या कई और लोगों की मौत के बाद जागेगा प्रशासन?* रीवा जिले के ग्राम पंचायत बैजनाथ क्षेत्र स्थित अल्ट्राटेक माइंस में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक महिला के सिर पर पत्थर की भारी चट्टान गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा लगातार हो रही अवैध ब्लास्टिंग और खदानों में सीधे खड़े घाट बना देने के कारण हुआ। मृतिका सुमित्रा केवट पति रामनरेश केवट जिसकी 05 छोटी छोटी बच्चियां है अब उनका क्या होगा ?? प्रशासन उन बच्चियों की कोई मदद करेगा क्या ?? ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से लगातार इस खतरे को लेकर आवाज उठाई जा रही थी और समाचारों के माध्यम से प्रशासन को पहले ही चेताया गया था कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और किसी की जान जा सकती है। लेकिन समय रहते प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका परिणाम आज एक महिला की मौत के रूप में सामने आया। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग, पुलिस विभाग और प्रशासन की मौन स्वीकृति के कारण ही खनिज माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं। लगातार अवैध ब्लास्टिंग, अवैध उत्खनन और सीधे घाट खड़ा कर देने से बड़े-बड़े पत्थर खतरनाक रूप से झूल रहे हैं, जो कभी भी किसी भी व्यक्ति की जान ले सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भारी विस्फोटों के कारण पूरी जमीन कमजोर हो चुकी है। आसपास के घरों में दरारें पड़ चुकी हैं और कई मकान गिरने की कगार पर हैं। लोगों का डर है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। ग्राम पंचायत बैजनाथ के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिदिन 2 से 3 टन अवैध बारूद पंचायत क्षेत्र में पहुंचाया जाता है, जबकि यहां कोई खदान सक्रिय स्थिति में नहीं है। इसके बावजूद खुलेआम अवैध बारूद का परिवहन और ब्लास्टिंग जारी है, जिससे साफ है कि खनिज माफियाओं को न पुलिस का डर है और न प्रशासन का भय। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अल्ट्राटेक माइंस में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन गरीब और आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जाती, इसलिए आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। *अब क्षेत्रवासियों ने मुख्य रूप से जिला कलेक्टर और पुलिस महानिरीक्षक* से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, अवैध ब्लास्टिंग और अवैध बारूद परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा खनिज माफियाओं के पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जाए।1
- वही आर्म्स एक्ट की धारा में 3 साल की सजा और ₹10000 का जुर्माना1
- Post by Prime 24 News1
- Post by Sandeep Majhi पत्रकार1
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1