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सिमरी बख्तियारपुर से बड़ी खबर
Ayush Kumar
सिमरी बख्तियारपुर से बड़ी खबर
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Ayush Kumar1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- सेवा में, श्री बबलू मंडल (माननीय विधायक), श्री राजेश वर्मा (माननीय सांसद), एवं श्री हेमंत कुमार (माननीय मुखिया जी)। विषय: वार्ड नंबर 1, गाछी टोला में कच्चे रास्ते की जगह नई पक्की सड़क बनवाने हेतु आवेदन। महोदय, सविनय निवेदन यह है कि हम बछौता पंचायत, खगड़िया के वार्ड नंबर 1, गाछी टोला के निवासी हैं। हमारे टोले में अभी तक कोई पक्की सड़क नहीं बनी है, बल्कि यहाँ केवल एक कच्चा रास्ता है। इस कच्चे रास्ते के कारण हम सभी को आने-जाने में भारी कठिनाई होती है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे यहाँ चलना लगभग असंभव हो जाता है। इसका सबसे बुरा असर हम विद्यार्थियों पर पड़ता है, जिन्हें पढ़ने-लिखने के लिए स्कूल या कॉलेज जाने में बहुत ज़्यादा दिक्कत होती है। रास्ते की इस बदहाली के कारण हमारी पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि हमारी इस समस्या को देखते हुए इस कच्चे रास्ते की जगह जल्द से जल्द एक नई पक्की सड़क (पीसीसी या पिच) का निर्माण करवाने की कृपा करें। इसके लिए हम सभी ग्रामवासी आपके सदैव आभारी रहेंगे। धन्यवाद। भवदीय, समस्त ग्रामवासी (गाछी टोला, वार्ड नंबर 1) नाम: [ MD Saqib ] पता: बछौता, खगड़िया1
- घर के आगे बहुत सारा कचड़ा पड़ा हुआ हैं कोई सुनने वाला नहीं हैं नगर परिषद वाला नहीं सुनता ward no 38 संसारपुर बुढ़वा कुंवा के पास1
- सहरसा नगर निगम क्षेत्र के भेलवा वार्ड नंबर 3 से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां रास्ते की मांग को लेकर दर्जनों परिवार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। बताया जा रहा है कि इस वार्ड में कई दशकों से रह रहे परिवार आज अपने ही घरों में बंधक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवार पिछले तीन दिनों से अपने निजी आवास पर ही भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं और प्रशासन से रास्ता दिलाने की मांग कर रहे हैं। परिवारों का आरोप है कि पड़ोसी द्वारा रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे उनके आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग घर से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी, अंचलाधिकारी, कमिश्नर, राजस्व मंत्री और यहां तक कि मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पड़ोसी ने दबंगई दिखाते हुए रास्ते में मिट्टी डाल दी और दीवार तक खड़ी कर दी। वहीं, अंचलाधिकारी द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे परिवारों में सहदेव राम, बनारसी राम, दामोदर राम, कैलाश राम, अशोक राम, कपिल देव राम, भावेश राम, प्रवेश राम, पिंटू राम और परमानंद राम समेत कई लोग शामिल हैं, जो खुद को अपने ही घरों में कैद महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष का कहना है कि अगर उन्हें आगे से जमीन दी जाती है, तभी वे रास्ता देने को तैयार होंगे। बताया जा रहा है कि यह मामला पुरानी रंजिश से भी जुड़ा हुआ है, जहां छोटी-छोटी कहासुनी ने अब बड़ा विवाद का रूप ले लिया है। फिलहाल, प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि जल्द से जल्द इस विवाद का समाधान कर पीड़ित परिवारों को राहत दिलाई जाए।1
- Post by किरण देव यादव1
- सहरसा। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते शोर प्रदूषण और शादियों में होने वाले विवादों को रोकने के लिए सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत ने एक मिसाल पेश की है। पंचायत में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अब पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी शादी-विवाह या मांगलिक उत्सव में DJ (डीजे) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत के गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई: शादी समारोह में डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। माना जा रहा है कि डीजे के कारण न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलता है, बल्कि देर रात तक शोर से बुजुर्गों और बीमारों को काफी परेशानी होती है। अक्सर देखा गया है कि डीजे पर मनपसंद गानों को लेकर युवाओं के बीच मारपीट और विवाद की स्थिति बन जाती है। इस फैसले से सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।शादियों में डीजे और तामझाम पर होने वाले मोटे खर्च को रोककर उस पैसे का उपयोग शिक्षा या अन्य नेक कार्यों में करने की सलाह दी गई है। पंचायत के इस कड़े लेकिन सकारात्मक फैसले का स्थानीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला आने वाली पीढ़ी के लिए एक अच्छा संदेश है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उस पर पंचायत द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई या आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। शादी-विवाह एक पवित्र संस्कार है, इसे सादगी और शांति से संपन्न करना चाहिए। डीजे के कारण होने वाले हुड़दंग और तनाव को रोकने के लिए यह फैसला पंचायत के हित में है। मोहनपुर पंचायत का यह कदम अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। आधुनिकता के नाम पर बढ़ती कुरीतियों और शोर-शराबे के खिलाफ एकजुट होकर लिया गया यह फैसला समाज को नई दिशा देने वाला है।1
- Post by किरण देव यादव1