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अम्बेडकरनगर: नवागत कप्तान प्राची सिंह का दहशतनाक आगमन- 5 घरों में भीषण चोरियां-चोरों ने "सलामी ठोकी" राजेसुल्तान पुर थाना क्षेत्र में बीती रात पांच घरों में लाखों रुपए के जेवरात और नकदी की ताबड़तोड़ चोरियां हुई है और आज ही नवागत पुलिस कप्तान प्राची सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया है।

4 hrs ago
user_ABN News Plus
ABN News Plus
पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
4 hrs ago

अम्बेडकरनगर: नवागत कप्तान प्राची सिंह का दहशतनाक आगमन- 5 घरों में भीषण चोरियां-चोरों ने "सलामी ठोकी" राजेसुल्तान पुर थाना क्षेत्र में बीती रात पांच घरों में लाखों रुपए के जेवरात और नकदी की ताबड़तोड़ चोरियां हुई है और आज ही नवागत पुलिस कप्तान प्राची सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया है।

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  • एकतरफा प्यार में सनकी कदम: युवक ने शराब के नशे में रेता अपना गला, हालत गंभीर अम्बेडकरनगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने एकतरफा प्यार में आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के शहजादपुर इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, युवक शराब के नशे में था और मानसिक तनाव में आकर उसने धारदार वस्तु से अपना ही गला रेत लिया। घटना के बाद वह खून से लथपथ हालत में तड़पता रहा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्रेम संबंध के चलते मानसिक रूप से परेशान था, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और युवक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना से इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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    एकतरफा प्यार में सनकी कदम: युवक ने शराब के नशे में रेता अपना गला, हालत गंभीर
अम्बेडकरनगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने एकतरफा प्यार में आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के शहजादपुर इलाके की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, युवक शराब के नशे में था और मानसिक तनाव में आकर उसने धारदार वस्तु से अपना ही गला रेत लिया। घटना के बाद वह खून से लथपथ हालत में तड़पता रहा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्रेम संबंध के चलते मानसिक रूप से परेशान था, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और युवक के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
इस घटना से इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
    user_Anant kushwaha
    Anant kushwaha
    Photographer अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • 🚨 UP पुलिस में बड़ा फेरबदल 2017 बैच की IPS Prachi Singh को अंबेडकर नगर का नया SP नियुक्त किया गया है। वहीं 2018 बैच के IPS Abhijeet R. Shankar का तबादला देवरिया कर दिया गया है। अब दोनों जिलों में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होगी।
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    🚨 UP पुलिस में बड़ा फेरबदल
2017 बैच की IPS Prachi Singh को अंबेडकर नगर का नया SP नियुक्त किया गया है। वहीं 2018 बैच के IPS Abhijeet R. Shankar का तबादला देवरिया कर दिया गया है।
अब दोनों जिलों में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू होगी।
    user_Up45news
    Up45news
    Akbarpur, Ambedkar Nagar•
    23 hrs ago
  • *“हाल-ए-तहसील आलापुर: अतिक्रमण, अव्यवस्था और आरोपों के बीच प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल”* *दोहरे मापदंड,नामांतरण में देरी, बाहरी कर्मियों का कब्जा और जर्जर सड़कें—आखिर कब जागेगा प्रशासन?* *“जहां कानून का राज होना चाहिए, वहां सवालों का अंबार क्यों?”* *तहसील आलापुर इन दिनों प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। सरकारी जमीनों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण, चयनात्मक कार्रवाई, नामांतरण में* *लापरवाही और बाहरी कर्मियों की सक्रियता ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।* *अतिक्रमण पर कार्रवाई या दिखावा?* *आलापुर क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल कमजोर और असहाय लोगों को ही निशाना बनाए जाने के आरोप लग रहे हैं।* *सिपाह बाजार में जहां एक शिकायत पर 56 लोगों के अस्थायी अतिक्रमण को जेसीबी से हटवा दिया गया, वहीं धनुकारा गांव में दर्जनों अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।* *सवाल यह उठता है—क्या कार्रवाई नियम से हो रही है या “चयन” से?* *दोहरे मापदंड की चर्चा तेज* *उपजिलाधिकारी की* *कार्यप्रणाली पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप खुलकर सामने आ रहे हैं।* *एक ओर पूरे बाजार पर बुलडोजर चलता है, तो दूसरी ओर कुछ खास मामलों में सिर्फ एक व्यक्ति को ही निशाना बनाया जाता है, जबकि बाकीहै अतिक्रमण जस के तस बने रहते हैं।* *तहसील में ‘बाहरी सिस्टम’ हावी* *तहसील कार्यालय में सरकारी कर्मचारियों के बजाय बाहरी और निजी लोगों का दबदबा बताया जा रहा है।* *ये लोग न सिर्फ फाइलों को संभाल रहे हैं, बल्कि आरोप है कि गोपनीय दस्तावेजों तक की जानकारी बाहर पहुंच रही है।* *इससे आम फरियादी परेशान हैं और “काम करवाने” के लिए जेब ढीली करने को मजबूर।* *नामांतरण बना सिरदर्द* *आलापुर तहसील में नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है।* *निर्विवाद मामलों में भी महीनों तक फैसला नहीं हो पा रहा, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों परेशान हैं।* *हालत यह है कि अब लोग जमीन की रजिस्ट्री कराने से भी कतराने लगे हैं—जिससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।* *चिराग तले अंधेरा—सड़कें बदहाल* *तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से सटे गांवों की सड़कें बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं।* *सिपाह और अन्नापुर में बनी सड़कें एक साल के भीतर ही गड्ढों में तब्दील हो गईं, लेकिन मरम्मत तक नहीं कराई जा रही।* *ग्रामीणों का कहना है—“यह विकास नहीं, दिखावा है।”* *आरसी सेंटर योजना भी फंसी* सिपाह ग्राम पंचायत में प्रस्तावित आरसी सेंटर का निर्माण भी अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता के चलते अटका हुआ है। पेड़ों की नीलामी और भूमि खाली कराने की प्रक्रिया महीनों से फाइलों में ही उलझी हुई है। जमाखोरी और महंगाई का खेल रामनगर, जहांगीरगंज और आसपास के बाजारों में तंबाकू उत्पादों की कालाबाजारी भी सामने आई है। निर्माता कंपनियों द्वारा दाम न बढ़ाने के बावजूद बाजार में मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं। जिम्मेदार विभागों की चुप्पी से जमाखोरों के हौसले बुलंद हैं। जनता का सवाल—जवाब कौन देगा? कब हटेगा अवैध अतिक्रमण का जाल? कब खत्म होगी चयनात्मक कार्रवाई? कब सुधरेगी तहसील की कार्यप्रणाली? अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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    *“हाल-ए-तहसील आलापुर: अतिक्रमण, अव्यवस्था और आरोपों के बीच प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल”*
*दोहरे मापदंड,नामांतरण में देरी, बाहरी कर्मियों का कब्जा और जर्जर सड़कें—आखिर कब जागेगा प्रशासन?*
*“जहां कानून का राज होना चाहिए, वहां सवालों का अंबार क्यों?”*
*तहसील आलापुर इन दिनों प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। सरकारी जमीनों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण, चयनात्मक कार्रवाई, नामांतरण में* *लापरवाही और बाहरी कर्मियों की सक्रियता ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।*
*अतिक्रमण पर कार्रवाई या दिखावा?*
*आलापुर क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल कमजोर और असहाय लोगों को ही निशाना बनाए जाने के आरोप लग रहे हैं।*
*सिपाह बाजार में जहां एक शिकायत पर 56 लोगों के अस्थायी अतिक्रमण को जेसीबी से हटवा दिया गया, वहीं धनुकारा गांव में दर्जनों अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।*
*सवाल यह उठता है—क्या कार्रवाई नियम से हो रही है या “चयन” से?*
*दोहरे मापदंड की चर्चा तेज*
*उपजिलाधिकारी की* *कार्यप्रणाली पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप खुलकर सामने आ रहे हैं।*
*एक ओर पूरे बाजार पर बुलडोजर चलता है, तो दूसरी ओर कुछ खास मामलों में सिर्फ एक व्यक्ति को ही निशाना बनाया जाता है, जबकि बाकीहै  अतिक्रमण जस के तस बने रहते हैं।*
*तहसील में ‘बाहरी सिस्टम’ हावी*
*तहसील कार्यालय में सरकारी कर्मचारियों के बजाय बाहरी और निजी लोगों का दबदबा बताया जा रहा है।*
*ये लोग न सिर्फ फाइलों को संभाल रहे हैं, बल्कि आरोप है कि गोपनीय दस्तावेजों तक की जानकारी बाहर पहुंच रही है।*
*इससे आम फरियादी परेशान हैं और “काम करवाने” के लिए जेब ढीली करने को मजबूर।*
*नामांतरण बना सिरदर्द*
*आलापुर तहसील में नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है।*
*निर्विवाद मामलों में भी महीनों तक फैसला नहीं हो पा रहा, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों परेशान हैं।*
*हालत यह है कि अब लोग जमीन की रजिस्ट्री कराने से भी कतराने लगे हैं—जिससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।*
*चिराग तले अंधेरा—सड़कें बदहाल*
*तहसील और ब्लॉक मुख्यालय से सटे गांवों की सड़कें बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं।*
*सिपाह और अन्नापुर में बनी सड़कें एक साल के भीतर ही गड्ढों में तब्दील हो गईं, लेकिन मरम्मत तक नहीं कराई जा रही।*
*ग्रामीणों का कहना है—“यह विकास नहीं, दिखावा है।”*
*आरसी सेंटर योजना भी फंसी*
सिपाह ग्राम पंचायत में प्रस्तावित आरसी सेंटर का निर्माण भी अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता के चलते अटका हुआ है।
पेड़ों की नीलामी और भूमि खाली कराने की प्रक्रिया महीनों से फाइलों में ही उलझी हुई है।
जमाखोरी और महंगाई का खेल
रामनगर, जहांगीरगंज और आसपास के बाजारों में तंबाकू उत्पादों की कालाबाजारी भी सामने आई है।
निर्माता कंपनियों द्वारा दाम न बढ़ाने के बावजूद बाजार में मनमानी कीमतें वसूली जा रही हैं।
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी से जमाखोरों के हौसले बुलंद हैं।
जनता का सवाल—जवाब कौन देगा?
कब हटेगा अवैध अतिक्रमण का जाल?
कब खत्म होगी चयनात्मक कार्रवाई?
कब सुधरेगी तहसील की कार्यप्रणाली?
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
    user_रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर
    Voice of people अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर का देवरिया जनपद स्थानांतरण हो जाने के उपरांत आज पुलिस लाइन अंबेडकरनगर में विदाई समारोह का आयोजन कर विदाई किया गया।
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    अम्बेडकरनगर पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर का देवरिया जनपद स्थानांतरण हो जाने के उपरांत आज पुलिस लाइन अंबेडकरनगर में विदाई समारोह का आयोजन कर विदाई किया गया।
    user_BALRAM
    BALRAM
    पत्रकार अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Deepak Srivastava
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    Post by Deepak Srivastava
    user_Deepak Srivastava
    Deepak Srivastava
    अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर थाना अखंडरनगर क्षेत्र के अंतर्गत उनूरखा गांव में लगी भीषण आग आज गेहूं की फसल में लग गई है और लगातार बढ़ रही है उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी ने बताया कि दमकल और राजस्व विभाग की टीम वहां पहुंच रही है आग पर काबू पाने के लिए ग्रामवासी एवं राजस्व की टीम लगातार प्रयास कर रही है ।
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    जनपद सुल्तानपुर के तहसील कादीपुर थाना अखंडरनगर क्षेत्र के अंतर्गत उनूरखा गांव में लगी भीषण आग आज गेहूं की फसल में लग गई है और लगातार बढ़ रही है उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी ने बताया कि दमकल और राजस्व विभाग की टीम वहां पहुंच रही है आग पर काबू पाने के लिए ग्रामवासी एवं राजस्व की टीम लगातार प्रयास कर रही है ।
    user_Prashant Yadav
    Prashant Yadav
    Local News Reporter कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) गणेशपुर: 'सूदखोर' कल्लू सोनार के जाल में फंसा गरीब, 30 हजार के बदले मांगे सवा लाख! गरीबों की मजबूरी, सूदखोर की तिजोरी: गणेशपुर में जारी है कल्लू सोनार की 'गुंडा टैक्स' जैसी वसूली। बस्ती पुलिस ध्यान दे! गणेशपुर में कानून को ठेंगा दिखा रहा सूदखोर कल्लू सोनार। क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार। सिकटा का 'सूदखोर' और गणेशपुर की 'दहशत': आखिर कब थमेगा कल्लू सोनार का कहर? ब्याज माफिया कल्लू सोनार का शिकार बना मनोज, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित। 30% ब्याज की दरिंदगी: कल्लू सोनार के चंगुल में फंसा गणेशपुर का मजबूर तबका। ​ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल | 12 अप्रैल, 2026 ​बस्ती।। जनपद के नगर पंचायत गणेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वर्ण व्यवसायी की 'रक्तबीज' जैसी सूदखोरी ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सिकटा का निवासी और गणेशपुर में सोने की दुकान चलाने वाला कल्लू सोनार अब गरीबों के लिए साक्षात काल बन चुका है। अपनी दुकान की आड़ में वह ब्याज का ऐसा काला धंधा चला रहा है, जिसने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है। ​मजबूरी का सौदा: 30% तक की अवैध वसूली ​ताजा मामला मनोज कुमार नामक व्यक्ति का है, जिसने अपनी पारिवारिक मजबूरी और डिलीवरी के खर्चों के लिए कल्लू सोनार से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी गृहस्थी के गहने—पाउजेब, पायल और कान के झाले—गिरवी रखकर मात्र 30,000 रुपये उधार लिए थे। ​लेकिन, कल्लू सोनार की दरिंदगी का आलम यह है कि महज 8-9 महीनों के भीतर उस 30 हजार की राशि को ब्याज के चक्रव्यूह में फंसाकर 1,20,000 रुपये बना दिया गया। 20 से 30 प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा यह ब्याज किसी भी संवैधानिक कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। ​दहशत का पर्याय बना 'कल्लू सोनार' ​ग्रामीणों का आरोप है कि कल्लू सोनार सिर्फ एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक पेशेवर सूदखोर है जो लोगों की लाचारी को अपनी तिजोरी भरने का जरिया बनाता है। गिरवी रखे सामान को हड़पना और ब्याज पर ब्याज लगाकर मूलधन से चार गुना वसूली करना उसकी कार्यशैली बन चुकी है। ​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल? ​आखिर कब तक गणेशपुर के गरीब इस आर्थिक शोषण की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या बस्ती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस अवैध ब्याज माफिया के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? पीड़ित मनोज कुमार ने वीडियो के जरिए अपनी व्यथा सुनाई है और अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। ​हमारी मांग: ​कल्लू सोनार के ब्याज के कारोबार की गहन जांच हो। ​पीड़ितों के गिरवी रखे जेवर तुरंत वापस कराए जाएं। ​अवैध बैंकिंग और सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज हो। 1. व्यवस्था पर प्रहार : "यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था पर तमाचा है जहाँ कानून की नाक के नीचे कल्लू सोनार जैसे 'आर्थिक नरभक्षी' पल रहे हैं। जब गरीब अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन दरिंदों के हवाले कर देता है, तब प्रशासन की खामोशी मिलीभगत का अहसास कराती है। क्या खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर इन सूदखोरों की पहुँच सत्ता के गलियारों तक है?" 2. सूदखोर की मानसिकता पर चोट: "कल्लू सोनार जैसे लोग समाज के घुन हैं, जो मजहब और मानवता की नहीं, सिर्फ 'फीसदी' की भाषा समझते हैं। गिरवी रखे जेवरों पर कुंडली मारकर बैठना और फिर उसी मजबूर इंसान को सरेआम बेइज्जत करना, यह इनकी पुरानी कार्यशैली है। 30% ब्याज कोई व्यापार नहीं, बल्कि गरीब का गला रेतने जैसा है।" 3. जनता के लिए आह्वान (अपील): "आज मनोज कुमार का घर उजड़ रहा है, कल आपकी बारी हो सकती है। इन 'सफेदपोश डकैतों' के खिलाफ जब तक समूचा समाज उठ खड़ा नहीं होगा, तब तक गणेशपुर की गलियों में ऐसी चीखें गूंजती रहेंगी। डरिए मत, आवाज उठाइए!" ​"गरीब की हाय से बना ये महल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस आतंक का अंत करे।" "अब कागजी कार्रवाई का वक्त बीत चुका है। बस्ती मंडल के अधिकारियों को तय करना होगा कि वे कानून के रक्षक हैं या इन सूदखोरों के मूक दर्शक। कल्लू सोनार जैसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए, न कि गणेशपुर के चौराहे पर सीना तानकर घूमना चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय को बढ़ावा है!"
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
गणेशपुर: 'सूदखोर' कल्लू सोनार के जाल में फंसा गरीब, 30 हजार के बदले मांगे सवा लाख!
गरीबों की मजबूरी, सूदखोर की तिजोरी: गणेशपुर में जारी है कल्लू सोनार की 'गुंडा टैक्स' जैसी वसूली।
बस्ती पुलिस ध्यान दे! गणेशपुर में कानून को ठेंगा दिखा रहा सूदखोर कल्लू सोनार।
क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार।
सिकटा का 'सूदखोर' और गणेशपुर की 'दहशत': आखिर कब थमेगा कल्लू सोनार का कहर?
ब्याज माफिया कल्लू सोनार का शिकार बना मनोज, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित।
30% ब्याज की दरिंदगी: कल्लू सोनार के चंगुल में फंसा गणेशपुर का मजबूर तबका।
​ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल | 12 अप्रैल, 2026
​बस्ती।। जनपद के नगर पंचायत गणेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वर्ण व्यवसायी की 'रक्तबीज' जैसी सूदखोरी ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सिकटा का निवासी और गणेशपुर में सोने की दुकान चलाने वाला कल्लू सोनार अब गरीबों के लिए साक्षात काल बन चुका है। अपनी दुकान की आड़ में वह ब्याज का ऐसा काला धंधा चला रहा है, जिसने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है।
​मजबूरी का सौदा: 30% तक की अवैध वसूली
​ताजा मामला मनोज कुमार नामक व्यक्ति का है, जिसने अपनी पारिवारिक मजबूरी और डिलीवरी के खर्चों के लिए कल्लू सोनार से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी गृहस्थी के गहने—पाउजेब, पायल और कान के झाले—गिरवी रखकर मात्र 30,000 रुपये उधार लिए थे।
​लेकिन, कल्लू सोनार की दरिंदगी का आलम यह है कि महज 8-9 महीनों के भीतर उस 30 हजार की राशि को ब्याज के चक्रव्यूह में फंसाकर 1,20,000 रुपये बना दिया गया। 20 से 30 प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा यह ब्याज किसी भी संवैधानिक कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है।
​दहशत का पर्याय बना 'कल्लू सोनार'
​ग्रामीणों का आरोप है कि कल्लू सोनार सिर्फ एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक पेशेवर सूदखोर है जो लोगों की लाचारी को अपनी तिजोरी भरने का जरिया बनाता है। गिरवी रखे सामान को हड़पना और ब्याज पर ब्याज लगाकर मूलधन से चार गुना वसूली करना उसकी कार्यशैली बन चुकी है।
​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल?
​आखिर कब तक गणेशपुर के गरीब इस आर्थिक शोषण की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या बस्ती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस अवैध ब्याज माफिया के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? पीड़ित मनोज कुमार ने वीडियो के जरिए अपनी व्यथा सुनाई है और अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं।
​हमारी मांग:
​कल्लू सोनार के ब्याज के कारोबार की गहन जांच हो।
​पीड़ितों के गिरवी रखे जेवर तुरंत वापस कराए जाएं।
​अवैध बैंकिंग और सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज हो।
1. व्यवस्था पर प्रहार :
"यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था पर तमाचा है जहाँ कानून की नाक के नीचे कल्लू सोनार जैसे 'आर्थिक नरभक्षी' पल रहे हैं। जब गरीब अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन दरिंदों के हवाले कर देता है, तब प्रशासन की खामोशी मिलीभगत का अहसास कराती है। क्या खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर इन सूदखोरों की पहुँच सत्ता के गलियारों तक है?"
2. सूदखोर की मानसिकता पर चोट:
"कल्लू सोनार जैसे लोग समाज के घुन हैं, जो मजहब और मानवता की नहीं, सिर्फ 'फीसदी' की भाषा समझते हैं। गिरवी रखे जेवरों पर कुंडली मारकर बैठना और फिर उसी मजबूर इंसान को सरेआम बेइज्जत करना, यह इनकी पुरानी कार्यशैली है। 30% ब्याज कोई व्यापार नहीं, बल्कि गरीब का गला रेतने जैसा है।"
3. जनता के लिए आह्वान (अपील):
"आज मनोज कुमार का घर उजड़ रहा है, कल आपकी बारी हो सकती है। इन 'सफेदपोश डकैतों' के खिलाफ जब तक समूचा समाज उठ खड़ा नहीं होगा, तब तक गणेशपुर की गलियों में ऐसी चीखें गूंजती रहेंगी। डरिए मत, आवाज उठाइए!"
​"गरीब की हाय से बना ये महल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस आतंक का अंत करे।"
"अब कागजी कार्रवाई का वक्त बीत चुका है। बस्ती मंडल के अधिकारियों को तय करना होगा कि वे कानून के रक्षक हैं या इन सूदखोरों के मूक दर्शक। कल्लू सोनार जैसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए, न कि गणेशपुर के चौराहे पर सीना तानकर घूमना चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय को बढ़ावा है!"
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • 🙏👍🤔
    1
    🙏👍🤔
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
  • Post by Ashwini Kumar Pandey
    3
    Post by Ashwini Kumar Pandey
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    18 min ago
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