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शाहपुरा के स्थित बागावास चौरासी कस्बे में श्री ओमकार सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 10 वीं के स्टूडेंट्स के सम्मान में रैली निकाली गई,शानदार परीक्षा परिणाम के बाद कस्बे में उत्सव का माहौल बन गया, इन होनहार स्टूडेंट्स की उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए कस्बे में खुले जीप में जुलूस निकाला गया,जगह-जगह ग्रामीणों और पेरेंट्स ने स्टूडेंट्स का अभिनंदन किया। टॉपर्स को साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया ,इस दौरान स्टूडेंट्स के चेहरों पर खुशी नजर आई।
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शाहपुरा के स्थित बागावास चौरासी कस्बे में श्री ओमकार सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 10 वीं के स्टूडेंट्स के सम्मान में रैली निकाली गई,शानदार परीक्षा परिणाम के बाद कस्बे में उत्सव का माहौल बन गया, इन होनहार स्टूडेंट्स की उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए कस्बे में खुले जीप में जुलूस निकाला गया,जगह-जगह ग्रामीणों और पेरेंट्स ने स्टूडेंट्स का अभिनंदन किया। टॉपर्स को साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया ,इस दौरान स्टूडेंट्स के चेहरों पर खुशी नजर आई।
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- बस्सी (जयपुर ग्रामीण): पुलिस प्रशासन में अपनी सख्त पकड़ और जनहितकारी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस और एसीपी विनय कुमार को बस्सी सर्कल में एक भव्य और यादगार विदाई दी गई। राज्यपाल के परिसहाय (ADC) पद पर स्थानांतरण होने के अवसर पर आयोजित इस समारोह में पुलिसकर्मियों और आम जनता का उनके प्रति भारी प्रेम देखने को मिला। घोड़ी पर विदाई यात्रा: शाही अंदाज में रवानगी विदाई समारोह को बेहद खास बनाने के लिए पुलिस स्टाफ और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक राजस्थानी अंदाज अपनाया। एसीपी विनय कुमार को गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर बिठाकर एसीपी कार्यालय से बस्सी चक तक एक भव्य विदाई यात्रा निकाली गई। रास्ते भर लोगों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और उन पर स्नेह बरसाया। कार्यकाल की उपलब्धियां: अपराध पर नकेल और जन-विश्वास समारोह के दौरान वक्ताओं ने विनय कुमार के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उनके कार्यकाल की मुख्य विशेषताएं रहीं: प्रभावी अपराध नियंत्रण: उनके नेतृत्व में क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई और अपराधियों में खौफ पैदा हुआ। पुलिस-पब्लिक तालमेल: उन्होंने पुलिस और आमजन के बीच की दूरी को कम कर आपसी विश्वास को नई ऊंचाई दी। सख्त प्रशासनिक पकड़: अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मामले में उन्होंने एक मिसाल कायम की। सम्मान के साथ झलकी विदाई की कसक समारोह में आईपीएस विनय कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जहाँ एक ओर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही थी, वहीं एक सक्षम अधिकारी के जाने का मलाल भी लोगों के चेहरों पर साफ दिखा। विदाई के इन भावुक क्षणों में कई पुलिसकर्मियों और नागरिकों की आंखें नम नजर आईं। "एक अधिकारी जब जनता के बीच विश्वास कमाता है, तो उसकी विदाई केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक उत्सव बन जाती है। बस्सी में विनय कुमार की विदाई इसी का जीवंत उदाहरण रही।"1
- असली कमाई तो ये ही है... कल राजस्थान विश्वविद्यालय के पास से। दो राहगीर युवक उधर से गुजर रहा था। पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। बोनट पर काटा हुआ केक रखा था। दो-तीन वर्दीधारी और दो-तीन सिविलियन हंसी-खुशी के माहौल में केक खा रहे थे और खिला रहे थे। एक महिला के गोद में बच्चा भी था। एक युवक गाड़ी चला रहा हैं और उसका दोस्त को बोला यार थोड़ा बैक लो। बड़ा ही मस्त दृश्य लग रहा है। छोटा सा वीडियो बनाते हैं। वे अपने हिसाब से सोच रहा था कि कोई महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर है और बच्चे का बर्थडे होगा इसलिए यहीं पर केक काटकर खुशी मना रहे होंगे। शायद असली बात पता ही नहीं चलती अगर उनमें से एक पुलिस का जवान वीडियो बना रहे युवकों की गाड़ी के पास नहीं आता। जवान ने पूछा कि वीडियो क्यों बना रहे हैं? एक युवक ने कहा, यार बड़ा अच्छा लग रहा है देखकर। बच्चे का बर्थडे पुलिस वाले ऐसे मनाते हैं, कितनी मुश्किल ड्यूटी होती होगी पुलिस वालों की? पुलिस का जवान धीरे से मुस्कुरा दिया। फिर बोला- सर जी, बात यह नहीं है। आप नीचे उतरेंगे तो बताऊंगा। मैंने कहा लो भाई, नीचे आ जाते हैं। अब बता दो क्या बात है। उसने जो कहानी बताई वह तो सच में ही दिल को छू गई। फिर हम भी गाड़ी के पास ही पहुंच गए। असल बात यह थी कि बर्थ-डे बच्चे का नहीं बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात महिला इंस्पेक्टर गुंजन सोनी का था। केक अलवर से एक दंपती लेकर आए थे। इंस्पेक्टर गुंजन सोनी ने अपनी अलवर पोस्टिंग के दौरान इस जोड़े की शादी को टूटने से बचाया था। दोनों के बीच कुछ अनबन और गलतफहमी थी जिसे समझाईश से गुंजन ने दूर कर दिया था और दोनों तभी से खुशी-खुशी साथ रहते हैं। गुंजन के हर जन्मदिन पर दोनों केक लेकर जोड़े से आते हैं। कल गुंजन की ड्यूटी दिन भर यूनिवर्सिटी के गेट पर थी तो दोनों यहीं आ गए। मैं हैरान रह गया। आप ड्यूटी के दौरान कई बार कितने अच्छे काम कर जाते हैं और उसकी छाप कितनी गहरी पड़ती होगी? हम नौकरी और प्रोफेशन में कितना कमाते हैं, कितना बचाते हैं यह मायने नहीं रखता लेकिन अगर हम लोगों का ऐसा प्यार कमाते हैं, तो मैं समझता हूं कि असली कमाई यही है। बाकी सब कुछ इसके नीचे-नीचे ही है।1
- कल हुई तेज आंधी और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने आम लोगों, खासकर किसानों, मजदूरों और घुमंतू परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने घरों की छतें उड़ा दीं और कच्चे मकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में कई पशुओं की मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। घुमंतू और मजदूर वर्ग के लोग अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त मदद नहीं पहुंच पाई है। पीड़ित परिवार राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। फिलहाल प्रभावित इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और लोग जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।1
- जयपुर में शुक्रवार शाम को अंधड़ के चलते ब्रह्मपुरी इलाके में एक घर की टीनशेड की छत ढह गई। टीनशेड की छत के नीचे गिरने से घर में मौजूद महिला दब गई। महिला के बने की सूचना के बाद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर महज कुछ ही मिनटों में दबी महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की ओर से प्राथमिक उपचार के लिए महिला को हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया। पुलिस ने बताया- तेज अंधड़ के चलते शुक्रवार शाम को जोरावर सिंह गेट पर टीनशेड का घर ढह गया। अंधड़ के चलते टीनशेड की छत पूरी तरह से टूटकर नीचे आ गिरी। हादसे के समय घर के अंदर मौजूद महिला टीनशेड के नीचे दब गई। वहीं स्थानीय लोगों की सूचना पर ब्रह्मपुरी थाने की चेतक मौके पर पहुंची। चेतक में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टूटे बिजली तारों को देखने के बाद भी पुलिसकर्मी अंदर घुसे। काफी मशक्कत कर टीनशेड के नीचे दबी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस चेतक की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया गया।1
- बागावास चौरासी कस्बे में श्री ओमकार सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 10 वीं के स्टूडेंट्स के सम्मान में रैली निकाली गई,शानदार परीक्षा परिणाम के बाद कस्बे में उत्सव का माहौल बन गया, इन होनहार स्टूडेंट्स की उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए कस्बे में खुले जीप में जुलूस निकाला गया,जगह-जगह ग्रामीणों और पेरेंट्स ने स्टूडेंट्स का अभिनंदन किया। टॉपर्स को साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया ,इस दौरान स्टूडेंट्स के चेहरों पर खुशी नजर आई।1