हड़ताल खत्म नहीं करने पर कैमूर के 4 राजस्व कर्मी निलंबित......... कैमूर /भभुआ(आस से) सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर हड़ताल जारी रखने और अन्य कर्मचारियों को भी काम पर लौटने से रोकने के आरोप में कैमूर जिले के चार राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह के निर्देश पर की गई है। निलंबित कर्मचारियों में सोनू कुमार (अंचल कार्यालय रामगढ़, जिला अध्यक्ष कर्मचारी संघ), पंकज कुमार (अंचल कार्यालय रामपुर, जिला सचिव), हरीश कुमार कुशवाहा (अंचल कार्यालय अधौरा, पदेन सचिव) और अमन राज (अंचल कार्यालय मोहनिया, महासचिव) शामिल हैं। सरकार के निर्देश के बाद कार्रवाई: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना के अपर सचिव ने 11 अप्रैल को हड़ताली कर्मचारियों को 13 अप्रैल तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि निर्देश नहीं मानने पर कार्रवाई की जाएगी। तय समय तक काम पर नहीं लौटने पर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया। गुमराह करने का आरोप: निलंबित कर्मचारियों पर आरोप है कि वे अन्य राजस्व कर्मियों को हड़ताल जारी रखने के लिए प्रेरित कर रहे थे और उन्हें काम पर लौटने से रोक रहे थे। विभाग की ओर से बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। दो महीने से जारी है हड़ताल: राज्य भर के राजस्व कर्मचारी 11 फरवरी से अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इस कारण अंचल कार्यालयों का कामकाज काफी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर काम लगभग ठप हो गया है। आगे की कार्रवाई: निलंबित कर्मचारियों को फिलहाल जिला मुख्यालय भभुआ स्थित राजस्व शाखा से संबद्ध किया गया है। संबंधित अंचलाधिकारी को उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर साक्ष्य सहित जिला कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। पहले भी हुई है कार्रवाई: इससे पहले कैमूर जिले के चांद अंचलाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता सहित राज्य के 41 अंचलाधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। उन पर सरकारी कार्यक्रमों में भाग नहीं लेने और कार्य में बाधा डालने का आरोप था। जिले में हड़ताल के चलते अधिकांश अंचलों का काम प्रभावित है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी
हड़ताल खत्म नहीं करने पर कैमूर के 4 राजस्व कर्मी निलंबित......... कैमूर /भभुआ(आस से) सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर हड़ताल जारी रखने और अन्य कर्मचारियों को भी काम पर लौटने से रोकने के आरोप में कैमूर जिले के चार राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह के निर्देश पर की गई है। निलंबित कर्मचारियों में सोनू कुमार (अंचल कार्यालय रामगढ़, जिला अध्यक्ष कर्मचारी संघ), पंकज कुमार (अंचल कार्यालय रामपुर, जिला सचिव), हरीश कुमार कुशवाहा (अंचल कार्यालय अधौरा, पदेन सचिव) और अमन राज (अंचल कार्यालय मोहनिया, महासचिव) शामिल हैं। सरकार के निर्देश के बाद कार्रवाई: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना के अपर सचिव ने 11 अप्रैल को हड़ताली कर्मचारियों को 13 अप्रैल तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि निर्देश नहीं मानने पर कार्रवाई की जाएगी। तय समय तक काम पर नहीं लौटने पर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया। गुमराह करने का आरोप: निलंबित कर्मचारियों पर आरोप है कि वे अन्य राजस्व कर्मियों को हड़ताल जारी रखने के लिए प्रेरित कर रहे थे और उन्हें काम पर लौटने से रोक रहे थे। विभाग की ओर से बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। दो महीने से जारी है हड़ताल: राज्य भर के राजस्व कर्मचारी 11 फरवरी से अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इस कारण अंचल कार्यालयों का कामकाज काफी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर काम लगभग ठप हो गया है। आगे की कार्रवाई: निलंबित कर्मचारियों को फिलहाल जिला मुख्यालय भभुआ स्थित राजस्व शाखा से संबद्ध किया गया है। संबंधित अंचलाधिकारी को उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर साक्ष्य सहित जिला कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। पहले भी हुई है कार्रवाई: इससे पहले कैमूर जिले के चांद अंचलाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता सहित राज्य के 41 अंचलाधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। उन पर सरकारी कार्यक्रमों में भाग नहीं लेने और कार्य में बाधा डालने का आरोप था। जिले में हड़ताल के चलते अधिकांश अंचलों का काम प्रभावित है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी
- कैमूर। खबर कैमूर जिले मोहनियां प्रखंड क्षेत्र का है। जहां हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद स्थानीय अधिकारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत के कारण एक गरीब किसान की मेहनत पर पानी फिर गया। मामला कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत घटांव पंचायत के पट्टी मौजा से जुड़ा है, जहां लगभग दो बीघा भूमि पर लगी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। वही पीड़ित किसान रामायण पासवान ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते उनकी फसल समय पर नहीं कट पाई, जिससे यह घटना घटी। जानकारी के अनुसार, खाता संख्या-7, प्लॉट संख्या-187 की यह भूमि वर्ष 1995 में बभनगांवा निवासी एनामुल हक एवं अन्य से विधिवत खरीदी गई थी। तब से उक्त भूमि पर कब्जा और खेती रामायण पासवान व अन्य द्वारा ही की जा रही थी। हालांकि, लगभग 9 वर्ष बाद पड़ोसी हजामुद्दीन उर्फ शामु द्वारा इस भूमि पर दावा किया गया और मामला प्रशासनिक एवं न्यायिक स्तर तक पहुंचा। मोहनियां उप समाहर्ता से लेकर अपर समाहर्ता और कमिश्नर तक यह मामला चला, जहां अलग-अलग स्तर पर निर्णय आए। अंततः बिहार भूमि विशेष न्यायाधिकरण ने पटना उच्च न्यायालय एवं राज्यपाल के आदेशों का अनुपालन करते हुए फैसला रामायण पासवान के पक्ष में सुनाया। इसके बावजूद, पीड़ित का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत कर हाल के दिनों में लगान रसीद हासिल कर ली और भूमि पर अपना दावा जताने लगे। जब फसल कटाई का समय आया, तो प्रशासन द्वारा बार-बार रोक लगाए जाने से फसल खेत में ही खड़ी रह गई। वही स्थानीय किसानों, ट्रैक्टर चालकों एवं मजदूरों ने भी पुष्टि की कि उक्त भूमि पर खेती रामायण पासवान द्वारा ही की गई थी। पीड़ित का आरोप है कि अंततः दूसरे पक्ष ने जानबूझकर गेहूं की फसल में आग लगा दी, जिससे पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस एवं प्रभारी अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन पीड़ित किसान को न्याय दिला पाएगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।6
- कैमूर /भभुआ(आस से) सरकारी निर्देशों की अनदेखी कर हड़ताल जारी रखने और अन्य कर्मचारियों को भी काम पर लौटने से रोकने के आरोप में कैमूर जिले के चार राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह के निर्देश पर की गई है। निलंबित कर्मचारियों में सोनू कुमार (अंचल कार्यालय रामगढ़, जिला अध्यक्ष कर्मचारी संघ), पंकज कुमार (अंचल कार्यालय रामपुर, जिला सचिव), हरीश कुमार कुशवाहा (अंचल कार्यालय अधौरा, पदेन सचिव) और अमन राज (अंचल कार्यालय मोहनिया, महासचिव) शामिल हैं। सरकार के निर्देश के बाद कार्रवाई: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना के अपर सचिव ने 11 अप्रैल को हड़ताली कर्मचारियों को 13 अप्रैल तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि निर्देश नहीं मानने पर कार्रवाई की जाएगी। तय समय तक काम पर नहीं लौटने पर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया। गुमराह करने का आरोप: निलंबित कर्मचारियों पर आरोप है कि वे अन्य राजस्व कर्मियों को हड़ताल जारी रखने के लिए प्रेरित कर रहे थे और उन्हें काम पर लौटने से रोक रहे थे। विभाग की ओर से बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। दो महीने से जारी है हड़ताल: राज्य भर के राजस्व कर्मचारी 11 फरवरी से अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इस कारण अंचल कार्यालयों का कामकाज काफी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर काम लगभग ठप हो गया है। आगे की कार्रवाई: निलंबित कर्मचारियों को फिलहाल जिला मुख्यालय भभुआ स्थित राजस्व शाखा से संबद्ध किया गया है। संबंधित अंचलाधिकारी को उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर साक्ष्य सहित जिला कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। पहले भी हुई है कार्रवाई: इससे पहले कैमूर जिले के चांद अंचलाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता सहित राज्य के 41 अंचलाधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। उन पर सरकारी कार्यक्रमों में भाग नहीं लेने और कार्य में बाधा डालने का आरोप था। जिले में हड़ताल के चलते अधिकांश अंचलों का काम प्रभावित है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी1
- Post by आजाद जमावादी1
- देश में “सबसे ज्यादा रेप” दो तरह से देखा जाता है: 1) कुल मामलों (Total Cases) के हिसाब से: राजस्थान अक्सर सबसे ज्यादा रेप केस दर्ज करने वाला राज्य रहा है (NCRB रिपोर्ट के अनुसार)। इसके बाद उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों का नंबर आता है। 2) प्रति लाख आबादी (Rate) के हिसाब से: इसमें साल के हिसाब से बदलाव होता है, लेकिन राजस्थान और मध्य प्रदेश कई बार ऊपर रहते हैं। महत्वपूर्ण बातें: - बड़े राज्यों में आबादी ज्यादा होने से केस की संख्या भी ज्यादा दिखती है। - NCRB डेटा में सिर्फ दर्ज (reported) मामलों की गिनती होती है। - असली संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि हर मामला रिपोर्ट नहीं होता। निष्कर्ष: कुल संख्या में राजस्थान आगे रहता है, लेकिन यह समस्या पूरे देश की है, सिर्फ एक राज्य की नहीं।1
- जनपद चंदौली में भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान परशुराम सेवा समिति के तत्वाधान में 19 अप्रैल 2026, रविवार को भव्य जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक मां शारदा मंगल वाटिका, सदर चंदौली में आयोजित होगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन समाज में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है। 🗣️ संदेश: “शस्त्र और शास्त्र दोनों ही उपयोगी हैं” — इसी संदेश के साथ भगवान परशुराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का उद्देश्य रखा गया है।1
- गुरुवार को शाम करीब 5 बजे तिलौथू प्रखंड के भदोखरा से मिर्जापुर तक भीषण आग फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि आग पराली जलाने या किसी चिंगारी से लगी। देखते ही देखते आग ने खेतों में रखे पुआल और कटे गेहूं को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मिलकर आग पर काबू पाया। हीरालाल ने बताया कि इस बार क्षेत्र में अधिकतर अग्निकांड किसानों की लापरवाही के कारण हो रहे हैं। प्रशासन ने भी सतर्क रहने की अपील की है।1
- es video ko ap log jayada se jayada share and comment kare bhai ko support kare 🙏1
- कैमूर /भभुआ शादी-विवाह के बढ़ते सीजन को देखते हुए कैमूर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में 15 अप्रैल को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी घनानन्द अनुमंडल पदाधिकारी,अमित कुमार सभी प्रखंडो के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, तेल कंपनियों के अधिकारी और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान शादी-विवाह के अवसर पर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष चर्चा हुई। भभुआ और मोहनिया अनुमंडल में प्राप्त आवेदनों के आधार पर पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है। तेल कंपनियों ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन के निर्देश के अनुसार गैस एजेंसियों के माध्यम से जरूरत के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। आपूर्ति में बढ़ोतरी: जिले में इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की कुल 19 एजेंसियां संचालित हैं। मार्च की तुलना में अप्रैल 2026 में अब तक गैस बुकिंग में 2.81%, आपूर्ति में 7.88% और बिक्री में 4.92% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्टॉक और बुकिंग की स्थिति: 15 अप्रैल तक जिले में कुल 5767 गैस सिलेंडर उपलब्ध थे, जिनमें से 2763 का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में 3004 सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि 21,585 बुकिंग को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष और कार्रवाई: गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 06189-222080 जारी किया गया है। 14 मार्च से अब तक मिली 558 शिकायतों में से 485 का समाधान किया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 323 होटलों और रेस्टोरेंट की जांच की गई है और घरेलू गैस के अवैध उपयोग पर कार्रवाई करते हुए कई सिलेंडर जब्त किए गए हैं। डिलीवरी व्यवस्था: शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर गैस डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही वितरण व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अनुमंडल स्तर पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग न करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष को दें। रिपोर्ट --: ओम प्रकाश तिवारी1