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Singrauli अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला का मंगलसूत्र चोरी, पति ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप...? Singrauli अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला का मंगलसूत्र चोरी, पति ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप...?
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Singrauli अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला का मंगलसूत्र चोरी, पति ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप...? Singrauli अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला का मंगलसूत्र चोरी, पति ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप...?
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- Singrauli अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला का मंगलसूत्र चोरी, पति ने अस्पताल स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप...?1
- एसपी मनीष खत्री की चुप्पी और अभिनेष सिंडिकेट का आतंक, देवसर में 'खाकी' और 'खनन' की जुगलबंदी हुई बेनकाब। ट्रैक्टरों के काफिले से सरकारी प्रोजेक्ट्स तक पहुँच रही अवैध रेत, 'सिस्टम' की मिलीभगत से पर्यावरण की बलि। कार्रवाई के नाम पर अधिकारियों का केवल 'जांच' का रटा-रटाया जवाब, माफिया के आगे नतमस्तक हुआ प्रशासन।3
- Post by Arvind Kumar Mishra1
- Post by Rajpal singh Rajput4
- पंछी बनाना1
- सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने राजकीय मेडिकल कॉलेज लोढ़ी का किया औचक निरीक्षण। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और इलाज व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए गए। डीएम ने साफ कहा—मरीजों को किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली व्यवस्था पर भी खास जोर—निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, और समस्या होने पर तुरंत समाधान के आदेश। खास बात ये रही कि डीएम ने एक मरीज पूजा यादव के परिजन से फोन पर बात कर ब्लड रिपोर्ट की जानकारी भी ली। साथ ही, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी को लेकर उच्च स्तर पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया। तो कुल मिलाकर, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है।1
- Post by कालचिंतन समाचार1
- सिंगरौली (सरई) | जिले की सरई नगर परिषद इन दिनों विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित करने को लेकर चर्चा में है। आलम यह है कि सरकारी धन का दुरुपयोग खुलेआम किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी भाजपा समर्थित अध्यक्ष और पार्षदों के आगे 'नतमस्तक' होकर मूकदर्शक बने हुए हैं। वार्ड नंबर 13: 25 लाख का सामुदायिक शौचालय या भ्रष्टाचार का स्मारक? नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 में इन दिनों एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। भूमि पूजन के अनुसार इसकी लागत 24 लाख 92 हजार रुपये बताई गई है, लेकिन धरातल पर स्थिति भयावह है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता को ताक पर रखकर बालू, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग नाममात्र के लिए किया जा रहा है। हैरान करने वाली खामियां: • रेत की नींव: आरोप है कि शौचालय के कॉलम के लिए गड्ढे रेत वाली मिट्टी में मात्र 2-2 फिट गहरे खोदे गए हैं। • घटिया सामग्री: निर्माण कार्य में मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग हो रहा है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। • जल्दबाजी में लीपापोती: काम को इतनी तेजी से निपटाया जा रहा है ताकि कोई अधिकारी खुदाई करके गुणवत्ता की जांच न कर सके। चर्चा है कि निरीक्षण को केवल 'गुलाबी नोटों' के दम पर मैनेज करने की तैयारी है। कमीशनखोरी और 'सब-कॉन्ट्रैक्ट' का खेल। सूत्रों की मानें तो सरई नगर परिषद में निर्माण कार्य 'ठेकेदारी पर ठेकेदारी' (Sub-letting) के आधार पर चल रहे हैं। जब मुख्य ठेका कमीशन की बुनियाद पर तय होता है, तो गुणवत्ता की उम्मीद बेमानी हो जाती है। नगर परिषद के इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं; स्थानीय जनता उन्हें केवल सत्ताधारियों की 'कठपुतली' मान रही है। कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल: सोशल मीडिया तक सीमित जिला प्रशासन? सिंगरौली कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर भी क्षेत्र में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल सोशल मीडिया पर उपलब्धियों के दावे कर रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सरई नगर परिषद के भ्रष्टाचार को लेकर अब तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं की गई है। उपाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता से जनता की उम्मीद। वार्ड नंबर 13 के पार्षद और नगर परिषद के उपाध्यक्ष आदरणीय विजय कुमार गुप्ता से क्षेत्रीय जनता ने अपील की है कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की समीक्षा करें। जनता का कहना है कि जो लोग खुद को 'सामाजिक कार्यों के दाता' कहते हैं, उनका समाज सेवा का रास्ता भ्रष्टाचार की सीढ़ियों से होकर गुजर रहा है। "क्या मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस की नीति को सरई नगर परिषद के अधिकारी और जनप्रतिनिधि पलीता लगा रहे हैं? यह एक बड़ा सवाल है।"3