गिरिपार क्षेत्र में अज्ञात रोग से अदरक की फसल बर्बाद, किसानों ने राज्यपाल से लगाई मुआवजे और बीज की गुहार जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में अदरक की मुख्य नकदी फसल एक अज्ञात रोग की चपेट में आने से लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा, आगामी फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध न होना भी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। किसानों का आरोप और मांगें कृषक संघ, कफोटा उपमंडल (जिला सिरमौर) की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय को (उपमंडल दंडाधिकारी, कफोटा के माध्यम से) एक ज्ञापन सौंपा गया है। किसानों का कहना है कि कृषि विश्वविद्यालय एवं संबंधित विभागों द्वारा समय रहते प्रभावी अनुसंधान, रोग की पहचान तथा रोकथाम के पर्याप्त प्रयास न किए जाने के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हुई है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई हैं: प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण करवाकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। आगामी बुआई के लिए गुणवत्तापूर्ण अदरक बीज उपलब्ध कराने हेतु एक विशेष योजना बनाई जाए। फसल में फैले अज्ञात रोग की वैज्ञानिक जांच और रोकथाम के लिए तुरंत विशेषज्ञों का दल भेजा जाए। कृषक संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार), माननीय कृषि मंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार) और उपायुक्त (जिला सिरमौर) को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
गिरिपार क्षेत्र में अज्ञात रोग से अदरक की फसल बर्बाद, किसानों ने राज्यपाल से लगाई मुआवजे और बीज की गुहार जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में अदरक की मुख्य नकदी फसल एक अज्ञात रोग की चपेट में आने से लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा, आगामी फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध न होना भी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। किसानों का आरोप और मांगें कृषक संघ, कफोटा उपमंडल (जिला सिरमौर) की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय को (उपमंडल दंडाधिकारी, कफोटा के माध्यम से) एक ज्ञापन सौंपा गया है। किसानों का कहना है कि कृषि विश्वविद्यालय एवं संबंधित विभागों द्वारा समय रहते प्रभावी अनुसंधान, रोग की पहचान तथा रोकथाम के पर्याप्त प्रयास न किए जाने के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हुई है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई हैं: प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण करवाकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। आगामी बुआई के लिए गुणवत्तापूर्ण अदरक बीज उपलब्ध कराने हेतु एक विशेष योजना बनाई जाए। फसल में फैले अज्ञात रोग की वैज्ञानिक जांच और रोकथाम के लिए तुरंत विशेषज्ञों का दल भेजा जाए। कृषक संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार), माननीय कृषि मंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार) और उपायुक्त (जिला सिरमौर) को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
- गिरिपार क्षेत्र में अज्ञात रोग से अदरक की फसल बर्बाद, किसानों ने राज्यपाल से लगाई मुआवजे और बीज की गुहार जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में अदरक की मुख्य नकदी फसल एक अज्ञात रोग की चपेट में आने से लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा, आगामी फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध न होना भी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। किसानों का आरोप और मांगें कृषक संघ, कफोटा उपमंडल (जिला सिरमौर) की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय को (उपमंडल दंडाधिकारी, कफोटा के माध्यम से) एक ज्ञापन सौंपा गया है। किसानों का कहना है कि कृषि विश्वविद्यालय एवं संबंधित विभागों द्वारा समय रहते प्रभावी अनुसंधान, रोग की पहचान तथा रोकथाम के पर्याप्त प्रयास न किए जाने के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हुई है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई हैं: प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण करवाकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। आगामी बुआई के लिए गुणवत्तापूर्ण अदरक बीज उपलब्ध कराने हेतु एक विशेष योजना बनाई जाए। फसल में फैले अज्ञात रोग की वैज्ञानिक जांच और रोकथाम के लिए तुरंत विशेषज्ञों का दल भेजा जाए। कृषक संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार), माननीय कृषि मंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार) और उपायुक्त (जिला सिरमौर) को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।1
- हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के विधानसभा श्री रेणुका जी रेणुका जी सिरमौर के ददाहू से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय श्री रेणुका जी ददाहू में राष्ट्रीय एकता दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर चिट्टा नशे के खिलाफ युवाओं ने जोरदार आवाज उठाई। देखिए हमारी खास रिपोर्ट... सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य पर आज गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज श्री रेणुका जी ददाहू में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग सौ छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने भाग लेकर एकता का संकल्प लिया। समारोह का मुख्य आकर्षण रहा चिट्टा नशा, नशा मुक्ति और धूम्रपान के कुप्रभावों पर आयोजित Declamation Contest। इसमें पी.एम. श्री डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ददाहू, AKM स्कूल और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नशे के खिलाफ जोरदार भाषण दिए। मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य श्री राजकुमार शर्मा जी प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को मोमेंटो और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में नवयुवक मंडल तिर्मली-देहाड़ के श्री भूपेन्द्र सिंह और श्री नरेश चौहान की भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में SMC प्रधान श्री जगपाल, AKM स्कूल के प्रधानाचार्य श्री सुरेन्द्र, डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश शर्मा सहित डॉ. रमेश, मैडम प्रियंका, मैडम विशाखा और मैडम निधि समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने ददाहू बाजार में राष्ट्रीय एकता रैली निकाली। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" और "Unity in Diversity" के नारों से बाजार गूंज उठा। बच्चों ने लोगों को नशा छोड़कर एकजुट होकर स्वर्णिम भारत बनाने की प्रेरणा दी। लगभग दो घंटे चले इस कार्यक्रम ने युवाओं में देशभक्ति और नशा मुक्त समाज का नया जोश भर दिया। तो ये थी ददाहू से युवाओं की नशे के खिलाफ बुलंद आवाज और एकता की मिसाल। ऐसी ही प्रेरणादायक खबरों के लिए बने रहिए हमारे साथ।1
- Gyanesh Kumar ji, this is a warning. You may have immunity today, but you will not have impunity forever. Every person complicit in vote chori and the destruction of our democracy will be held accountable. The Constitution will prevail.1
- उत्तराखण्ड जलवायु अनुकूल वर्षा आधारित कृषि परियोजना, उत्तरकाशी जनपद के डुंडा और चिन्यालीसौड़ विकासखंडों में किसानों के लिए नई संभावनाएं विकसित कर रही है।1
- थाना छप्पर के नजदीक हुआ सड़क हादसा । वीडियो में दिख रहे अंजान व्यक्ति की पहचान के लिए मुलाना हस्पताल में सम्पर्क करे ।1
- कबड्डी खिलाड़ी ऋतु नेगी बोलीं- स्वर्ण पदक पर एक करोड़ की पुरस्कार राशि से युवाओं को मिलेगी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा1
- उच्च न्यायालय के निर्देश जारी वन विभाग की भूमि डैमेज करने वाले के ऊपर कार्रवाई शुरू पवन कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य सीडब्ल्यूपी संख्या 19511 / 2026 30.10.2026 उपस्थित : याचिकाकर्ता की ओर से सुश्री सुमन ठाकुर, अधिवक्ता। प्रतिवादी-राज्य की ओर से श्री राजन कहोल, अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ श्री रवि चौहान व श्री अनीश बांशतू, उप महाधिवक्ता। सीडब्ल्यूपी संख्या 19511 / 2026 एवं सीएमपी संख्या 28736 / 2026 नोटिस जारी किया जाए। श्री राजन कहोल, विद्वान अतिरिक्त महाधिवक्ता, प्रतिवादी संख्या 1 से 7 की ओर से उपस्थित हुए और नोटिस की तामील स्वीकार करते हैं। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, जो प्रदान किया गया। प्रतिवादी संख्या 8 से 10 को तीन दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने पर 08.12.2026 के लिए पृथक नोटिस जारी किया जाए। याचिकाकर्ता की शिकायत, जैसा कि याचिका में दर्शाया गया है और याचिकाकर्ता की विद्वान अधिवक्ता सुश्री सुमन ठाकुर द्वारा आगे रखा गया है, संक्षेप में यह है कि प्रतिवादी संख्या 9 और 10 ने अपने घरों तक जाने वाली सड़क का निर्माण ग्राम समून-कानून, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में वन भूमि के माध्यम से किया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यद्यपि याचिकाकर्ता ने सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज की थी, परंतु सक्षम प्राधिकारी ने कोई ठोस और संतोषजनक कारण बताए बिना, निजी प्रतिवादियों द्वारा कथित रूप से किए गए अपराध का प्रशमन (कंपाउंड) कर दिया। आरोप है कि प्रतिवादी संख्या 9 और 10 द्वारा सड़क निर्माण के लिए 40 से 50 पेड़ काटे गए, लेकिन न तो उनसे उसकी लागत वसूल की गई, न ही अवैध रूप से पेड़ काटने के लिए कानून के अनुसार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई। उपरोक्त के दृष्टिगत, प्रतिवादियों को अगली सुनवाई की तिथि से पहले जवाब/शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है। मामला 08.12.2026 को सूचीबद्ध किया जाए। अगली सुनवाई की तिथि तक, विवादित सड़क को पक्का (मेटलिंग) नहीं किया जाएगा, यदि वह पहले से पक्की नहीं है। (संदीप शर्मा) न्यायाधीश1
- डरा #धमकाकर युवती से शारीरिक #संबंध बनाकर यौन #शोषण करने वाले युवक को किया गया गिरफ्तार दिनांक 24.09.2026 को वादिनी नसीमा ( काल्पनिक नाम) निवासी बैरागीवाला थाना सहसपुर देहरादून द्वारा कोतवाली सहसपुर आकर 01 किता प्रार्थना पत्र दिया कि लखनवाला सहसपुर में रहने वाले आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा डरा धमकाकर पिछले 3 वर्षों से वादिनी का शारीरिक शोषण किया जा रहा है। उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर तत्काल कोतवाली सहसपुर पर मु0अ0सं0- 241/26, धारा- 64(2)M/351(3)/352 BNS पंजीकृत किया गया। अभियोग की विवेचना म0उ0नि0 वन्दना नेगी कोतवाली सहसपुर के सुपुर्द की गयी। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए घटना के सम्बन्ध में उच्चाधिकारी गणों द्वारा आवश्यक कार्यवाही हेतु दिशा निर्देश निर्गत किये गये। मुकदमा उपरोक्त में तमाम साक्ष्य संकलन के पश्चात् विवेचक द्वारा दिनांक 30.10.2026 को अभियुक्त आदिल पुत्र इश्तियाक निवासी बैरागीवाला थाना सहसपुर देहरादून को अपने बयान दर्ज कराने हेतु कोतवाली सहसपुर पर बुलाया गया तथा पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को बाद पूछताछ थाना परिसर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को आज दिनांक 31.10.2026 को मा0न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। नाम पता अभियुक्त आदिल पुत्र इश्तियाक निवासी बैरागीवाला थाना सहसपुर देहरादून उम्र 22 वर्ष।1