भारतीय क्रिकेटर और कानपुर निवासी कुलदीप यादव ने वंशिका चड्ढा के साथ 14 मार्च 2026 को उत्तराखंड के मसूरी में एक निजी लग्जरी रिसॉर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की। शादी समारोह में परिवार और करीबी लोग शामिल हुए। बताया जा रहा है कि कुलदीप और वंशिका बचपन के दोस्त हैं और दोनों की सगाई 4 जून 2025 को लखनऊ में हुई थी। पहले शादी नवंबर 2025 में प्रस्तावित थी, लेकिन क्रिकेट कार्यक्रमों के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया। शादी से पहले 13 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्में हुईं। समारोह में टीम इंडिया के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल और रिंकू सिंह शामिल हुए, जबकि अन्य क्रिकेटरों के भी शामिल होने की चर्चा रही। जानकारी के मुताबिक 17 मार्च को लखनऊ में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खेल और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। अम्बेडकर में पुलिस ने एक हॉफ एनकाउंटर किया हर जेब से बरामदगी की एक जेब से तमाम नोट निकली, दरोगा जी मशीन से भी तेज निकले और बता दिया कि - "128 नोट है" आरोपी से सबकुछ कैमरे पर ही बुलवा लिया, कुछ भी इधर-उधर नहीं होने का चेन , मोबाइल, पैसा- कौन किसका है- सब एकदम रटा हुआ था जुबान पर
भारतीय क्रिकेटर और कानपुर निवासी कुलदीप यादव ने वंशिका चड्ढा के साथ 14 मार्च 2026 को उत्तराखंड के मसूरी में एक निजी लग्जरी रिसॉर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की। शादी समारोह में परिवार और करीबी लोग शामिल हुए। बताया जा रहा है कि कुलदीप और वंशिका बचपन के दोस्त हैं और दोनों की सगाई 4 जून 2025 को लखनऊ में हुई थी। पहले शादी नवंबर 2025 में प्रस्तावित थी, लेकिन क्रिकेट कार्यक्रमों के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया। शादी से पहले 13 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्में हुईं। समारोह में टीम इंडिया के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल और रिंकू सिंह शामिल हुए, जबकि अन्य क्रिकेटरों के भी शामिल होने की चर्चा रही। जानकारी के मुताबिक 17 मार्च को लखनऊ में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खेल और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। अम्बेडकर में पुलिस ने एक हॉफ एनकाउंटर किया हर जेब से बरामदगी की एक जेब से तमाम नोट निकली, दरोगा जी मशीन से भी तेज निकले और बता दिया कि - "128 नोट है" आरोपी से सबकुछ कैमरे पर ही बुलवा लिया, कुछ भी इधर-उधर नहीं होने का चेन , मोबाइल, पैसा- कौन किसका है- सब एकदम रटा हुआ था जुबान पर
- अम्बेडकर में पुलिस ने एक हॉफ एनकाउंटर किया हर जेब से बरामदगी की एक जेब से तमाम नोट निकली, दरोगा जी मशीन से भी तेज निकले और बता दिया कि - "128 नोट है" आरोपी से सबकुछ कैमरे पर ही बुलवा लिया, कुछ भी इधर-उधर नहीं होने का चेन , मोबाइल, पैसा- कौन किसका है- सब एकदम रटा हुआ था जुबान पर1
- *योगी सरकार में खनन माफियों के हौसले बुलंद कोतवाली निघासन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहा मिट्टी वा बालू खनन* *प्रशाशनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते खनन माफियाओ का बोलबाल दिन के उजाले में किया धरती का सीना चीरकर खनन किया जा रहा प्रशाशनिक अधिकारियाें की नही पड़ती नजर* *Rk जाटव जी की रिपोर्ट =================== *जनपद लखीमपुर खीरी* तहसील वा कोतवाली निघासन क्षेत्र में धड़ल्ले से दिन के उजाले में हो रहा अवैध खनन, जिम्मेदार अधिकारी मौन कुंभकर्ण की नींद में सो रहा प्रशासन जबकि निघासन तहसील क्षेत्र के अंतर्गत अवैध खनन करने वाले माफियाओ की जानकारी होने पर भी प्रशाशनिक अधिकारी नहीं लगा पा रहे अंकुश संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का प्राप्त हो रहा अभय दान निघासन कोतवाली क्षेत्र रकेहटी ग्राम पंचायत कसावल के, बीच रोड पर होकर निकल रही खनन माफियाओं की ट्रेक्टर ट्रालियां अवैध खनन, दिन के उजालो में ट्रैक्टर ट्रालियां चलाकर धरती का सीना चीरकर कर रहे अवैध खनन खनन माफियाओं के काफी हौसलें बुलंद,आखिरकार किसके आदेश से किया जा रहा है अवैध खनन,खनन माफियाओं के आगे नतमस्तक हो रही निघासन कोतवाली पुलिस दिन दोगुनी रात चौगुनी कर रहे अवैध खनन माफिया इससे साफ जाहिर. होता है खनन करवाने में पुलिस प्रशाशन वा तहसील प्रशाशन की भी संलिपतता हो सकती है वरना इतनी मेहरबान प्रशाशन हो नही सकती जल्द ही खनन माफियाओ के नाम सोशल मीडिया पर हो सकते हैं उजागर.....!2
- भारत का दिल कहे जाने वाले गाँवों की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। हालांकि सरकार ग्रामीण विकास के लिए तमाम महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और हीलाहवाली के चलते ये योजनाएं धरातल पर आने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। ऐसा ही एक मामला लखीमपुर खीरी जिले की तहसील पलिया तहसील के ग्राम मरुआ पश्चिम से सामने आया है। यहाँ ग्रामीणों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने लाखों रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण तो कराया, लेकिन देखरेख के अभाव में यह शो-पीस बनकर रह गई है। बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि आधे गांव में पानी आता है और आधे में सालों से जलापूर्ति ठप है हम दूसरे गांव में पानी लेने जाते हैं जहां पर हम लोगों को कई बार रुसवा भी होना पड़ता है लोग अपने यहां पानी भरने से मना कर देते, जलापूर्ति सही न होने के चलते हमें आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। क्या बोले जिम्मेदार। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित मौर्य का कहना है कि इस गांव में जहां पर टंकी बनी है वहां से चार मजरे को ही पानी जा पा रहा है और यहां पर लोगों का पानी इसलिए नहीं मिल पा रहा है क्योंकि वहां से यहां की दूरी बहुत ज्यादा है। इसको लेकर मैं उच्च अधिकारियों से अपील की थी जिसके चलते नई टंकी का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन फिलहाल वह भी रुकी हुई है। बाइट:- ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमृत मौर्य1
- ईसानगर–हसनपुर कटौली में आम के पेड़ों पर आरी, गरीब बच्चों के मुंह से छीने जा रहे मीठे फल? ईसानगर थाना क्षेत्र, हसनपुर कटौली (लखीमपुर खीरी) ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली में इन दिनों बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों में लकड़ी भरकर बाहर भेजी जा रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन आम के पेड़ों से हर साल गरीब परिवारों के बच्चे मीठे फल खाकर खुश होते थे, वही पेड़ अब ठेकेदारों की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों के मुताबिक अगर यही हाल रहा तो इस सीजन में गरीब जनता के बच्चों को आम खाने के लिए तरसना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग और वन रेंज अधिकारी की चुप्पी आखिर क्यों है? ग्रामीणों में चर्चा है कि क्या यह सब “गुलाबी नोटों” के दम पर हो रहा है, या फिर प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार “एक वृक्ष मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एक तरफ पेड़ लगाने की बात, तो दूसरी तरफ हजारों पेड़ों पर आरी चलने से पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हसनपुर कटौली क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी के ढेर और ड्रम पड़ी लकड़ी देखी जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि: इतनी बड़ी कटाई की अनुमति किसने दी? वन विभाग की जिम्मेदारी किसकी है? पर्यावरण और गरीबों के हक की रक्षा कौन करेगा? इस पूरे मामले को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण भी बचे और गरीबों के बच्चों के मुंह से मीठे फल न छीने जाएं। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक: ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 📞 8601660864 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कस्बा खीरी में शाहे विलायत हज़रत मखदूम पीर रहमतुल्लाह तआला का 447वां उर्स अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। उर्स के मौके पर दूर-दराज़ से आए अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादरपोशी कर मुल्क में अमन-ओ-अमान और खुशहाली की दुआ मांगी। उर्स के दौरान दरगाह परिसर में कुरआन ख्वानी, फातिहा और विशेष दुआओं का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचे और लंगर-ए-आम का भी इंतज़ाम किया गया। उर्स के मौके पर इलाके में रौनक का माहौल रहा और सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई।1
- *काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को एक घंटा देर तक रुकना पड़ा,* *एक आशिक के हाई वोल्टेज ड्रामा के चलते।*1
- मिर्जापुर। जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां चार महीने पहले कुत्ते के काटने के बाद पूरी एंटी-रेबीज वैक्सीन न लग पाने के कारण एक मासूम की हालत गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि करन नाम का बच्चा अचानक बीमार हो गया और कुत्ते जैसी आवाजें निकालने लगा, जिससे परिवार और आसपास के लोग दहशत में आ गए। परिजनों के मुताबिक, पहले बच्चे को गांव के मंदिर ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ती देख लोगों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे रेबीज के गंभीर लक्षण बताते हुए तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्चे के दिव्यांग पिता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसी कारण कुत्ते के काटने के बाद करन को पूरी एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लग पाई और केवल दो इंजेक्शन ही लग सके। डॉक्टरों के अनुसार अब बच्चे के बचने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी दे रही है कि कुत्ते के काटने के बाद पूरी एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी होता है, अन्यथा परिणाम जानलेवा हो सकते हैं। गांव में इस घटना के बाद दहशत और दुख का माहौल है।1
- भारतीय क्रिकेटर और कानपुर निवासी कुलदीप यादव ने वंशिका चड्ढा के साथ 14 मार्च 2026 को उत्तराखंड के मसूरी में एक निजी लग्जरी रिसॉर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की। शादी समारोह में परिवार और करीबी लोग शामिल हुए। बताया जा रहा है कि कुलदीप और वंशिका बचपन के दोस्त हैं और दोनों की सगाई 4 जून 2025 को लखनऊ में हुई थी। पहले शादी नवंबर 2025 में प्रस्तावित थी, लेकिन क्रिकेट कार्यक्रमों के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया। शादी से पहले 13 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्में हुईं। समारोह में टीम इंडिया के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल और रिंकू सिंह शामिल हुए, जबकि अन्य क्रिकेटरों के भी शामिल होने की चर्चा रही। जानकारी के मुताबिक 17 मार्च को लखनऊ में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खेल और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।1