इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए फरिश्ता बने आफताब, अज़मत और कमलेश *इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए फरिश्ता बने आफताब, अज़मत और कमलेश* लखनऊ। इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए मोहम्मद आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना नहर में छलांग लगा दी। तीनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए डूब रहे युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मोहम्मद आफताब ने 9 अगस्त 2026 को अपने Instagram अकाउंट पर घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि उन्हें डूब रहे तीन लोगों की जान बचाने का मौका मिला और अल्हम्दुलिल्लाह, तीनों सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाने से बढ़कर कोई नेक काम नहीं है। बताया गया कि नहर में डूब रहे तीनों युवक गैर-मुस्लिम समुदाय से थे। हालांकि, उन्हें बचाने वालों ने न धर्म देखा और न किसी तरह का भेदभाव किया। आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने सिर्फ इंसान की जिंदगी को अहमियत देते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर तीनों युवकों को बचाया। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इंसानियत सबसे ऊपर है। जब किसी की जिंदगी बचाने का सवाल हो, तो वहां मजहब और जाति की दीवारें मायने नहीं रखतीं। तीन युवकों की जान बचाने वाले इन तीनों लोगों के साहस और मानवता की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है।
इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए फरिश्ता बने आफताब, अज़मत और कमलेश *इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए फरिश्ता बने आफताब, अज़मत और कमलेश* लखनऊ। इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए मोहम्मद आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना नहर में छलांग लगा दी। तीनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए डूब रहे युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मोहम्मद आफताब ने 9 अगस्त 2026 को अपने Instagram अकाउंट पर घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि उन्हें डूब रहे तीन लोगों की जान बचाने का मौका मिला और अल्हम्दुलिल्लाह, तीनों सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाने से बढ़कर कोई नेक काम नहीं है। बताया गया कि नहर में डूब रहे तीनों युवक गैर-मुस्लिम समुदाय से थे। हालांकि, उन्हें बचाने वालों ने न धर्म देखा और न किसी तरह का भेदभाव किया। आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने सिर्फ इंसान की जिंदगी को अहमियत देते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर तीनों युवकों को बचाया। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इंसानियत सबसे ऊपर है। जब किसी की जिंदगी बचाने का सवाल हो, तो वहां मजहब और जाति की दीवारें मायने नहीं रखतीं। तीन युवकों की जान बचाने वाले इन तीनों लोगों के साहस और मानवता की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है।
- सीएम योगी ने लिखी ‘पाती’, कांवड़ यात्रा को बताया समरसता का महापर्व कांवड़ यात्रा धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला: सीएम योगी कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र में जोड़ती है: योगी भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ की भक्ति—एक है हर कांवड़िए की पहचान पैदल चलते कदम अलग हो सकते है, लेकिन सभी का लक्ष्य सिर्फ महादेव का जलाभिषेक ही है: सीएम कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद गौण हो जाते हैं: सीएम योगी कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति के समभाव और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण: योगी तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता और एकता से राष्ट्र निखरता है: सीएम दिव्यांग शिवभक्तों का समर्पण देखकर मन श्रद्धा से भर उठता है: योगी कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यूपी सरकार कृतसंकल्पित: सीएम योगी कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल और चिकित्सा समेत सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कांवड़ियों के स्वागत में पुष्पवर्षा, यात्रा मार्गों पर विशेष इंतजाम शिवभक्तों की सुगम यात्रा के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन और सतत निगरानी कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाएं: सीएम योगी कांवड़ियों से सीएम ने की अपील पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाएं, प्लास्टिक मुक्त जीवन का लें संकल्प: योगी एंबुलेंस और विद्यालय वाहनों को प्राथमिकता दें कांवड़िए: सीएम योगी श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा—यही कांवड़ यात्रा की आत्मा: सीएम योगी कांवड़ यात्रा भगवान शिव के लोकमंगल के संदेश को आगे बढ़ाती है: योगी1
- मलिहाबाद में देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही, वन विभाग की गश्त पर उठे सवाल, मलिहाबाद, लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र में देर रात मोहन रोड की ओर से लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित आरा मशीन तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त नजर नहीं आती। लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्रीय वन दरोगा और उड़नदस्ता टीम की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना रोक-टोक आवागमन करती दिखाई देती हैं। आरोप है कि मलिहाबाद क्षेत्र में लगातार हरे-भरे पेड़ों की कटान हो रही है और कटान के बाद लकड़ी को विभिन्न आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकार और वन विभाग अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कथित तौर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से देर रात होने वाली लकड़ी की आवाजाही और आरा मशीनों पर पहुंच रही लकड़ी की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जानकारी देने के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग देर रात लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और आरा मशीनों तक पहुंच रही लकड़ी की जांच कर कार्रवाई करेगा?1
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत सुलतानपुर। दोस्तपुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा 10 अगस्त को एक्सप्रेसवे के 165.8 माइलस्टोन के पास हुआ। मृतक की पहचान कृपापाल पुत्र लोटू, निवासी संसारपुर के रूप में हुई है। बताया गया कि वह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार गौतम ने घटना के संबंध में जानकारी दी।1
- एक सौ एक लिटर गंगा जल प्रयाग राज से लेकर बाबा बेलखन नाथ धाम में भोले नाथ बाबा का हिमांशू सिंह करेगें जलाभिषेंक एक सौ एक लिटर गंगा जल प्रयाग राज से लेकर बाबा बेलखन नाथ धाम में भोले नाथ बाबा का हिमांशू सिंह करेगें जलाभिषेंक। सभी भक्तं मातायें,बहने व बच्चें पद यात्रा नाचते व बाबा भोलेनाथ महादेव का जयघोंष करते हुऐं चिलबिला चौराहें पर बाबा भोलेनाथ महादेव के भक्तों ने माला पहनाकर बाबा भोलेनाथ महादेव का जय घोष पद यात्रा करते हुऐं चले रंजीतपुर चिलबिला चौंहान बस्ती के हिमांशू सिंह प्रयाग राज से दश कलश में एक सौ एक लिटर जल से करेगें बाबा भोलेनाथ महादेव का जलाभिषेंक ।1
- गुम हुए 36 मोबाइल फोन बरामद, गाजीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी* 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ *गुम हुए 36 मोबाइल फोन बरामद, गाजीपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी* *गुम हुआ मोबाइल वापस मिलने से चेहरे पर लौटी मुस्कान, गाजीपुर पुलिस की साइबर टीम ने फिर दिखाया गुड वर्क।”* लखनऊ कमिश्नरेट के थाना गाजीपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से गुम और खोए हुए 36 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कुल कीमत करीब 5 लाख 80 हजार रुपये है। थाना गाजीपुर साइबर हेल्पडेस्क द्वारा CEIR पोर्टल के माध्यम से लगातार मोबाइल फोनों को ट्रेस किया जा रहा था। तकनीकी जानकारी और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग स्थानों से इन मोबाइल फोनों को बरामद किया गया। बरामद मोबाइल फोन में OPPO, VIVO, Samsung, Motorola, OnePlus, Realme, Redmi, POCO, LAVA और itel समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने गाजीपुर पुलिस और साइबर हेल्पडेस्क टीम का आभार जताया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अभिषेक वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक/कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-B आमिर अली खान, कांस्टेबल गौरव शर्मा और कांस्टेबल पूजा शर्मा की भूमिका रही। लखनऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना/साइबर हेल्पडेस्क को सूचना दें और मोबाइल के IMEI नंबर को CEIR पोर्टल पर ब्लॉक/ट्रेस कराने की प्रक्रिया अपनाएं। *लखनऊ कमिश्नर के दिशा निर्देशन में थाना गाजीपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य का ताबड़तोड़ जनता के हित में गुड वर्क, सभी मोबाइल धारकों ने लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को कोटि कोटि धन्यवाद अदा किया* *समीर नक़वी* |4
- कांवड़ियों की सुरक्षा में पुलिस बनी ढाल, महादेवा में डीएम-एसपी का सख्त पहरा दूसरे सोमवार पर लोधेश्वर महादेव मंदिर से लेकर कांवड़ मार्ग तक लिया जायजा धारा लक्ष्य समाचार कांवड़ियों की सुरक्षा में पुलिस बनी ढाल, महादेवा में डीएम-एसपी का सख्त पहरा दूसरे सोमवार पर लोधेश्वर महादेव मंदिर से लेकर कांवड़ मार्ग तक लिया जायजा धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर आस्था के सैलाब के बीच कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने संयुक्त रूप से रामनगर क्षेत्र स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर मेला और कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम और एसपी ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़, कांवड़ियों के आवागमन और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के मार्ग पर तैनात पुलिस बल, पिकेट और पेट्रोलिंग व्यवस्था को भी परखा। भीड़ के दबाव और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए किए गए रूट डायवर्जन का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। संवेदनशील स्थानों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया गया। श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर महादेवा में उमड़ी आस्था के बीच पुलिस-प्रशासन की सक्रियता ने श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा दिया।1
- इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए फरिश्ता बने आफताब, अज़मत और कमलेश *इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए फरिश्ता बने आफताब, अज़मत और कमलेश* लखनऊ। इंदिरा नहर में डूब रहे तीन युवकों के लिए मोहम्मद आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना नहर में छलांग लगा दी। तीनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए डूब रहे युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मोहम्मद आफताब ने 9 अगस्त 2026 को अपने Instagram अकाउंट पर घटना का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि उन्हें डूब रहे तीन लोगों की जान बचाने का मौका मिला और अल्हम्दुलिल्लाह, तीनों सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाने से बढ़कर कोई नेक काम नहीं है। बताया गया कि नहर में डूब रहे तीनों युवक गैर-मुस्लिम समुदाय से थे। हालांकि, उन्हें बचाने वालों ने न धर्म देखा और न किसी तरह का भेदभाव किया। आफताब, अज़मत खान और कमलेश जायसवाल ने सिर्फ इंसान की जिंदगी को अहमियत देते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर तीनों युवकों को बचाया। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इंसानियत सबसे ऊपर है। जब किसी की जिंदगी बचाने का सवाल हो, तो वहां मजहब और जाति की दीवारें मायने नहीं रखतीं। तीन युवकों की जान बचाने वाले इन तीनों लोगों के साहस और मानवता की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है।1