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Kamal Meena pe firing Karne Wale Ko थोड़ा-थोड़ा kar mara Babbar Sher king of Kamal Meena
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Kamal Meena pe firing Karne Wale Ko थोड़ा-थोड़ा kar mara Babbar Sher king of Kamal Meena
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- Babbar Sher king of Kamal Meena1
- टोंक:- अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी पर विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई। बिजली विभाग की 28 स्पेशल टीमें भारी पुलिस जाप्ते के साथ मैदान में उतरी। पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में चल रहा है सघन जांच अभियान। अल सुबह 4 से अब तक कार्रवाई में जुटी है jvvnl की टीमें हीरा चौक, मोहल्ला शेखान और मियां का चौक सहित कई इलाकों में कार्रवाई। महाराणा प्रताप बाजार समेत दर्जनों घरों में की जा रही जांच। बिजली चोरी करने वालों में मचा हड़कंप, विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में। [28/03, 10:19 am] PURSHOTTAM JOSHI 2: एंकर-6 मार्च को टोंक शहर के हीराचौक में हुए पथराव और बवाल के बाद भाजपा के नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दावे किए थे आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन किया जाएगा। उसके लिए सभी अतिक्रमियों की संपत्तिया चिन्हित भी की गई और रेड क्रास भी लगाया गया। उसके बाद सारी कार्रवाई कागजी बनकर रह गई वजह किसी ने भी जाहिर नहीं की, लेकिन आज जब अल सुबह सभी लोग मिठी निंद में थे तब ही विद्युत विभाग विजिलेंस जयपुर का टोंक शहर में अब तक का सबसे बड़ा प्लायर एक्शन हुआ। जयपुर डिस्कॉम विजिलेंस के डिवाईएसपी अनुराग लाटा के नेतृत्व में शहर के पुरानी टोंक, देशवाली मोहल्ला सहित अलग अलग इलाकों में 28टीमों ने बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई की। इतना ही नहीं कार्रवाई के दौरान ड्रोन से वीडियो ग्राफी भी करवाई गई साथ ही बिजली चोरों की भी पहचान की गई। मीडिया से बातचीत करते हुए अनुराग लाटा ने बताया कि पूरे टोंक शहर में बिजली विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। जिसमें अवैध बिजली के कनेक्शन के खिलाफ 28 टीमों ने अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की है। टोंक विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता केएल पटेल के निर्देशन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। दोपहर तक पूरी कार्रवाई की लिस्ट तैयार की जाएगी, इसके बाद ही सामने आएगा कि कितने बिजली चोर पकड़े गए और राजस्व की चोरी का आंकलन भी किया जाएगा। हालांकि करीब 50 लाख रुपए के राजस्व चोरी का अनुमान लगाया जा रहा है। इस पूरे अभियान में टोंक सीओ सिटी मृत्युंजय मिश्रा सहित क्यूआरटी टीम और सर्किल का भारी पुलिस जाप्ता मौजूद रहा। अधीक्षण अभियंता केएल पटेल ने बताया कि शहर में अलग अलग इलाकों में कार्रवाई कर 160 वीसीआर भरी गई है और इसमें 50 लाख से ज्यादा के राजस्व की चोरी का अनुमान है ।1
- *गुलाबपुरा में अधिवक्ता पर हमले को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश* *अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग तेज, मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र* *केकड़ी 28 मार्च (पवन राठी )* *प्रदेश में अधिवक्ताओं के साथ बढ़ रही मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटनाओं को लेकर अधिवक्ता समाज में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के प्रदेश महासचिव मनोज आहूजा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पत्र में बताया कि 25 मार्च 2026 को गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) स्थित आगूंचा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रामकुंवर प्रजापत एवं उनके परिवार के साथ टोलकर्मियों द्वारा मारपीट की गई।* *आरोप है कि पहचान बताने के बावजूद अधिवक्ता पेशे को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई और महिलाओं व बच्चियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। घटना के बाद गुलाबपुरा थाने में मामला दर्ज कर पीड़ित अधिवक्ता व उनके परिजनों का मेडिकल कराया गया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ केवल साधारण धाराओं में कार्रवाई की गई।* *मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तारी से बाहर हैं, जिससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी व्याप्त है। पत्र में कहा गया है कि यदि अधिवक्ता और उनका परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। प्रदेश में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करना समय की आवश्यकता बताया गया है। मनोज आहूजा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश में शीघ्र अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू किया जाए और गुलाबपुरा घटना में शामिल सभी दोषी टोलकर्मियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पत्र भेजने के दौरान बार उपाध्यक्ष द्वारका प्रसाद पंचोली, वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल चौधरी, मुरलीधर शर्मा, शिवप्रसाद पाराशर, लेसी झवर, भैरू सिंह राठौड़, फरीद खान, धर्मेंद्र सिंह मेघवंशी, शंकर सिंह आदि मौजूद थे।*3
- खींवसर के भाजपा विधायक सहित राजस्थान विधानसभा के तीन विधायकों द्वारा विधायक निधि से राशि स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत / कमीशन लेने से जुड़े मामले को आज लोक सभा के शून्य काल में उठाया और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ऐसे भ्रष्ट आचरण में संलिप्त विधायकों को बर्खास्त करने की मांग की क्योंकि इन विधायकों ने न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाई है, बल्कि जनता के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाया है | विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने और कमीशन लेने के खेल को समाचार पत्र ने तथ्यों और सबूतों के साथ प्रकाशित किया ,चैनलों ने भी उस स्टिंग को दिखाया, जिसमे भाजपा के एक विधायक ने तो स्टिंगर से दस लाख रूपये घर बुलाकर रिश्वत के रूप में लिए | जनता विधायकों और सांसदों को अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनती है ताकि हम उनके अधिकारों की रक्षा करें और उनके हितों के लिए कार्य करें,लेकिन जब जनप्रतिनिधि स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है ऐसे में यदि ऐसे आचरण पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार को सहन किया जा सकता है। मैने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री जी कहते है कि न खाऊंगा न खाने दूंगा मगर जब उनकी पार्टी के विधायक के ऐसे कृत्य सामने आते है और उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती है पीएम की मंशा पर जनता सवालिया निशान खड़ा करती है |1
- वार्ड 47 खिड़की दरवाजा पुरानी टोंक टोंक राज मोहल्ले के लोग खुद सफाई कर रहे है 1 महीने से सफाई कर्मचारी गायब 🤔🤔जद से जद सफाई करने वालो को भेजा जाए नगर परिषद टोंक अकबर खान देशवाली 🙏🙏1
- कुंभ राशि 29 मार्च 2026: आज मिलेगा बड़ा मौका, बदल सकती है किस्मत!1
- पंकज बाफना। राजस्थान में कोटा से अजमेर जा रही एक रोडवेज बस में उस समय हड़कंप मच गया जब नसीराबाद घाटी के पास बस से अचानक तेज धुआं उठने लगा. बस में बैठे यात्रियों को लगा कि कहीं आग न लग जाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. तकनीकी खराबी बनी घबराहट की वजह जानकारी के अनुसार बस की क्लच प्लेट अचानक स्लिप हो गई थी. इसी कारण बस के इंजन हिस्से से धुआं उठने लगा. हालांकि यह आग नहीं थी, लेकिन धुएं ने यात्रियों को डरा दिया और उन्होंने तुरंत बस से बाहर निकलने की कोशिश शुरू कर दी.यात्री खिड़कियों से कूदे, शीशा तोड़ा गया घबराए यात्रियों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदना शुरू कर दिया. इस दौरान एक राहगीर ने स्थिति को गंभीर समझते हुए बस का पिछला शीशा पत्थर से तोड़ दिया ताकि लोग आसानी से बाहर निकल सकें. कुछ ही पलों में बस खाली हो गई. सड़क पर मचा अफरा-तफरी और लगा जाम इस घटना का असर आसपास के यातायात पर भी पड़ा. बस के पीछे चल रहे दोपहिया वाहन चालकों में भी डर फैल गया और वे अपने वाहन छोड़कर दूर भागने लगे. घाटी में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा घटना के बाद बस चालक ने संयम बनाए रखा और बस को धीरे-धीरे नियंत्रित करते हुए अजमेर रोडवेज वर्कशॉप तक पहुंचाया. वहां बस की जांच कर मरम्मत की गई और स्थिति को सामान्य किया गया. रोडवेज अधिकारियों के अनुसार यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी और बस में आग नहीं लगी थी. सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है. बस के टूटे शीशे को भी ठीक कराया जा रहा है.1
- *जिला समाप्ति की मासिक बरसी को ब्लैक डे के रूप मे मनाया गया* *केकड़ी क्षेत्र की जनता कर रही न्याय की मांग -जिला बहाल करो -चेतन धाबाई* *हुक्मरानो की नाइंसाफी की सजा भुगत रही केकड़ी क्षेत्र की आवाम -सलीम गौरी* *केकड़ी 28मार्च (पवन राठी )* *केकड़ी जिले को राज्य की भजन लाल सरकार द्वारा 28दिसंबर 2024 को समाप्त कर दिया था l* *बार एसोसिएशन केकड़ी के बैनर तले 2 जनवरी 2025 से जिला वापस बहाली की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन अनवरत आज भी जारी है और प्रत्येक माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाया जाता है l* *इसी कड़ी मे आज 28 मार्च को धरना स्थल पर ब्लैक डे मनाया गया l* *इस अवसर पर वकीलों ने काली पट्टी बाँध न्यायिक कार्यो का बहिष्कार कर राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर केकड़ी जिला बहाल करो की भी नारेबाजी कर उपखण्ड अधिकारी को मुख्य मंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा l* *ज्ञापन मे लिखा गया है की केकड़ी जिला बनने की सभी पात्रताये पूरी कर रहा था परन्तु उसके बाद भी सरकार द्वारा राजनितिक द्वेषता वश केकड़ी जिले को समाप्त करके क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय किया गया है lजिला समाप्ति के कारण केकड़ी मे विकास कार्य थम चुके है और विगत काल से अब तक केकड़ी विकास कार्यो मे काफी पिछड़ गया है l* *ब्लैक डे पर अपने सम्बोधन मे वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन धाबाई ने भी यही बात कही की राज्य सरकार ने केकड़ी जिले को समाप्त करके क्षेत्र की जनता के साथ घोर अन्याय किया है lइसलिए राज्य सरकार को जनहित मे तत्काल केकड़ी जिले को बहाल करके अपनी गलती को सुधार लेना चाहिए l* *वरिष्ठ अधिवक्ता सलीम गौरी ने अपने उद्बोधन मे कहा की हुकमरानों की दहशत के कारण जिला बहाली आंदोलन का कारवा भले ही थम सा गया प्रतीत हो रहा हो लेकिन जो आंदोलन की चिंगारी केकड़ी बार द्वारा लगाई गई थी वही छोटी सी चिंगारी वक़्त आने पर शोले का रूप धारण करके अपना अधिकार प्राप्त करके ही रहेगी l*भले ही हुकमरान कितनी ही दहशत फैलाये जूनून को कभी काबू करके बंधक नहीं बनाया जा सकेगा l*4