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स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी का हजारीबाग में आचरण लोकतंत्र पर खुला हमला है। सवालों से भागने की कायरता छुपाने के लिए पत्रकारों पर हमला करवाना न सिर्फ शर्मनाक, बल्कि सत्ता के घमंड का घिनौना प्रदर्शन है। जो मंत्री अपने बयान में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाता है, और फिर सच पूछने वाले पत्रकारों पर गुंडों से हमला करवाता है — वो स्वास्थ्य नहीं, भय और अराजकता का विभाग चला रहा है। क्या यही है सरकार का असली चेहरा? क्या सवाल पूछना अब जुर्म बन गया है? पत्रकारों पर हमला सीधे-सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की साजिश है। दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो, नहीं तो यह चुप्पी भी राज्य सरकार का अपराध मानी जाएगी।
MUKESH NATH
स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी का हजारीबाग में आचरण लोकतंत्र पर खुला हमला है। सवालों से भागने की कायरता छुपाने के लिए पत्रकारों पर हमला करवाना न सिर्फ शर्मनाक, बल्कि सत्ता के घमंड का घिनौना प्रदर्शन है। जो मंत्री अपने बयान में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाता है, और फिर सच पूछने वाले पत्रकारों पर गुंडों से हमला करवाता है — वो स्वास्थ्य नहीं, भय और अराजकता का विभाग चला रहा है। क्या यही है सरकार का असली चेहरा? क्या सवाल पूछना अब जुर्म बन गया है? पत्रकारों पर हमला सीधे-सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की साजिश है। दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो, नहीं तो यह चुप्पी भी राज्य सरकार का अपराध मानी जाएगी।
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- Post by MUKESH NATH1