धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम : डूंगरा फला पीठ में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन धंबोला। तहसील सीमलवाड़ा के अंतर्गत ग्राम डूंगरा फला पीठ में भगवान श्री रामदेवजी महाराज एवं श्री भाथीजी महाराज की नवीन मूर्तियों की स्थापना, शिखर प्रतिष्ठा एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान वैदिक विधि-विधान, सिद्धियोग एवं गुरु पुष्य योग के शुभ संयोग में संपन्न होगा, जिसमें नवचण्डी यज्ञ, कलश यात्रा, नगर भ्रमण एवं महाप्रसादी जैसे विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 अप्रैल मंगलवार वैशाख शुक्ल पक्ष षष्ठी के पावन अवसर पर हेमाद्री श्रवण एवं धार्मिक अनुष्ठान समय : प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक,22 अप्रैल बुधवार,शिखर प्रतिष्ठा एवं नगर भ्रमण भव्य कलश यात्रा प्रातः 7:00 बजे से 12:00 बजे तक महाप्रसादी : दोपहर 12:00 से शाम 3:00 बजे तक,23 अप्रैल गुरुवार मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हवन प्रातः 7:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक होगा।
धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम : डूंगरा फला पीठ में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन धंबोला। तहसील सीमलवाड़ा के अंतर्गत ग्राम डूंगरा फला पीठ में भगवान श्री रामदेवजी महाराज एवं श्री भाथीजी महाराज की नवीन मूर्तियों की स्थापना, शिखर प्रतिष्ठा एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान वैदिक विधि-विधान, सिद्धियोग एवं गुरु पुष्य योग के शुभ संयोग में संपन्न होगा, जिसमें नवचण्डी यज्ञ, कलश यात्रा, नगर भ्रमण एवं महाप्रसादी जैसे विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 21 अप्रैल मंगलवार वैशाख शुक्ल पक्ष षष्ठी के पावन अवसर पर हेमाद्री श्रवण एवं धार्मिक अनुष्ठान समय : प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक,22 अप्रैल बुधवार,शिखर प्रतिष्ठा एवं नगर भ्रमण भव्य कलश यात्रा प्रातः 7:00 बजे से 12:00 बजे तक महाप्रसादी : दोपहर 12:00 से शाम 3:00 बजे तक,23 अप्रैल गुरुवार मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा हवन प्रातः 7:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक होगा।
- Post by Jivram bhagora1
- धंबोला। त्रिमेस डूंगरपुर छात्रावास परिसर शनिवार को समाज की एकता और संगठन शक्ति का साक्षी बना, जहां उदयपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजजनों का अभूतपूर्व जमावड़ा हुआ। वृहद बैठक में छात्रावास विकास, संगठन मजबूती और भविष्य की योजनाओं पर गंभीर मंथन करते हुए त्रिमेस डूंगरपुर अध्यक्ष प्रियकांत पंड्या द्वारा 10 लाख रुपये के सहयोग की घोषणा की गई तथा भूमि लीज नवीनीकरण के लिए विशेष समिति का गठन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार पंड्या रहे, जबकि अध्यक्षता प्रियकांत पंड्या (अध्यक्ष, त्रिमेस डूंगरपुर) ने की। विशिष्ट अतिथियों में सुरेश फलोजिया,लक्ष्मी नारायण पांडे, शांतिलाल गोपाल पंड्या, लीलाधर त्रिवेदी, विनोद कुमार पानेरी, नवीन चंद्र त्रिवेदी, सुरेश चंद्र व्यास, बाबूलाल व्यास, यशवंत कुमार व्यास, शंभूलाल मेहता, किलकेश कुमार जोशी, दिनेश चंद्र पंड्या, ओमप्रकाश व्यास, विपिन कुमार व्यास, कन्हैयालाल पंड्या, अशोक कुमार पानेरी, देवीलाल त्रिवेदी, किरीट पंड्या,धीरज कुमार जोशी, अनिल कुमार पंड्या, अशोक कुमार पानेरी, लोकेश चंद्र जोशी, दिलीप कुमार जोशी, डॉ. हेमंत कुमार उपाध्याय, नंदकिशोर भट्ट एवं दीपक कुमार भट्ट विनोद त्रिवेदी,सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत भगवान श्री एकलिंगनाथ जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना से हुई। प्रारंभ में प्रियकांत पंड्या ने स्वागत उद्बोधन देते हुए राज्य सरकार से छात्रावास भूमि की लीज माफ करने के लिए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। इसके पश्चात महेंद्र कुमार भट्ट ने छात्रावास की अब तक की गतिविधियों की जानकारी दी, वहीं हरीश कुमार उपाध्याय ने आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता भूपेंद्र कुमार पंड्या ने समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संगठित प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को एक मंच पर आकर सरकार के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखना होगा। *लीज नवीनीकरण के लिए समिति गठित* बैठक में छात्रावास भूमि की लीज नवीनीकरण हेतु शांतिलाल पंड्या के नेतृत्व में 9 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति में सुरेश फलोजिया, प्रियकांत पंड्या, निलेश कुमार उपाध्याय, मोहनलाल उपाध्याय, हरीश कुमार उपाध्याय, महेंद्र कुमार भट्ट, चिराग कुमार व्यास एवं दिनेश चंद्र पंड्या को सदस्य बनाया गया है। *महत्वपूर्ण निर्णय और घोषणाएं* बैठक में समाज के उत्थान हेतु 10 लाख रुपये के सहयोग की घोषणा की गई। साथ ही संगठन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्थायी सदस्यता राशि जमा कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। *उल्लेखनीय उपस्थिति* कार्यक्रम में उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर और सागवाड़ा क्षेत्र से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से गोमतीशंकर पंड्या, विनोद कुमार पानेरी, किशोर कुमार पंड्या, किरीट कुमार पंड्या, कन्हैयालाल पंड्या, महेश चंद्र जोशी, बृजमोहन पंड्या, महेंद्र कुमार भट्ट, ओमप्रकाश व्यास, आशुतोष कुमार पंड्या, मुकेश कुमार पंड्या, अनिल कुमार पंड्या, विनोद कुमार त्रिवेदी, प्रवीण कुमार जोशी, दयालाल त्रिवेदी, देवीलाल त्रिवेदी, हरीश कुमार उपाध्याय, ओमप्रकाश व्यास सहित अनेक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हरीश कुमार उपाध्याय एवं चिराग कुमार व्यास ने किया। अंत में सभी ने समाज की एकता, संगठन सुदृढ़ीकरण और छात्रावास विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।1
- डूंगरपुर जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन स्वच्छता” के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो होटलों पर छापा मारकर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सांखला और सागवाड़ा वृत्ताधिकारी रूप सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी पारसमल (आरपीएस) के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस ने 18 अप्रैल 2026 को गलियाकोट रोड स्थित हाईवे के पास होटल शाहीराज पर दबिश दी, जहां लोगों को बैठाकर अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी। मौके से पुलिस ने सुभाष मकवाणा (22), निवासी वाकावाड़ा (बांसवाड़ा) को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान टुबोर्ग, किंगफिशर, कार्ल्सबर्ग बीयर के साथ-साथ रॉयल चैलेंज, सिग्नेचर, ब्लेंडर्स प्राइड, रॉयल स्टैग सहित कई ब्रांड की व्हिस्की और वोडका के पव्वे जब्त किए गए। इसी क्रम में पुलिस टीम ने जेठाना रोड स्थित होटल सागर पर भी कार्रवाई की, जहां हरिश मीणा को गिरफ्तार किया गया। यहां से भी टुबोर्ग और किंगफिशर बीयर की बोतलें बरामद हुई हैं, जिन्हें अवैध रूप से ग्राहकों को परोसा जा रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों ही मामलों में यह जांच जारी है कि होटल का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और जब्त की गई शराब कहां से लाई गई थी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- डूंगरपुर। गांव में आयोजित शादी बिनौले कार्यक्र से लौट रहे चाचा भतीजा एक अन्य बाइक की टक्कर लगने से घायल हो गए वही दूसरी बाइक सवार युवक भी चोटिल हो गया। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहा तीनो का उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी अनुसार शहर के निकटवर्ती सुंदरपुर गांव निवासी जीवा पिता रमजी डामोर ओर उसका भतीजा कमलेश रविवार रात गांव में परिचित के बिनौले कार्यक्रम में भाग लेकर अपने घर लौट रहे थे।1
- आखातीज को वागड़ के साहेटी के समस्त गांवों के मेट कोटवाल साहेटी आगेवन गोविन्द गुरू के प्रथम शिष्य कलु भेमा (कलजी भेमा)के वंशज वर्तमान साहेटी के कोटवाल के अनुयाई सामिल हो कर छाणी मगरी धाम बेडसा में इन्द्र की धोणी में सुकड़ी,नारीयल धी का हवन करते हैं। उस दिन बेला पंथी नर नारी अपनी पोशाक में पुरुष भाला व स्त्रियां त्रशुल हाथ में लाल व सफेद कागरे दार नेजा को धारण कर मानव धर्म पांच दिन की पुर्ण पालन करने व बहन बेटी की शादि महावारी की सुरूयात हो जाने के बाद करवाने का ,और बहन बेटी के नाम से किसी प्रकार से दहेज दापा नही लेना, शादी में वर पक्ष के कड़वा व कन्या पक्ष से (अमर) सुडली के साथ विवाह सम्पन्न कराने का मुल मंत्र का अनुसरण करने के मानव मुल्य को याद दिलाया जाता अपने पुर्वजों कि मानवीय संस्कार संस्कृति को आबाद रखने सुद्ध अन्न जल का आहार करने तन मन को सुदृद करके भक्तों को कर्म को उदगम के लिए सद कर्म कि और अग्रसर होने का उद्घाटन किया गया।1
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के गामड़ी देवल गाँव में भगवान विष्णु के छठे अवतार श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समस्त ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान पूरा वातावरण जय श्री परशुराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ भगवान परशुराम के भजनों पर नृत्य किया और अपनी अटूट आस्था प्रकट की। शोभायात्रा के पश्चात भगवान की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी मौजूद समाजजनों ने सामूहिक भोज का आनंद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। इस भव्य आयोजन में गामड़ी देवल के समस्त ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे पूरा माहौल धर्ममय हो गया।1
- #छाणी मगरी धाम1
- खडगदा में भगवान परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, जहां धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। रविवार को सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे और “जय परशुराम” के जयकारों के बीच निकली यह यात्रा होली चौक, नवरात्र चौक और ग्वाल चौक जैसे प्रमुख मार्गों से होती हुई औदीच्य समाज के नोहरे तक पहुँची। शोभायात्रा के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया, वहीं विभिन्न स्थानों पर गरबा का आयोजन भी किया गया, जिससे कार्यक्रम में लोक-सांस्कृतिक रंग और अधिक गहरा हो गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग में उत्साह देखने को मिला, जो इस आयोजन की सामूहिक भागीदारी को दर्शाता है। नोहरे में पहुँचने पर भगवान परशुराम की सामूहिक आरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष जिग्नेश जोशी ने सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने का भी संदेश देता नजर आया।1