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आज गौरेला के बाजार का नजारा देखा गया, जहाँ सब्जियों के दाम काफी ज्यादा पाए गए। यह अवलोकन 25 मई, 2025 को सुबह 8:28 बजे भारी गर्मी के बीच किया गया। विशेष रूप से, टमाटर का भाव बढ़कर ₹40 हो गया है।
Durgesh Kumar
आज गौरेला के बाजार का नजारा देखा गया, जहाँ सब्जियों के दाम काफी ज्यादा पाए गए। यह अवलोकन 25 मई, 2025 को सुबह 8:28 बजे भारी गर्मी के बीच किया गया। विशेष रूप से, टमाटर का भाव बढ़कर ₹40 हो गया है।
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- आज गौरेला के बाजार का नजारा देखा गया, जहाँ सब्जियों के दाम काफी ज्यादा पाए गए। यह अवलोकन 25 मई, 2025 को सुबह 8:28 बजे भारी गर्मी के बीच किया गया। विशेष रूप से, टमाटर का भाव बढ़कर ₹40 हो गया है।1
- केसीआर कोढवाही जीपीएम सीजी इंडिया में भीमगे बिजनेस ग्रुप की स्थापना की गई है। इस ग्रुप के संस्थापक राज भीमगे हैं।1
- अनूपपुर जिले के बिजुरी वन परिक्षेत्र में वन अपराधों के खिलाफ चल रही लगातार कार्रवाई के तहत, 24-25 मई की दरमियानी रात एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। यह ट्रैक्टर-ट्रॉली बेलगांव बीट के वन क्षेत्र में कनई नदी के कक्ष RF 529 से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन कर रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, वन विभाग की एक टीम मौके पर भेजी गई। टीम ने स्वराज कंपनी के सोल्ड ट्रैक्टर-ट्रॉली को घेरकर खनन स्थल पर ही रोक लिया। वाहन चालक रंजीत सिंह, पिता बुद्धू सिंह, निवासी सरई नाका, थाना बिजुरी से जब रेत उत्खनन और परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सका। वैध दस्तावेज न मिलने पर, वन अधिकारियों को सूचित कर उनके निर्देशानुसार वाहन चालक के खिलाफ वन अपराध क्रमांक 4728/13 दर्ज किया गया। आरोपी वाहन चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध कारित किए जाने पर, ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर परिक्षेत्र कार्यालय बिजुरी लाया गया। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी बिजुरी, पवन ताम्रकार के निर्देशन में परिक्षेत्र सहायक बिजुरी, बीट गार्ड बिजुरी, परिक्षेत्र सहायक कोठी, बीट गार्ड बेलगांव, बीट गार्ड सारिस्ताल और सुरक्षा श्रमिकों का उल्लेखनीय योगदान रहा।1
- एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोरिया के बिजली विभाग में कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता मनीष कुमार बजाज और लाइनमैन राकेश शुक्ला को रिश्वत के एक मामले में अपनी गिरफ्त में लिया है। इन दोनों पर डोमनापारा निवासी रमेश से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था, जिसके बाद ACB ने यह रेड कार्रवाई की।1
- छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के चिरमिरी प्रवास और श्रीराम कथा आयोजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते। इस मामले पर सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। दोनों प्रमुख नेताओं के इन बयानों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं काफी गरमा गई हैं, विशेषकर मनेन्द्रगढ़ में रामभद्राचार्य के बयानों पर सियासत गरम है।1
- एमसीबी जिले के जनकपुर स्थित बहरासी गांव में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ 7 से 8 लोगों ने मिलकर दाना पानी होटल के सामने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस खुलेआम मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद जनकपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मारपीट करने वाले कुछ युवक भरतपुर और जनकपुर क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। वीडियो के वायरल होने से इलाके की कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।1
- CIPL सीजन 3 के तहत छालीवुड के दिग्गज क्रिकेट मैदान में उतरे। इस दौरान, मन कुरैशी ने अपने मन की बात साझा की।1
- अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक विशाल रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान तिरंगा झंडा व बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था, बिजली की समस्या, सिंचाई सुविधाओं की कमी और किसानों के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। यह रैली तिपान नदी साईं मंदिर के पास से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसके माध्यम से किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई के संकट ने खेती को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्रदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। किसानों ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1