Shuru
Apke Nagar Ki App…
मानसून के बेरुखी लगातार चार-पांच दिनों से किसान चिंतित हुआ
Sanjay Kumar yati
मानसून के बेरुखी लगातार चार-पांच दिनों से किसान चिंतित हुआ
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मानसून के बेरुखी लगातार चार-पांच दिनों से किसान चिंतित हुआ1
- छात्र छात्राओ ने साईनाथ कालेज के खिलाफ थाने मे दिया आवेदन... *साईंनाथ कॉलेज भैसोंदामंडी के छात्र-छात्राओं ने पुलिस चौकी में कॉलेज के खिलाफ दिया आवेदन, परीक्षा नही करवाई और छात्रवृति भी निकाली..* *भैसोदामंडी पुलिस चौकी में साईनाथ कॉलेज भैसोंदामंडी के छात्र छात्राओं ने एक आवेदन देकर FIR दर्ज करने की मांग उठाई है। छात्रों ने बताया कि कोर्स बीएमएलटी और बीपीटी वर्ष 2023-24 में एडमिशन लिया था*1
- g69नियमित बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन.mp4 g69नियमित बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन.mp41
- भानपुरा तहसील केथूली पंचायत का गांव बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है गांव में स्कूल नहीं दूसरे गांव में जाते हैं1
- राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय में जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी की बड़ी सफलता न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम ने दो मरीजों के कटे हाथों की नसों का सफल ऑपरेशन कर बचाई कार्यक्षमता झालावाड़ राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ ने सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने दो अलग-अलग गंभीर दुर्घटनाओं में हाथों की नसें कट जाने से प्रभावित मरीजों की अत्यंत जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर उनके हाथों की कार्यक्षमता पुनः बहाल करने में सफलता प्राप्त की है। समय पर उपचार और विशेषज्ञ सर्जरी के कारण दोनों मरीज आज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। कांच की चपेट में आने से कटी चार नसें, तीन घंटे की सर्जरी से मिला नया जीवन पहले मामले में पीड़ावा क्षेत्र के सलोतिया निवासी 34 वर्षीय अखिलेश नागर के बाएं हाथ में कांच की खिड़की टूटने से गंभीर चोट लग गई। हादसे में हाथ की चार प्रमुख नसें पूरी तरह कट गईं, जिससे हाथ ने कार्य करना बंद कर दिया। परिजन मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय की आपातकालीन टीम ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी के नेतृत्व में लगभग तीन से चार घंटे तक चली अत्यंत जटिल माइक्रो सर्जरी के दौरान कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज के हाथ की नसों ने पुनः कार्य करना शुरू कर दिया और हाथ की कार्यक्षमता लौट आई। 10 घंटे की मैराथन सर्जरी से बचा मरीज का हाथ, लाखों रुपये का खर्च भी बचा दूसरे मामले में मथनिया (पीड़ावा) निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार घरेलू दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी दाहिनी कलाई की आठ प्रमुख नसें, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हाथ एवं उंगलियों की गति पूरी तरह बंद हो गई थी। परिजनों के अनुसार कोटा एवं जयपुर के निजी अस्पतालों में इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए लगभग चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया गया था, जो परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर था। ऐसे में राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय, झालावाड़ में मरीज का संपूर्ण उपचार निःशुल्क किया गया। डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी टीम ने लगभग दस घंटे तक चली मैराथन माइक्रो सर्जरी के दौरान छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व की अत्यंत सूक्ष्म तकनीकों से सफल रिपेयरिंग की, जिससे मरीज के हाथ की कार्यक्षमता सुरक्षित रह सकी। दोनों मरीजों की स्थिति में लगातार सुधार सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीजों के हाथों की नसें एवं उंगलियां पुनः सक्रिय हो गई हैं तथा वे तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार नियमित फिजियोथेरेपी एवं चिकित्सकीय परामर्श के पालन से दोनों मरीजों के हाथों की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार की संभावना है।1
- राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ में न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम का कमाल झालावाड़। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने अपनी उत्कृष्ट डॉक्टरी क्षमता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए दो मरीजों के कटे हाथों के अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। दोनों ही मामलों में मरीज गंभीर दुर्घटना का शिकार होकर अपने हाथों की कार्यक्षमता पूरी तरह खो चुके थे, जिन्हें समय पर सही इलाज देकर जीवनभर की अपाहिजता से बचा लिया गया है। पहले मामले में पिड़ावा के सलोतिया निवासी चौतीस वर्षीय अखिलेश नागर के साथ अचानक कांच की खिड़की टूटने से बड़ा हादसा हो गया। कांच सीधे उनके बाएं हाथ में गहराई तक घुस गया, जिससे हाथ की चार नसें पूरी तरह कट गईं और हाथ ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों द्वारा मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ की आपातकालीन टीम और न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी ने तुरंत स्थिति को संभाला। लगभग तीन से चार घंटे तक चले इस अत्यंत बारीक और जटिल ऑपरेशन के जरिए डॉ. योगी व उनकी टीम ने कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ा, जिसके बाद मरीज के हाथ की नसें पुनः सक्रिय हो गईं और हाथ सुचारू रूप से काम करने लगा। दूसरे मामले में मथनिया पिड़ावा निवासी बंतीस वर्षीय सुनील कुमार घर में खेलते समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए, जिसमें उनकी दाहिनी कलाई बुरी तरह कट गई। इस हादसे में उनकी कलाई की आठ प्रमुख नसें, टेंडन और मीडियन नर्व कट जाने के कारण हाथ और उंगलियों की गति पूरी तरह ठप हो गई थी। कोटा और जयपुर के बड़े निजी अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, जो गरीब परिवार के लिए असंभव था। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ में इस मरीज का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी टीम ने लगातार दस घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन में छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी और मीडियन नर्व को सूक्ष्म तकनीकों से रिपेयर किया। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं और उनके हाथों की उंगलियां व नसें फिर से काम करने लगी हैं। परिजनों ने न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी, उनकी मेडिकल टीम तथा राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिनकी बदौलत लाखों रुपये का खर्च भी बचा और उनके परिजनों का हाथ पूरी तरह ठीक हो सका।3
- g38खड़ावदा में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल, अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा.mp4 g38खड़ावदा में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल, अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा.mp41
- NEWS:-मजदूरी मांगने वाले श्रमिक से मारपीट प्रकरण में पुलिस की त्वरित कार्रवाई,तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश करने के बाद उपजेल जावद भेजे गए मनासा। 25 जुलाई 2026 को समाचार पत्र में प्रकाशित मजदूरी मांगने पर एक श्रमिक के साथ मारपीट किए जाने संबंधी प्रकरण में थाना जावद पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा प्रकरण में आरोपी हरिश पिता गणपत जाट (30 वर्ष) निवासी खड़ावदा, थाना जावद, अशोक पिता भेरूलाल जाट (40 वर्ष) निवासी नवेलिया तथा पप्पू पिता विकास उर्फ नंदकिशोर बेरागी (33 वर्ष) निवासी रूपपुरा को गिरफ्तार किया गया। इसके उपरांत तीनों आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के अंतर्गत न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी, उपखंड जावद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में आरोपियों की ओर से सक्षम जमानतदार प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण न्यायालय द्वारा तीनों आरोपियों को 5 अगस्त 2026 तक उपजेल जावद भेजने के आदेश दिए गए। प्रकरण में थाना जावद पुलिस द्वारा नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3