राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ में न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम का कमाल झालावाड़। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने अपनी उत्कृष्ट डॉक्टरी क्षमता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए दो मरीजों के कटे हाथों के अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। दोनों ही मामलों में मरीज गंभीर दुर्घटना का शिकार होकर अपने हाथों की कार्यक्षमता पूरी तरह खो चुके थे, जिन्हें समय पर सही इलाज देकर जीवनभर की अपाहिजता से बचा लिया गया है। पहले मामले में पिड़ावा के सलोतिया निवासी चौतीस वर्षीय अखिलेश नागर के साथ अचानक कांच की खिड़की टूटने से बड़ा हादसा हो गया। कांच सीधे उनके बाएं हाथ में गहराई तक घुस गया, जिससे हाथ की चार नसें पूरी तरह कट गईं और हाथ ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों द्वारा मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ की आपातकालीन टीम और न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी ने तुरंत स्थिति को संभाला। लगभग तीन से चार घंटे तक चले इस अत्यंत बारीक और जटिल ऑपरेशन के जरिए डॉ. योगी व उनकी टीम ने कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ा, जिसके बाद मरीज के हाथ की नसें पुनः सक्रिय हो गईं और हाथ सुचारू रूप से काम करने लगा। दूसरे मामले में मथनिया पिड़ावा निवासी बंतीस वर्षीय सुनील कुमार घर में खेलते समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए, जिसमें उनकी दाहिनी कलाई बुरी तरह कट गई। इस हादसे में उनकी कलाई की आठ प्रमुख नसें, टेंडन और मीडियन नर्व कट जाने के कारण हाथ और उंगलियों की गति पूरी तरह ठप हो गई थी। कोटा और जयपुर के बड़े निजी अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, जो गरीब परिवार के लिए असंभव था। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ में इस मरीज का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी टीम ने लगातार दस घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन में छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी और मीडियन नर्व को सूक्ष्म तकनीकों से रिपेयर किया। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं और उनके हाथों की उंगलियां व नसें फिर से काम करने लगी हैं। परिजनों ने न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी, उनकी मेडिकल टीम तथा राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिनकी बदौलत लाखों रुपये का खर्च भी बचा और उनके परिजनों का हाथ पूरी तरह ठीक हो सका।
राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ में न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम का कमाल झालावाड़। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने अपनी उत्कृष्ट डॉक्टरी क्षमता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए दो मरीजों के कटे हाथों के अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। दोनों ही मामलों में मरीज गंभीर दुर्घटना का शिकार होकर अपने हाथों की कार्यक्षमता पूरी तरह खो चुके थे, जिन्हें समय पर सही इलाज देकर जीवनभर की अपाहिजता से बचा लिया गया है। पहले मामले में पिड़ावा के सलोतिया निवासी चौतीस वर्षीय अखिलेश नागर के साथ अचानक कांच की खिड़की टूटने से बड़ा हादसा हो गया। कांच सीधे उनके बाएं हाथ में गहराई तक घुस गया, जिससे हाथ की चार नसें पूरी तरह कट गईं और हाथ ने काम करना बंद कर
दिया। परिजनों द्वारा मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ की आपातकालीन टीम और न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी ने तुरंत स्थिति को संभाला। लगभग तीन से चार घंटे तक चले इस अत्यंत बारीक और जटिल ऑपरेशन के जरिए डॉ. योगी व उनकी टीम ने कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ा, जिसके बाद मरीज के हाथ की नसें पुनः सक्रिय हो गईं और हाथ सुचारू रूप से काम करने लगा। दूसरे मामले में मथनिया पिड़ावा निवासी बंतीस वर्षीय सुनील कुमार घर में खेलते समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए, जिसमें उनकी दाहिनी कलाई बुरी तरह कट गई। इस हादसे में उनकी कलाई की आठ प्रमुख नसें, टेंडन और मीडियन नर्व कट जाने के कारण हाथ और उंगलियों की गति पूरी तरह ठप हो गई थी। कोटा और जयपुर के बड़े निजी
अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, जो गरीब परिवार के लिए असंभव था। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ में इस मरीज का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी टीम ने लगातार दस घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन में छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी और मीडियन नर्व को सूक्ष्म तकनीकों से रिपेयर किया। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं और उनके हाथों की उंगलियां व नसें फिर से काम करने लगी हैं। परिजनों ने न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी, उनकी मेडिकल टीम तथा राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिनकी बदौलत लाखों रुपये का खर्च भी बचा और उनके परिजनों का हाथ पूरी तरह ठीक हो सका।
- राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ में न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम का कमाल झालावाड़। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने अपनी उत्कृष्ट डॉक्टरी क्षमता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए दो मरीजों के कटे हाथों के अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। दोनों ही मामलों में मरीज गंभीर दुर्घटना का शिकार होकर अपने हाथों की कार्यक्षमता पूरी तरह खो चुके थे, जिन्हें समय पर सही इलाज देकर जीवनभर की अपाहिजता से बचा लिया गया है। पहले मामले में पिड़ावा के सलोतिया निवासी चौतीस वर्षीय अखिलेश नागर के साथ अचानक कांच की खिड़की टूटने से बड़ा हादसा हो गया। कांच सीधे उनके बाएं हाथ में गहराई तक घुस गया, जिससे हाथ की चार नसें पूरी तरह कट गईं और हाथ ने काम करना बंद कर दिया। परिजनों द्वारा मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ की आपातकालीन टीम और न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी ने तुरंत स्थिति को संभाला। लगभग तीन से चार घंटे तक चले इस अत्यंत बारीक और जटिल ऑपरेशन के जरिए डॉ. योगी व उनकी टीम ने कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ा, जिसके बाद मरीज के हाथ की नसें पुनः सक्रिय हो गईं और हाथ सुचारू रूप से काम करने लगा। दूसरे मामले में मथनिया पिड़ावा निवासी बंतीस वर्षीय सुनील कुमार घर में खेलते समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए, जिसमें उनकी दाहिनी कलाई बुरी तरह कट गई। इस हादसे में उनकी कलाई की आठ प्रमुख नसें, टेंडन और मीडियन नर्व कट जाने के कारण हाथ और उंगलियों की गति पूरी तरह ठप हो गई थी। कोटा और जयपुर के बड़े निजी अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, जो गरीब परिवार के लिए असंभव था। राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय झालावाड़ में इस मरीज का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी और उनकी टीम ने लगातार दस घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन में छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी और मीडियन नर्व को सूक्ष्म तकनीकों से रिपेयर किया। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं और उनके हाथों की उंगलियां व नसें फिर से काम करने लगी हैं। परिजनों ने न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी, उनकी मेडिकल टीम तथा राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज झालावाड़ का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिनकी बदौलत लाखों रुपये का खर्च भी बचा और उनके परिजनों का हाथ पूरी तरह ठीक हो सका।3
- झालावाड़-गुरुपूर्णिमा महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा मंदिर श्री राड़ी के बालाजी मंदिर परिसर में महावीर सेवादल के कार्यकर्ता जुटे तैयारी में। झालावाड़-महावीर सेवादल के अध्यक्ष संजय जैन ताऊ व सेवादल के समस्त कार्यकर्ताओं ने आज विधिवत पूजा पाठ कर गुरुपूर्णिमा पर आयोजित विशाल भंडारे का आयोजन का भट्टी पूजन कर भंडारे का शुभारंभ किया महावीर सेवादल अध्यक्ष ने बताया की कल गुरुपूर्णिमा महोत्सव के तहत राड़ी के बालाजी महाराज का दुग्ध अभिषेक कर चोला चढ़ा कर विशेष शृंगार किया जायेगा उसके बाद महा आरती होगी और छप्पन भोग लगा कर झांकी के दर्शन होंगे उसके बाद दोपहर 1:00 बजे से विशाल भंडारा शुरु होगा जो बालाजी महाराज की इच्छा तक जारी रहेगा । महावीर सेवादल के समस्त कार्यकर्ता मौजूद रहे बंटी खंडेलवाल, जीतेन्द्र टेलर, चन्द्रमोहन धाभाई, राहुल नाथ पटवा, वीरेन्द्र सोगरिया, मनु पाठक, राजू रेगर, घाँसी मेहर, दिलीप देवड़ा, जोधराज नागर, केशव शर्मा, रोहित मित्तल, संजय खंडेलवाल, पूनम सुमन, लक्की टेलर, आदि मौजूद रहे ।2
- बकानी:- तृतीय ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर मंगलवार को तृतीय शिक्षक संघ संघर्ष समिति के तत्वावधान में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। बकानी:- तृतीय ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर मंगलवार को तृतीय शिक्षक संघ संघर्ष समिति के तत्वावधान में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। बकानी :- तृतीय ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग को लेकर मंगलवार को तृतीय शिक्षक संघ संघर्ष समिति के तत्वावधान में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।इस दौरान ज्ञापन में शिक्षकों ने लंबे समय से लंबित तृतीय ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण शीघ्र शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी विभागों मे कार्मिको के स्थानांतरण किये गए लेकिन वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत शिक्षकों को पारदर्शी एवं न्यायसंगत स्थानांतरण नीति के तहत तबादले का अवसर दिया जाए, ताकि उन्हें पारिवारिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं से राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बन सके।समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि रीट 2024 की भर्ती की नियुक्ति से पहले स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई तो प्रदेशभर के शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। इस अवसर पर तृतीय शिक्षक संघ संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।4
- सरकार के द्वारा पुलिस आईपीएस अधिकारी पर बनाया जा रहा दबाव फेक FIR के लिए1
- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महू बोरदा मे किया विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन खानपुर : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झालावाड़ की अनुपालना में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अध्यक्ष ताल्लुका विधिक सेवा समिति खानपुर श्रीमति अंजू कुमारी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्र रामभरोस द्वारा विधिक साक्षरता शिविर काआयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महू बोरदा मे किया गया । इस दौरान अधिकार मित्र रामभरोस मेघवाल ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को नालसा आपदा पीड़ितों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सेवा योजना आधीनियम 2013योजना 2015 नालसा (एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवा) योजना 2016 महिलाओं के कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013 (पोश एक्ट) छात्रों के अधिकार एवं यौन उत्पीड़न हमले की रोकथाम विधिक सहायता बच्चो को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना 2024 पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण व वृक्षारोपण साइबर दुर्व्यवहार, साइबर अपराध आदि के बारे में विस्तार से जानकारियां दी2
- किन्नर समाज का सम्मेलन एक निजी होटल में आयोजित हुआ, मंजू बाईं को सौंपी गद्दी झालावाड़। झालरापाटन में मंगलवार को किन्नर समाज का सम्मेलन एक निजी होटल में आयोजित हुआ। इसमें देश भर के किन्नर झालरापाटन पहुंचे। देशभर से आए सभी किन्नरों ने मंजू बाई को झालरापाटन एवं झालावाड़ की गद्दी सौपी। आपको बता दे कि मृतक किन्नर रफीक आपा की मौत के बाद गद्दी खाली हो गई थी। इसपर मंजू बाई ने यह गद्दी संभाली है। गद्दी संभलने पर मंजू बाईं को देश भर से आए किन्नर समाज ने बधाई दी।1
- बारिश ने खोली नाला व्यवस्था की पोल: झालरापाटन बस स्टैंड मुख्य मार्ग से घरों में घुसा पानी, रहवासी परेशान। झालरापाटन 28 जुलाई। आज दिनांक को हुई बारिश के बीच झालरापाटन के बस स्टैंड मुख्य मार्ग स्थित नाले का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की गलियों और घरों तक पहुंच गया। बस स्टैंड निवासी तबरेज खान ने जानकारी देते हुए बताया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान मुख्य मार्ग से बहकर आया पानी कई मकानों के बाहर और घरों के भीतर तक पहुंच गया। गलियों में घुटनों तक पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ा। क्षेत्र में लंबे समय तक जलभराव रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बस स्टैंड क्षेत्र के नालों की नियमित सफाई नहीं होने तथा जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने के कारण हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बन जाती है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से नालों की तत्काल सफाई, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति ने एक बार फिर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बारिश रोकने के बाद नगर पालिका प्रशासन के कर्मचारियों के द्वारा नल की सफाई कर व्यवस्था सुचारू की गई । नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आगामी बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है।2