विद्युत व्यवस्था में लापरवाही पर डीएम नाराज, दो सप्ताह में सुधार के निर्देश हमीरपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक हुई। विद्युत आपूर्ति, लाइन लॉस, बुनियादी ढांचे, राजस्व वसूली और जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति और पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को शीघ्र बदलने, झूलते तारों को दुरुस्त कराने और आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील एवं विकासखंडवार विद्युत मांग, उपलब्ध क्षमता और आपूर्ति के अद्यतन व विश्लेषणात्मक आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा। राजस्व वसूली में बड़े बकायेदारों की टॉप-10 व टॉप-20 सूची तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत, जल निगम और जल जीवन मिशन से जुड़ी जनशिकायतों का प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। डीएम ने दो सप्ताह के भीतर जिले के सभी सात विकासखंडों में ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय विद्युत समस्याओं की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जियो-टैगिंग अनिवार्य करते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर सत्यापन और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
विद्युत व्यवस्था में लापरवाही पर डीएम नाराज, दो सप्ताह में सुधार के निर्देश हमीरपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक हुई। विद्युत आपूर्ति, लाइन लॉस, बुनियादी ढांचे, राजस्व वसूली और जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति और पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को शीघ्र बदलने, झूलते तारों को दुरुस्त कराने और आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील एवं विकासखंडवार विद्युत मांग, उपलब्ध क्षमता और आपूर्ति के अद्यतन व विश्लेषणात्मक आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा। राजस्व वसूली में बड़े बकायेदारों की टॉप-10 व टॉप-20 सूची तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत, जल निगम और जल जीवन मिशन से जुड़ी जनशिकायतों का प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। डीएम ने दो सप्ताह के भीतर जिले के सभी सात विकासखंडों में ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय विद्युत समस्याओं की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जियो-टैगिंग अनिवार्य करते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर सत्यापन और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
- लोटन प्रसाद प्रेस रिपोर्टर भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) नेशनल हाइवे चौतिस यानी खूनी हाइवे लाखों रुपए की प्रतिदिन टौल टैक्स वसुलने वाली कम्पनी की हिटलर शाही से नेशनल हाइवे चौतिस गड्ढों में तब्दील हो गया।जगह जगह मिनी तालाब का रुप धारण कर लिया है। जिससे आम दिन होने वाली दुर्घटनाओं में और बढ़ोतरी हो गई है आम जन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। लेकिन लाखों रुपए की प्रतिदिन टोल टैक्स वसूलने वाली कम्पनियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।शायद किसी बड़े हादसे का इन्तजार कर रही है। लोटन प्रसाद प्रेस रिपोर्टर भरुआसुमेरपुर ( हमीरपुर) नेशनल हाइवे चौतिस यानी खूनी हाइवे लाखों रुपए की प्रतिदिन टौल टैक्स वसुलने वाली कम्पनी की हिटलर शाही से नेशनल हाइवे चौतिस गड्ढों में तब्दील हो गया।जगह जगह मिनी तालाब का रुप धारण कर लिया है। जिससे आम दिन होने वाली दुर्घटनाओं में और बढ़ोतरी हो गई है आम जन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। लेकिन लाखों रुपए की प्रतिदिन टोल टैक्स वसूलने वाली कम्पनियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही।शायद किसी बड़े हादसे का इन्तजार कर रही है।4
- बाढ़ की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जिले में 36 बाढ़ चौकियां स्थापित हमीरपुर। मानसून की भारी बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में समय से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में 36 बाढ़ चौकियां स्थापित कर चिकित्सा टीमों की तैनाती की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार आपदा की स्थिति में त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का पूर्वाभ्यास एवं मॉकड्रिल कराया जा चुका है। सभी ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य इकाइयों पर रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) सक्रिय कर दी गई हैं। चिकित्सा टीमों को जीवनरक्षक दवाएं, ओआरएस, जिंक टैबलेट, क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर और एंटी स्नेक वेनम (ASV) समेत आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में एएसवी, एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) तथा अन्य जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा दल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सा टीम से संपर्क करने की अपील की है।1
- हमीरपुर - पढ़ोरी गांव रपटा धंसा, कई गांवों का संपर्क टूटा,जनपद में लगातार हो रही रिमझिम बारिश के चलते पढ़ोरी रपटा धंसा ।। पढ़ोरी गांव रपटा धंसा, कई गांवों का संपर्क टूटा, जनपद में लगातार हो रही रिमझिम बारिश के चलते पढ़ोरी रपटा धंसा, रपटा धंसने से मौदहा–सिसोलर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित, कई गांवों का मौदहा नगर से संपर्क हुआ प्रभावित, अस्पताल, बाजार और नौकरी के लिए आने-जाने वाले ग्रामीण परेशान, रास्ता बंद होने से मरीजों और जरूरतमंद लोगों की बढ़ी मुश्किलें, प्रशासन मौके पर मौजूद, वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जेसीबी मशीन लगा कर रपटा को किया जा दुरस्त वैकल्पिक व्यवस्था कर जल्द आवागमन बहाल कराने की उठी मांग,4
- घांटमपुर में एसडीएम के सख्त निर्देश के बाद जागा NHAI, ई-रिक्शा पलटने वाले गड्ढों की करवाई गई पुराई घाटमपुर।स्थानीय बस स्टॉप के सामने कानपुर रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की लापरवाही के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढों से तीन ई-रिक्शे पलट गए। गनीमत यह रही कि इन हादसों में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मौके पर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला।इस घटना के बाद उप जिला अधिकारी (SDM) अबिचल प्रताप सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने NHAI के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सड़क मरम्मत और गड्ढों को भरने के सख्त निर्देश दिए। एसडीएम की इस कड़क चेतावनी के बाद आखिरकार NHAI प्रशासन की नींद टूटी और विभाग ने आनन-फानन में मुख्य मार्ग के बड़े-बड़े गड्ढों की पुराई का काम शुरू करवा दिया है।बस स्टॉप के सामने मुख्य मार्ग पर लंबे समय से बने इन जानलेवा गड्ढों को लेकर स्थानीय व्यापारियों और कस्बा वासियों में NHAI के प्रति भारी नाराजगी थी। लोगों का कहना था कि यह एक बेहद व्यस्त मार्ग है, जहां चौबीसों घंटे भारी और हल्के वाहनों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे थे। कस्बा वासियों ने जिला प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क के स्थाई समाधान की मांग की है।1
- अफीम कोठी के पास धंसे डॉट नाले से लक्ष्मीपुरवा, खलवा बस्ती, तलवा मंडी, कोपरगंज और झकरकटी में जलभराव कानपुर, मंगलवार को अफीमकोठी पेट्रोल पंप के सामने जीटी रोड पर डॉट नाला धंसने से करीब 10 फीट गहरा और 12 फीट लंबा गड्ढा हो गया था। इसके बाद लक्ष्मीपुरवा, खलवा बस्ती, तलवा मंडी, कोपरगंज और झकरकटी समेत आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया है। पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कई बस्तियों में तीन दिन से पानी की सप्लाई भी प्रभावित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ महीने पहले सीवर लाइन डालने के दौरान पानी की लाइन टूट गई थी, जिसके बाद लगातार रिसाव से जमीन की मिट्टी कटती गई और नाला धंस गया। कई मकानों की दीवारों और फर्श में दरारें आने से लोगों में मकान धंसने का डर है। विभाग ने मरम्मत शुरू कराई है, लेकिन पानी कम नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है।1
- कानपुर सागर हाईवे पर स्पीड ब्रेकर पर अनियंत्रित होकर पलटा तेज रफ्तार ऑटो, चालक गंभीर रूप से घायल कानपुर-सागर हाईवे पर जहांगीराबाद गांव के किनारे बने स्पीड ब्रेकर पर सोमवार दोपहर तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को पतारा सीएचसी में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर बने इस स्पीड ब्रेकर के चलते आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, नौबस्ता थाना क्षेत्र के उस्मानपुर निवासी संजय (18) पुत्र उमाशंकर ऑटो लेकर कानपुर-सागर हाईवे से गुजर रहा था। जैसे ही वह जहांगीराबाद गांव के किनारे स्थित स्पीड ब्रेकर के पास पहुंचा, तभी ऑटो अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते ऑटो सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीरों ने घायल चालक को ऑटो से बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल संजय को उपचार के लिए पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर बने स्पीड ब्रेकर की बनावट और संकेतक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ब्रेकर पर पर्याप्त संकेतक नहीं होने के कारण वाहन चालकों को समय रहते इसकी जानकारी नहीं हो पाती। अचानक ब्रेकर आने से कई बार वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से स्पीड ब्रेकर की जांच कराने और आवश्यक सुधार कराने की मांग की है।1
- हमीरपुर :बारिश में तीन कच्चे मकान गिरे, परिवारों के सामने रहने का संकट एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर आवासीय मदद की लगाई गुहार मौदहा, हमीरपुर। लगातार हो रही बारिश के चलते मौदहा तहसील क्षेत्र के ग्राम खैर में तीन कच्चे मकान धराशायी हो गए। मकान गिरने से पीड़ित परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। ग्राम निवासी कल्लू पुत्र रामआसरे ने उपजिलाधिकारी मौदहा को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि लगातार बारिश के कारण पहले उसके कच्चे मकान का कुछ हिस्सा गिर गया था। इसके बाद अधिक बारिश होने से पूरा मकान भी भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद परिवार के रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है और वह आसपास में रहकर किसी तरह जीवन गुजार रहा है। इसी तरह शत्रुघन पुत्र रामरतन और सुरेन्द्र पुत्र भवानीदीन, दोनों निवासी ग्राम खैर, के कच्चे मकान भी बारिश के चलते गिर गए हैं। मकान गिरने से तीनों परिवारों के सामने रहने और बरसात से बचाव की समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ितों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर आवासीय सहायता एवं रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में मकान गिरने से परिवारों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।2
- विद्युत व्यवस्था में लापरवाही पर डीएम नाराज, दो सप्ताह में सुधार के निर्देश हमीरपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक हुई। विद्युत आपूर्ति, लाइन लॉस, बुनियादी ढांचे, राजस्व वसूली और जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति और पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को शीघ्र बदलने, झूलते तारों को दुरुस्त कराने और आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील एवं विकासखंडवार विद्युत मांग, उपलब्ध क्षमता और आपूर्ति के अद्यतन व विश्लेषणात्मक आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा। राजस्व वसूली में बड़े बकायेदारों की टॉप-10 व टॉप-20 सूची तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत, जल निगम और जल जीवन मिशन से जुड़ी जनशिकायतों का प्राथमिकता से गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। डीएम ने दो सप्ताह के भीतर जिले के सभी सात विकासखंडों में ग्राम प्रधानों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय विद्युत समस्याओं की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जियो-टैगिंग अनिवार्य करते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर सत्यापन और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करने के निर्देश भी दिए।1