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आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम एनखेडा निवासी श्री जितेन्द्र के मकान के अंदर एक किंग कोबरा नागिन दिखाई दी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर आठनेर नगर के सर्प मित्र गुणवंत बरडे मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद किंग कोबरा नागिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इस घटना के मद्देनजर, सर्प मित्र गुनवंत बरडे ने आम लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दिनों में अपने घर के आसपास दरारें न होने दें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
आठनेर रिपोर्टर
आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम एनखेडा निवासी श्री जितेन्द्र के मकान के अंदर एक किंग कोबरा नागिन दिखाई दी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर आठनेर नगर के सर्प मित्र गुणवंत बरडे मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद किंग कोबरा नागिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इस घटना के मद्देनजर, सर्प मित्र गुनवंत बरडे ने आम लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दिनों में अपने घर के आसपास दरारें न होने दें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
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- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम एनखेडा निवासी श्री जितेन्द्र के मकान के अंदर एक किंग कोबरा नागिन दिखाई दी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर आठनेर नगर के सर्प मित्र गुणवंत बरडे मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद किंग कोबरा नागिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इस घटना के मद्देनजर, सर्प मित्र गुनवंत बरडे ने आम लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दिनों में अपने घर के आसपास दरारें न होने दें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।1
- मध्य प्रदेश के भैसदेही स्थित धूड़ियानई ग्राम पंचायत में 40 लाख रुपये की लागत से बना अमृत सरोवर पहली ही बारिश में दरक गया है। सरोवर में एक लंबी दरार पड़ गई है, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद सरोवर के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के भैंसदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पोहर में श्मशान घाट तक जाने वाली सीसी रोड के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है, जहाँ लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील हो गई। इस घटना ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण और पहुँच मार्गों के लिए लाखों रुपये खर्च करने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका उद्देश्य मृत आत्माओं और शव यात्रा में शामिल लोगों की सुखद यात्रा सुनिश्चित करना है। हाल ही में बारस्कर परिवार की शव यात्रा में जा रहे सैकड़ों लोग श्मशान घाट पहुँचने से पहले सड़क की बदहाली देखकर हैरान रह गए, जब उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। वर्तमान में भ्रष्टाचार एक आम समस्या बन चुका है, लेकिन श्मशान घाट जैसे पवित्र स्थान पर भी भ्रष्टाचार होना लोगों को परेशान कर रहा है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों ने कहा कि कम से कम स्वर्ग की अंतिम यात्रा के लिए तो सड़क ठीक से बनाई जाए और इस पवित्र स्थान पर भ्रष्टाचार न किया जाए, क्योंकि एक दिन सभी को इसी रास्ते से गुजरना है। ग्रामीणों ने इस संवेदनशील मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि यह घटना सरकारी विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करती है। अब यह देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, या ग्रामीण हमेशा की तरह इस भ्रष्टाचार वाली सड़क से ही गुजरने को मजबूर रहेंगे।2
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की दयनीय स्थिति सामने आई है। चिचोली विकासखंड के चुनागोसाई माध्यमिक शाला में वर्तमान में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्वयं स्कूल के छात्रों ने इस समस्या का खुलासा किया है। शिक्षा के मंदिरों की इस दुर्दशा के बीच, प्रशासन द्वारा साक्षरता का ढोल पीटा जाना शिक्षा की लाचार व्यवस्था और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर अनदेखी पर चिंता जताते हुए बैतूल जिला कलेक्टर को एक आवेदन पत्र सौंपा है, जिसमें स्कूल में तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई है।1
- मुलताई नगर के भगत सिंह वार्ड में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे भविष्य में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन का वाल्व नाली के अंदर स्थित है, जहाँ अक्सर पानी भरा रहता है। इस स्थिति के कारण वाल्व के संचालन, मरम्मत या उसे बदलने में वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के बारे में नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में केवल रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जबकि सरिया (स्टील रॉड) का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करने पर वार्डवासियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों के चलते वार्ड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनकी माँग है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व को नाली के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर वार्डवासियों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।1
- बैतूल जिले के नेहरू पार्क चौपाटी स्थित एक पराठा गुमटी में आग लगने की घटना सामने आई है।1
- बैतूल जिला पुलिस ने 07 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 'सेफ क्लिक –2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत एक 'साइबर सेफ्टी वाक' का आयोजन किया। पुलिस ग्राउंड, बैतूल से आयोजित इस वाक में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सिंहस्थ–2028 प्रशिक्षण में सहभागी अधिकारी-कर्मचारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों सहित लगभग 500 से 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और छोटी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, मूलभूत नियमों का पालन करने और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इसके बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थितजनों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वयं को साइबर सुरक्षित रखने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के उपरांत साइबर सेफ्टी वाक शुरू हुई, जो पुलिस ग्राउंड से जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए वापस पुलिस ग्राउंड पहुँची। वाक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा संबंधी तख्तियाँ और जागरूकता संदेश लिए हुए थे, जिसके माध्यम से उन्होंने आमजन को "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" और "साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें" जैसे संदेश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल टीम सहित अन्य अधिकारी व प्रतिभागी मौजूद रहे। उपस्थितजनों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबरक्राइम .गॉव .इन) और साइबर हेल्पलाइन 1930 की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। बैतूल जिला पुलिस ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फ़ाइल, QR कोड या OTP संबंधी अनुरोध पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या साइबरक्राइम .गॉव .इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश था कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों से जागरूक और सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाने और "सोचें • समझें • फिर क्लिक करें" के मंत्र का पालन करने का आह्वान किया गया।2
- मुलताई रेलवे लाइन पर चल रहे काम के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक बड़ी घटना को निमंत्रण दे रही है। इस लापरवाही के चलते भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका जताई जा रही है।1