अचानक ओलावृष्टि से किसान चिंतित, नुकसान का आकलन सुबह होगा कुरई/सिवनी। जिले के कुरई विकासखंड अंतर्गत बादलपार चौकी क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 8 बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। ग्राम दरगाडा और घाटकोहका सहित आसपास के क्षेत्रों में बिना बारिश के तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह ओलावृष्टि लगभग आधे घंटे तक जारी रही। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन ने खेतों में खड़ी रबी फसलों—विशेषकर गेहूं और चना—को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी है। हालांकि, घटना रात के समय होने के कारण अभी तक फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरा होने की वजह से खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण नहीं किया जा सका। ऐसे में कितना नुकसान हुआ है, इसकी सही जानकारी सुबह दिन निकलने के बाद ही मिल पाएगी। फिलहाल किसान पूरी रात चिंता में गुजारने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार, आसपास के अन्य गांवों में भी ओलावृष्टि की खबरें मिल रही हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सुबह होते ही प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। (ताजा घटनाक्रम, विस्तृत जानकारी सुबह के बाद)
अचानक ओलावृष्टि से किसान चिंतित, नुकसान का आकलन सुबह होगा कुरई/सिवनी। जिले के कुरई विकासखंड अंतर्गत बादलपार चौकी क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 8 बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। ग्राम दरगाडा और घाटकोहका सहित आसपास के क्षेत्रों में बिना बारिश के तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह ओलावृष्टि लगभग आधे घंटे तक जारी रही। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन ने खेतों में खड़ी रबी फसलों—विशेषकर गेहूं और चना—को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी है। हालांकि, घटना रात के समय होने के कारण अभी तक फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरा होने की वजह से खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण नहीं किया जा सका। ऐसे में कितना नुकसान हुआ है, इसकी सही जानकारी सुबह दिन निकलने के बाद ही मिल पाएगी। फिलहाल किसान पूरी रात चिंता में गुजारने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार, आसपास के अन्य गांवों में भी ओलावृष्टि की खबरें मिल रही हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सुबह होते ही प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। (ताजा घटनाक्रम, विस्तृत जानकारी सुबह के बाद)
- कुरई विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बादलपार मां बंजारी मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर्व में 61 मनोकामना कलश जगमगा रही है । वहीं रोजाना सुबह शाम आरती में भारी भीड़ उमड़ रही है। बंजारी मंदिर में सालाना मनोकामना पूरी होने पर अलग अलग जगह के भक्त अपना मनोकामना कलश रखते हैं । नवरात्रि भर क्षेत्र में माहौल भक्तिमय बना हुआ है। विसर्जन उपरांत बड़े भंडारे का आयोजन भी बंजारी मंदिर परिसर में किया जाता है।1
- *श्री शतचंडी महायज्ञ* *श्रीमद् देवी भगवती महापुराण कथा* *मां भगवती की भव्य प्रतिष्ठा महामहोत्सव* *मोहगांव सड़क*1
- अचानक ओलावृष्टि से किसान चिंतित, नुकसान का आकलन सुबह होगा कुरई/सिवनी। जिले के कुरई विकासखंड अंतर्गत बादलपार चौकी क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 8 बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। ग्राम दरगाडा और घाटकोहका सहित आसपास के क्षेत्रों में बिना बारिश के तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह ओलावृष्टि लगभग आधे घंटे तक जारी रही। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन ने खेतों में खड़ी रबी फसलों—विशेषकर गेहूं और चना—को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी है। हालांकि, घटना रात के समय होने के कारण अभी तक फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरा होने की वजह से खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण नहीं किया जा सका। ऐसे में कितना नुकसान हुआ है, इसकी सही जानकारी सुबह दिन निकलने के बाद ही मिल पाएगी। फिलहाल किसान पूरी रात चिंता में गुजारने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार, आसपास के अन्य गांवों में भी ओलावृष्टि की खबरें मिल रही हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सुबह होते ही प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और यदि फसलों को नुकसान हुआ है तो जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। (ताजा घटनाक्रम, विस्तृत जानकारी सुबह के बाद)1
- Post by संदीप शर्मा1
- मड़ई टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी: टोल कर्मी पर तलवार के मूठ और बेसबॉल के डंडों से हमला1
- क्षेत्र भर में शुक्रवार 20 मार्च को सिंधी समाज द्वारा हर्षोल्लास के साथ झूलेलाल जयंती (चेटी चंड) मनाई जा रही है, जो सिंधी नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। भगवान झूलेलाल, जिन्हें वरुण देव (जल के देवता) का अवतार माना जाता है, के इस अवतरण दिवस पर नगर में शोभायात्रा निकाली गई। नगर के वार्ड क्रमांक 05 सिंधी कॉलोनी स्थित गुरूद्वारे में दिन भर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाम को बाजे-गाजे के साथ यात्रा निकाली गई। गुरुद्वारे से शाम 04 बजे यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ।1
- वारासिवनी । मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत वारासिवनी जनपद पंचायत के तत्वावधान में रानी अवंतीबाई स्टेडियम वारासिवनी में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बालाघाट जिले के वारासिवनी, कटंगी, खैरलॉजी, लालबर्रा, बालाघाट, परसवाड़ा, किरनापुर विकासखंडों के 99 जोड़ों ने अपने-अपने समाज के वैवाहिक नियमों के अनुसार एक दूसरे को वर माला पहना कर अपने नये जीवन की शुरुआत की। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 79 हिंदू, 11 अनुसूचित जाति व 9 अनुसूचित जनजाति के युवक-युवतियों ने भाग लिया। 99 दूल्हों की बारात वारासिवनी जनपद पंचायत भवन के परिसर से धूमधाम से बैंड बाजों के साथ निकाली गई। बारात में सामाजिक पदाधिकारियों के साथ दूल्हों के परिजनों ने ढोल, बाजे एवं डीजे की धुन पर झूम कर नृत्य किया। इस बारात में विधायक विवेक विक्की पटेल भी शामिल हुए और बारातियों के अनुरोध पर उन्होंने बैंड बाजों व गीतों की धुन पर नृत्य कर समॉ बॉध दिया। जहां विवाह संस्कार के दौरान सर्वप्रथम सनातन संस्कृति के तहत हिन्दू जोड़ों का वैदिक मंत्रों के साथ विवाह संपन्न करवाया गया। उसके बाद अनुसूचित जाति व जनजाति के जोड़ों का विवाह सम्पन्न करवाया गया। सभी अतिथियों ने विवाह सूत्र में बंधे नवयुगलों पर अक्षत एवं पुष्प वर्षा करते हुए सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। सामूहिक विवाह समारोह को सम्पन्न करवाने में जनपद पंचायत वारासिवनी के पदाधिकारियों सहित अधिकारियों कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।1
- कुरई विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बादलपार एवं आसपास के ग्रामों में शुक्रवार शाम को अचानक ओलावृष्टि से किसानों को फसलों की चिंता सताने लगी2