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12 रबीउल अव्वल पर अब्दुल बासित मेवाती ने दी देशवासियों को मुबारकबाद अलवर। 12 रबीउल अव्वल के मुबारक और पुरनूर मौके पर मुस्लिम महासभा के जिला संरक्षक अब्दुल बासित मेवाती ने देश-दुनिया के तमाम मुसलमानों को योमे विलादत-ए-रसूल ﷺ की दिली मुबारकबाद और नेक ख्वाहिशात पेश की। अब्दुल बासित मेवाती ने कहा कि हज़रत मोहम्मद ﷺ अल्लाह के आख़िरी नबी और पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनाकर भेजे गए। उनकी पूरी ज़िंदगी इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे, अमन, इंसाफ और गरीबों व जरूरतमंदों की मदद का पैगाम देती है। नबी-ए-पाक ﷺ ने लोगों को आपसी नफरत और भेदभाव से दूर रहकर मोहब्बत और भाईचारे के साथ रहने की तालीम दी। उन्होंने कहा कि 12 रबीउल अव्वल हमारे लिए सिर्फ खुशी का दिन नहीं, बल्कि अपने प्यारे नबी ﷺ की सीरत और उनकी तालीमात को याद करने का भी मुबारक मौका है। इस दिन हर मुसलमान को ज्यादा से ज्यादा दुरूद-ओ-सलाम पढ़ना, अल्लाह से दुआ करना और जरूरतमंदों की मदद करना चाहिए। अब्दुल बासित मेवाती ने कहा, “नबी-ए-पाक ﷺ की सच्ची मोहब्बत का तकाज़ा है कि हम उनकी सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाएं, अपने अखलाक को बेहतर बनाएं और समाज में अमन, भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करें।” उन्होंने सभी से अपील की कि इस मुबारक मौके पर अपने घरों, समाज और मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ करें तथा नबी-ए-करीम ﷺ की दी हुई इंसानियत और मोहब्बत की तालीम को आम करें। “रसूल-ए-अकरम ﷺ की सीरत इंसानियत के लिए रहमत, मोहब्बत और हिदायत का सबसे खूबसूरत पैगाम है।” — अब्दुल बासित मेवाती जिला संरक्षक, मुस्लिम महासभा, अलवर

22 hrs ago
user_रोहिताश कुमार जाटव
रोहिताश कुमार जाटव
Farmer Ramgarh Alwar, Rajasthan•
22 hrs ago
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12 रबीउल अव्वल पर अब्दुल बासित मेवाती ने दी देशवासियों को मुबारकबाद अलवर। 12 रबीउल अव्वल के मुबारक और पुरनूर मौके पर मुस्लिम महासभा के जिला संरक्षक अब्दुल बासित मेवाती ने देश-दुनिया के तमाम मुसलमानों को योमे विलादत-ए-रसूल ﷺ की दिली मुबारकबाद और नेक ख्वाहिशात पेश की। अब्दुल बासित मेवाती ने कहा कि हज़रत मोहम्मद ﷺ अल्लाह के आख़िरी नबी और पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनाकर भेजे गए। उनकी पूरी ज़िंदगी इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे, अमन, इंसाफ और गरीबों व जरूरतमंदों की मदद का पैगाम देती है। नबी-ए-पाक ﷺ ने लोगों को आपसी नफरत और भेदभाव से दूर रहकर मोहब्बत और भाईचारे के साथ रहने की तालीम दी। उन्होंने कहा कि 12 रबीउल अव्वल हमारे लिए सिर्फ खुशी का दिन नहीं, बल्कि अपने प्यारे नबी ﷺ की सीरत और उनकी तालीमात को याद करने का भी मुबारक मौका है। इस दिन हर मुसलमान को ज्यादा से ज्यादा दुरूद-ओ-सलाम पढ़ना, अल्लाह से दुआ करना और जरूरतमंदों की मदद करना चाहिए। अब्दुल बासित मेवाती ने कहा, “नबी-ए-पाक ﷺ की सच्ची मोहब्बत का तकाज़ा है कि हम उनकी सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाएं, अपने अखलाक को बेहतर बनाएं और समाज में अमन, भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करें।” उन्होंने सभी से अपील की कि इस मुबारक मौके पर अपने घरों, समाज और मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ करें तथा नबी-ए-करीम ﷺ की दी हुई इंसानियत और मोहब्बत की तालीम को आम करें। “रसूल-ए-अकरम ﷺ की सीरत इंसानियत के लिए रहमत, मोहब्बत और हिदायत का सबसे खूबसूरत पैगाम है।” — अब्दुल बासित मेवाती जिला संरक्षक, मुस्लिम महासभा, अलवर

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  • मोहम्मद साहब के जन्मोत्सव पर रक्तदान कैंप, युवाओं ने बढ़ाया हाथ
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    मोहम्मद साहब के जन्मोत्सव पर रक्तदान कैंप, युवाओं ने बढ़ाया हाथ
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    1 hr ago
  • 4 सबसे ज्यादा जहरीले सांप उनसे बचने के लिए क्या किया करना चाहिए 🐉🐍 इस वीडियो को पूरा देखने पर ही आपको पता चलेगा कि सांप काटने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए सारी जानकारी इसी वीडियो में दी गई है इसी वीडियो में स्टेप बाय स्टेप समझाया गया है faroop bhai 🙏
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    4 सबसे ज्यादा जहरीले सांप उनसे बचने के लिए क्या किया करना चाहिए 🐉🐍
इस वीडियो को पूरा देखने पर ही आपको पता चलेगा कि सांप काटने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए सारी जानकारी इसी वीडियो में दी गई है इसी वीडियो में स्टेप बाय स्टेप समझाया गया है
faroop bhai 🙏
    user_Faruk khan
    Faruk khan
    Software Developer अलवर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके । -हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।
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    किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी
किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।  कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके ।
-हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी। कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है। पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है। कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं। कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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    एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई
स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न
सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है।
पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी
कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं।
कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा
एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार
इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।
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    मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण 
जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।
    user_Mohd Jabbar
    Mohd Jabbar
    Local News Reporter फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा•
    15 hrs ago
  • खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मीरका के भवन में भरा प्याज का बीज साथ ही सरकारी भवन के साथ-साथ सरकारी बिजली का भी हो रहा है दुरुपयोग जिम्मेदार बेखबर जो लोग सोचते हैं की हम सता में रहे कर सरकारी प्रॉपर्टी का दुरपयोग करंगे तो वो लोग ये बात अपने दिमाक से निकाल दो सरपंच,उपसरपंच,ग्राम पंचायत के कार्येकर्ता सब पर कार्यवाही की जाय।हर गाँव का युवा अब चुप नही रहेगा जो भी दोषी हैं उन सब पर सख्त कार्यवाही की जायगी। युवाओं की आवाज़ आपका अपना अनिल मुड़ाई ओड
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    खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मीरका के भवन में भरा प्याज का बीज साथ ही सरकारी भवन के साथ-साथ सरकारी बिजली का भी हो रहा है दुरुपयोग जिम्मेदार बेखबर
जो लोग सोचते हैं की हम सता में रहे कर सरकारी प्रॉपर्टी का दुरपयोग करंगे तो वो लोग ये बात अपने दिमाक से निकाल दो सरपंच,उपसरपंच,ग्राम पंचायत के कार्येकर्ता सब पर कार्यवाही की जाय।हर गाँव का युवा अब चुप नही रहेगा जो भी दोषी हैं उन सब पर सख्त कार्यवाही की जायगी।
युवाओं की आवाज़ आपका अपना 
अनिल मुड़ाई ओड
    user_अनिल ओड
    अनिल ओड
    Welder किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • खैरथल जिले में दो दिन से बारिश, बांधों में पानी की आवक; किसानों के खिले चेहरे, प्याज की फसल को नुकसान की आशंका खैरथल, जिले में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र के बांधों और जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और उत्पादन बेहतर होगा। हालांकि, लगातार बारिश ने कुछ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और दलदल जैसी स्थिति बनने से प्याज की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार जिन खेतों में प्याज की फसल लगी हुई है, वहां जलभराव के कारण फसल डूबने की कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में बारिश किसानों के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई है। एक ओर जहां खरीफ फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हो रही है और बांधों में पानी की आवक से जलस्रोतों को राहत मिली है, वहीं प्याज उत्पादक किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी तेज बारिश जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो प्याज की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम के अगले दौर और खेतों में जलभराव की स्थिति पर टिकी हुई है।
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    खैरथल जिले में दो दिन से बारिश, बांधों में पानी की आवक; किसानों के खिले चेहरे, प्याज की फसल को नुकसान की आशंका
खैरथल, जिले में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र के बांधों और जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और उत्पादन बेहतर होगा।
हालांकि, लगातार बारिश ने कुछ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और दलदल जैसी स्थिति बनने से प्याज की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार जिन खेतों में प्याज की फसल लगी हुई है, वहां जलभराव के कारण फसल डूबने की कगार पर पहुंच गई है।
ऐसे में बारिश किसानों के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई है। एक ओर जहां खरीफ फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हो रही है और बांधों में पानी की आवक से जलस्रोतों को राहत मिली है, वहीं प्याज उत्पादक किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी तेज बारिश जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो प्याज की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम के अगले दौर और खेतों में जलभराव की स्थिति पर टिकी हुई है।
    user_Pramod Kewlani
    Pramod Kewlani
    Local News Reporter खैरथल, अलवर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी? स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
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    सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर

सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।
वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी?
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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