तीन दिन की बारिश से धान और गन्ने की फसल धराशायी किसानों को हुआ भारी नुकसान, दर्जनों गांवों के किसान प्रभावित पलियाकलां। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल बारिश और तेज हवाओं के चलते धराशायी हो गई है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलें खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। पलिया क्षेत्र के दर्जनों गांवों में किसानों को भारी नुकसान होने की बात सामने आ रही है। पटिहन, फुलवरिया, मकनपुर, बसंतापुर, बंसीनगर, नगला, मरौचा, सरखना, अतरिया, मरूआ पश्चिम और मझौरा समेत आसपास के गांवों में बारिश का सबसे अधिक असर फसलों पर दिखाई दे रहा है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल कई जगह जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण धान की बालियां पानी में डूब गई हैं। यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो फसल के सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। वहीं, गन्ने की फसल भी तेज हवा और लगातार बारिश के कारण गिर गई है। किसानों का कहना है कि गन्ने के गिरने से उसकी बढ़वार और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। पहले से ही खेती की बढ़ती लागत को लेकर परेशान किसानों के सामने अब बारिश से हुए नुकसान ने नई चिंता खड़ी कर दी है। किसान श्रीकृष्ण भास्कर, दिलीप सिंह राना, महेन्द्र अवस्थी, फारुख, अमरजीत सिंह, हरिन्दर सिंह, रिंकू सिंह, रणधीर सिंह, अमृतलाल एवं रज्जन ने बताया कि धान की फसल में काफी मेहनत और लागत लगाई गई थी। फसल तैयार होने के समय हुई लगातार बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
तीन दिन की बारिश से धान और गन्ने की फसल धराशायी किसानों को हुआ भारी नुकसान, दर्जनों गांवों के किसान प्रभावित पलियाकलां। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल बारिश और तेज हवाओं के चलते धराशायी हो गई है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलें खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। पलिया क्षेत्र के दर्जनों गांवों में किसानों को भारी नुकसान होने की बात सामने आ रही है। पटिहन, फुलवरिया, मकनपुर, बसंतापुर, बंसीनगर, नगला, मरौचा, सरखना, अतरिया, मरूआ पश्चिम और
मझौरा समेत आसपास के गांवों में बारिश का सबसे अधिक असर फसलों पर दिखाई दे रहा है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल कई जगह जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण धान की बालियां पानी में डूब गई हैं। यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो फसल के सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। वहीं, गन्ने की फसल भी तेज हवा और लगातार बारिश के कारण गिर गई है। किसानों का कहना है कि गन्ने के गिरने से उसकी बढ़वार और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़
सकता है। पहले से ही खेती की बढ़ती लागत को लेकर परेशान किसानों के सामने अब बारिश से हुए नुकसान ने नई चिंता खड़ी कर दी है। किसान श्रीकृष्ण भास्कर, दिलीप सिंह राना, महेन्द्र अवस्थी, फारुख, अमरजीत सिंह, हरिन्दर सिंह, रिंकू सिंह, रणधीर सिंह, अमृतलाल एवं रज्जन ने बताया कि धान की फसल में काफी मेहनत और लागत लगाई गई थी। फसल तैयार होने के समय हुई लगातार बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
- चैन छिनैती के मामले का 48 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा तीन अभियुक्त गिरफ्तार, आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी दर्ज हैं कई मुकदमें पलियाकलां-खीरी। कोतवाली पलिया क्षेत्र के पटिहन में महिला से चेन छिनैती के मामले का पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। खीरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि बीते दिन शुक्रवार को पटिहन क्षेत्र में महिला से चेन छिनैती की घटना घटित हुई थी, जिस सम्बन्ध में पलिया कोतवाली में सम्बंधित धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद से पुलिस ने तेजी से आरोपितों की तलाश शुरू कर दी थी। आज रविवार को सुबह करीब 7 बजकर 28 मिनट पर पुलिस टीम ने मानफार्म जाने वाले रास्ते से पलिया के मोहल्ला नयी बस्ती ढाकिन निवासी शिवा पुत्र प्रेमचंद, पवन पुत्र रामरतन एवं जिला कुशीनगर के थाना हनुमानगंज के ग्राम खण्ड्रडा एवं हाल पता पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन नयी बस्ती निवासी अमरनाथ पुत्र भरत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या यूपी-31-सीसी-5333 के अलावा महिला से छीनी गई सोने की चेन, तीन मोबाइल फोन, 590 रुपये भारतीय एवं दस रुपये नेपाली बरामद किए हैं। प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि शिवा और पवन पर महिला से चेन छिनैती करने एवं अमरनाथ पर छिनैती का माल खरीदने का आरोप है। मामले में बीएनएस की धारा 304(2) के तहत दर्ज मुकदमें में बरामदगी के आधार पर बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शिवा के विरुद्ध पलिया और गौरीफंटा थानों के अलावा बरेली के बारादरी थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, मारपीट, धमकी, गैंगस्टर एक्ट एवं बीएनएस की धाराओं में दर्ज मामले शामिल हैं। पवन के विरुद्ध भी पलिया और भीरा थाने में पूर्व में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। तीनों अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक झारिया सिंह, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश यादव, अनुज कुमार, कांस्टेबल अतुल त्रिपाठी, लक्की सिंह एवं कृष्ण मुरारी शामिल रहे।3
- Sitapur_के_MLC_जसमीर_अंसारी_को_Akhilesh_का_बड़ा_तोहफा,_2027_से_पहले_नेता_विरोधी_दल_की_जिम्मेदारी1
- गोला की खुटार रोड स्थित मथुरा नगर जलमग्न, से लोग परेशान खुटार रोड स्थित मथुरा नगर में जलभराव से लोग परेशान गोला गोकर्णनाथ, जिला लखीमपुर खीरी। नगर क्षेत्र में खुटार रोड पर स्थित मथुरा नगर में बारिश के बाद गलियों में जलभराव की समस्या से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण सड़क और गलियों में पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।1
- लखीमपुर खीरी — कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी की किसानों से अपील कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी ने किसानों से खेतों में गिरे हुए गन्ने को उठाकर बांधने की अपील की है, उन्होंने कहा कि किसान गिरे हुए गन्ने को व्यवस्थित कर बांध दें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके और गन्ने की कटाई एवं आपूर्ति में आसानी हो लखीमपुर खीरी — कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी की किसानों से अपील कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी ने किसानों से खेतों में गिरे हुए गन्ने को उठाकर बांधने की अपील की है, उन्होंने कहा कि किसान गिरे हुए गन्ने को व्यवस्थित कर बांध दें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके और गन्ने की कटाई एवं आपूर्ति में आसानी हो1
- चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! धौरहरा। नगर पंचायत धौरहरा के राम वाटिका क्षेत्र में चार दिनों से जारी जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के बीच रहने को मजबूर परिवारों में नाराजगी बढ़ती गई और लोगों ने अपनी समस्या की आवाज हक की आवाज न्यूज़ चैनल तक पहुंचाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची हक की आवाज न्यूज़ चैनल की टीम ने लोगों की समस्याओं को जाना और जलभराव, भोजन, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार लगातार परेशानी में हैं और पानी भरे क्षेत्र में सांप, मगरमच्छ जैसे जंगली जीव दिखाई देने की बात भी सामने आ रही है, जिससे परिवारों में सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। इन दावों की मौके पर प्रशासनिक पुष्टि आवश्यक है। सवाल यह—चार दिन तक इंतजार क्यों? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में कर्मचारी और जिम्मेदार तंत्र की तैनाती है, तो समस्या सामने आने के बाद तत्काल राहत व्यवस्था क्यों नहीं शुरू हुई? क्या प्रशासन को राहत पहुंचाने के लिए किसी खबर के सामने आने का इंतजार करना पड़ेगा? लोगों की नाराजगी के बीच मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर धौरहरा तहसील के लेखपाल विनोद गौतम को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की मूलभूत जरूरतों और भोजन की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ और प्रभावित लोगों तक लंच पैकेट पहुंचाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन से जनता के सीधे सवाल चार दिन से जलभराव झेल रहे परिवारों का सवाल है कि— क्या राहत सिर्फ खबर सामने आने के बाद ही पहुंचेगी? क्या जलभराव वाले इलाकों की नियमित निगरानी नहीं होनी चाहिए? परिवारों की सुरक्षा और भोजन की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई? सांप या अन्य जंगली जीवों के खतरे से लोगों को सुरक्षित करने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था होगी? और सबसे बड़ा सवाल—राम वाटिका में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? नगर पंचायत की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जल निकासी नगर पंचायत की प्रमुख नगरीय जिम्मेदारियों में शामिल है। अब लोगों की निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। राहत पहुंचना तत्काल जरूरत है, लेकिन जलभराव का स्थायी समाधान ही इस समस्या का वास्तविक जवाब होगा। हक की आवाज न्यूज़ चैनल जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता “दिखाता है हर वह सच”1
- लखीमपुर खीरी देवकली रोड जलभराव से परेशान लोग उठे रोड पे प्रोटेस्ट करने जनता की एक ही मांग जलभराव से राहत दो🙏 भ्रष्टाचार का शिकार हुई जनता लखीमपुर खीरी देवकली रोड1
- चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप, 13 मजरे उजड़ने की आशंका विधायक को सौंपा ज्ञापन, जांच और कार्रवाई की मांग पलियाकलां। पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत पटिहन के 13 मजरों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की मूल प्रति यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी गयी है। ग्राम प्रधान मंजीत मौर्य समेत ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से चकबंदी विभाग पर नियमों के विपरीत चक काटे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की विभागीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं वर्षों से बसे गांवों की आबादी को उजड़ने से बचाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत पटिहन में करीब 42 वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2023 में धारा 52 के तहत गांव को तहसील को हस्तांतरित किया गया। ग्राम पंचायत बड़ी होने के कारण इसमें मुसाफिरनगर, इंदिरा आवास कालोनी, खुशीपुर, अंबेडकरनगर, दरेरी, नयागांव, राजाटापर एवं अतरनगर सहित कुल 13 मजरे आते हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार मुसाफिरनगर के गाटा संख्या 293, 294, 295, 296, 297, 274, 301 व 304 आदि पर वर्ष 1985 से गांव बसा हुआ है। इसी क्षेत्र में अम्बेडकरनगर का विद्या मंदिर नाम से मान्यता प्राप्त विद्यालय भी करीब 30 वर्षों से संचालित होने का दावा किया गया है। वहीं इंदिरा आवास कालोनी के गाटा संख्या 1061, 1068, 1069, 1070, 1071, 1072, 1082 व 1083 आदि पर भी वर्ष 1985 से आबादी बसी होने की बात ज्ञापन में कही गई है। इसी तरह खुशीपुर के गाटा संख्या 243 व 254 पर वर्ष 1960 से तथा दरेरी के गाटा संख्या 1108 पर करीब 40-42 वर्षों से गांव बसा होने का दावा किया गया है। 2021-22 में चक प्रदर्शित करने का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि चकबंदी विभाग के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों ने अंतिम अभिलेख तैयार करते समय वर्ष 2021-22 में इन गांवों की आबादी पर गलत ढंग से चक प्रदर्शित कर दिए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नियमानुसार वर्षों से बसे गांवों की आबादी पर चक प्रदर्शित नहीं किए जा सकते। आरोप है कि आबादी वाले क्षेत्रों में चक काटे जाने से ग्रामीणों के सामने अपने घर और जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चकबंदी नियमों के अनुसार नदी, नाला, बाग, सड़क और आबादी बसे गांवों के क्षेत्र को संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करते हुए कई स्थानों पर चक बना दिए गे। गलत चकों को निरस्त कर मूल अभिलेख में दर्ज करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में बनाए गए चकों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए और गांवों की आबादी व स्कूल आदि को उनके मूल नक्शे व अभिलेख के आधार पर दर्ज किया जाए। साथ ही वर्ष 2021-22 में चकबंदी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की विभागीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में विशेष रूप से मांग की गई है कि वर्षों से बसे गांवों की आबादी का अस्तित्व सुरक्षित रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीणों को अपने घरों से उजड़ने की स्थिति का सामना न करना पड़े। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान मंजीत मौर्य के साथ जिला पंचायत सदस्य/भाजपा पदाधिकारी श्रीकृष्ण भार्गव सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।3
- गंभीर बीमारी और बदहाली की मार: लखीमपुर खीरी में न राशन, न आयुष्मान... इलाज को तरस रहा परिवार; मीडिया की पहल पर अधिकारियों ने दी प्रतिक्रिया लखीमपुर खीरी। जिला लखीमपुर खीरी के विकासखंड बांकेगंज अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत संसारपुर के ग्राम विलाहिया से प्रशासनिक दावों की पोल खोलती एक अत्यंत दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के निवासी घनश्याम (पुत्र रामस्वरूप) पिछले लगभग दो महीनों से पैरालिसिस (लकवा) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। बीमारी के कारण वे न चल-फिर सकते हैं और न ही बोलने की स्थिति में हैं, जिससे वे पूरी तरह बिस्तर पर लाचार पड़े हुए हैं। कमाई का इकलौता जरिया ठप, 6 बच्चों के सामने भुखमरी का संकट घनश्याम ही अपने परिवार में अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे। उनके अचानक गंभीर रूप से बीमार होने के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा छह मासूम बच्चे (चार बेटियां और दो छोटे बेटे) हैं। घर की आर्थिक स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है और पूरा कुनबा दाने-दाने को मोहताज है। इलाज में बिका सब कुछ; आयुष्मान व राशन कार्ड तक से वंचित पीड़ित परिवार का कहना है कि घनश्याम के शुरुआती इलाज में घर का बचा-कुचा सामान और जमा-पूंजी सब बिक चुकी है, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। अत्यंत दयनीय अवस्था में झोपड़पट्टी/कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रहे इस बेहद गरीब परिवार के पास न तो राशन कार्ड है और न ही आयुष्मान भारत कार्ड। आयुष्मान कार्ड न होने के कारण परिवार धन के अभाव में घनश्याम का किसी बेहतर अस्पताल में इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ है। मामले पर जब जिम्मेदारों से बात की गई तो बोले: पत्रकारिता के दायित्व के तहत जब इस पीड़ित परिवार की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर उनका पक्ष लिया गया, तो उन्होंने मामले में संज्ञान लेने की बात कही: ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) आलोक अवस्थी का पक्ष: ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक अवस्थी ने बताया— "मुझको यहाँ आए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। आज ही मुझे इस मामले की जानकारी हो रही है। मैं मामले की पूरी जानकारी कर जांच करूंगा और शासन की तरफ से जो भी संभव मदद होगी, उसकी प्रक्रिया पूरी कराकर परिवार को राहत दिलवाई जाएगी।" ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामप्रसाद देवल का पक्ष: वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामप्रसाद देवल ने बताया— "राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड न होने की जानकारी मुझे नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में घनश्याम का नाम डलवा दिया गया है। जैसे ही सरकार की तरफ से आवास स्वीकृत होकर आते हैं, उन्हें आवास दिलवाया जाएगा।" त्वरित राहत की दरकार अब देखना यह होगा कि इस असहाय परिवार तक कागजी प्रक्रियाओं से परे हटकर कितनी जल्दी जमीनी मदद पहुँचती है। ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से खाद्यान्न (राशन) और घनश्याम के निशुल्क इलाज के लिए आयुष्मान/स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस बेबस परिवार का जीवन बच सके।1
- जलभराव से राहत नहीं मिल रही लोगो का आक्रोश बढ़ता जा रहा है ✅ Lakhimpur Kheri dewkali road Gandhinagar shubham Shrivastava1