उपायुक्त ने बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का किया औचक निरीक्षण अधिक मूल्य पर बिक्री एवं गुणवत्ता में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी हजारीबाग | उपायुक्त हेमन्त सती ने बुधवार को कालीबाड़ी मार्ग स्थित विभिन्न बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के आलोक में यह कार्रवाई की गई, जिनमें यूरिया, डीएपी एवं पोटाश की कालाबाजारी तथा सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की सूचना मिली थी। खरीफ फसली मौसम को देखते हुए किसानों को उर्वरक एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने M/S उर्वरा, जगदम्बा ट्रेडर्स एवं पूजा ट्रेडर्स सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, स्टॉक एवं बिक्री पंजी, यूरिया की ओपनिंग स्टॉक, उपलब्ध यूरिया बैगों की संख्या, बिक्री रजिस्टर तथा सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरकों की बिक्री की विस्तार से जांच की। साथ ही उर्वरकों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने स्थानीय खुदरा विक्रेताओं एवं संबंधित लोगों से बातचीत की। जांच में यह जानकारी सामने आई कि सरकार द्वारा निर्धारित 266 रुपये प्रति बोरा की दर वाला यूरिया 360 रुपये प्रति बोरा तक बेचा जा रहा है तथा डीएपी भी निर्धारित मूल्य से अधिक दर, लगभग 1,850 रुपये प्रति बोरा, पर बेचे जाने की शिकायत मिली। इस पर उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिले के सभी गोदामों एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान M/S उर्वरा प्रतिष्ठान में अधिक दर पर यूरिया एवं डीएपी की बिक्री की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित प्रतिष्ठान को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया तथा दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उर्वरकों पर सब्सिडी देती है, इसलिए किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान उपायुक्त ने स्वयं निरीक्षण में पाया कि उपलब्ध यूरिया नीम-कोटेड प्रतीत नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने तत्काल उर्वरक का नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण कराने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित प्रतिष्ठानों से पीओएस (PoS) मशीन के माध्यम से की गई बिक्री का विस्तृत विवरण तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि वास्तविक बिक्री एवं स्टॉक का मिलान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि कोई भी विक्रेता कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का किया औचक निरीक्षण अधिक मूल्य पर बिक्री एवं गुणवत्ता में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी हजारीबाग | उपायुक्त हेमन्त सती ने बुधवार को कालीबाड़ी मार्ग स्थित विभिन्न बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के आलोक में यह कार्रवाई की गई, जिनमें यूरिया, डीएपी एवं पोटाश की कालाबाजारी तथा सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की सूचना मिली थी। खरीफ फसली मौसम को देखते हुए किसानों को उर्वरक एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने M/S उर्वरा, जगदम्बा ट्रेडर्स एवं पूजा ट्रेडर्स सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, स्टॉक एवं बिक्री पंजी, यूरिया की ओपनिंग स्टॉक, उपलब्ध यूरिया बैगों की संख्या, बिक्री रजिस्टर तथा सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरकों की बिक्री की विस्तार से जांच की। साथ ही उर्वरकों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने स्थानीय खुदरा विक्रेताओं एवं संबंधित लोगों से बातचीत की। जांच में यह जानकारी सामने आई कि सरकार द्वारा निर्धारित 266 रुपये प्रति बोरा की दर वाला यूरिया 360 रुपये प्रति बोरा तक बेचा जा रहा है तथा डीएपी भी निर्धारित मूल्य से अधिक दर, लगभग 1,850 रुपये प्रति बोरा, पर बेचे जाने की शिकायत मिली। इस पर उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिले के सभी गोदामों एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान M/S उर्वरा प्रतिष्ठान में अधिक दर पर यूरिया एवं डीएपी की बिक्री की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित प्रतिष्ठान को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया तथा दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उर्वरकों पर सब्सिडी देती है, इसलिए किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान उपायुक्त ने स्वयं निरीक्षण में पाया कि उपलब्ध यूरिया नीम-कोटेड प्रतीत नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने तत्काल उर्वरक का नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण कराने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित प्रतिष्ठानों से पीओएस (PoS) मशीन के माध्यम से की गई बिक्री का विस्तृत विवरण तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि वास्तविक बिक्री एवं स्टॉक का मिलान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि कोई भी विक्रेता कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- उपायुक्त ने बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का किया औचक निरीक्षण अधिक मूल्य पर बिक्री एवं गुणवत्ता में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी हजारीबाग | उपायुक्त हेमन्त सती ने बुधवार को कालीबाड़ी मार्ग स्थित विभिन्न बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के आलोक में यह कार्रवाई की गई, जिनमें यूरिया, डीएपी एवं पोटाश की कालाबाजारी तथा सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की सूचना मिली थी। खरीफ फसली मौसम को देखते हुए किसानों को उर्वरक एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने M/S उर्वरा, जगदम्बा ट्रेडर्स एवं पूजा ट्रेडर्स सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, स्टॉक एवं बिक्री पंजी, यूरिया की ओपनिंग स्टॉक, उपलब्ध यूरिया बैगों की संख्या, बिक्री रजिस्टर तथा सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरकों की बिक्री की विस्तार से जांच की। साथ ही उर्वरकों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने स्थानीय खुदरा विक्रेताओं एवं संबंधित लोगों से बातचीत की। जांच में यह जानकारी सामने आई कि सरकार द्वारा निर्धारित 266 रुपये प्रति बोरा की दर वाला यूरिया 360 रुपये प्रति बोरा तक बेचा जा रहा है तथा डीएपी भी निर्धारित मूल्य से अधिक दर, लगभग 1,850 रुपये प्रति बोरा, पर बेचे जाने की शिकायत मिली। इस पर उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिले के सभी गोदामों एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान M/S उर्वरा प्रतिष्ठान में अधिक दर पर यूरिया एवं डीएपी की बिक्री की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित प्रतिष्ठान को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया तथा दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उर्वरकों पर सब्सिडी देती है, इसलिए किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान उपायुक्त ने स्वयं निरीक्षण में पाया कि उपलब्ध यूरिया नीम-कोटेड प्रतीत नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने तत्काल उर्वरक का नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण कराने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित प्रतिष्ठानों से पीओएस (PoS) मशीन के माध्यम से की गई बिक्री का विस्तृत विवरण तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि वास्तविक बिक्री एवं स्टॉक का मिलान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि कोई भी विक्रेता कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।1
- गुरु पूर्णिमा पर जी.एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में गुरु-शिष्य परंपरा विषयक संगोष्ठी आयोजित गुरु पूर्णिमा पर जी.एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में गुरु-शिष्य परंपरा विषयक संगोष्ठी आयोजित जी.एम. इंटर महाविद्यालय, इचाक में "गुरु-शिष्य परंपरा" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व, उनके आदर्शों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनकी अमूल्य भूमिका पर प्रकाश डालना था। महाविद्यालय के प्रभारी पंकज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास तथा जीवन को सही दिशा देने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु पूर्णिमा का पर्व अपने गुरुओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने गुरु के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में साक्षी कुमारी ने प्रथम, मासूम कुमारी ने द्वितीय तथा संगम कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। संगोष्ठी के सफल आयोजन में शिक्षक अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संजीत कुमार यादव, संगम कुमारी एवं पार्वती कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।1
- झुमरा चौक पर जलजमाव से बना तालाब, वर्षों से परेशानी झेल रहे लोग हजारीबाग (दारू): हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत झुमरा चौक पर वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है। हल्की बारिश होते ही चौक तालाब का रूप ले लेता है, जिससे राहगीरों, बाइक सवारों और अन्य वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कर झुमरा चौक को जलजमाव से मुक्त कराने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।1
- Available for Sale Item : खेत की उपजाऊ ज़मीन चैनपुर माँदू के पास आगे जाकर CCL वाटर से आगे जाकर उधर से टर्निंग देकर ज़मीनों के सुरक्षा का है सिटी स्कूल का नाम 90000 Price : 90000 City / Locality : Jharkhand, Ara, Chanipaur Farming Sector : Machinery upjau Jameen Road Ke Side per Upar jao Jameen1
- 🚨 ग्राउंड रिपोर्ट | सच तक झारखंड न्यूज़ विष्णुगढ़ के बनासो क्षेत्र में बिजली विभाग और प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है! सड़क किनारे बिना किसी सुरक्षा जाली (गार्डिंग) के खुला पड़ा ट्रांसफॉर्मर बारिश के मौसम में ग्रामीणों और राहगीरों के लिए बड़ा ख़तरा बन चुका है। बारिश के पानी से पोल और आसपास के घरों तक करंट फैलने का डर बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। देखिए पीड़ित महिला और ग्रामीणों ने सच तक झारखंड न्यूज़ से बात करते हुए क्या कहा। 📢 हमारी मांग: बिजली विभाग तुरंत संज्ञान ले और इस ट्रांसफॉर्मर में जाली व सुरक्षा बॉक्स लगाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। 📍 स्थान: बनासो, विष्णुगढ़ (हजारीबाग) 🎙️ रिपोर्टर: सोनू मेहता (सच तक झारखंड न्यूज़)1
- जंतर-मंतर के चक्कर में 14 गौरक्षक भाइयों को भूल गए? न्याय कब मिलेगा? क्या जंतर-मंतर के प्रदर्शन और दूसरे मुद्दों के बीच हम उन 14 गौरक्षक भाइयों को भूल गए हैं, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है? आखिर पूरा मामला क्या है और इन भाइयों को न्याय कब मिलेगा? इस वीडियो में इसी मुद्दे पर अपनी बात और सवाल जनता के सामने रख रहा हूं। वीडियो पसंद आए तो Like 👍, Share 🔄 और Channel को Subscribe जरूर करें। #गौरक्षक #जंतरमंतर #न्याय #गौमाता #GauRaksha #Justice #YouTubeIndia1
- खुटरा ब्लू बर्ड्स ने परागों एफसी को 3-1 से हराया, ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने की पहल जारी हजारीबाग (कटकमसांडी) | कटकमसांडी प्रखंड के खुटरा पंचायत में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक मुकाबला परागों एफसी और खुटरा ब्लू बर्ड्स के बीच खेला गया। मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए खुटरा ब्लू बर्ड्स ने 3-1 से जीत दर्ज कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण खेल प्रेमी और स्थानीय लोग खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए मैदान में मौजूद रहे। प्रतियोगिता में मैच रेफरी की जिम्मेदारी शरीफुल्ला उर्फ गुड्डू ने निभाई। इस अवसर पर ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने और फुटबॉल के विकास में योगदान देने वाले परागों फुटबॉल कोच को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में कोटा के पूर्व खिलाड़ी एवं रिटायर-11 टीम के खिलाड़ी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच आफताब आलम, सचिव शाहजहां हुसैन, हाजी शाहने अहमद वारसी, फिरोज अहमद, मिंटू शरीफुल, मुशर्रफ हुसैन, नौसर आलम, उबेर अहमद, मुकर्रम हुसैन, मुकीम खान, अबाब आलम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सर्कुलर गुड्डू ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और युवाओं को खेलों से जोड़कर सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इसी श्रृंखला के तहत आगामी शुक्रवार और रविवार को भी फुटबॉल मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास की कई टीमें हिस्सा लेंगी। आयोजकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से न केवल ग्रामीण खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, बल्कि खेल भावना, आपसी भाईचारा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलता है।1
- कांग्रेस को लखनऊ मे कँगना का पुतला फुकने से पुलिस ने रोका कांग्रेस को लखनऊ मे कँगना का पुतला फुकने से पुलिस ने रोका1