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एक 'एक्सेल हंड्रेड' वाहन का हॉर्न बज नहीं रहा था, जो एक मुख्य समस्या के रूप में सामने आया। इसके साथ ही, एक 'लूना' वाहन का भी हॉर्न काम नहीं कर रहा था।
Ujjwal Auto parts lamta
एक 'एक्सेल हंड्रेड' वाहन का हॉर्न बज नहीं रहा था, जो एक मुख्य समस्या के रूप में सामने आया। इसके साथ ही, एक 'लूना' वाहन का भी हॉर्न काम नहीं कर रहा था।
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- उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशों के तहत, हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से उत्पाद विभाग द्वारा लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, सहायक आयुक्त उत्पाद के मार्गदर्शन में बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चटकरी (उपर टोला), पंचायत मैडमो में संचालित अवैध महुआ चुलाई शराब निर्माण स्थलों पर एक बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान, विभिन्न घरों में चल रही अवैध महुआ चुलाई शराब की कुल 05 जलती हुई भट्ठियों का भंडाफोड़ कर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। छापेमारी दल ने घटनास्थल और उसके आसपास छिपाकर रखे गए लगभग 4000 किलोग्राम जावा महुआ (किण्वन योग्य पदार्थ) को भी नष्ट किया। इसके अतिरिक्त, शराब निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री और बर्तनों को नष्ट करते हुए लगभग 135 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है, और उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। छापेमारी दल में अवर निरीक्षक उत्पाद भुनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।1
- सोमवार को थाना क्षेत्र की संघरी घाटी में कोयला लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में ट्रक को नुकसान पहुँचा, लेकिन गनीमत रही कि इसमें किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और न ही चालक या राहगीरों को कोई चोट आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, संघरी घाटी की मुख्य सड़क पर आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। घाटी का मोड़ और सड़क की खराब स्थिति इन दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन रही है। इस घटना के बाद, राहगीरों और आसपास के लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से इस मुख्य पथ की मरम्मत करने, सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और निगरानी तेज करने की पुरजोर मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत डाढ़ा पंचायत का आरा गांव इन दिनों आम की खुशबू से सराबोर है। यह गांव 2000 से अधिक आम के पेड़ों और दर्जनों बागानों के लिए अपनी एक विशेष पहचान बना चुका है। स्थानीय किसान पिछले लगभग 30 वर्षों से इस क्षेत्र में आम की खेती कर रहे हैं। यहां दूधिया मालदा, दसहरी, लंगड़ा, सुकुल और मिट्ठू सहित कई किस्मों के आमों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। किसानों के अनुसार, पेड़ों पर मंजर आते ही दूर-दूर से व्यापारी इन बागानों का सौदा करने पहुंच जाते हैं। यहां के आम न केवल झारखंड के कई जिलों में भेजे जाते हैं, बल्कि इनकी आपूर्ति बिहार के पटना, गया, नवादा और बिहार शरीफ तक भी होती है। आम की यह खेती आरा गांव के लोगों के लिए रोजगार और आय का एक प्रमुख साधन बन गई है। किसान इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि का एक बेहतरीन माध्यम मानते हैं।1
- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड के अंतर्गत आने वाले डाढ़ा पंचायत का आरा गांव इन दिनों आम की मनमोहक खुशबू से सराबोर है। इस गांव में 2000 से भी अधिक आम के पेड़ और दर्जनों बागान किसानों की कड़ी मेहनत की कहानी कहते हैं। यहां दूधिया मालदा, दसहरी, लंगड़ा, सुकुल और मिट्ठू जैसी आम की कई बेहतरीन किस्में उगाई जाती हैं। किसानों के अनुसार, जैसे ही आम के पेड़ों में मंजर आने शुरू होते हैं, व्यापारी बगीचों का सौदा करने के लिए गांव पहुंच जाते हैं। आरा गांव के इन स्वादिष्ट आमों को झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ बिहार के कई शहरों में भी भेजा जाता है। आम की खेती अब इस गांव के किसानों के लिए आय और रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बन चुकी है, जिसने गांव की आर्थिक तस्वीर बदल दी है।1
- हजारीबाग स्थित चमेली झरने को उसकी मनमोहक सुंदरता के बावजूद 'मौत का गर्त' बताया गया है। इस विरोधाभासी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, यह इंगित किया गया है कि जहाँ एक ओर प्रकृति कष्ट में है और रो रही है, वहीं दूसरी ओर विकास के दावे मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस गंभीर विडंबना को उजागर करता है।1
- झारखंड के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रबंधन की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक लिफ्ट बीच रास्ते में ही फँस गई और उसके भीतर एक गंभीर मरीज तड़पता रहा। अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना में उपायुक्त के आदेशों को भी ठेंगा दिखाया। बरकट्ठा से आए पीड़ित नारायण दास नामक इस गंभीर मरीज के परिजनों को हालात की गंभीरता देखते हुए खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा, क्योंकि अस्पताल की तरफ से कोई त्वरित समाधान नहीं मिला। यह घटना अस्पताल में सुविधाओं के रखरखाव और प्रशासनिक निर्देशों के पालन पर गंभीर सवाल उठाती है।1
- हजारीबाग में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे थैलेसीमिया और गंभीर मरीजों के परिजनों में गहरा हाहाकार मचा है। हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने इस संबंध में माननीय स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी जी से संपर्क करने का चार बार प्रयास किया, लेकिन दो बार उन्होंने कॉल काट दिया और दो बार उनका मोबाइल स्विच ऑफ रहा, जिससे उनसे बात नहीं हो पाई। यह स्थिति यह समझने से परे है कि आखिर यह महत्वपूर्ण सुविधा मरीजों के लिए कब उपलब्ध हो पाएगी। इस मामले में जानकारी लेने पर हजारीबाग सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वर्तमान ब्लड बैंक में जगह की कमी है और DMFT मद से ऊपर एक हॉल का निर्माण कराया जाना है। वहीं, DMFT विभाग से हुई बातचीत में स्पष्ट किया गया कि यह मुद्दा मशीन के लाइसेंस और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है। एक ओर जहां ये फाइलें और प्रक्रियाएं लगातार चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और आपातकालीन मरीजों के परिजनों की पीड़ा देखकर आँखें नम हो जाती हैं। हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने प्रशासन और सरकार से आग्रह किया है कि इस अत्यंत आवश्यक सुविधा को जल्द से जल्द शुरू कराया जाए, क्योंकि मरीजों की जिंदगी किसी भी प्रक्रिया से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।1
- मोहनपुर थाना क्षेत्र के कुलाही मोड़ के पास सोमवार शाम करीब 4 बजे दो बाइकों की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में खुड़ूवा गांव के विनोद कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरी बाइक पर सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक का एक निजी क्लीनिक में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही मोहनपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- लातेहार सदर प्रखंड की ईचाक पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि से हो रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर दर्जनों ग्रामीणों ने पंचायत समिति सदस्य पर सरकारी धन का निजी हित में उपयोग करने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य ग्रामीणों ने दावा किया है कि उनसे धोखे से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए, जिनका संबंध इस शिकायत से था। उपायुक्त लातेहार को सौंपे गए पहले आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नाली का निर्माण पंचायत समिति सदस्य के घर के पास किया जा रहा है, जिससे मुख्य रूप से एक निजी परिसर को लाभ मिल रहा है, जबकि इसका उद्देश्य आम जनता को सुविधा देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग जनहित के बजाय निजी हित साधने के लिए हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित योजना की प्रशासनिक स्वीकृति, प्राक्कलन, कार्यस्थल, निर्माण गुणवत्ता और आवश्यकता की जांच की मांग की है, साथ ही अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील भी की है। शिकायतकर्ताओं में हकीम अंसारी, मोहम्मद खुर्शीद अंसारी, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद अब्दुल मोबिन, नौशाद आलम, अब्बास अंसारी, तजमुल अंसारी और ताईबुल अंसारी सहित कई ग्रामीण शामिल हैं, और इस आवेदन की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी भेजी गई है। इस बीच, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब कुछ ग्रामीणों ने उपायुक्त को एक और आवेदन सौंपकर बताया कि लातेहार कचहरी में उन्हें गांव के ही खुर्शीद अंसारी पिता इसरायल अंसारी ने जमीन संबंधी दस्तावेज बताकर धोखे से हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए थे। इन ग्रामीणों ने कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण दस्तावेज की वास्तविक प्रकृति को समझ नहीं पाए। उन्हें बाद में पता चला कि जिन कागजातों पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे, वे 15वें वित्त आयोग की योजना से संबंधित शिकायत पत्र थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पंचायत समिति सदस्य रवि कौशल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने स्वयं कोई शिकायत की है। इन ग्रामीणों ने उपायुक्त से उनके नाम से किए गए हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान को निरस्त करने और इस बात की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है कि किन परिस्थितियों में उनके हस्ताक्षरों का उपयोग शिकायत पत्र में किया गया। नाली निर्माण में सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग और शिकायत पत्रों पर धोखे से हस्ताक्षर कराने के इन परस्पर विरोधी दावों के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। जिला प्रशासन को दोनों आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि नाली निर्माण को लेकर लगाए गए आरोप सही हैं या शिकायत पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।2