लुंड्रा में छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। महिला संबंधी अपराधों पर सख्ती के तहत लुंड्रा पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया ने थाना लुंड्रा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 अप्रैल की रात झेराडीह बैगापारा निवासी लाजाराम पैकरा उसके घर में घुस आया और गलत नीयत से छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने महिला की उंगली और गला भी दबाया। पीड़िता की शिकायत पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 91/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी की तलाश शुरू की। पूछताछ में आरोपी लाजाराम पैकरा (45 वर्ष), निवासी झेराडीह बैगापारा ने अपराध करना स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, सहायक उप निरीक्षक शिवचरण साहू, महिला प्रधान आरक्षक ब्रिजीट सुषमा, आरक्षक राजकुमार यादव, इबनुल खान एवं रामसाय की सक्रिय भूमिका रही।
लुंड्रा में छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र में महिला से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। महिला संबंधी अपराधों पर सख्ती के तहत लुंड्रा पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया ने थाना लुंड्रा पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 अप्रैल की रात झेराडीह बैगापारा निवासी लाजाराम पैकरा उसके घर में घुस आया और गलत नीयत से छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने महिला की उंगली और गला भी दबाया। पीड़िता की शिकायत पर थाना लुंड्रा में अपराध क्रमांक 91/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी की तलाश शुरू की। पूछताछ में आरोपी लाजाराम पैकरा (45 वर्ष), निवासी झेराडीह बैगापारा ने अपराध करना स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, सहायक उप निरीक्षक शिवचरण साहू, महिला प्रधान आरक्षक ब्रिजीट सुषमा, आरक्षक राजकुमार यादव, इबनुल खान एवं रामसाय की सक्रिय भूमिका रही।
- User10656Sitapur, Surgujakutta kahi ka38 min ago
- जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने कार्यों में लापरवाही बरतने पर सीतापुर और मैनपाट के कार्यक्रम अधिकारियों को ’कारण बताओ नोटिस’ जारी पीएम आवास में लक्ष्य पूर्ण न करने पर लुंड्रा के तकनीकी सहायकों का वेतन रोकने के निर्देश अम्बिकापुर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन सहित पंचायतों में चल रही विभिन्न विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। नवा तरिया से जुड़ेंगे आजीविका के साधन ’’नवा तरिया आय के जरिया“ अंतर्गत 39 प्राप्त प्रस्तावों पर स्वीकृति के संबंध मे कार्यों की समीक्षा कर निदेॅश दिए गए कि शासन की इस पहल को साकार रुप प्रदान किया जाए, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ इस अभियान के तहत निमिॅत तालाबों को महिला समूहों की आय का जरिया बनाया जाए। उन्होंने कहा की तालाबों में बारहमासी जल संग्रहण सुनिश्चित हो ताकि महिला स्वयं सहायता समूह मत्स्य पालन व अन्य गतिविधियों से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकें। वर्षा जल संचयन हेतु ’मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत ’रिज टू वैली’ अवधारणा के तहत 1879 चिंन्हाकित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिए जिससे वर्षा जल ज्यादा संचयन हो सके । लापरवाही पर नोटिस और वेतन रोकने के निर्देश बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने नरेगा कार्यों में लक्ष्य से पिछड़ने पर सीतापुर और मैनपाट के कार्यक्रम अधिकारियों (PO) को ’कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में खराब प्रदर्शन और ’मोर गांव मोर पानी’ अभियान के प्रस्तावों में देरी करने पर लुंड्रा जनपद के सभी तकनीकी सहायकों का अप्रैल माह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री समग्र योजना, छ.ग.पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, RGSA, क्षमता विकास योजना, 15वें वित्त, मुख्य मंत्री अधोसंरचना उन्नयन एवं विकास प्राधिकरण आदि योजनाओं के ग्राम पंचायतों में स्वीकृत अप्रारंभ और प्रगतिरत निर्माण कार्यों की समीक्षा की। जिसमें विगत एक वर्ष से पुराने अप्रारंभ कार्यों में आरसीसी जारी करने और उसी ग्राम पंचायत में अन्य योजनाओं के पूर्ण कार्य की अंतिम किस्त की राशि से उसकी वसूली के निर्देश दिए गए। आवास और आंगनबाड़ी भवनों को पूर्ण करने का अल्टीमेटम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में जिले की प्रगति 63.30% और पीएम जनमन आवास में 63.51% होने पर जनपद प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश शुरू होने से पूर्व अधिक से अधिक आवास में प्लिंथ कार्य पूर्ण कराएं जाए साथ ही आवासों को अंदर बाहर के प्लास्टर के साथ पुरी तरह से पूर्ण कराएं।मनरेगा तथा आईसीडीएस के अभिशरण से स्वीकृत 393 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण में देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने 31 मई तक सभी भवनों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने की समय-सीमा तय की है। स्वच्छता और बुनियादी ढांचा स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालयों को तत्काल पूर्ण करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने तकनीकी अमले को निर्देशित किया कि वे निर्माण कार्यों का नियमित सत्यापन और मूल्यांकन समय पर सुनिश्चित करें ताकि भुगतान की प्रक्रिया बाधित न हो। सुशासन तिहार अंतर्गत ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले 24 जनसमस्या निवारण शिविरों का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने तथा ग्रामों में आने वाली समस्याओं और शिकायतों को प्रथम चरण में निराकरण करने के निर्देश सभी को दिए। बैठक में उपस्थित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए समय-सीमा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखे अन्यथा कार्यों में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यपालन अभियंता (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), उपसंचालक पंचायत, समस्त जनपदों के सीईओ, एसडीओ, सब इंजीनियर एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।1
- Kolkata Press Briefing: Pramod Tiwari का Pahalgam पर बड़ा बयान, केंद्र सरकार पर साधा निशाना 📍 कोलकाता, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pramod Tiwari की प्रेस ब्रीफिंग में पहलगाम को लेकर बड़ी बात सामने आई। उन्होंने कहा कि Pahalgam जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल की सुरक्षा और विकास पर सरकार को और ध्यान देने की जरूरत है। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवेदनशील क्षेत्रों के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और इससे पर्यटन व स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगा। 👉 पूरा बयान जानने के लिए वीडियो देखें।1
- चैनपुर थाना क्षेत्र के तिगावल मोड़ के समीप शनिवार रात करीब 8:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में तिगावल डांड़टोली निवासी इतवा उरांव का 24 वर्षीय पुत्र नवेश उरांव गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल नवेश को एक निजी वाहन की मदद से चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।1
- जरडा गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरुआत, मुफ्त इलाज की उम्मीद में उमड़ी ग्रामीणों की लंबी कतार जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी देते हुए हर दोपहर एक बजे बताया गया कि शिविर स्थल पर सुबह से ही महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़े नजर आए। ग्रामीणों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभुकों को मुफ्त उपचार की सुविधा मिलने से लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में जानकारी के अभाव के कारण कार्ड नहीं बन पाया था, लेकिन अब गांव में शिविर आयोजित होने से प्रक्रिया आसान हो गई है। मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा लाभुकों का पंजीकरण कर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया। साथ ही लोगों को योजना के लाभ, अस्पताल चयन और उपचार प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीणों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गांव में कार्ड निर्माण शुरू होने से लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद साफ दिखाई दी।1
- चैनपुर में अवैध क्लीनिक पर शिकंजा तेज, सिविल सर्जन ने की जांच, विरोधाभासी बयानों से गहराया मामला जांच के लिए पहुंचे सिविल सर्जन, संचालक फिर गायब गुमला (चैनपुर): ‘लाइफ लाइन हॉस्पिटल’ में अवैध गर्भपात के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी अस्पताल परिसर पहुंचे और पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल का संचालक मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिससे संदेह और गहरा गया है। दवाओं और उपकरणों से लंबे समय से इलाज के संकेत अस्पताल के अंदर रखी दवाओं, मशीनों और उपकरणों को देखकर यह स्पष्ट संकेत मिला कि यहां लंबे समय से स्त्री रोग सहित अन्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा था। बिना वैध अनुमति और विशेषज्ञ डॉक्टर के इस तरह इलाज होना गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। बयानों में विरोधाभास, सच्चाई क्या है? मामले में अब एक नया सवाल डॉक्टर प्रभात के बयान को लेकर खड़ा हो गया है। छापेमारी के दिन जब पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मरीज किस अस्पताल से आई है। वहीं अब उनका कहना है कि वे लाइफ लाइन हॉस्पिटल केवल एक्स-रे का रेट पूछने गए थे। ऐसे में दोनों बयानों में स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है। सवाल उठ रहा है कि सच्चाई किस बयान में है और क्या कुछ छिपाने की कोशिश हो रही है। “पूरे मामले की हो रही है जांच”: सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉक्टर शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही। जनप्रतिनिधि ने जताई नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियां समाज के लिए खतरनाक हैं। यह सीधे तौर पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले में चल रहे सभी अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद किया जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कार्रवाई की दिशा में नजरें, कई सवालों के जवाब बाकी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना रजिस्ट्रेशन और योग्य डॉक्टर के यह अस्पताल इतने लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।1
- अवैध खनन पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कड़ी कार्रवाई। बिना चालान खनिज परिवहन पर भारी जुर्माना निर्धारित। ट्रैक्टर-ट्रॉली: ₹50,000 | 407/408: ₹1,00,000 | छह पहिया ट्रक: ₹2,00,000 | डम्पर: ₹3,00,000 | मशीनरी: ₹5,00,000 तक जुर्माना। गुमला: आज शुक्रवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स (खनन) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नदियों (बालूघाटों) से बालू उत्खनन/निकासी पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए प्रतिबंध समाप्त होने के बावजूद सभी संभावित क्षेत्रों में सघन छापामारी अभियान चलाकर अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। बैठक में बताया गया कि जिलांतर्गत कैटगरी-11 के 18 बालूघाटों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान की जा चुकी है। इस संबंध में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा आयोजित कर सहमति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अग्रेत्तर कार्रवाई पूर्ण कर बालू की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने जिला टास्क फोर्स के साथ संयुक्त रूप से पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं छापामारी अभियान चलाने, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर समय-सीमा के भीतर निराकरण करने तथा खनिज लदे वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी खनिजों का परिवहन वैध चालान के साथ एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ढंककर किया जाना अनिवार्य होगा तथा ओवरलोडिंग पर विशेष निगरानी रखी जाए। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के अंतर्गत अवैध खनन, भंडारण एवं बिना वैध चालान के खनिज परिवहन करने पर कड़े दंड का प्रावधान है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में ट्रैक्टर एवं ट्रॉली पर ₹50,000, मैटाडोर/हाफ ट्रक (407/408) पर ₹1,00,000, छह पहिया पूर्ण बॉडी ट्रक पर ₹2,00,000, डम्पर (छह/दस या अधिक पहिए) पर ₹3,00,000 तथा क्रेन, नाव, उत्खनन मशीन, लोडर, पावर हैमर, कंप्रेसर, ड्रिलिंग मशीन सहित अन्य भारी उपकरणों पर ₹5,00,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही नियमानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, समाप्त खनन पट्टों, वृहत (बॉक्साइट) एवं लघु खनन पट्टा क्षेत्रों के बाहर अवैध खनन पर सतत निगरानी रखते हुए नियमित छापामारी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, खनन पट्टा एवं क्रशर इकाइयों का नियमित निरीक्षण कर बाउंड्री पिलर, साइन बोर्ड एवं क्रशर को कवर करने सहित सभी निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सचिव खान के पत्रांक-562/एम दिनांक 06.03.2026 के आलोक में बालू एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। *अन्य महत्वपूर्ण निर्देश:* उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र अंतर्गत लोहरदगा रूट पर संचालित बसों के आवागमन को लेकर भी निर्देश देते हुए कहा कि नए बस डिपो से ही बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। यदि बसें निर्धारित स्थान या समय से संचालित नहीं होती हैं, तो संबंधित बस चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, एसडीओ सदर राजीव नीरज, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, डीएसपी गुमला मुख्यालय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।1
- चैनपुर बस स्टैंड स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल में अवैध गर्भपात के गंभीर आरोपों को लेकर शनिवार को प्रशासन हरकत में दिखा। गुमला के सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी अपनी टीम के साथ अचानक चैनपुर पहुंचे और अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया।1
- सत्ता की बेरुखी पर ग्रामीणों का प्रहार: श्रमदान से खजूर ढोंढा पर बना बीस फीट लंबा बांध, खुद लिखा आत्मनिर्भरता का इतिहास चैनपुर प्रखंड की रामपुर पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम भटौली में ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बीच मिसाल पेश करते हुए श्रमदान से खजूर ढोंढा पर लगभग बीस फीट लंबा बोरी बांध तैयार कर दिया। भीषण गर्मी और जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार करने के बजाय स्वयं आगे बढ़कर समस्या का समाधान किया। लगातार पड़ रही गर्मी के कारण क्षेत्र के जलस्रोत सूख चुके थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि बैल, बकरी सहित अन्य मवेशियों के लिए पीने के पानी का संकट उत्पन्न हो गया था। इस गंभीर समस्या को देखते हुए फिया फाउंडेशन की कार्यकर्ता रजनी केरकेट्टा ने ग्राम सभा की बैठक आयोजित की, जहां सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार के भरोसे बैठने के बजाय श्रमदान से बांध निर्माण किया जाएगा। ग्राम प्रधान राजेश बैगा ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नाले पर बांध निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने विधायक भूषण तिर्की से भी गुहार लगाई, परंतु अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अंततः ग्रामीणों ने खुद ही पहल करने का निर्णय लिया। निर्णय के बाद पूरा गांव एकजुट हो गया। ग्रामीण अपने घरों से खाली बोरे, कुदाल और तगाड़ी लेकर नाले पर पहुंचे और बोरियों में बालू भरकर पानी का प्रवाह रोक दिया। बांध बनते ही पानी का जमाव शुरू हो गया है। ग्रामीणों का अनुमान है कि इससे करीब तीस एकड़ भूमि की सिंचाई संभव होगी, मवेशियों के लिए स्थायी जल व्यवस्था बनेगी तथा ग्रामीणों को दैनिक उपयोग के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। फिया फाउंडेशन के प्रखंड समन्वयक ललित कुमार महतो ने कहा कि यदि ग्राम सभा मजबूत हो और ग्रामीण एकजुट रहें, तो श्रमदान से बड़े बदलाव संभव हैं। इस सामूहिक श्रमदान में ग्राम प्रधान राजेश बैगा, मनीष लोहार, देवंती देवी, जितेंद्र रतिया, सुखदेव रतिया, अंजनी देवी, शुकर्मानी देवी, सुषमा देवी, नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- ब्रेकिंग बलरामपुर बलरामपुर के विकासखंड रामचंद्रपुर में भीषण आग पण्डो परिवार का आशियाना जलकर राख ग्राम चूना पत्थर में बीती रात पुरनलाल पण्डो के घर में लगी आग, बाल-बाल बचे पाँच सदस्य। शॉर्ट सर्किट की आशंका घर के साथ 10 बोरी धान, 8 बोरी गेहूं और सरसों का भंडार जलकर स्वाहा हुआ सोते समय बिस्तर पर अंगारे गिरने से खुली नींद ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाले गए बच्चे और परिजन... पिता के साये के बिना बड़ी मुश्किल से बनाया था घर, अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुआ परिवार.. पूरा मामला बलरामपुर जिले के चूना पत्थर गांव का है1