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एक मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि चकबंदी अधिकारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर अनियमितताएँ की हैं, जिससे कई लोगों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि एआरओ (Assistant Records Officer) बनाते समय, आराजी नंबर 13 के खाता संख्या 249 की जगह दो और खाते बढ़ा दिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। इस धांधली के कारण वही जमीन बार-बार बेची और खरीदी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, चूंकि खाता संख्या 243 और 251 में मौके पर कोई रकबा (क्षेत्रफल) शेष नहीं था, इसलिए बृजलाल और उनके वकील ने 2013 में शिकायतकर्ता की चौहद्दी (सीमाओं) का उपयोग करके एक बैनामा (विक्रय-पत्र) करवा लिया। आरोप है कि बृजलाल और उनके वकील पुलिस, राजस्व और चकबंदी अधिकारियों को घूस देकर जमीन हड़प रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की गई है।
Raju singh samrat
एक मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि चकबंदी अधिकारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर अनियमितताएँ की हैं, जिससे कई लोगों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि एआरओ (Assistant Records Officer) बनाते समय, आराजी नंबर 13 के खाता संख्या 249 की जगह दो और खाते बढ़ा दिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। इस धांधली के कारण वही जमीन बार-बार बेची और खरीदी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, चूंकि खाता संख्या 243 और 251 में मौके पर कोई रकबा (क्षेत्रफल) शेष नहीं था, इसलिए बृजलाल और उनके वकील ने 2013 में शिकायतकर्ता की चौहद्दी (सीमाओं) का उपयोग करके एक बैनामा (विक्रय-पत्र) करवा लिया। आरोप है कि बृजलाल और उनके वकील पुलिस, राजस्व और चकबंदी अधिकारियों को घूस देकर जमीन हड़प रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की गई है।
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- एक मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि चकबंदी अधिकारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर अनियमितताएँ की हैं, जिससे कई लोगों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि एआरओ (Assistant Records Officer) बनाते समय, आराजी नंबर 13 के खाता संख्या 249 की जगह दो और खाते बढ़ा दिए गए, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। इस धांधली के कारण वही जमीन बार-बार बेची और खरीदी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, चूंकि खाता संख्या 243 और 251 में मौके पर कोई रकबा (क्षेत्रफल) शेष नहीं था, इसलिए बृजलाल और उनके वकील ने 2013 में शिकायतकर्ता की चौहद्दी (सीमाओं) का उपयोग करके एक बैनामा (विक्रय-पत्र) करवा लिया। आरोप है कि बृजलाल और उनके वकील पुलिस, राजस्व और चकबंदी अधिकारियों को घूस देकर जमीन हड़प रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की गई है।1
- मीरजापुर जिले के जिगना स्थित ग्राम सभा कोठरा मिश्रान में अमित कुमार का जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें नाच-गाने के साथ जश्न मनाया गया।2
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- उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार की शिकायतों से डरने का आरोप लगा है। इसी बीच, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिर्जापुर जनपद में प्रशासनिक बैठक और भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दो दिन पहले करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बनाई थी। वे मिर्जापुर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे जर्जर सड़कें, गड्ढों में भरा पानी, नटवा ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी, और स्वास्थ्य विभाग में हुए ₹6 करोड़ 82 लाख के कथित व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायत करना चाहते थे। उनकी मांग थी कि इन मुद्दों का तत्काल निस्तारण किया जाए। हालांकि, प्रदेश सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि वह अपने नुमाइंदों की शिकायतें सुनने से डरती है और शिकायतकर्ताओं को अपने पास नहीं आने देना चाहती। मिर्जापुर जिला और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री से न तो कोई जनप्रतिनिधि, न पत्रकार और न ही कोई समाजसेवी अपनी समस्या या मांग को लेकर मिल पाएगा। यह सवाल उठाया गया है कि राजा से जनता अपनी दुख बयान न कर सके तो कैसा शासन और कैसा प्रशासन? इसके परिणामस्वरूप, सरकार पर मूलभूत सुविधाओं की कमी और भ्रष्टाचार को उजागर होने से बचाने, तथा जनता की शिकायतें न सुनने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश देने का आरोप लगा है। इसी के तहत, करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार को उनके निवास चंदईपुर में ही घर पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया गया। उनके घर पर ही उनसे मांग पत्र लिया गया और उन्हें व उनके साथियों को तब तक हाउस अरेस्ट में रखा जाएगा जब तक मुख्यमंत्री अपने गंतव्य पर वापस नहीं चले जाते। मौके पर दिलीप सिंह गहरवार सहित अभिषेक सिंह धवल, इंस्पेक्टर सिंह (शिवम), डॉ. अवनीश सिंह गहरवार, शाश्वत सिंह, पुष्कर सिंह राठौड़, अनुराग सिंह, विनीत सिंह, उदय सिंह, प्रीतम सिंह, युवराज सिंह, अभय सिंह, मंदीप, पंचम सिंह, अतुल सिंह, संजय गुप्ता, रमाकांत सिंह, हेमंत कुमार, प्रदीप सिंह, शिवम सिंह, धीरज सिंह, राकेश सिंह, अवनीश सिंह, राकेश सिंह राणा, शिवपाल सिंह, कुश सिंह, अमित सिंह, मोहित सिंह, मंगल सिंह, फुलेल सिंह, रत्नेश सिंह, अतुल सिंह और आवेश सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस घटना को प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 'उड़ी नींद' के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री के आगमन पर जिला प्रशासन ने समाजसेवियों को भ्रष्टाचार उजागर करने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया और उनका मांग पत्र घर पर ही लिया।1
- घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव में चकबंदी घोटाले के आरोप को लेकर किसानों का गुस्सा 414वें दिन भी उबाल पर है। किसानों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द संज्ञान नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा और इसे और उग्र रूप दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के सोनभद्र जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने घोषणा की कि बहुत जल्द पांच सूत्री मांगों को लेकर एक महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। मिर्ज़ापुर के जिला प्रभारी ब्रह्म देव त्रिपाठी जी ने भी प्रशासनिक निष्क्रियता पर रोष जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी हो रही है; उन्होंने भैसवार गांव के किसानों को न्याय और तत्काल राहत देने की मांग की। राष्ट्रीय संगठन भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के हित गोपाल अपअध्याय ने अधिकारियों पर संज्ञान न लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी और चकबंदी अधिकारी चकबंदी अनियमितताओं पर जल्द से जल्द आख्या प्रस्तुत करें, अन्यथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिलाधिकारी और चकबंदी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। बरसाना (मथुरा) से आए सीताराम बाबा ने भी किसानों की समस्याओं को सुनकर सरकार से उन्हें अनदेखा न करने की अपील की। इस धरना स्थल पर बिरजू कुशवाहा, सचिव संजय कुमार यादव, बृजदाश (सुनील भैया), ब्रह्म देव त्रिपाठी जी, सीताराम बाबा, मनोज कुमार यादव, सुभाष चंद्र और राधेश्याम मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने चकबंदी अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।1
- प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यह दुर्घटना एक बोलेरो की टक्कर के कारण हुई, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सभी घायल व्यक्तियों को तत्काल इलाज के लिए भेजा गया है।1