Shuru
Apke Nagar Ki App…
हैरान कर देने वाला इशारा । बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इशारों इशारों में कह दी बहुत बड़ी बात। वीडियो में किया गया इशारा अब चर्चा का विषय बन गया है - सच क्या है, फैसला आप खुद करें।
अमित दीक्षित
हैरान कर देने वाला इशारा । बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इशारों इशारों में कह दी बहुत बड़ी बात। वीडियो में किया गया इशारा अब चर्चा का विषय बन गया है - सच क्या है, फैसला आप खुद करें।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- हैरान कर देने वाला इशारा । बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इशारों इशारों में कह दी बहुत बड़ी बात। वीडियो में किया गया इशारा अब चर्चा का विषय बन गया है - सच क्या है, फैसला आप खुद करें।1
- गांवों में 2003 के नोटिस से हड़कंप! ब्लॉक और तहसील में उमड़ी भीड़, जानिये सचिव अतुल कुमार ने क्या बताया आसान उपाय? रिपोर्टर/एंकर: सरफराज अहमद खान विषय: 2003 के अधूरे फॉर्म, नोटिस और परिवार रजिस्टर का समाधान (Intro Music / Channel Logo) दृश्य (Visual): (ब्लॉक और तहसील में लगी भीड़ के शॉट्स, हाथों में कागज लिए परेशान लोग) एंकर/वॉइस ओवर (Anchor/VO): "नमस्कार, आप देख रहे हैं UP News TV 24 और मैं हूँ आपके साथ सरफराज अहमद खान। ग्रामीण अंचलों में इन दिनों एक नोटिस ने हड़कंप मचा रखा है। यह नोटिस जुड़ा है साल 2003 से। दरअसल, निर्वाचन आयोग के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) प्रक्रिया के तहत उन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके फॉर्म अधूरे पाए गए या जो 2003 का अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए। जैसे ही यह नोटिस लोगों के हाथों में पहुंचा, ब्लॉक और तहसील कार्यालयों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग परेशान हैं कि इतने पुराने दस्तावेज अब कहां से लाएं?" दृश्य (Visual): (सचिव अतुल कुमार अपने ऑफिस में बैठे हुए) रिपोर्टर (VO/PTC): "लोगों की इसी परेशानी और दस्तावेजों की कमी को लेकर हमने बात की सचिव अतुल कुमार से। उन्होंने बताया कि आखिर यह नोटिस क्यों भेजे जा रहे हैं और जिनके पास पुराने कागज नहीं हैं, उनके लिए राहत की खबर क्या है।" दृश्य (Visual): (सचिव अतुल कुमार का वीडियो बयान चलाएं) सचिव अतुल कुमार (बाइट): "SIR की प्रक्रिया जो शुरू हुई थी, उसमें ऐसे वोटर्स जिन्होंने अपना या अपने माता-पिता का डाटा 2003 की सूची के हिसाब से नहीं दे पाए हैं, उन लोगों को निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस जारी हुए हैं। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वो लोग अपने परिवार रजिस्टर की नकल, स्थाई निवास प्रमाण पत्र या ऐसे दस्तावेज जो किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी किए गए हैं, वो सबमिट करके अपनी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।" दृश्य (Visual): (सचिव द्वारा रजिस्टर चेक करते हुए या काम करते हुए शॉट्स) रिपोर्टर (VO): "बड़ी समस्या यह आ रही थी कि जो 11 मान्य दस्तावेज मांगे गए हैं, उनमें से कई कागज आम ग्रामीणों के पास उपलब्ध नहीं हैं। आधार कार्ड और मौजूदा निवास प्रमाण पत्र को लेकर भी संशय बना हुआ था। इस पर सचिव अतुल कुमार ने स्पष्ट समाधान बताया है।" दृश्य (Visual): (सचिव अतुल कुमार का अगला वीडियो बयान) सचिव अतुल कुमार (बाइट): "हर गांव में परिवार रजिस्टर बने हुए हैं और हर व्यक्ति की डिटेल परिवार रजिस्टर में दर्ज है। जो भी लोग आते हैं, उन्हें निशुल्क (बिना किसी चार्ज के) हम लोग परिवार रजिस्टर की नकल निरंतर जारी कर रहे हैं, ताकि उनकी मदद हो सके।" दृश्य (Visual): (ब्लॉक परिसर का वाइड शॉट, रिपोर्टर का पीटीसी) निष्कर्ष (Conclusion/PTC): "तो, अगर आपको भी ऐसा कोई नोटिस मिला है, तो पैनिक होने या घबराने की जरूरत नहीं है। सचिव अतुल कुमार के मुताबिक, आप अपने ग्राम पंचायत अधिकारी से मिलकर 'परिवार रजिस्टर' की नकल निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं और उसे सबूत के तौर पर लगाकर अपना फॉर्म पूरा कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि वे जनता की मदद के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। कैमरा पर्सन के साथ, मैं सरफराज अहमद खान, UP News TV 24।"1
- बीसलपुर कस्बा में UGC नियमों के खिलाफ विरोध किया गया नितिन पाठक के नेतृत्व में निकाली गई रैली जोर-जोर से नारे लगाए गए व सोपा गया उपजिला अधिकारी को ज्ञापन3
- यूपी के जिला पीलीभीत में 77 वां गणतंत्र दिवस पर गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने परेड से ली सलामी1
- कल को गुलावठी टोल प्लाजा पीआर महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार माई लगी आग गाड़ी-खड़े आग लग गई है।🏥🚔🚔🚘❤️🔥🚒1
- बीमारी दूर भागेगी, देखिए UP UPDATE का खास शो इलाज और इत्तला, जानिए लाइफ लाइन हॉस्पिटल के एमडी मेडिसिन डॉ. दीपांकर यादव से #DrSalah #news #jankari1
- **नैनीताल हाईवे से जोड़ने वाला ग्राम भैरपुरा खजुरिया का संपर्क मार्ग बेहद दयनीय आवागमन में समस्या ही समस्या**। भोजीपुरा (बरेली)- भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र एवं विकासखंड भोजपुरा का गांव भैरपुरा खजुरिया का नैनीताल हाईवे से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग बेहद देयनीय जर्जर गड्ढा युक्त जल भराव की समस्या से जूझ रहा है आम जनता हो चाहे स्कूली छात्र हो या मरीज हो सब के सब इस मार्ग के झटकोलो से परेशान हैं उक्त मार्ग ग्राम खजुरिया को सेथल मार्ग जादोंपुर से भी जोड़ता है आज रात हुई बारिश से इस मार्ग की ये दशा हो गई है तो अभी बारिश का मौसम आने में समय है तब इस मार्ग की हालत क्या होगी ? जैसा की आप वीडियो में देख सकते है मार्ग की ख़राब स्थिति और जल भराब के कारण कुछ स्कूल के छोटे बच्चे जो की रेल लाईन पर होते हुए अपने स्कूल जा रहे है कोई अनहोनी हो तो उसका ज़िम्मेदार कौन होगा यहां के जनप्रतिनिधियों वी जिम्मेदारों को चाहिए अति शीघ्र इस समस्या का समाधान करते हुए रोड का मरम्मत कार्य कराए ताकि आम जनता को राहत मिल सके2
- पीलीभीत। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को पीलीभीत में सवर्ण समाज के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को 'काला कानून' करार देते हुए कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। चौराहे पर मुंडन कराकर जताया विरोध विरोध प्रदर्शन की शुरुआत टनकपुर-बरेली हाईवे स्थित नकटा दाना चौराहे से हुई। यहाँ बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए। विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए शहर के हरिओम बाजपेई ने सार्वजनिक रूप से अपना मुंडन कराया और माथे पर काला तिलक लगाकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम सवर्णों के हितों के खिलाफ हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाईवे पर जुलूस और नारेबाजी नकटा दाना चौराहे से प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। इस दौरान हाईवे पर भारी नारेबाजी के चलते अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें मुस्तैद रहीं ताकि यातायात और शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल दिग्गजों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। प्रमुख उपस्थित लोग: विवेक अवस्थी (अध्यक्ष, बार संघ) सरोज बाजपेई अश्विनी अग्निहोत्री संजीव मिश्रा पंकज शर्मा मनोज पाठक प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।2