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चंपावत में फायर एवं पुलिस टीम द्वारा संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच करते हुए उनका निरीक्षण किया गया।
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चंपावत में फायर एवं पुलिस टीम द्वारा संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच करते हुए उनका निरीक्षण किया गया।
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- चम्पावत में भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। यह माँग की गई है कि उनकी समस्याओं का समाधान तत्काल और प्रमुखता से किया जाए।1
- चम्पावत जनपद में चलाए जा रहे "ड्रग फ्री देवभूमि" अभियान के तहत पुलिस लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान, ऑपरेशन प्रहार के तहत लोहाघाट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। थाना लोहाघाट पुलिस ने 26 जून को अशोक (30 वर्ष), निवासी लोहाघाट, को 4.36 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹1.50 लाख बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी का पहले भी एनडीपीएस और अन्य आपराधिक मामलों में आपराधिक इतिहास रहा है। चम्पावत पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशे की तस्करी, बिक्री या सेवन से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस या 1933 (मानस हेल्पलाइन) पर दें, ताकि "नशामुक्त चम्पावत, नशामुक्त उत्तराखण्ड" के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।2
- महाराजा रणजीत सिंह, जिन्हें 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से भी जाना जाता है, 19वीं सदी में सिख साम्राज्य के महान संस्थापक और पंजाब के पहले स्वतंत्र सम्राट थे। उनका जन्म 13 नवंबर 1780 को गुजरांवाला (अब पाकिस्तान में) में हुआ था, और वे 27 जून 1839 को लाहौर में स्वर्ग सिधार गए। उन्होंने पंजाब को एक शक्तिशाली साम्राज्य के रूप में एकजुट किया। बचपन में चेचक के कारण उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई थी। मात्र 12 वर्ष की आयु में पिता महा सिंह, जो सुकरचकिया मिसल के कमांडर थे, के निधन के बाद उन्होंने इस मिसल की कमान संभाली। 12 अप्रैल 1801 को उन्होंने 'महाराजा' की उपाधि ग्रहण की और अलग-अलग सिख मिसलों व अफगानों को पराजित कर एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी। उनका साम्राज्य उत्तर-पश्चिम में कश्मीर, लद्दाख और पेशावर से लेकर दक्षिण में पंजनाथ तक फैला था, और उनके जीते-जी अंग्रेजों ने कभी उनके साम्राज्य पर बुरी नज़र डालने की हिम्मत नहीं की। महाराजा रणजीत सिंह का शासन धर्मनिरपेक्ष और न्यायपूर्ण था, जहाँ हिंदू, मुस्लिम और सिख सभी समुदायों के लोगों को दरबार में उच्च पद प्राप्त थे। उनके शासनकाल की एक खास बात यह थी कि उन्होंने कभी किसी अपराधी को मृत्युदंड नहीं दिया, चाहे उसका अपराध कितना भी गंभीर क्यों न रहा हो। अमृतसर के प्रसिद्ध हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पर सोने की परत चढ़ाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। इसके अतिरिक्त, उनके पास दुनिया का प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी था, जो उन्हें अफ़गानिस्तान के शासक शाह शुजा की पत्नी वफ़ा बेगम ने अपने पति की मदद के बदले भेंट किया था। उनकी मृत्यु के बाद, सिख साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा और अंततः अंग्रेजों ने इसे अपने अधीन कर लिया।1
- सोशल मीडिया पर अपने जादुई करतबों से देशभर का दिल जीतने वाले 8 वर्षीय नन्हे जादूगर साहिल से जुड़ा एक नया अपडेट सामने आया है। कुछ समय पहले, मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने साहिल का वीडियो साझा कर उसकी प्रतिभा की भरपूर सराहना की थी। महिंद्रा ने अपने ट्वीट में साहिल की पढ़ाई और जादू के लिए पेशेवर प्रशिक्षण का पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया था, जिसके बाद साहिल रातों-रात इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। हालांकि, इस बड़ी घोषणा के बावजूद, साहिल आज भी नैनीताल की माल रोड और मल्लीताल में पर्यटकों को हाथ की सफाई दिखाने को मजबूर है।1
- महानगरों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक लगातार पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते उत्तराखंड के बैजनाथ में इन दिनों देसी और विदेशी सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ मंदिर पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहा है, जहाँ पहुंच रहे सैलानी सुंदर दृश्यों और पलों को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं।1
- चंपावत में फायर एवं पुलिस टीम द्वारा संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच करते हुए उनका निरीक्षण किया गया।1
- उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर में एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से ₹75 लाख मूल्य की स्मैक जब्त की है। इस कार्रवाई के संबंध में एसपी चंपावत रेखा यादव ने जानकारी दी।1
- चम्पावत जनपद पुलिस ने आभूषण कारीगरों का सोना-चांदी लेकर फरार हुए दो आरोपियों को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली एयरपोर्ट के समीप से दबोचा और उनके कब्जे से 400 ग्राम चांदी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में एक टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान यह आशंका व्यक्त की गई थी कि आरोपी देश छोड़कर फरार हो सकते हैं, जिसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट के पास से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 23 जून 2026 को लोहाघाट के खड़ी बाजार निवासी योगेश वर्मा द्वारा थाना लोहाघाट में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई। योगेश वर्मा ने अपनी शिकायत में बताया था कि उनके यहां कार्यरत दो व्यक्ति सोना-चांदी लेकर फरार हो गए हैं। इस मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिद अली मलिक और एसके सहाबुल के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से बरामद 400 ग्राम चांदी के साथ दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की है। चम्पावत पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।1
- पीलीभीत में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अशरफ खा में दिनदहाड़े एक भतीजे ने घर में घुसकर अपनी चाची की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। इस घटना को भतीजे ने ही अंजाम दिया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में सनसनी का माहौल है।4