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सोशल मीडिया पर अपने जादुई करतबों से देशभर का दिल जीतने वाले 8 वर्षीय नन्हे जादूगर साहिल से जुड़ा एक नया अपडेट सामने आया है। कुछ समय पहले, मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने साहिल का वीडियो साझा कर उसकी प्रतिभा की भरपूर सराहना की थी। महिंद्रा ने अपने ट्वीट में साहिल की पढ़ाई और जादू के लिए पेशेवर प्रशिक्षण का पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया था, जिसके बाद साहिल रातों-रात इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। हालांकि, इस बड़ी घोषणा के बावजूद, साहिल आज भी नैनीताल की माल रोड और मल्लीताल में पर्यटकों को हाथ की सफाई दिखाने को मजबूर है।
Nainital news
सोशल मीडिया पर अपने जादुई करतबों से देशभर का दिल जीतने वाले 8 वर्षीय नन्हे जादूगर साहिल से जुड़ा एक नया अपडेट सामने आया है। कुछ समय पहले, मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने साहिल का वीडियो साझा कर उसकी प्रतिभा की भरपूर सराहना की थी। महिंद्रा ने अपने ट्वीट में साहिल की पढ़ाई और जादू के लिए पेशेवर प्रशिक्षण का पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया था, जिसके बाद साहिल रातों-रात इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। हालांकि, इस बड़ी घोषणा के बावजूद, साहिल आज भी नैनीताल की माल रोड और मल्लीताल में पर्यटकों को हाथ की सफाई दिखाने को मजबूर है।
- दीवानराम, नैनीताल उत्तराखंडओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंडबच्चे के टैलेंट को बहुत बहुत धन्यवाद3 hrs ago
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- नैनीताल के अपर मॉलरोड पर वीकेंड में सैलानियों की भारी भीड़ के कारण एक गंभीर मरीज को हल्द्वानी ले जा रही एम्बुलेंस भीषण जाम में फंस गई। गाड़ियों के रेले के बीच एम्बुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, जिससे मरीज के तीमारदारों की चिंता बढ़ती जा रही थी क्योंकि मरीज के लिए हर मिनट कीमती था। एम्बुलेंस के फंसे होने की सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात स्थानीय पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए। जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पर्यटकों के वाहनों को किनारे कराया और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10 मिनट में रास्ता खाली कराकर एम्बुलेंस को हल्द्वानी के लिए सुरक्षित रवाना किया।1
- फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ (सैम बहादुर) को भारतीय सेना के महानतम जनरलों में से एक माना जाता है। उनकी अदम्य सैन्य रणनीति ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करने पर मजबूर किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। वह भारतीय सैन्य अधिकारी थे जिन्हें फील्ड मार्शल के सर्वोच्च पद पर पदोन्नत किया गया। सैम होर्मूसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ का जन्म 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर, पंजाब में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शेरवुड कॉलेज, नैनीताल और हिंदू कॉलेज, अमृतसर में पूरी की। इसके बाद, वह भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून के पहले बैच (1932) में शामिल हुए। उनके सैन्य करियर में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा (म्यांमार) में बहादुरी से लड़ाई शामिल है, जहाँ उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं। इसके बावजूद, उन्होंने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया और जीवित बचे, जिसके लिए उन्हें 'मिलिट्री क्रॉस' से सम्मानित किया गया। मानेकशॉ 1969 में सेना प्रमुख बने। उनके नेतृत्व में, भारतीय सेना ने 1971 में मात्र 13 दिनों के भीतर पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत में, उनके शानदार नेतृत्व के परिणामस्वरूप 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। अपनी विशिष्ट सैन्य शैली, वीरता और करिश्माई नेतृत्व के कारण उन्हें गोरखा और भारतीय सेना के जवानों द्वारा प्यार से 'सैम बहादुर' कहा जाता था। उनकी असाधारण सेवाओं के सम्मान में, उन्हें 1 जनवरी 1973 को सेना के सर्वोच्च पद 'फील्ड मार्शल' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1968 में पद्म भूषण और 1972 में पद्म विभूषण जैसे राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। चार दशकों तक देश की सेवा करने के बाद, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का 27 जून 2008 को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अपने अनुशासित जीवन, स्पष्टवादिता और असीम साहस के लिए हमेशा भारतीय इतिहास में अमर रहेंगे।1
- उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए विक्रांत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी बंटी ठाकुर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।1
- महानगरों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक लगातार पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते उत्तराखंड के बैजनाथ में इन दिनों देसी और विदेशी सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ मंदिर पर्यटकों से गुलजार नजर आ रहा है, जहाँ पहुंच रहे सैलानी सुंदर दृश्यों और पलों को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं।1
- राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद, शासन के निर्देश पर बिलासपुर का स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, शनिवार को नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर संस्थानों और आईलेट्स सेंटरों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण से संचालकों में हड़कंप मच गया, क्योंकि टीम ने नगर में संचालित करीब सात संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं। निरीक्षण के दौरान, टीम ने विद्युत सुरक्षा, प्रवेश एवं निकास द्वार, फर्नीचर की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, और आपातकालीन निकासी सहित लगभग आठ प्रमुख सुरक्षा बिंदुओं का गहनता से परीक्षण किया। प्रत्येक संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे अधिशासी अधिकारी डॉ. गंगवार के अनुसार उपजिलाधिकारी को भेजा जाएगा। डॉ. गंगवार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह, अग्निशमन अधिकारी, कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार, कमल सक्सेना सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट में एक युवक को डेढ़ लाख रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई करते हुए युवक से मादक पदार्थ बरामद किया।1
- रामपुर जिले की तहसील टांडा में इस समय भीषण गर्मी और लू से आम जनजीवन बेहाल है। तपती धूप में सड़कों पर निकलने वाले यात्रियों और मेहनतकश मजदूरों को विशेष रूप से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस परेशानी को देखते हुए, स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने मिलकर सड़कों के किनारे पानी पिलाने की व्यवस्था की है। राहगीरों का कहना है कि चिलचिलाती धूप में यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।1
- सोशल मीडिया पर अपने जादुई करतबों से देशभर का दिल जीतने वाले 8 वर्षीय नन्हे जादूगर साहिल से जुड़ा एक नया अपडेट सामने आया है। कुछ समय पहले, मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने साहिल का वीडियो साझा कर उसकी प्रतिभा की भरपूर सराहना की थी। महिंद्रा ने अपने ट्वीट में साहिल की पढ़ाई और जादू के लिए पेशेवर प्रशिक्षण का पूरा खर्च उठाने का वादा भी किया था, जिसके बाद साहिल रातों-रात इंटरनेट पर सनसनी बन गया था। हालांकि, इस बड़ी घोषणा के बावजूद, साहिल आज भी नैनीताल की माल रोड और मल्लीताल में पर्यटकों को हाथ की सफाई दिखाने को मजबूर है।1