जालौन के कोंच स्थित बिजली विभाग कार्यालय में गुरुवार दोपहर करीब 3:15 बजे बिजली बिल में सुधार कराने पहुंचे ग्राम पनयारा निवासी रवि कुमार ने जमकर हंगामा किया। सोलर प्लांट से चक्की चलाने वाले रवि का आरोप है कि बिल सही कराने की बात कहने पर एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने हर महीने पैसे देने और 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जब उन्होंने मोबाइल में बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एसडीओ ने तकनीशियन देवेंद्र सिंह और संविदाकर्मी प्रदीप सिंह के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके पास मौजूद 35 हजार रुपये भी कार्यालय में कहीं गुम हो गए। शोर-शराबा सुनकर उनके साथ आए रविशंकर ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। घटना के बाद पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। पीड़ित ने कोतवाली कोंच में लिखित तहरीर देकर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं, एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उपभोक्ता बढ़ा हुआ लोड कम कराने आया था। लगातार तीन महीने अधिक डिमांड आने के कारण उसका लोड स्वचालित रूप से 8 किलोवाट हो गया था, जिसे स्थानीय कार्यालय से कम नहीं किया जा सकता और इसके लिए ऊर्जा भवन उरई जाना होगा। एसडीओ के मुताबिक युवक इसी बात पर बहस करने लगा और वीडियो बनाने लगा। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जालौन के कोंच स्थित बिजली विभाग कार्यालय में गुरुवार दोपहर करीब 3:15 बजे बिजली बिल में सुधार कराने पहुंचे ग्राम पनयारा निवासी रवि कुमार ने जमकर हंगामा किया। सोलर प्लांट से चक्की चलाने वाले रवि का आरोप है कि बिल सही कराने की बात कहने पर एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने हर महीने पैसे देने और 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जब उन्होंने मोबाइल में बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एसडीओ ने तकनीशियन देवेंद्र सिंह और संविदाकर्मी प्रदीप सिंह के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके पास मौजूद 35 हजार रुपये भी कार्यालय में कहीं गुम हो गए। शोर-शराबा सुनकर उनके साथ आए रविशंकर ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। घटना के बाद पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। पीड़ित ने कोतवाली कोंच में लिखित तहरीर देकर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं, एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उपभोक्ता बढ़ा हुआ लोड कम कराने आया था। लगातार तीन महीने अधिक डिमांड आने के कारण उसका लोड स्वचालित रूप से 8 किलोवाट हो गया था, जिसे स्थानीय कार्यालय से कम नहीं किया जा सकता और इसके लिए ऊर्जा भवन उरई जाना होगा। एसडीओ के मुताबिक युवक इसी बात पर बहस करने लगा और वीडियो बनाने लगा। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
- जालौन के कोंच स्थित बिजली विभाग कार्यालय में गुरुवार दोपहर करीब 3:15 बजे बिजली बिल में सुधार कराने पहुंचे ग्राम पनयारा निवासी रवि कुमार ने जमकर हंगामा किया। सोलर प्लांट से चक्की चलाने वाले रवि का आरोप है कि बिल सही कराने की बात कहने पर एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने हर महीने पैसे देने और 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। जब उन्होंने मोबाइल में बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो एसडीओ ने तकनीशियन देवेंद्र सिंह और संविदाकर्मी प्रदीप सिंह के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं और उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके पास मौजूद 35 हजार रुपये भी कार्यालय में कहीं गुम हो गए। शोर-शराबा सुनकर उनके साथ आए रविशंकर ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। घटना के बाद पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। पीड़ित ने कोतवाली कोंच में लिखित तहरीर देकर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं, एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उपभोक्ता बढ़ा हुआ लोड कम कराने आया था। लगातार तीन महीने अधिक डिमांड आने के कारण उसका लोड स्वचालित रूप से 8 किलोवाट हो गया था, जिसे स्थानीय कार्यालय से कम नहीं किया जा सकता और इसके लिए ऊर्जा भवन उरई जाना होगा। एसडीओ के मुताबिक युवक इसी बात पर बहस करने लगा और वीडियो बनाने लगा। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।1
- जालौन जिले के कोंच क्षेत्र में सागर चौकी के पास स्कूली बच्चों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जा रही एक स्कूली वैन बीच रास्ते में अचानक बंद हो गई। वाहन स्टार्ट न होने पर चालक ने खुद प्रयास करने के बजाय उसमें सवार मासूम बच्चों को ही सड़क पर उतारकर वैन में धक्का लगवाया। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए इस घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में स्कूल प्रबंधन या प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 जुलाई को जालौन जिले के उरई का दौरा कर सकते हैं। फिलहाल इसे सीएम योगी आदित्यनाथ का संभावित दौरा बताया गया है।1
- उरई कोतवाली क्षेत्र के चौरसी गांव निवासी मजदूर ऋषि राज की 32 वर्षीय पत्नी अनीता उर्फ ममता बीती 11 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। पत्नी के गायब होने के 100 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला और पुलिस का रवैया ढुलमुल बना रहा, तो पीड़ित पति अपने तीन बिलखते मासूम बच्चों को लेकर बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गया। माँ के इंतजार में रोते-बिलखते मासूमों और लाचार पिता की सिसकियों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। पीड़ित ऋषि राज ने बताया कि उसने रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर पत्नी की काफी खोजबीन की थी। उसने आटा थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक नाम के युवक पर संदेह जताते हुए उरई कोतवाली पुलिस को स्पष्ट नामजद जानकारी और साक्ष्य सौंपे थे। आरोप है कि पुलिस ने संदिग्ध युवक से कड़ाई से पूछताछ करने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की इसी बेरुखी और लगातार मिल रहे केवल आश्वासनों से आहत होकर मजदूर पिता को अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट की चौखट पर धरना देने को मजबूर होना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच कलेक्ट्रेट की जमीन पर बैठे बिलखते मासूमों को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अफसरों ने ऋषि राज की आपबीती सुनकर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई का ढांढस बंधाया। हालांकि पीड़ित का स्पष्ट कहना है कि उसे अब खोखले आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि पत्नी की सकुशल बरामदगी चाहिए और जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उसकी लड़ाई जारी रहेगी।2
- अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 23 जुलाई को मनाई गई जयंती के अवसर पर जालौन नगर में घोर उपेक्षा देखने को मिली। 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आज़ाद के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए जहां पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम हुए, वहीं जालौन में न तो नगर पालिका की ओर से उनकी प्रतिमा या चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने का कोई आयोजन किया गया और न ही कई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को एक माला अर्पित करना भी जरूरी नहीं समझा गया। नागरिकों का कहना है कि जिन वीरों के बलिदान से देश आज़ाद हुआ, उनकी जयंती पर सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में नगर पालिका और जनप्रतिनिधि ऐसे राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती पर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करें। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस उपेक्षा का जिम्मेदार कौन है और जयंती पर किसी ने उनकी सुध क्यों नहीं ली।1
- जालौन के कालपी क्षेत्र में काजल मंसूरी और ओम ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद के बीच अब ओम ठाकुर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है। इस जारी किए गए वीडियो बयान में उन्होंने मामले से जुड़ी अपनी बात रखी है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई थीं, जिस पर अब ओम ठाकुर के इस बयान से नया मोड़ आ गया है।1
- अंकलेश्वर के सभी निवासियों को सूचित करते हुए 24 घंटे का रेड अलर्ट जारी किया गया है। नमक फैक्ट्री पर चारों तरफ पानी ही पानी हो गया है, जिसके चलते यह अलर्ट घोषित किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी लोगों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने घरों में ही रहें और पूरी तरह सुरक्षित रहें।1