नहर में अवैध पाइप लगाने और 30 हजार रुपये मांगने का आरोप, सिंचाई विभाग ने दी सफाई किसान ने संपूर्ण समाधान दिवस में की शिकायत, तीन बार प्रार्थना पत्र देने का दावा; सींच पर्यवेक्षक बोले- अवैध पाइप नहीं हटाने पर दर्ज कराया गया मुकदमा प्रयागराज। मेजा ब्लॉक के ढेरहन गांव निवासी किसान राजेश्वरी प्रसाद ने सिंचाई विभाग के पूर्व जिलेदार महेश कुमार और सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल पर मिलीभगत कर नहर में अवैध पाइप लगवाने तथा सिंचाई के नाम पर किसानों से धन वसूली करने का आरोप लगाया है। किसान ने 17 अक्टूबर को कोरांव तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, संबंधित सींच पर्यवेक्षक ने किसान के आरोपों को खारिज करते हुए पाइप को अवैध बताया और उसे नहीं हटाने पर विभागीय कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। शिकायतकर्ता राजेश्वरी प्रसाद के मुताबिक, उनके गांव में सिंचाई विभाग के पूर्व जिलेदार महेश कुमार और सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल की कथित मिलीभगत से नहर में अवैध रूप से पाइप लगाया गया है। आरोप है कि सिंचाई की व्यवस्था के नाम पर किसानों से मोटी रकम वसूली जा रही है। किसान का कहना है कि वह इस मामले में पहले भी तीन बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला। तीस हजार रुपये मांगने का आरोप किसान ने आरोप लगाया कि सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल और पूर्व जिलेदार महेश कुमार ने उनसे 30 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर सिंचाई विभाग की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश होकर जमानत करानी पड़ी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह 13 अक्टूबर 2026 को संबंधित न्यायालय में उपस्थित हुए थे। किसान ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। सींच पर्यवेक्षक ने आरोपों को नकारा मामले में सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि किसान ने नहर में जो पाइप लगाया था, वह अवैध था। उन्होंने कहा कि किसान को कई बार पाइप हटाने के लिए सूचित किया गया, लेकिन पाइप नहीं हटाया गया। इसके बाद जिलेदार की ओर से कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। तीस हजार रुपये मांगने के आरोप पर सींच पर्यवेक्षक ने कहा कि उन्होंने किसान से पैसे की कोई बात नहीं की है। यदि राजेश्वरी प्रसाद के पास रुपये मांगने या लेनदेन से संबंधित कोई साक्ष्य है तो वह उसे प्रस्तुत कर कार्रवाई करा सकते हैं। जिलेदार का पक्ष नहीं मिल सका इस संबंध में पूर्व जिलेदार महेश कुमार का पक्ष जानने के लिए उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं किया जा सका। फिलहाल, किसान की ओर से लगाए गए आरोपों और सींच पर्यवेक्षक के जवाब के बीच मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नहर में अवैध पाइप लगाने और 30 हजार रुपये मांगने का आरोप, सिंचाई विभाग ने दी सफाई किसान ने संपूर्ण समाधान दिवस में की शिकायत, तीन बार प्रार्थना पत्र देने का दावा; सींच पर्यवेक्षक बोले- अवैध पाइप नहीं हटाने पर दर्ज कराया गया मुकदमा प्रयागराज। मेजा ब्लॉक के ढेरहन गांव निवासी किसान राजेश्वरी प्रसाद ने सिंचाई विभाग के पूर्व जिलेदार महेश कुमार और सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल पर मिलीभगत कर नहर में अवैध पाइप लगवाने तथा सिंचाई के नाम पर किसानों से धन वसूली करने का आरोप लगाया है। किसान ने 17 अक्टूबर को कोरांव तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, संबंधित सींच पर्यवेक्षक ने किसान के आरोपों को खारिज करते हुए पाइप को अवैध बताया और उसे नहीं हटाने पर विभागीय कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। शिकायतकर्ता राजेश्वरी प्रसाद के मुताबिक, उनके गांव में सिंचाई विभाग के पूर्व जिलेदार महेश कुमार और सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल की कथित मिलीभगत से नहर में अवैध रूप से पाइप लगाया गया है। आरोप है कि सिंचाई की व्यवस्था के नाम पर किसानों से मोटी रकम वसूली जा रही है। किसान का कहना है कि वह इस मामले में पहले भी तीन बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला। तीस हजार रुपये मांगने का आरोप किसान ने आरोप लगाया कि सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल और पूर्व जिलेदार महेश कुमार ने उनसे 30 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर सिंचाई विभाग की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश होकर जमानत करानी पड़ी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह 13 अक्टूबर 2026 को संबंधित न्यायालय में उपस्थित हुए थे। किसान ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। सींच पर्यवेक्षक ने आरोपों को नकारा मामले में सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि किसान ने नहर में जो पाइप लगाया था, वह अवैध था। उन्होंने कहा कि किसान को कई बार पाइप हटाने के लिए सूचित किया गया, लेकिन पाइप नहीं हटाया गया। इसके बाद जिलेदार की ओर से कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। तीस हजार रुपये मांगने के आरोप पर सींच पर्यवेक्षक ने कहा कि उन्होंने किसान से पैसे की कोई बात नहीं की है। यदि राजेश्वरी प्रसाद के पास रुपये मांगने या लेनदेन से संबंधित कोई साक्ष्य है तो वह उसे प्रस्तुत कर कार्रवाई करा सकते हैं। जिलेदार का पक्ष नहीं मिल सका इस संबंध में पूर्व जिलेदार महेश कुमार का पक्ष जानने के लिए उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं किया जा सका। फिलहाल, किसान की ओर से लगाए गए आरोपों और सींच पर्यवेक्षक के जवाब के बीच मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- प्रयागराज मे औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत कासा फार्महाउस मे बर्थडे पार्टी मना रहे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के भतीजे विपिन सिंह और उनके दोस्तों पर जानलेवा हमला,सीसीटीवी मे कैद हुयी पूरी घटना* *प्रयागराज मे औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत कासा फार्महाउस मे बर्थडे पार्टी मना रहे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के भतीजे विपिन सिंह और उनके दोस्तों पर जानलेवा हमला,सीसीटीवी मे कैद हुयी पूरी घटना* *मवैया के 10-12 बदमाशों ने की तोड़फोड़,जान बचाकर भागे पीड़ित* प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत स्थित कासा फार्म में बीती शुक्रवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई,जब पार्टी कर रहे कुछ युवकों पर लाठी-डंडों और हथियारों से लैस 10-12 बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह के भतीजे नैनी ADA निवासी विपिन सिंह और उनके मित्रों को जान से मारने की नीयत से उन पर धावा बोला। पीड़ित विपिन सिंह अपने दोस्तों के साथ कासा फार्म स्टे में शुक्रवार को एक पार्टी मना रहे थे,तभी मवैया इलाके के 10 से 12 बदमाश वहां पहुंचे और उन पर अचानक हमला कर दिया। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से वहां भगदड़ मच गई और विपिन सिंह तथा उनके मित्रों ने किसी तरह भागकर फार्म के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। जब हमलावरों को पार्टी कर रहे लोग सामने नहीं मिले, तो गुस्से में आकर उन्होंने फार्म परिसर में खड़ी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और भारी नुकसान पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची,लेकिन तब तक सभी हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मवैया के उन 10-12 हमलावरों की पहचान और तलाश शुरू कर दी है,जिसके बाद से इलाके में तनाव का माहौल है।1
- प्रयागराज में दिव्यांग चोर ने उड़ाई सफेद फॉर्च्यूनर, CCTV में कैद हुई वारदात प्रयागराज में दिव्यांग चोर ने उड़ाई सफेद फॉर्च्यूनर, CCTV में कैद हुई वारदात सिविल लाइंस के म्योर रोड स्थित होटल के बाहर से रात 11 बजे हुई चोरी, मुकदमा दर्ज, आरोपी की तलाश जारी प्रयागराज। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में होटल के बाहर खड़ी सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर कार चोरी होने का मामला सामने आया है। पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के मुताबिक, म्योर रोड स्थित रॉयल स्टे इन होटल के मालिक पीयूष जायसवाल की सफेद फॉर्च्यूनर 22 अक्टूबर 2026 की रात रोजाना की तरह होटल के बाहर खड़ी थी। रात करीब 11 बजे एक व्यक्ति लंगड़ाते हुए वहां पहुंचा। उसने किसी तरह कार का दरवाजा खोला, इंजन स्टार्ट किया और मौके से फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में दिव्यांग व्यक्ति धीरे-धीरे कार के पास आता दिखाई दे रहा है। कुछ ही देर में वह वाहन लेकर निकल जाता है। पॉश इलाके में, होटल के ठीक बाहर से हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद होटल मालिक की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश में जुट गई है। आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि कार के भागने के रूट का पता लगाया जा सके।1
- नहर में अवैध पाइप लगाने और 30 हजार रुपये मांगने का आरोप, सिंचाई विभाग ने दी सफाई किसान ने संपूर्ण समाधान दिवस में की शिकायत, तीन बार प्रार्थना पत्र देने का दावा; सींच पर्यवेक्षक बोले- अवैध पाइप नहीं हटाने पर दर्ज कराया गया मुकदमा प्रयागराज। मेजा ब्लॉक के ढेरहन गांव निवासी किसान राजेश्वरी प्रसाद ने सिंचाई विभाग के पूर्व जिलेदार महेश कुमार और सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल पर मिलीभगत कर नहर में अवैध पाइप लगवाने तथा सिंचाई के नाम पर किसानों से धन वसूली करने का आरोप लगाया है। किसान ने 17 अक्टूबर को कोरांव तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, संबंधित सींच पर्यवेक्षक ने किसान के आरोपों को खारिज करते हुए पाइप को अवैध बताया और उसे नहीं हटाने पर विभागीय कार्रवाई के तहत मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। शिकायतकर्ता राजेश्वरी प्रसाद के मुताबिक, उनके गांव में सिंचाई विभाग के पूर्व जिलेदार महेश कुमार और सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल की कथित मिलीभगत से नहर में अवैध रूप से पाइप लगाया गया है। आरोप है कि सिंचाई की व्यवस्था के नाम पर किसानों से मोटी रकम वसूली जा रही है। किसान का कहना है कि वह इस मामले में पहले भी तीन बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला। तीस हजार रुपये मांगने का आरोप किसान ने आरोप लगाया कि सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल और पूर्व जिलेदार महेश कुमार ने उनसे 30 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर सिंचाई विभाग की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश होकर जमानत करानी पड़ी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह 13 अक्टूबर 2026 को संबंधित न्यायालय में उपस्थित हुए थे। किसान ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। सींच पर्यवेक्षक ने आरोपों को नकारा मामले में सींच पर्यवेक्षक प्रेम नारायण शुक्ल ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि किसान ने नहर में जो पाइप लगाया था, वह अवैध था। उन्होंने कहा कि किसान को कई बार पाइप हटाने के लिए सूचित किया गया, लेकिन पाइप नहीं हटाया गया। इसके बाद जिलेदार की ओर से कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। तीस हजार रुपये मांगने के आरोप पर सींच पर्यवेक्षक ने कहा कि उन्होंने किसान से पैसे की कोई बात नहीं की है। यदि राजेश्वरी प्रसाद के पास रुपये मांगने या लेनदेन से संबंधित कोई साक्ष्य है तो वह उसे प्रस्तुत कर कार्रवाई करा सकते हैं। जिलेदार का पक्ष नहीं मिल सका इस संबंध में पूर्व जिलेदार महेश कुमार का पक्ष जानने के लिए उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं किया जा सका। फिलहाल, किसान की ओर से लगाए गए आरोपों और सींच पर्यवेक्षक के जवाब के बीच मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- प्रयागराज जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने SIR के सम्बन्ध मे मीडिया को दी जानकारी प्रयागराज : जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिन लोगों का नाम अभी भी वोटर लिस्ट में नहीं है जिला प्रशासन से संपर्क करके अपना नाम जुड़वा सकते हैं, हम लोग कार्यक्रम का आयोजन करके आम जनमानस को जागरुक कर रहे हैं..।1
- जनहित संकल्प पार्टी ने आरक्षण घोटाले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया कौशाम्बी : आरक्षण घोटाले के विरोध और आरक्षण निगरानी आयोग के गठन की मांग को लेकर शनिवार को जनहित संकल्प पार्टी के तत्वावधान में चायल स्थित ग्राम न्यायालय के बगल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरएस पटेल ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए युवाओं को रोजगार और महंगाई के मुद्दे पर घेरा। कार्यक्रम का आयोजन चायल विधानसभा प्रभारी इंजीनियर गोविन्द सिंह पटेल ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. आरएस पटेल ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर निगरानी रखने के लिए आयोग का गठन जरूरी है। उन्होंने आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। डॉ. पटेल ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया कि दस साल में क्या 24 करोड़ युवाओं को नौकरी मिल गई? उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के वादों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। महंगाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब सिलेंडर 300 रुपये का मिलता था, तब भाजपा के लोग महंगाई को लेकर डायन कहते थे, लेकिन अब एक हजार रुपये का सिलेंडर मिलने पर उन्हें वही महंगाई परी जैसी लगने लगी है। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरक्षण के मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने तथा आरक्षण निगरानी आयोग के गठन की मांग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस मौके पर जनहित संकल्प पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पटेल, सरदार सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंजी. अभिषेक पटेल, राजेश पटेल प्रभारी रोहनिया, मुन्नू, आशुतोष सिंह, अभय पटेल, सोमनाथ पटेल, अनूप पटेल, पूनम पाल, रामराज पटेल, लक्ष्मण यादव और प्रदीप भारतीय आदि मौजूद रहे।2
- सारंग के रंग में रंगा नमो घाट जय हिंद जय भारत वंदे मातरम1
- तेज रफ्तार थार की टक्कर से बुलेट सवार युवक खाई में गिरा, बाल-बाल बची जान घूरपुर थाना क्षेत्र के गिलास फैक्ट्री के पास हादसा, टक्कर मारकर थार चालक फरार प्रयागराज घूरपुर थाना अंतर्गत गिलास फैक्ट्री के पास तेज रफ्तार थार ने बुलेट सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुलेट सवार डिवाइडर से टकराकर खाई में जा गिरा।हादसे में युवक के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि युवक की जान बाल-बाल बच गई।जानकारी के अनुसार मोहम्मद तौहीर पुत्र मुर्तजा, निवासी पालपुर प्रयागराज की तरफ से अपने घर जा रहा था, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार थार ने उसे टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई।घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों और स्थानीय लोगों ने मिलकर खाई में गिरी बुलेट को बाहर निकाला। बुलेट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घायल युवक को परिजन प्राइवेट साधन से अस्पताल ले गए।सूचना पर पहुंची घूरपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार थार की तलाश की जा रही है।1
- कोरांव की तीन सड़कों के निर्माण की मांग, विधायक ने लोक निर्माण विभाग को लिखा पत्र भाजपा कार्यकर्ता नितिन मिश्रा की शिकायत पर विधायक राजमणि कोल ने लिया संज्ञान, रत्यौरा और मझिगांव क्षेत्र के साढ़े आठ किलोमीटर मार्गों का मामला प्रयागराज। कोरांव विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों की समस्या को लेकर तीन मार्गों के निर्माण की मांग उठाई गई है। क्षेत्रीय भाजपा कार्यकर्ता नितिन मिश्रा की शिकायत पर विधायक राजमणि कोल ने संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर संबंधित मार्गों का निर्माण कराने की मांग की थी। नितिन मिश्रा का कहना है कि इन सड़कों का निर्माण अब तक नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक की ओर से 30 अप्रैल 2022 को लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, प्रयागराज को पत्र भेजकर जनहित में तीन सड़कों का निर्माण कराने का अनुरोध किया गया था। इनमें पहली सड़क बीपी रोड पर रत्यौरा स्थित करपिया राइस मिल से टीकर राजबहा तक लगभग चार किलोमीटर लंबी है। दूसरी सड़क टीकर राजबहा पर राजकरन पटेल के घर से महुआव-रत्यौरा सड़क तक करीब तीन किलोमीटर की है। वहीं, तीसरी सड़क मझिगांव-टीकर राजबहा मार्ग पर मृगुनाथ चौहान के घर से राम बचाव चौहान के घर तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी है। इन तीनों मार्गों की कुल लंबाई लगभग साढ़े आठ किलोमीटर है। क्षेत्रीय लोगों के लिए ये सड़कें आवागमन का महत्वपूर्ण साधन हैं। इनका निर्माण होने से ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ ही कृषि कार्यों और अन्य दैनिक गतिविधियों में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। भाजपा कार्यकर्ता नितिन मिश्रा ने संबंधित विभाग से मांग की है कि इन मार्गों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन मार्गों के निर्माण को लेकर क्या कदम उठाता है।1