उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हरैया कस्बे से कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। हरैया रजिस्ट्री ऑफिस के सामने की मुख्य सड़क को अतिक्रमणकारियों ने पूरी तरह से सब्जी की दुकानों से घेर लिया है, जिससे आम राहगीरों का चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये दुकानदार अपनी अवैध चौधराहट के चलते अक्सर आपस में ही भिड़ जाते हैं। इसका एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो सब्जी विक्रेता सड़क के बीचों-बीच लाठी-डंडों से लड़ते नजर आ रहे हैं। इस 'अखाड़े' के कारण न सिर्फ यातायात बाधित हुआ, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ही ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इस स्थिति पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं, जब सरेआम सड़क पर अतिक्रमण और गुंडागर्दी हो रही है? प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है, जिससे ऐसा लगता है जैसे वह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो, या फिर इन अतिक्रमणकारियों को किसी का संरक्षण प्राप्त है। हरैया की सड़कों पर व्याप्त अराजकता यह बताने के लिए काफी है कि यहां कानून का डर समाप्त हो चुका है। यदि तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अराजकता किसी और बड़ी घटना को जन्म दे सकती है। यह देखना बाकी है कि बस्ती प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा, या हरैया की जनता को इसी तरह गुंडागर्दी के बीच रहने पर मजबूर होना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हरैया कस्बे से कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। हरैया रजिस्ट्री ऑफिस के सामने की मुख्य सड़क को अतिक्रमणकारियों ने पूरी तरह से सब्जी की दुकानों से घेर लिया है, जिससे आम राहगीरों का चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये दुकानदार अपनी अवैध चौधराहट के चलते अक्सर आपस में ही भिड़ जाते हैं। इसका एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो सब्जी विक्रेता सड़क के बीचों-बीच लाठी-डंडों से लड़ते नजर आ रहे हैं। इस 'अखाड़े' के कारण न सिर्फ यातायात बाधित हुआ, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ही ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इस स्थिति पर सबसे
बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं, जब सरेआम सड़क पर अतिक्रमण और गुंडागर्दी हो रही है? प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है, जिससे ऐसा लगता है जैसे वह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो, या फिर इन अतिक्रमणकारियों को किसी का संरक्षण प्राप्त है। हरैया की सड़कों पर व्याप्त अराजकता यह बताने के लिए काफी है कि यहां कानून का डर समाप्त हो चुका है। यदि तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अराजकता किसी और बड़ी घटना को जन्म दे सकती है। यह देखना बाकी है कि बस्ती प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा, या हरैया की जनता को इसी तरह गुंडागर्दी के बीच रहने पर मजबूर होना पड़ेगा।
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हरैया कस्बे से कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। हरैया रजिस्ट्री ऑफिस के सामने की मुख्य सड़क को अतिक्रमणकारियों ने पूरी तरह से सब्जी की दुकानों से घेर लिया है, जिससे आम राहगीरों का चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये दुकानदार अपनी अवैध चौधराहट के चलते अक्सर आपस में ही भिड़ जाते हैं। इसका एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो सब्जी विक्रेता सड़क के बीचों-बीच लाठी-डंडों से लड़ते नजर आ रहे हैं। इस 'अखाड़े' के कारण न सिर्फ यातायात बाधित हुआ, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण ही ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इस स्थिति पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं, जब सरेआम सड़क पर अतिक्रमण और गुंडागर्दी हो रही है? प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है, जिससे ऐसा लगता है जैसे वह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा हो, या फिर इन अतिक्रमणकारियों को किसी का संरक्षण प्राप्त है। हरैया की सड़कों पर व्याप्त अराजकता यह बताने के लिए काफी है कि यहां कानून का डर समाप्त हो चुका है। यदि तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अराजकता किसी और बड़ी घटना को जन्म दे सकती है। यह देखना बाकी है कि बस्ती प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा, या हरैया की जनता को इसी तरह गुंडागर्दी के बीच रहने पर मजबूर होना पड़ेगा।2
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक लड़की अचानक एक टावर पर चढ़ गई। इस अप्रत्याशित नजारे को देखने के लिए पूरा मोहल्ला अपने घरों से बाहर निकल आया, और लोग इस पूरी घटना का वीडियो देखने के लिए उत्सुक दिखे।1
- लखनऊ की थाना कैसरबाग पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों से हो रही चोरी की घटनाओं का खुलासा करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सआदत अली मकबरा परिसर से फसाड लाइटें चोरी करने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 10 फसाड लाइटें और तीन स्टील की जालियां बरामद हुई हैं। सआदत अली मकबरा परिसर से लगातार फसाड लाइटें चोरी होने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। जांच के दौरान मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने अल्तमश खान और सोहेल नामक दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी शहर के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाते थे और वहां से फसाड लाइटें तथा लोहे का सामान चोरी कर कबाड़ियों के माध्यम से बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। कैसरबाग पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसी घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- संत कबीर नगर जिले के एक बड़े निजी विद्यालय, ब्लूमिंग बर्ड में अभिभावकों को मनमानी तरीके से परेशान किया जा रहा है। विशेषकर गरीब बच्चों और उनके माता-पिता को स्कूल प्रशासन की ओर से अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे त्रस्त हैं। इस उत्पीड़न से परेशान होकर अभिभावकों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। यह घटना निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी और शिक्षा के नाम पर 'शिक्षा माफियाओं' के कायम वर्चस्व पर गंभीर सवाल उठाती है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि आखिर निजी विद्यालयों की यह मनमानी कब तक चलेगी।1
- दिनाँक 25.05.2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने थाना धर्मसिंहवा क्षेत्र के मुसहरा बाजार और आस-पास के संवेदनशील इलाकों में पैदल गस्त किया। इस गस्त का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और यातायात व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय व्यापारियों, संभ्रांत नागरिकों और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर आगामी त्योहारों को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि जनपद पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी अप्रिय स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को देने का आग्रह किया गया। संवाद के दौरान, महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गस्त बढ़ाने और सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए। यह भी स्पष्ट किया गया कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने वाले अथवा भ्रामक अफवाह फैलाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर थानाध्यक्ष धर्मसिंहवा, सुरेंद्र कुमार सिंह, सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।4
- संतकबीरनगर में एक उपभोक्ता ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, आरोप है कि उनका बिजली मीटर खराब होने के बावजूद विभाग ने उन्हें अचानक भारी-भरकम बिजली बिल भेज दिया है। शिकायत पत्र के माध्यम से उपभोक्ता ने दावा किया है कि इस अप्रत्याशित बिल से उनके और उनके परिवार की चिंता काफी बढ़ गई है। उनका कहना है कि पहले सामान्य बिल ही आ रहा था, लेकिन हाल में बिल की राशि में अचानक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है, जहाँ उन्होंने एक निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उपभोक्ता ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग इस पूरे प्रकरण पर क्या प्रतिक्रिया देता है और जांच के बाद क्या कदम उठाता है।1
- संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सोमवार को पुलिस कार्यालय में थाना कोतवाली खलीलाबाद, दुधारा, धनघटा, मेहदावल, बखिरा और बेलहरकला के प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों व विवेचकों के साथ महिला अपराध से संबंधित लंबित विवेचनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान एसपी ने लंबे समय से लंबित महिला अपराध संबंधी मामलों की विस्तृत समीक्षा की और अकारण लंबित प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी विवेचकों को निर्देश दिए कि विवेचनाओं का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एसपी ने जनशिकायतों की सुनवाई कर त्वरित जांच एवं विधिक कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विवेचना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी, और कहा कि भविष्य में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, प्रभारी निरीक्षकों एवं थानाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ विवेचकों के कार्यों की नियमित समीक्षा कर लंबित मामलों का समय से निस्तारण कराने के निर्देश भी दिए गए। एसपी ने विवेचनाओं में आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों जैसे यक्ष ऐप, ई-समन एवं एस-आईडी प्रणाली का अधिकतम उपयोग कर कार्यों को पारदर्शी एवं त्वरित रूप से संपादित करने पर भी विशेष जोर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में एक परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर निर्माण कार्य करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। दबंगों की धमकियों से सहमा यह परिवार अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि स्थानीय नगर थाने की कार्यप्रणाली पर पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भूस्वामी बृजेश पाण्डेय का आरोप है कि 22 मई को दिन-दहाड़े गांव के घनश्याम पाण्डेय, प्रशांत पाण्डेय, अमित पाण्डेय और रमेश पाण्डेय ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर उन पर और उनके पिता पर जानलेवा हमला किया। लाठी-डंडों से लैस इन दबंगों ने न केवल मारपीट की, बल्कि चल रहे निर्माण कार्य को भी ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में नगर थाने पहुंचा, तो थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे एसडीएम का मामला बताकर उन्हें भगा दिया। पीड़ित का आरोप है कि थानेदार ने ऐसा रुख अपनाया जो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के लिए शर्मनाक है, जिससे नगर पुलिस की दबंगों के संरक्षक बनने पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला गाटा संख्या 534 (रकबा 174 एअर) की जमीन से जुड़ा है, जो अभिलेखों में बृजेश के बड़े पिता जनार्दन के नाम दर्ज है, जिससे इस पर उनका कानूनी अधिकार सिद्ध होता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि 10 दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य चला, लेकिन फिर दबंगों ने मजदूरों को डरा-धमकाकर भगा दिया और निर्माण को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन दबंगों की खुली धमकियों से बृजेश पाण्डेय का पूरा परिवार अब दहशत में जीने को मजबूर है, वे घर से बाहर निकलने तक में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से अपनी जान-माल की सुरक्षा और न्याय की मांग की है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक इस मामले का संज्ञान लेकर दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं, या फिर नगर पुलिस की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन दबंगों पर लगाम नहीं कसी गई, तो बक्सर गांव में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे सवाल उठता है कि क्या बस्ती में वर्दी का सम्मान दबंगों के दबाव में गिरवी रख दिया गया है और कानून का शासन समाप्त हो गया है।2