SDM काजल मीणा को 60 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा: रीडर और LDC भी गिरफ्तार; घूस के रुपयों के अलावा 4 लाख कैश मिले SDM काजल मीणा को 60 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा: रीडर और LDC भी गिरफ्तार; घूस के रुपयों के अलावा 4 लाख कैश मिले करौली जिले की नादौती मे ं एसीबी ने SDM काजल मीणा, रीडर और LDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एसीबी की कार्रवाई के दौरान SDM ऑफिस से रिश्वत के रुपयों के अलावा 4 लाख रुपए और बरामद हुए। SDM ने खातेदारी जमीन के मालिकों के बीच बंटवारे को लेकर फैसला देन े (तकासमा) के एवज में 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। सवाई माधोपुर एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप का जाल बिछाया और घूसखोरों को रिश्वत लेते रंगे हाथो ं गिरफ्तार कर लिया। SDM ने 1 लाख रुपए मांगी थी रिश्वत एसीबी के एडिशनल एसपी ज्ञान सिंह ने बताया- नादौती SDM ऑफिस में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रहीं थी। 15 अप्रैल को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। उसन े बताया- जमीन के तकासमा मे ं फैसला देने के एवज मे ं नादौती SDM काजल मीणा और उनके रीडर दिनेश ने 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांगी थी। बाद में 50 हजार रुपए मे ं बात तय हुई।एएसपी ने बताया - 16 अप्रैल की सुबह शिकायत का वेरिफिकेशन किया गया। SDM की ओर से जो पैस े मांग े गए उस े टेलीफोनिक वैरिफाई किया गया। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया। गुरुवार को शाम करीब 6 बज े शिकायतकर्ता रुपए लेकर SDM ऑफिस पहुंचा और रीडर दिनेश और UDC प्रवीण को पैस े दिए। रीडर ने 50 हजार रुपए SDM के लिए और 10 हजार रुपए अपने लिए मांगे। रीडर ने शिकायतकर्ता से रुपए लेकर अपने सहकर्मी UDC को दे दिए। एएसपी ज्ञान सिंह ने बताया- रीडर के रुपए लेते ही एसीबी की टीम ने रीडर और UDC को रंगे हाथो ं पकड़ लिया। इसके बाद SDM काजल मीणा को भी गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम को SDM ऑफिस से रिश्वत के 60 हजार रुपए के अलावा 4 लाख रुपए और मिले, जिनके बारे में SDM और
SDM काजल मीणा को 60 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा: रीडर और LDC भी गिरफ्तार; घूस के रुपयों के अलावा 4 लाख कैश मिले SDM काजल मीणा को 60 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा: रीडर और LDC भी गिरफ्तार; घूस के रुपयों के अलावा 4 लाख कैश मिले करौली जिले की नादौती मे ं एसीबी ने SDM काजल मीणा, रीडर और LDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एसीबी की कार्रवाई के दौरान SDM ऑफिस से रिश्वत के रुपयों के अलावा 4 लाख रुपए और बरामद हुए। SDM ने खातेदारी जमीन के मालिकों के बीच बंटवारे को लेकर फैसला देन े (तकासमा) के एवज में 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। सवाई माधोपुर एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप का जाल बिछाया और घूसखोरों को रिश्वत लेते रंगे हाथो ं गिरफ्तार कर लिया। SDM ने 1 लाख रुपए मांगी थी रिश्वत एसीबी के एडिशनल एसपी ज्ञान सिंह ने बताया- नादौती SDM ऑफिस में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रहीं थी। 15 अप्रैल को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। उसन े बताया- जमीन के तकासमा मे ं फैसला देने के एवज मे ं नादौती SDM काजल मीणा और उनके रीडर दिनेश ने 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांगी थी। बाद में 50 हजार रुपए मे ं बात तय हुई।एएसपी ने बताया - 16 अप्रैल की सुबह शिकायत का वेरिफिकेशन किया गया। SDM की ओर से जो पैस े मांग े गए उस े टेलीफोनिक वैरिफाई किया गया। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया। गुरुवार को शाम करीब 6 बज े शिकायतकर्ता रुपए लेकर SDM ऑफिस पहुंचा और रीडर दिनेश और UDC प्रवीण को पैस े दिए। रीडर ने 50 हजार रुपए SDM के लिए और 10 हजार रुपए अपने लिए मांगे। रीडर ने शिकायतकर्ता से रुपए लेकर अपने सहकर्मी UDC को दे दिए। एएसपी ज्ञान सिंह ने बताया- रीडर के रुपए लेते ही एसीबी की टीम ने रीडर और UDC को रंगे हाथो ं पकड़ लिया। इसके बाद SDM काजल मीणा को भी गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम को SDM ऑफिस से रिश्वत के 60 हजार रुपए के अलावा 4 लाख रुपए और मिले, जिनके बारे में SDM और
- नागौर : नागौर स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर जिला मुख्यालय पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में दिनांक 18 अप्रैल 2026 को सायं 07 बजे से सेठ श्री किशनलाल कांकरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागौर में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।1
- नागौर जिले में अवैध बजरी खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के नेता सुरेंद्र बेड़ा ने नागौर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को उच्च स्तर तक पहुंचा दिया है। बेड़ा का दावा है कि नागौर पुलिस की विशेष टीम, मेड़ता सिटी DST और नागौर DST टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे 8 डंपरों को पकड़ा था, लेकिन बाद में इन्हें डेगाना डिप्टी जयप्रकाश बेनीवाल द्वारा छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बेड़ा ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की संभावित मिलीभगत का संकेत देता है, जिसके चलते क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लगातार जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। DGP और IG स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम की अगुवाई IPS अधिकारी जतिन को सौंपी गई। जांच के तहत टीम मौके पर पहुंची और RLP कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल की मौजूदगी में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। CCTV फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे प्रकरण को नई दिशा देंगे। सुरेंद्र बेड़ा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि इस तरह के मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो अवैध खनन का नेटवर्क और मजबूत होता जाएगा। इधर, इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आमजन भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस द्वारा पकड़े गए डंपर ही छोड़ दिए जाते हैं, तो अवैध खनन पर रोक कैसे संभव है। अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है।1
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का कार्यक्रम आयोजित, मकराना । सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किए जान के उपलक्ष्य मे गुरुवार को पंचायत समिति सभागार भवन मकराना मे भाजपा महिला मोर्चा की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरकार द्वारा अधिनियम लागू कर लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करना चाहती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश मंत्री रजनी गावड़िया ने की। इस दौरान बड़ी संख्या मे ंमहिलाओं की भागीदारी रही और महिलाओं को उनके अधिकारों एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री डॉ. रजनी गावड़िया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनान े की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंन े कहा कि आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही ह और किसी भी क्षेत्र मे पुरुषो से कम नही हैं। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त करेगा। नागौर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड ़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व दिलान का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।1
- Post by रमेश सिंह1
- ब्रेकिंग न्यूज़: अजमेर में बार काउंसिल चुनाव 22 अप्रैल को अजमेर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव 22 अप्रैल 2026 को पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित होंगे। चुनाव को लेकर जिला बार एसोसिएशन अजमेर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी है। प्रदेशभर में कुल 84,247 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि 234 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 57 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। न्यूनतम 5 महिला प्रत्याशियों का चुना जाना अनिवार्य रहेगा। अजमेर सिविल बार में 2105 मतदाता पंजीकृत हैं, जहां प्रत्येक मतदाता अधिकतम 23 वोट डाल सकेगा। पूरे राजस्थान से 23 प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा। मतदान के दौरान सख्त नियम लागू रहेंगे—मतदान केंद्र के 200 गज के दायरे में प्रचार पर रोक रहेगी, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मतदान 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक पुराने न्यायालय भवन स्थित बार हॉल में होगा। चुनाव की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाएगी।1
- प्रदेश में सरकार के आदेशानुसार जनगणना का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में आज हमारी टीम ने उप जिला जनगणना अधिकारी (ब्यावर) से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि विभाग की क्या तैयारियां हैं और आम जनता को इस प्रक्रिया में किस प्रकार सहयोग करना है। पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक देखें।1
- Post by Kailash Fulwari1
- रियां बड़ी नगरपालिका जसनगर चौराहे पर लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन बढ़ते वाहनों के दबाव से स्थिति बिगड़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि चौराहे पर बसों के रुकने (स्टॉपेज/थ्रैप) की वजह से जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। जैसे ही बस रुकती है, जसनगर चौराहे पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए वैकल्पिक बस स्टॉप की व्यवस्था, ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और उचित संकेतक लगाए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।4