logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मिशन नीव कार्यक्रम के तहत मेरी पंचायत मेरी जिम्मेदारी एक दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन मेरी पंचायत मेरी जिम्मेदारी से पंचायत स्तर पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास होगा नींव कार्यक्रम के तहत 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम सचिवों आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित पंचायत स्तर पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं सरपंचों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर दिया गया जोर आरोन - गुना कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे, एवं जनपद सीईओ आरोन के सहयोग से जनपद पंचायत गुना में नींव कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम सचिवों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पिरामल फाउंडेशन जनपद आरोन के संयुक्त प्रयास से किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को विकसित करना रहा। मेरी पंचायत मेरी जिम्मेदारी के तोर पर प्रशिक्षण के दौरान पंचायत मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन एवं उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम मैनेजर सुश्री स्मिता दीक्षित, सीनियर प्रोग्राम लीडर श्री उधम सिंह लोधी एवं अंजली सिंह लेलीना डोले द्वारा प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर प्रभावी योजना, समन्वय, समीक्षा एवं समस्या समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई । प्रशिक्षण में PMU के माध्यम से पंचायत में मासिक बैठक आयोजित करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान एवं समाधान करने, पात्र बच्चों को विटामिन-ए की शत-प्रतिशत खुराक सुनिश्चित करने, प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में लर्निंग कॉर्नर विकसित करने तथा बच्चों की नियमित एवं सही ग्रोथ मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही बच्चों को पूरक पोषण आहार के प्रति जागरूक करने, आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रत्येक माह पैरेंट मीटिंग आयोजित करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक विकास से जुड़े विभिन्न संकेतकों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सरपंचों एवं ग्राम सचिवों को इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए पंचायत को बच्चों के लिए अनुकूल एवं सक्षम बनाने के लिए प्रेरित किया गया। नींव कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायतों को निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए गांधी फेलो सुश्री लिलिना डोले एवं सुश्री अंजली सिंह द्वारा लगातार फील्ड स्तर पर पंचायतों के साथ समन्वय एवं सहयोग किया जाएगा। सरपंचों के नेतृत्व विकास पर विशेष सत्र नींव कार्यक्रम के ओरिएंटेशन के साथ ही सरपंचों के सेल्फ-लीडरशिप एवं नेतृत्व क्षमता विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को ट्री ऑफ़ लाइफ इनोसॉन ओर्केस्ट्रा नाम प्ले बैक Orchestra एवं इंट्रोडेक्टिन ऑफ़ बेल बिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से आत्म-जागरूकता, भावनात्मक समझ, सक्रिय सहभागिता, टीम भावना एवं नेतृत्व कौशल को विकसित करने का अनुभव कराया गया। कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बच्चों के विकास में पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, विभागीय समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रभावी बदलाव लाने की दिशा में कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नींव कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, सीखने और समग्र विकास के लिए सक्रिय एवं जिम्मेदार स्थानीय नेतृत्व के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

14 hrs ago
user_Anchal Saxena
Anchal Saxena
Media Consultant आरौन, गुना, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago
154f88ed-c973-4571-9cc2-7bd1cd07ee43

मिशन नीव कार्यक्रम के तहत मेरी पंचायत मेरी जिम्मेदारी एक दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ आयोजन मेरी पंचायत मेरी जिम्मेदारी से पंचायत स्तर पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास होगा नींव कार्यक्रम के तहत 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम सचिवों आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित पंचायत स्तर पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं सरपंचों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर दिया गया जोर आरोन - गुना कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे, एवं जनपद सीईओ आरोन के सहयोग से जनपद पंचायत गुना में नींव कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम सचिवों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पिरामल फाउंडेशन जनपद आरोन के संयुक्त प्रयास से किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास, पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों की नेतृत्व क्षमता को विकसित करना रहा। मेरी पंचायत मेरी जिम्मेदारी

25323b16-14a8-47d6-b4d3-764d3dc00da9

के तोर पर प्रशिक्षण के दौरान पंचायत मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन एवं उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम मैनेजर सुश्री स्मिता दीक्षित, सीनियर प्रोग्राम लीडर श्री उधम सिंह लोधी एवं अंजली सिंह लेलीना डोले द्वारा प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर प्रभावी योजना, समन्वय, समीक्षा एवं समस्या समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई । प्रशिक्षण में PMU के माध्यम से पंचायत में मासिक बैठक आयोजित करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान एवं समाधान करने, पात्र बच्चों को विटामिन-ए की शत-प्रतिशत खुराक सुनिश्चित करने, प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में लर्निंग कॉर्नर विकसित करने तथा बच्चों की नियमित एवं सही ग्रोथ मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही बच्चों को पूरक पोषण आहार के प्रति जागरूक करने, आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रत्येक माह पैरेंट मीटिंग आयोजित करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक विकास से जुड़े विभिन्न संकेतकों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सरपंचों एवं ग्राम सचिवों को इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए पंचायत को बच्चों के लिए अनुकूल एवं सक्षम बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

05a19399-1df0-4e9b-ad6b-183aabb9515a

नींव कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पंचायतों को निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए गांधी फेलो सुश्री लिलिना डोले एवं सुश्री अंजली सिंह द्वारा लगातार फील्ड स्तर पर पंचायतों के साथ समन्वय एवं सहयोग किया जाएगा। सरपंचों के नेतृत्व विकास पर विशेष सत्र नींव कार्यक्रम के ओरिएंटेशन के साथ ही सरपंचों के सेल्फ-लीडरशिप एवं नेतृत्व क्षमता विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को ट्री ऑफ़ लाइफ इनोसॉन ओर्केस्ट्रा नाम प्ले बैक Orchestra एवं इंट्रोडेक्टिन ऑफ़ बेल बिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से आत्म-जागरूकता, भावनात्मक समझ, सक्रिय सहभागिता, टीम भावना एवं नेतृत्व कौशल को विकसित करने का अनुभव कराया गया। कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बच्चों के विकास में पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, विभागीय समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रभावी बदलाव लाने की दिशा में कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नींव कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, सीखने और समग्र विकास के लिए सक्रिय एवं जिम्मेदार स्थानीय नेतृत्व के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध एसडीएम ऑफिस में हनुमान चालीसा, राष्ट्रपति को ज्ञापन
    1
    आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश 
काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध

आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश 
काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध
एसडीएम ऑफिस में हनुमान चालीसा, राष्ट्रपति को ज्ञापन
    user_Rahul Saxena
    Rahul Saxena
    Media company आरौन, गुना, मध्य प्रदेश•
    17 min ago
  • फतेहगढ़ में विश्वकर्मा पूजन पर लोक संस्कृति ने बांधा समां डीजे और सोशल मीडिया की चकाचौंध के बीच पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों ने दिलाई अपनी जड़ों की याद फतेहगढ़/गुना। भगवान विश्वकर्मा पूजन दिवस के अवसर पर फतेहगढ़ में निकले भव्य चल समारोह में इस बार धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों की मनमोहक झलक देखने को मिली। आधुनिक दौर में जहां डीजे और सोशल मीडिया की चमक-दमक ने पारंपरिक लोक कलाओं को पीछे धकेल दिया है, वहीं विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर समाजजनों ने लोकगीत और लोकनृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। फतेहगढ़ स्थित सिद्ध झिरिया आश्रम विश्वकर्मा मंदिर से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद चल समारोह प्रारंभ हुआ। ढोल की थाप, पारंपरिक गीतों और लोकनृत्य के साथ निकला जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरा। समारोह में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आधुनिकता के दौर में लोक संस्कृति के संरक्षण की जरूरत भारतीय संस्कृति में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामूहिक जीवन की पहचान रहे हैं। गांवों में होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन बदलते समय के साथ मनोरंजन के साधन भी तेजी से बदले हैं। डीजे, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और आधुनिक संगीत की बढ़ती लोकप्रियता के बीच कई पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य नई पीढ़ी से दूर होते जा रहे हैं। कई लोक कलाएं आज संरक्षण और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की चुनौती का सामना कर रही हैं। विश्वकर्मा समारोह बना संस्कृति का मंच फतेहगढ़ में आयोजित विश्वकर्मा पूजन समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों ने इस बदलाव के बीच अलग ही रंग भर दिया। समाज की महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुति देकर न केवल समारोह में उत्साह बढ़ाया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का संदेश भी दिया। चल समारोह के दौरान नगर में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का यह संगम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों और युवाओं ने भी पारंपरिक प्रस्तुतियों को देखा और उनका आनंद लिया। सिर्फ आयोजन नहीं, संस्कृति बचाने की पहल विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर हुए इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी लोक परंपराओं को भूलना नहीं चाहिए। लोकगीत और लोकनृत्य हमारी सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा हैं। इन्हें केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित रखने के बजाय स्कूलों, सामाजिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी से जोड़ने की जरूरत है। फतेहगढ़ का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक विरासत की एक खूबसूरत झलक बनकर सामने आया, जहां भगवान विश्वकर्मा की भक्ति के साथ भारतीय लोक संस्कृति की परंपरा भी कदमताल करती नजर आई।
    1
    फतेहगढ़ में विश्वकर्मा पूजन पर लोक संस्कृति ने बांधा समां
डीजे और सोशल मीडिया की चकाचौंध के बीच पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों ने दिलाई अपनी जड़ों की याद
फतेहगढ़/गुना। भगवान विश्वकर्मा पूजन दिवस के अवसर पर फतेहगढ़ में निकले भव्य चल समारोह में इस बार धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों की मनमोहक झलक देखने को मिली। आधुनिक दौर में जहां डीजे और सोशल मीडिया की चमक-दमक ने पारंपरिक लोक कलाओं को पीछे धकेल दिया है, वहीं विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर समाजजनों ने लोकगीत और लोकनृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।
फतेहगढ़ स्थित सिद्ध झिरिया आश्रम विश्वकर्मा मंदिर से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद चल समारोह प्रारंभ हुआ। ढोल की थाप, पारंपरिक गीतों और लोकनृत्य के साथ निकला जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरा। समारोह में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आधुनिकता के दौर में लोक संस्कृति के संरक्षण की जरूरत
भारतीय संस्कृति में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामूहिक जीवन की पहचान रहे हैं। गांवों में होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
लेकिन बदलते समय के साथ मनोरंजन के साधन भी तेजी से बदले हैं। डीजे, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और आधुनिक संगीत की बढ़ती लोकप्रियता के बीच कई पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य नई पीढ़ी से दूर होते जा रहे हैं। कई लोक कलाएं आज संरक्षण और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की चुनौती का सामना कर रही हैं।
विश्वकर्मा समारोह बना संस्कृति का मंच
फतेहगढ़ में आयोजित विश्वकर्मा पूजन समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों ने इस बदलाव के बीच अलग ही रंग भर दिया। समाज की महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुति देकर न केवल समारोह में उत्साह बढ़ाया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का संदेश भी दिया।
चल समारोह के दौरान नगर में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का यह संगम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों और युवाओं ने भी पारंपरिक प्रस्तुतियों को देखा और उनका आनंद लिया।
सिर्फ आयोजन नहीं, संस्कृति बचाने की पहल
विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर हुए इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी लोक परंपराओं को भूलना नहीं चाहिए। लोकगीत और लोकनृत्य हमारी सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा हैं। इन्हें केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित रखने के बजाय स्कूलों, सामाजिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी से जोड़ने की जरूरत है।
फतेहगढ़ का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक विरासत की एक खूबसूरत झलक बनकर सामने आया, जहां भगवान विश्वकर्मा की भक्ति के साथ भारतीय लोक संस्कृति की परंपरा भी कदमताल करती नजर आई।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    42 min ago
  • गुना में खाद नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे किसानः बोले-'जिंदगी हो गई माला पहनाते-पहनाते'; सिंधिया ने कलेक्टर से कहा- पेन-पैड निकालिए, नाम-नंबर नोट करिए
    1
    गुना में खाद नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे किसानः बोले-'जिंदगी हो गई माला पहनाते-पहनाते'; सिंधिया ने कलेक्टर से कहा- पेन-पैड निकालिए, नाम-नंबर नोट करिए
    user_नवदुनिया संवाददाता उसमान खान पत्रकार
    नवदुनिया संवाददाता उसमान खान पत्रकार
    मकसूदनगढ़, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भुजरिया तालाब पर हुआ बड़े उत्साह पूर्वक मोर विसर्जन का कार्यक्रम गुना लक्ष्मी नारायण मंदिर भूजरिया तालाब पर हुआ मोहर विसर्जन। विवाह होने के बाद परंपरा अनुसार तालाब पर मोर विसर्जन बड़ी धूमधाम से महिलाएं गाजेबाजे के साथ मोहर का विसर्जन करने भुजरिया तालाब पर पहुंची जहां पर प्रशासन का कोई भी इंतजाम देखने को नहीं मिला भुजरिया तालाब मंदिर महंत राघवेंद्र दास ने बताया कि प्रशासन का कोई भी इंतजाम यहां पर नहीं है मंदिर की तरफ से कुछ लडको को पैसे देकर के तालाब में अंदर खड़े किया गया जो पानी में तैरना जानते थे जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना घटित हो भुजरिया ताला सबसे पुराना घाट है हजारों की संख्या में महिलाएं मोर विसर्जन करने के लिए पहुंचते हैं
    2
    भुजरिया तालाब पर हुआ बड़े उत्साह पूर्वक मोर विसर्जन का कार्यक्रम
गुना लक्ष्मी नारायण मंदिर भूजरिया तालाब पर हुआ मोहर विसर्जन।        विवाह होने के बाद परंपरा अनुसार तालाब पर मोर विसर्जन बड़ी धूमधाम से महिलाएं गाजेबाजे के साथ मोहर का विसर्जन करने भुजरिया तालाब पर पहुंची जहां पर प्रशासन का कोई भी इंतजाम देखने को नहीं मिला भुजरिया तालाब मंदिर महंत राघवेंद्र दास ने बताया कि प्रशासन का कोई भी इंतजाम यहां पर नहीं है मंदिर की तरफ से कुछ लडको को पैसे देकर के तालाब में अंदर खड़े किया गया जो पानी में तैरना जानते थे जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना घटित हो
भुजरिया ताला सबसे पुराना घाट है हजारों की संख्या में महिलाएं मोर विसर्जन करने के लिए पहुंचते हैं
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) Guna, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • today news | मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना |#breakingnews मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए ई-स्कूटी योजना के नए चरण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को राज्य स्तरीय समारोह में चयनित मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ई-स्कूटी क्रय की राशि डिजिटल ट्रांसफर करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
    1
    today news | मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना |#breakingnews 
मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना
राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए ई-स्कूटी योजना के नए चरण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को राज्य स्तरीय समारोह में चयनित मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ई-स्कूटी क्रय की राशि डिजिटल ट्रांसफर करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Local News Reporter अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • धार्मिक स्थल से घंटा चोरी के मामले में मृगवास थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही *धार्मिक स्थल से घंटा चोरी के मामले में मृगवास थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही* *जनसहयोग से आरोपी तत्काल गिरफ्तार, प्रकरण में चोरी घंटा सहित एक अन्य मंदिर से चोरी घंटा भी किया बरामद* गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा तथा आमजन की आस्था से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम लीलवेह खुर्द के श्री हनुमान मंदिर से घंटा चोरी के मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके कब्जे से प्रकरण में चोरी घंटा सहित एक अन्य मंदिर से चोरी घंटा भी बरामद किया गया है । गौरतलब है कि आज दिनांक 16 सितंबर 2026 को फरियादी राम सिंह गुर्जर निवासी ग्राम लीलवेह खुर्द द्वारा अन्य ग्रामीण के साथ मृगवास थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 15 सितंबर 2026 की सुबह ग्राम लीलवेह खुर्द स्थित श्री हनुमान मंदिर से घंटा चोरी हो गया था । घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर पर घंटा की तलाश की गई, जिसमें चोरी हुआ घंटा ग्राम ऊंची बड़ली निवासी मुकेश बंजारा के पास मिला । ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी मुकेश बंजारा के विरूद्ध मृगवास थाने में अप.क्र. 111/26, धारा 305(डी) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर जन सहयोग से मंदिर से घंटा चोरी के आरोपी मुकेश पुत्र भगवान सिंह बंजारा निवासी ग्राम ऊंची बड़ली, थाना मृगवास, जिला गुना को तत्काल गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ग्राम लीलवेह खुर्द स्थित श्री हनुमान मंदिर से चोरी हुआ घंटा तथा एक अन्य मंदिर से चोरी किया गया घंटा सहित कुल 02 घंटे बरामद किए गए हैं । पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी गहन पूछताछ की जा रही है । मृगवास थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सउनि धारा सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सुरेश मीना, आरक्षक जितेन्द्र यादव, आरक्षक वकील सिंह, आरक्षक अजय प्रताप सिंह, आरक्षक नरेन्द्र गुरूंग, आरक्षक राजीव रघुवंशी एवं महिला आरक्षक रंजना जर्मन का सराहनीय योगदान रहा है ।
    1
    धार्मिक स्थल से घंटा चोरी के मामले में मृगवास थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही
*धार्मिक स्थल से घंटा चोरी के मामले में मृगवास थाना पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही*
*जनसहयोग से आरोपी तत्काल गिरफ्तार, प्रकरण में चोरी घंटा सहित एक अन्य मंदिर से चोरी घंटा भी किया बरामद*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा तथा आमजन की आस्था से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम लीलवेह खुर्द के श्री हनुमान मंदिर से घंटा चोरी के मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके कब्जे से प्रकरण में चोरी घंटा सहित एक अन्य मंदिर से चोरी घंटा भी बरामद किया गया है ।
गौरतलब है कि आज दिनांक 16 सितंबर 2026 को फरियादी राम सिंह गुर्जर निवासी ग्राम लीलवेह खुर्द द्वारा अन्य ग्रामीण के साथ मृगवास थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 15 सितंबर 2026 की सुबह ग्राम लीलवेह खुर्द स्थित श्री हनुमान मंदिर से घंटा चोरी हो गया था । घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर पर घंटा की तलाश की गई, जिसमें चोरी हुआ घंटा ग्राम ऊंची बड़ली निवासी मुकेश बंजारा के पास मिला । ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी मुकेश बंजारा के विरूद्ध मृगवास थाने में अप.क्र. 111/26, धारा 305(डी) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर जन सहयोग से मंदिर से घंटा चोरी के आरोपी मुकेश पुत्र भगवान सिंह बंजारा निवासी ग्राम ऊंची बड़ली, थाना मृगवास, जिला गुना को तत्काल गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ग्राम लीलवेह खुर्द स्थित श्री हनुमान मंदिर से चोरी हुआ घंटा तथा एक अन्य मंदिर से चोरी किया गया घंटा सहित कुल 02 घंटे बरामद किए गए हैं । पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी गहन पूछताछ की जा रही है ।
मृगवास थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सउनि धारा सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सुरेश मीना, आरक्षक जितेन्द्र यादव, आरक्षक वकील सिंह, आरक्षक अजय प्रताप सिंह, आरक्षक नरेन्द्र गुरूंग, आरक्षक राजीव रघुवंशी एवं महिला आरक्षक रंजना जर्मन का सराहनीय योगदान रहा है ।
    user_पत्रकार राजा हतम वेग
    पत्रकार राजा हतम वेग
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *प्रेस विज्ञप्ति* *दिनांक : 17 सितंबर 2026* *जिला : विदिशा* *स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विदिशा नगरीय क्षेत्र में संयुक्त यातायात अभियान* *यातायात पुलिस सहित कोतवाली, सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन की संयुक्त कार्रवाई* *कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला* विदिशा पुलिस द्वारा “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विदिशा नगरीय क्षेत्र में विशेष संयुक्त यातायात अभियान चलाया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान में थाना यातायात के साथ थाना कोतवाली, थाना सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले ऑटो रिक्शा, वैन एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। *स्कूली वाहनों के दस्तावेज एवं सुरक्षा मानकों की जांच:* जांच के दौरान वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, फिटनेस, परमिट, बीमा एवं ड्राइविंग लाइसेंस सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही बच्चों को परिवहन करने वाले ऑटो एवं अन्य वाहनों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप सुरक्षा जाली, गेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला गया। *बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों को समझाइश:* यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही बच्चों का परिवहन करने की समझाइश दी गई। वाहन में आवश्यक सुरक्षा उपकरण, फर्स्ट एड किट एवं अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने तथा वाहन की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। चालकों को वाहन चलाते समय तंबाकू, गुटखा अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही वाहनों के ब्रेक, टायर एवं अन्य तकनीकी सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। *सड़क सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी:* अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें राह-वीर योजना, कैशलेस उपचार योजना (गोल्डन ऑवर) एवं हिट एंड रन प्रतिकर योजना के संबंध में जागरूक किया गया। विदिशा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित एवं नियमबद्ध यातायात वातावरण सुनिश्चित करना है। बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस के साथ स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों एवं अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
    4
    *प्रेस विज्ञप्ति*
*दिनांक : 17 सितंबर 2026*
*जिला : विदिशा*

*स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विदिशा नगरीय क्षेत्र में संयुक्त यातायात अभियान*

*यातायात पुलिस सहित कोतवाली, सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन की संयुक्त कार्रवाई*

*कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला*

विदिशा पुलिस द्वारा “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विदिशा नगरीय क्षेत्र में विशेष संयुक्त यातायात अभियान चलाया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया।

अभियान में थाना यातायात के साथ थाना कोतवाली, थाना सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले ऑटो रिक्शा, वैन एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई।

*स्कूली वाहनों के दस्तावेज एवं सुरक्षा मानकों की जांच:*
जांच के दौरान वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, फिटनेस, परमिट, बीमा एवं ड्राइविंग लाइसेंस सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही बच्चों को परिवहन करने वाले ऑटो एवं अन्य वाहनों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप सुरक्षा जाली, गेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई।

जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला गया।

*बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों को समझाइश:*
यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही बच्चों का परिवहन करने की समझाइश दी गई। वाहन में आवश्यक सुरक्षा उपकरण, फर्स्ट एड किट एवं अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने तथा वाहन की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

चालकों को वाहन चलाते समय तंबाकू, गुटखा अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही वाहनों के ब्रेक, टायर एवं अन्य तकनीकी सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।

*सड़क सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी:*
अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें राह-वीर योजना, कैशलेस उपचार योजना (गोल्डन ऑवर) एवं हिट एंड रन प्रतिकर योजना के संबंध में जागरूक किया गया।

विदिशा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित एवं नियमबद्ध यातायात वातावरण सुनिश्चित करना है। बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस के साथ स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों एवं अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
    user_IBN NEWS
    IBN NEWS
    सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    22 min ago
  • कलेक्टर से मिलने पहुँचे सेकड़ो किसान, मुलाकात नही होने से कुत्ते के गले मे टांगा आवेदन कलेक्टर से मिलने पहुंचे सैकड़ों किसान, नहीं हुई मुलाकात तो कुत्ते के गले में टांग दिया ज्ञापन; VIDEO वायरल खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान किसान अधिकार रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, रैली मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे सब्जी मंडी से शुरू हुई और शाम करीब 4 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। किसानों ने वहां नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। बताया गया कि उस समय कलेक्टर ऋषव गुप्ता टीएल बैठक में मौजूद थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। कुत्ते के गले में बांध दिया ज्ञापन काफी देर इंतजार के बाद किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक श्वान के गले में गमछे की मदद से ज्ञापन टांग दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चार गुना मुआवजा और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग किसानों ने नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई। इसके अलावा इंदिरा सागर बांध के डूब प्रभावित और विस्थापित परिवारों के मुआवजे, पुनर्वास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन रिपोर्ट के अनुसार, किसानों ने बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। नोट: “कलेक्टर ने किसानों का ज्ञापन लेने से इनकार किया” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कलेक्टर उस समय टीएल बैठक में थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध किया।
    1
    कलेक्टर से मिलने पहुँचे सेकड़ो किसान, मुलाकात नही होने से कुत्ते के गले मे टांगा आवेदन
कलेक्टर से मिलने पहुंचे सैकड़ों किसान, नहीं हुई मुलाकात तो कुत्ते के गले में टांग दिया ज्ञापन; VIDEO वायरल
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान किसान अधिकार रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। 
रिपोर्टों के मुताबिक, रैली मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे सब्जी मंडी से शुरू हुई और शाम करीब 4 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। किसानों ने वहां नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। बताया गया कि उस समय कलेक्टर ऋषव गुप्ता टीएल बैठक में मौजूद थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। 
कुत्ते के गले में बांध दिया ज्ञापन
काफी देर इंतजार के बाद किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक श्वान के गले में गमछे की मदद से ज्ञापन टांग दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 
चार गुना मुआवजा और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग
किसानों ने नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई। इसके अलावा इंदिरा सागर बांध के डूब प्रभावित और विस्थापित परिवारों के मुआवजे, पुनर्वास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। 
बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार, किसानों ने बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। 
नोट: “कलेक्टर ने किसानों का ज्ञापन लेने से इनकार किया” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कलेक्टर उस समय टीएल बैठक में थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध किया।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    54 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.