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*प्रेस विज्ञप्ति* *दिनांक : 17 सितंबर 2026* *जिला : विदिशा* *स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विदिशा नगरीय क्षेत्र में संयुक्त यातायात अभियान* *यातायात पुलिस सहित कोतवाली, सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन की संयुक्त कार्रवाई* *कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला* विदिशा पुलिस द्वारा “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विदिशा नगरीय क्षेत्र में विशेष संयुक्त यातायात अभियान चलाया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान में थाना यातायात के साथ थाना कोतवाली, थाना सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले ऑटो रिक्शा, वैन एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। *स्कूली वाहनों के दस्तावेज एवं सुरक्षा मानकों की जांच:* जांच के दौरान वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, फिटनेस, परमिट, बीमा एवं ड्राइविंग लाइसेंस सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही बच्चों को परिवहन करने वाले ऑटो एवं अन्य वाहनों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप सुरक्षा जाली, गेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला गया। *बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों को समझाइश:* यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही बच्चों का परिवहन करने की समझाइश दी गई। वाहन में आवश्यक सुरक्षा उपकरण, फर्स्ट एड किट एवं अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने तथा वाहन की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। चालकों को वाहन चलाते समय तंबाकू, गुटखा अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही वाहनों के ब्रेक, टायर एवं अन्य तकनीकी सुरक्षा मानकों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। *सड़क सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी:* अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें राह-वीर योजना, कैशलेस उपचार योजना (गोल्डन ऑवर) एवं हिट एंड रन प्रतिकर योजना के संबंध में जागरूक किया गया। विदिशा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित एवं नियमबद्ध यातायात वातावरण सुनिश्चित करना है। बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस के साथ स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों एवं अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

1 hr ago
user_IBN NEWS
IBN NEWS
सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*प्रेस विज्ञप्ति* *दिनांक : 17 सितंबर 2026* *जिला : विदिशा* *स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विदिशा नगरीय क्षेत्र में संयुक्त यातायात अभियान* *यातायात पुलिस सहित कोतवाली, सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन की संयुक्त कार्रवाई* *कुल 92 वाहनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला* विदिशा पुलिस द्वारा “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” के अंतर्गत स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विदिशा नगरीय क्षेत्र में विशेष संयुक्त यातायात अभियान चलाया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान में थाना यातायात

के साथ थाना कोतवाली, थाना सिविल लाइन एवं पुलिस लाइन के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले ऑटो रिक्शा, वैन एवं अन्य वाहनों की सघन जांच की गई। *स्कूली वाहनों के दस्तावेज एवं सुरक्षा मानकों की जांच:* जांच के दौरान वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, फिटनेस, परमिट, बीमा एवं ड्राइविंग लाइसेंस सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही बच्चों को परिवहन करने वाले ऑटो एवं अन्य वाहनों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप सुरक्षा जाली, गेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर कुल 92 वाहनों के विरुद्ध

वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹51,000 का समन शुल्क वसूला गया। *बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों को समझाइश:* यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही बच्चों का परिवहन करने की समझाइश दी गई। वाहन में आवश्यक सुरक्षा उपकरण, फर्स्ट एड किट एवं अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने तथा वाहन की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। चालकों को वाहन चलाते समय तंबाकू, गुटखा अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही वाहनों के ब्रेक, टायर एवं अन्य तकनीकी सुरक्षा मानकों की नियमित जांच

सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। *सड़क सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी:* अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों एवं वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें राह-वीर योजना, कैशलेस उपचार योजना (गोल्डन ऑवर) एवं हिट एंड रन प्रतिकर योजना के संबंध में जागरूक किया गया। विदिशा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित एवं नियमबद्ध यातायात वातावरण सुनिश्चित करना है। बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस के साथ स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों एवं अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

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  • बीना में कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन । (भाजपा सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप) लोकेशन:--बीना रिपोर्टर:- राकेश सेन बीना (सागर) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंदर यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकारी धन के दुरुपयोग और हिंदू आस्था पर चोट करने वाले कृत्यों पर रोक लगाने की मांग की गई। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर सिंह यादव ने कहा भाजपा सरकार मध्य प्रदेश और देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन जैसे निजी कार्यक्रम के लिए जनता की टैक्स की कमाई को अनुचित रूप से खर्च कर रही है, इस पर रोक लगाई जाए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा लोकतंत्र में कोई कितने भी बड़े पद पर हो, वह जनता का प्रतिनिधि होता है, राजा नहीं। उसका दायित्व है कि जनता के टैक्स की राशि को लोकहित में खर्च करे, न कि निजी कार्यक्रम पर। पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा सरकारी अमले, सचिव, पटवारी को लगाकर घर-घर दिया और तेल पहुंचाना सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है, इस पर रोक लगे। खुशी लाल अहिरवार जिला पंचायत सदस्य ने कहा भाजपा जो खर्च कर रही है, वह राशि किस विभाग की अनुमति और किस मद से खर्च हो रही है, यह स्पष्ट किया जाए। मनोज कैथोरिया ने कहा मोदी को भगवान निरूपित कर उनके नाम पर दिया जलवाना हिंदू आस्था पर चोट है, इस पर रोक लगाई जाए। अशोक परिहार ने कहा शिक्षकों को शाम 7 बजे विद्यालय में जाकर दिया जलाने का आदेश तानाशाही है, क्योंकि अधिकतर शिक्षक 20 किलोमीटर दूर से सेवाएं देने आते हैं, यह कहां तक न्यायसंगत है। प्रमोद राय ने कहा सरकार निरंतर अपने निजी कार्यों में शिक्षकों का उपयोग करती है, जैसे नेताओं की सभा में भीड़ जुटाना और अब जन्मदिन पर रंगोली और दिया जलवाना। इससे शिक्षक मानसिक रूप से पीड़ित होते हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ता है। इस मौके पर खुर्रम कुरैशी, निर्भय सिंह ठाकुर, मोतीलाल मासाब, अजय प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह ठाकुर, महेंद्र नवैया, रामकिशन अहिरवार, राजाराम अहिरवार, पुष्पेंद्र तिवारी, सुरेंद्र लोधी, सुखलाल बाबू, झन्नू राय, बलराम अहिरवार, ममता अहिरवार, विमल अहिरवार, शिवानी बौद्ध, सत्यपाल पटेल, पासु पंजाबी, लक्ष्मण चंदेल, कल्याण सिंह, देवीलाल, राहुल परिहार, शहजाद हुसैन, अशोक अहिरवार, ओमप्रकाश पासु, राहुल यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    बीना में कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन ।

(भाजपा सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप)
लोकेशन:--बीना 
रिपोर्टर:- राकेश सेन 
बीना (सागर) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंदर यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकारी धन के दुरुपयोग और हिंदू आस्था पर चोट करने वाले कृत्यों पर रोक लगाने की मांग की गई।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इंदर सिंह यादव ने कहा  भाजपा सरकार मध्य प्रदेश और देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन जैसे निजी कार्यक्रम के लिए जनता की टैक्स की कमाई को अनुचित रूप से खर्च कर रही है, इस पर रोक लगाई जाए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा  लोकतंत्र में कोई कितने भी बड़े पद पर हो, वह जनता का प्रतिनिधि होता है, राजा नहीं। उसका दायित्व है कि जनता के टैक्स की राशि को लोकहित में खर्च करे, न कि निजी कार्यक्रम पर।
पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह ठाकुर ने कहा  सरकारी अमले, सचिव, पटवारी को लगाकर घर-घर दिया और तेल पहुंचाना सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है, इस पर रोक लगे।
खुशी लाल अहिरवार जिला पंचायत सदस्य 
ने कहा भाजपा जो खर्च कर रही है, वह राशि किस विभाग की अनुमति और किस मद से खर्च हो रही है, यह स्पष्ट किया जाए।
मनोज कैथोरिया ने कहा  मोदी को भगवान निरूपित कर उनके नाम पर दिया जलवाना हिंदू आस्था पर चोट है, इस पर रोक लगाई जाए।
अशोक परिहार ने कहा शिक्षकों को शाम 7 बजे विद्यालय में जाकर दिया जलाने का आदेश तानाशाही है, क्योंकि अधिकतर शिक्षक 20 किलोमीटर दूर से सेवाएं देने आते हैं, यह कहां तक न्यायसंगत है।
प्रमोद राय ने कहा सरकार निरंतर अपने निजी कार्यों में शिक्षकों का उपयोग करती है, जैसे नेताओं की सभा में भीड़ जुटाना और अब जन्मदिन पर रंगोली और दिया जलवाना। इससे शिक्षक मानसिक रूप से पीड़ित होते हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ता है।
इस मौके पर खुर्रम कुरैशी, निर्भय सिंह ठाकुर, मोतीलाल मासाब, अजय प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह ठाकुर, महेंद्र नवैया, रामकिशन अहिरवार, राजाराम अहिरवार, पुष्पेंद्र तिवारी, सुरेंद्र लोधी, सुखलाल बाबू, झन्नू राय, बलराम अहिरवार, ममता अहिरवार, विमल अहिरवार, शिवानी बौद्ध, सत्यपाल पटेल, पासु पंजाबी, लक्ष्मण चंदेल, कल्याण सिंह, देवीलाल, राहुल परिहार, शहजाद हुसैन, अशोक अहिरवार, ओमप्रकाश पासु, राहुल यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • करोड़ों के लंबित भुगतान और विभागीय उदासीनता के खिलाफ ठेकेदारों का आंदोलन, 16 सितंबर से धरने की चेतावनी भोपाल। मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के अंतर्गत ग्रामीण नल-जल योजनाओं और अधोसंरचना निर्माण से जुड़े ठेकेदारों ने करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। ठेकेदारों के संगठन ने कहा है कि लगातार पत्राचार और अधिकारियों से चर्चा के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। फेडरेशन के प्रमुख निखिल जैन के अनुसार, संगठन द्वारा 21 जुलाई, 24 अगस्त और 4 सितंबर को पत्राचार किए जाने के बाद 9 सितंबर 2026 को प्रमुख अभियंता (ENC) को अंतिम स्मरण पत्र सौंपा गया, लेकिन 16 सितंबर तक समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदारों ने सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD), फाइनल बिल, जनभागीदारी की राशि, स्वीकृत फाइनल बिलों के भुगतान, हेडओवर के बाद भुगतान तथा अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन का आरोप है कि लंबित भुगतान के कारण ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और बैंक की किस्त, सप्लायर्स का भुगतान तथा निर्माण श्रमिकों की मजदूरी देना मुश्किल हो रहा है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर से प्रमुख अभियंता कार्यालय, भोपाल के समक्ष धरना दिया जाएगा। संगठन ने मुख्यमंत्री और विभागीय प्रमुख सचिव से भी हस्तक्षेप कर ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। करोड़ों के लंबित भुगतान और विभागीय उदासीनता के खिलाफ ठेकेदारों का आंदोलन, 16 सितंबर से धरने की चेतावनी भोपाल। मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के अंतर्गत ग्रामीण नल-जल योजनाओं और अधोसंरचना निर्माण से जुड़े ठेकेदारों ने करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। ठेकेदारों के संगठन ने कहा है कि लगातार पत्राचार और अधिकारियों से चर्चा के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। फेडरेशन के प्रमुख निखिल जैन के अनुसार, संगठन द्वारा 21 जुलाई, 24 अगस्त और 4 सितंबर को पत्राचार किए जाने के बाद 9 सितंबर 2026 को प्रमुख अभियंता (ENC) को अंतिम स्मरण पत्र सौंपा गया, लेकिन 16 सितंबर तक समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदारों ने सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD), फाइनल बिल, जनभागीदारी की राशि, स्वीकृत फाइनल बिलों के भुगतान, हेडओवर के बाद भुगतान तथा अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन का आरोप है कि लंबित भुगतान के कारण ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और बैंक की किस्त, सप्लायर्स का भुगतान तथा निर्माण श्रमिकों की मजदूरी देना मुश्किल हो रहा है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर से प्रमुख अभियंता कार्यालय, भोपाल के समक्ष धरना दिया जाएगा। संगठन ने मुख्यमंत्री और विभागीय प्रमुख सचिव से भी हस्तक्षेप कर ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
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    करोड़ों के लंबित भुगतान और विभागीय उदासीनता के खिलाफ ठेकेदारों का आंदोलन, 16 सितंबर से धरने की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के अंतर्गत ग्रामीण नल-जल योजनाओं और अधोसंरचना निर्माण से जुड़े ठेकेदारों ने करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। ठेकेदारों के संगठन ने कहा है कि लगातार पत्राचार और अधिकारियों से चर्चा के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

फेडरेशन के प्रमुख निखिल जैन के अनुसार, संगठन द्वारा 21 जुलाई, 24 अगस्त और 4 सितंबर को पत्राचार किए जाने के बाद 9 सितंबर 2026 को प्रमुख अभियंता (ENC) को अंतिम स्मरण पत्र सौंपा गया, लेकिन 16 सितंबर तक समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ठेकेदारों ने सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD), फाइनल बिल, जनभागीदारी की राशि, स्वीकृत फाइनल बिलों के भुगतान, हेडओवर के बाद भुगतान तथा अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन का आरोप है कि लंबित भुगतान के कारण ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और बैंक की किस्त, सप्लायर्स का भुगतान तथा निर्माण श्रमिकों की मजदूरी देना मुश्किल हो रहा है।

फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर से प्रमुख अभियंता कार्यालय, भोपाल के समक्ष धरना दिया जाएगा। संगठन ने मुख्यमंत्री और विभागीय प्रमुख सचिव से भी हस्तक्षेप कर ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
करोड़ों के लंबित भुगतान और विभागीय उदासीनता के खिलाफ ठेकेदारों का आंदोलन, 16 सितंबर से धरने की चेतावनी
भोपाल। मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के अंतर्गत ग्रामीण नल-जल योजनाओं और अधोसंरचना निर्माण से जुड़े ठेकेदारों ने करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। ठेकेदारों के संगठन ने कहा है कि लगातार पत्राचार और अधिकारियों से चर्चा के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
फेडरेशन के प्रमुख निखिल जैन के अनुसार, संगठन द्वारा 21 जुलाई, 24 अगस्त और 4 सितंबर को पत्राचार किए जाने के बाद 9 सितंबर 2026 को प्रमुख अभियंता (ENC) को अंतिम स्मरण पत्र सौंपा गया, लेकिन 16 सितंबर तक समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ठेकेदारों ने सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD), फाइनल बिल, जनभागीदारी की राशि, स्वीकृत फाइनल बिलों के भुगतान, हेडओवर के बाद भुगतान तथा अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन का आरोप है कि लंबित भुगतान के कारण ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और बैंक की किस्त, सप्लायर्स का भुगतान तथा निर्माण श्रमिकों की मजदूरी देना मुश्किल हो रहा है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर से प्रमुख अभियंता कार्यालय, भोपाल के समक्ष धरना दिया जाएगा। संगठन ने मुख्यमंत्री और विभागीय प्रमुख सचिव से भी हस्तक्षेप कर ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
    user_Guru Prasad Sharma
    Guru Prasad Sharma
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • today news | मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना |#breakingnews मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए ई-स्कूटी योजना के नए चरण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को राज्य स्तरीय समारोह में चयनित मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ई-स्कूटी क्रय की राशि डिजिटल ट्रांसफर करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
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    today news | मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना |#breakingnews 
मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण योजना
राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए ई-स्कूटी योजना के नए चरण की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को राज्य स्तरीय समारोह में चयनित मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ई-स्कूटी क्रय की राशि डिजिटल ट्रांसफर करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को हरित ऊर्जा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Local News Reporter अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बामौरी दौरे से ठीक पहले प्रशासन की नींद खुल गई है!" केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बामौरी दौरे से ठीक पहले प्रशासन की नींद खुल गई है! बामौरी की जिन सड़कों पर कई महीनों से बड़े-बड़े गड्ढे लोगों की मुसीबत बने हुए थे, वीआईपी दौरे के आते ही उन गड्ढों की आनन-फानन में भराई कर दी गई है। यह नज़ारा बामौरी एसबीआई बैंक शाखा के सामने का है, जहां महीनों से बदहाल पड़ी सड़क को दौरे के चलते रातों-रात दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है।" काश! नेता जी हर महीने आते... क्योंकि जब तक वीआईपी का दौरा न हो, तब तक प्रशासन को जनता के गड्ढे नज़र नहीं आते! बामौरी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे से ठीक पहले महीनों से खुदी पड़ी सड़कों पर अचानक मरम्मत का काम शुरू हो गया। एसबीआई शाखा के सामने के गहरे गड्ढे भर दिए गए हैं। सवाल यही है कि जो काम महीनों से अटका था, वो वीआईपी दौरे के डर से चंद घंटों में कैसे हो गया?" सिंधिया के दौरे से पहले खुली प्रशासन की नींद! कई महीनों से बदहाल सड़कों के गड्ढे रातों-रात भरे गए बामौरी: SBI शाखा के सामने सड़क सुधार का काम तेज़ जनता का सवाल: क्या केवल वीआईपी दौरे पर ही सुधरेंगी सड़कें?
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    केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बामौरी दौरे से ठीक पहले प्रशासन की नींद खुल गई है!"
केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बामौरी दौरे से ठीक पहले प्रशासन की नींद खुल गई है! बामौरी की जिन सड़कों पर कई महीनों से बड़े-बड़े गड्ढे लोगों की मुसीबत बने हुए थे, वीआईपी दौरे के आते ही उन गड्ढों की आनन-फानन में भराई कर दी गई है। यह नज़ारा बामौरी एसबीआई बैंक शाखा के सामने का है, जहां महीनों से बदहाल पड़ी सड़क को दौरे के चलते रातों-रात दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है।"
काश! नेता जी हर महीने आते... क्योंकि जब तक वीआईपी का दौरा न हो, तब तक प्रशासन को जनता के गड्ढे नज़र नहीं आते! बामौरी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दौरे से ठीक पहले महीनों से खुदी पड़ी सड़कों पर अचानक मरम्मत का काम शुरू हो गया। एसबीआई शाखा के सामने के गहरे गड्ढे भर दिए गए हैं। सवाल यही है कि जो काम महीनों से अटका था, वो वीआईपी दौरे के डर से चंद घंटों में कैसे हो गया?"
सिंधिया के दौरे से पहले खुली प्रशासन की नींद!
कई महीनों से बदहाल सड़कों के गड्ढे रातों-रात भरे गए
बामौरी: SBI शाखा के सामने सड़क सुधार का काम तेज़
जनता का सवाल: क्या केवल वीआईपी दौरे पर ही सुधरेंगी सड़कें?
    user_Bamori Times News
    Bamori Times News
    Local News Reporter बामोरी, गुना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • फतेहगढ़ में विश्वकर्मा पूजन पर लोक संस्कृति ने बांधा समां डीजे और सोशल मीडिया की चकाचौंध के बीच पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों ने दिलाई अपनी जड़ों की याद फतेहगढ़/गुना। भगवान विश्वकर्मा पूजन दिवस के अवसर पर फतेहगढ़ में निकले भव्य चल समारोह में इस बार धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों की मनमोहक झलक देखने को मिली। आधुनिक दौर में जहां डीजे और सोशल मीडिया की चमक-दमक ने पारंपरिक लोक कलाओं को पीछे धकेल दिया है, वहीं विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर समाजजनों ने लोकगीत और लोकनृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। फतेहगढ़ स्थित सिद्ध झिरिया आश्रम विश्वकर्मा मंदिर से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद चल समारोह प्रारंभ हुआ। ढोल की थाप, पारंपरिक गीतों और लोकनृत्य के साथ निकला जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरा। समारोह में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आधुनिकता के दौर में लोक संस्कृति के संरक्षण की जरूरत भारतीय संस्कृति में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामूहिक जीवन की पहचान रहे हैं। गांवों में होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन बदलते समय के साथ मनोरंजन के साधन भी तेजी से बदले हैं। डीजे, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और आधुनिक संगीत की बढ़ती लोकप्रियता के बीच कई पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य नई पीढ़ी से दूर होते जा रहे हैं। कई लोक कलाएं आज संरक्षण और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की चुनौती का सामना कर रही हैं। विश्वकर्मा समारोह बना संस्कृति का मंच फतेहगढ़ में आयोजित विश्वकर्मा पूजन समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों ने इस बदलाव के बीच अलग ही रंग भर दिया। समाज की महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुति देकर न केवल समारोह में उत्साह बढ़ाया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का संदेश भी दिया। चल समारोह के दौरान नगर में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का यह संगम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों और युवाओं ने भी पारंपरिक प्रस्तुतियों को देखा और उनका आनंद लिया। सिर्फ आयोजन नहीं, संस्कृति बचाने की पहल विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर हुए इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी लोक परंपराओं को भूलना नहीं चाहिए। लोकगीत और लोकनृत्य हमारी सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा हैं। इन्हें केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित रखने के बजाय स्कूलों, सामाजिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी से जोड़ने की जरूरत है। फतेहगढ़ का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक विरासत की एक खूबसूरत झलक बनकर सामने आया, जहां भगवान विश्वकर्मा की भक्ति के साथ भारतीय लोक संस्कृति की परंपरा भी कदमताल करती नजर आई।
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    फतेहगढ़ में विश्वकर्मा पूजन पर लोक संस्कृति ने बांधा समां
डीजे और सोशल मीडिया की चकाचौंध के बीच पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों ने दिलाई अपनी जड़ों की याद
फतेहगढ़/गुना। भगवान विश्वकर्मा पूजन दिवस के अवसर पर फतेहगढ़ में निकले भव्य चल समारोह में इस बार धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक लोकगीत-नृत्यों की मनमोहक झलक देखने को मिली। आधुनिक दौर में जहां डीजे और सोशल मीडिया की चमक-दमक ने पारंपरिक लोक कलाओं को पीछे धकेल दिया है, वहीं विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर समाजजनों ने लोकगीत और लोकनृत्य के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।
फतेहगढ़ स्थित सिद्ध झिरिया आश्रम विश्वकर्मा मंदिर से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद चल समारोह प्रारंभ हुआ। ढोल की थाप, पारंपरिक गीतों और लोकनृत्य के साथ निकला जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरा। समारोह में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आधुनिकता के दौर में लोक संस्कृति के संरक्षण की जरूरत
भारतीय संस्कृति में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामूहिक जीवन की पहचान रहे हैं। गांवों में होने वाले धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
लेकिन बदलते समय के साथ मनोरंजन के साधन भी तेजी से बदले हैं। डीजे, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और आधुनिक संगीत की बढ़ती लोकप्रियता के बीच कई पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य नई पीढ़ी से दूर होते जा रहे हैं। कई लोक कलाएं आज संरक्षण और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की चुनौती का सामना कर रही हैं।
विश्वकर्मा समारोह बना संस्कृति का मंच
फतेहगढ़ में आयोजित विश्वकर्मा पूजन समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों ने इस बदलाव के बीच अलग ही रंग भर दिया। समाज की महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुति देकर न केवल समारोह में उत्साह बढ़ाया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का संदेश भी दिया।
चल समारोह के दौरान नगर में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति का यह संगम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों और युवाओं ने भी पारंपरिक प्रस्तुतियों को देखा और उनका आनंद लिया।
सिर्फ आयोजन नहीं, संस्कृति बचाने की पहल
विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर हुए इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना जरूरी है, लेकिन अपनी लोक परंपराओं को भूलना नहीं चाहिए। लोकगीत और लोकनृत्य हमारी सांस्कृतिक स्मृति का हिस्सा हैं। इन्हें केवल किसी विशेष अवसर तक सीमित रखने के बजाय स्कूलों, सामाजिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी से जोड़ने की जरूरत है।
फतेहगढ़ का यह आयोजन इसी सांस्कृतिक विरासत की एक खूबसूरत झलक बनकर सामने आया, जहां भगवान विश्वकर्मा की भक्ति के साथ भारतीय लोक संस्कृति की परंपरा भी कदमताल करती नजर आई।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध एसडीएम ऑफिस में हनुमान चालीसा, राष्ट्रपति को ज्ञापन
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    आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश 
काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध

आरोन में सवर्ण समाज का जन आक्रोश 
काली पट्टी बांधकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध
एसडीएम ऑफिस में हनुमान चालीसा, राष्ट्रपति को ज्ञापन
    user_Rahul Saxena
    Rahul Saxena
    Media company आरौन, गुना, मध्य प्रदेश•
    56 min ago
  • मौसम का मिजाज: विदाई से पहले 19 सितंबर से सक्रिय होगा नया सिस्टम मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार राज्य में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ी हैं, जिससे अधिकांश जिलों में तीखी धूप और उमस बढ़ गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से 19 सितंबर के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। राज्य में अब तक सामान्य बारिश के कोटे से लगभग 4 से 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
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    मौसम का मिजाज: विदाई से पहले 19 सितंबर से सक्रिय होगा नया सिस्टम
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार राज्य में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ी हैं, जिससे अधिकांश जिलों में तीखी धूप और उमस बढ़ गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से 19 सितंबर के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। राज्य में अब तक सामान्य बारिश के कोटे से लगभग 4 से 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Local News Reporter अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कलेक्टर से मिलने पहुँचे सेकड़ो किसान, मुलाकात नही होने से कुत्ते के गले मे टांगा आवेदन कलेक्टर से मिलने पहुंचे सैकड़ों किसान, नहीं हुई मुलाकात तो कुत्ते के गले में टांग दिया ज्ञापन; VIDEO वायरल खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान किसान अधिकार रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, रैली मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे सब्जी मंडी से शुरू हुई और शाम करीब 4 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। किसानों ने वहां नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। बताया गया कि उस समय कलेक्टर ऋषव गुप्ता टीएल बैठक में मौजूद थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। कुत्ते के गले में बांध दिया ज्ञापन काफी देर इंतजार के बाद किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक श्वान के गले में गमछे की मदद से ज्ञापन टांग दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चार गुना मुआवजा और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग किसानों ने नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई। इसके अलावा इंदिरा सागर बांध के डूब प्रभावित और विस्थापित परिवारों के मुआवजे, पुनर्वास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन रिपोर्ट के अनुसार, किसानों ने बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। नोट: “कलेक्टर ने किसानों का ज्ञापन लेने से इनकार किया” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कलेक्टर उस समय टीएल बैठक में थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध किया।
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    कलेक्टर से मिलने पहुँचे सेकड़ो किसान, मुलाकात नही होने से कुत्ते के गले मे टांगा आवेदन
कलेक्टर से मिलने पहुंचे सैकड़ों किसान, नहीं हुई मुलाकात तो कुत्ते के गले में टांग दिया ज्ञापन; VIDEO वायरल
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान किसान अधिकार रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। 
रिपोर्टों के मुताबिक, रैली मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे सब्जी मंडी से शुरू हुई और शाम करीब 4 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। किसानों ने वहां नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। बताया गया कि उस समय कलेक्टर ऋषव गुप्ता टीएल बैठक में मौजूद थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। 
कुत्ते के गले में बांध दिया ज्ञापन
काफी देर इंतजार के बाद किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक श्वान के गले में गमछे की मदद से ज्ञापन टांग दिया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 
चार गुना मुआवजा और विस्थापितों के पुनर्वास की मांग
किसानों ने नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई। इसके अलावा इंदिरा सागर बांध के डूब प्रभावित और विस्थापित परिवारों के मुआवजे, पुनर्वास तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। 
बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार, किसानों ने बाद में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। 
नोट: “कलेक्टर ने किसानों का ज्ञापन लेने से इनकार किया” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा; उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कलेक्टर उस समय टीएल बैठक में थे और किसानों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध किया।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ऐशबाग स्टेडियम मजार के पास पुल के नीचे लगी भीषण आग पुलिस बल मौके पर मौजूद
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    ऐशबाग स्टेडियम मजार के पास पुल के नीचे लगी भीषण आग पुलिस बल मौके पर मौजूद
    user_AM   NEWS
    AM NEWS
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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