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मध्य प्रदेश में पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के लिखित बयान और वीडियो में स्पष्ट विरोधाभास होने की बात कही है। कल्पना वर्मा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का मूल कर्तव्य समाज को जोड़ना और आपसी समरसता बनाए रखना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी बयान से जनभावनाएं आहत हुई हैं, तो लोकतांत्रिक मर्यादा के तहत स्पष्टीकरण देना या सार्वजनिक रूप से माफी मांगना ही जिम्मेदारीपूर्ण राजनीति है। उनका मानना है कि समाज को जोड़ना ही सच्ची सेवा है।
रामदत्त दाहिया
मध्य प्रदेश में पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के लिखित बयान और वीडियो में स्पष्ट विरोधाभास होने की बात कही है। कल्पना वर्मा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का मूल कर्तव्य समाज को जोड़ना और आपसी समरसता बनाए रखना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी बयान से जनभावनाएं आहत हुई हैं, तो लोकतांत्रिक मर्यादा के तहत स्पष्टीकरण देना या सार्वजनिक रूप से माफी मांगना ही जिम्मेदारीपूर्ण राजनीति है। उनका मानना है कि समाज को जोड़ना ही सच्ची सेवा है।
- Sukhchain YadavHarrai, Chhindwara😤2 hrs ago
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- सतना के रामपुर बघेलान में मंगलवार, दिनांक 21/07/2026 को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में कलेक्टर सतना की उपस्थिति रहने की सूचना मिलने पर नगर परिषद रामपुर बघेलान द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। कलेक्टर महोदय सतना के आगमन की सूचना मिलने पर ही नगर परिषद ने तहसील रामपुर बघेलान के परिसर में यह स्वच्छता अभियान चलाया।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क खबरें भोपाल रीवा जबलपुर इंदौर कटनी शहडोल अनूपपुर सतना मैहर मध्य प्रदेश जनसंपर्क खबरें भोपाल रीवा जबलपुर इंदौर कटनी शहडोल अनूपपुर सतना मैहर1
- ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश के चित्रकूट थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 251/2026 की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर रीवा पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन पाण्डेय के खिलाफ यह मामला तब सामने आया है जब उन्होंने जनहित के मुद्दे उठाए। ऐसे में इस मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी जांच थाना स्तर पर कराने के बजाय किसी स्वतंत्र एवं वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी से कराई जानी चाहिए। चतुर्वेदी ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि नगर परिषद चित्रकूट की जनसुनवाई के दौरान हुई घटना, मीडिया में दिए गए सार्वजनिक बयान और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों को भी इस जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि पूरे मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच हो सके। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से न केवल वास्तविक तथ्यों का खुलासा होगा, बल्कि आम जनता का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा।1
- मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी द्वारा ब्राह्मण एवं राजपूत (ठाकुर) समाज के संबंध में दिए गए सार्वजनिक बयान पर स्पष्टीकरण की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों का गुस्सा भड़क उठा है। इसी सिलसिले में विभिन्न सामाजिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल सतना पहुंचा। सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन (म.प्र.) के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यमंत्री से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संवाद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें मंत्री निवास तक जाने की अनुमति नहीं दी। मार्ग में रोके जाने के बाद, प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों के माध्यम से राज्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उर्मिलिया, और श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष भरत सिंह परिहार के साथ-साथ पन्ना, सतना, रीवा, कटनी और अन्य जिलों के कई पदाधिकारी शामिल थे। संगठनों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 19 जुलाई 2026 को ही जिला एवं पुलिस प्रशासन को लिखित सूचना देकर यह साफ कर दिया था कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन, घेराव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ना नहीं है, बल्कि वे केवल सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए तथ्यात्मक संवाद करना चाहते हैं। ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी ने कहा कि किसी भी समाज पर बिना पर्याप्त आधार के सार्वजनिक आरोप लगाने से व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने राज्यमंत्री को अपने बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने के लिए 15 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो संगठन पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ज्ञापन, संवाद और विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगा। वहीं, अखिल भारतीय ब्राह्मण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने कहा कि किसी व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना ठीक नहीं है। इस मौके पर पन्ना से भूपेंद्र सिंह परमार, अखिल भार्गव, आलोक खरे, धीरेन्द्र खरे, गंगाप्रसाद शर्मा, सुरेंद्र खरे, अंकित पाठक, सतीश शर्मा, कमल सिंह राजपूत, मनीष पाठक और शिवेंद्र मिश्रा सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- सतना के बिरसिंहपुर तिघरा के निवासी डिप्टी कमिश्नर पुष्पेंद्र कुशवाहा के लंदन से अपनी डिग्री पूरी कर गृहनगर लौटने पर सतना रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत किया गया। पुष्पेंद्र कुशवाहा ने लंदन की ब्रिस्टल और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से 'एमएससी इन रिसर्चिंग पब्लिक पॉलिसी' (MSc in Researching Public Policy) में अपना ग्रेजुएशन पूरा कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वे वंदे भारत ट्रेन से सतना रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां शुभचिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। इस गौरवशाली क्षण पर उनका स्वागत करने के लिए रेलवे स्टेशन पर एडवोकेट के.पी. पाल, उमाशंकर सिंह, उनके बड़े भाई कमलेश कुशवाहा, डी.के. प्रजापति, पुष्पराज कुशवाहा, आनंद कुमार महाजन, राहुल कुशवाहा, बृजलाल साहू और भारत कुशवाहा सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने उन्हें माला पहनाकर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं कीं।3
- सतना जिले के कुख्यात पशु तस्कर समीर खान के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, समीर खान की लाइसेंसी बंदूक को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। समीर खान ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पशु तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा है, जिसके जरिए बड़ी संख्या में मवेशियों की तस्करी की जाती है। इस नेटवर्क के कारण ही सतना तस्करों के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर बन चुका है। हालांकि, हालिया पुलिस अभियानों में सतना से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले इस गिरोह का पर्दाफाश हो चुका है। इस तस्करी नेटवर्क में समीर खान की मदद करने वाले कुछ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की बात भी सामने आ रही है। इनके नामों का जल्द ही खुलासा होने की संभावना है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल सतना पुलिस इस सक्रिय नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में थाना अमहिया पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत मानस भवन के पास एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को शपथ दिलाई।1
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