साइबर हाईजीन एवं साइबर सुरक्षा के सम्बन्ध मे 01 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला किया गया आयोजित। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे आयोजित की गई प्रशिक्षण कार्यशाला। पुलिस मुख्यालय रायपुर से टेक्निकल ब्रांच के साइबर कमांडो द्वारा जिले मे पदस्थ अधिकारियो/कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित। साइबर अटैक से सिस्टम का बचाव एवं डाटा सुरक्षित रखने SOP का पालन करने दी गई जानकारी। :- साइबर कमांडो द्वारा इकाई के हार्डवेयर, नेटवर्क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया। साइबर अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए समय समय पर साइबर हाईजीन सुनिश्चित् करते हुए साईबर खतरों, डेटा बीच जैसे जोखिमों को कम किये जाने के क्रम मे पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा प्रशिक्षित साइबर टीम को जिले के पुलिस अधिकारियो एवं कर्मचारियों को साइबर हाईजीन के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, इसी क्रम मे आज़ दिनांक को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे समस्त थाना/चौकी प्रभारियों एवं कार्यालय मे पदस्थ अधिकारियो/कर्मचारियों, सीसीटीएनएस कार्य मे पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को साइबर हाईजीन सुनिश्चित् करने का प्रशिक्षण दिया गया, तथा इकाई में हार्डवेयर, नेटवर्क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया। साइबर कमांडो द्वारा पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि साइबर हाईजीन (Cyber Hygiene) रखने के दौरान अपनी ऑनलाइन सुरक्षा और डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए नियमित आदतें अपनाई जानी चाहिए। (01)मजबूत और अलग पासवर्ड: हर अकाउंट के लिए अलग और जटिल पासवर्ड (अक्षरों, अंकों और प्रतीकों के साथ) का उपयोग करें। (02) टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): सभी महत्वपूर्ण खातों (ईमेल, बैंक) पर 2FA चालू करें, जो सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। (03)सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि सुरक्षा खामियां दूर हो सकें। (04)संदिग्ध लिंक्स से बचें: अज्ञात ईमेल, संदेश या लिंक पर क्लिक न करें, ये फिशिंग हमले हो सकते हैं। (05)डेटा का बैकअप (Backup): महत्वपूर्ण फाइलों का नियमित रूप से बैकअप लें, ताकि रैनसमवेयर के हमले से डेटा न खोए। (06) सार्वजनिक Wi-Fi का सुरक्षित उपयोग: कैफे या एयरपोर्ट के फ्री Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग या संवेदनशील काम न करें। (07)एंटीवायरस का उपयोग: विश्वसनीय सुरक्षा सॉफ्टवेयर (Antivirus) इंस्टॉल करें और नियमित स्कैन करें। (08)ऐप्स को सीमित अनुमति: स्मार्टफोन पर ऐप्स को केवल उतनी ही अनुमति (Permissions) दें जितनी जरूरी हो। (09)सोशल मीडिया पर सतर्कता: सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें और प्राइवेसी सेटिंग्स कड़ी रखें। (10) लॉगआउट करना न भूलें: सार्वजनिक या शेयर किए गए कंप्यूटर का उपयोग करने के बाद हमेशा लॉगआउट करें। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, उप पुलिस अधीक्षक अजाक श्री सुरेश भगत, पीएचक्यू टेक्निकल ब्रांच से साइबर कमांडो दिलीप सिंह और रिखम साहू एवं साइबर सेल अंबिकापुर पुलिस टीम समेत जिले के विभिन्न थाना/चौकी, कार्यालय के पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
साइबर हाईजीन एवं साइबर सुरक्षा के सम्बन्ध मे 01 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला किया गया आयोजित। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे आयोजित की गई प्रशिक्षण कार्यशाला। पुलिस मुख्यालय रायपुर से टेक्निकल ब्रांच के साइबर कमांडो द्वारा जिले मे पदस्थ अधिकारियो/कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित। साइबर अटैक से सिस्टम का बचाव एवं डाटा सुरक्षित रखने SOP का पालन करने दी गई जानकारी। :- साइबर कमांडो द्वारा इकाई के हार्डवेयर, नेटवर्क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया। साइबर अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए समय समय पर साइबर हाईजीन सुनिश्चित् करते हुए साईबर खतरों, डेटा बीच जैसे जोखिमों को कम किये जाने के क्रम मे पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा प्रशिक्षित साइबर टीम को जिले के पुलिस अधिकारियो एवं कर्मचारियों को साइबर हाईजीन के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, इसी क्रम मे आज़ दिनांक को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे समस्त थाना/चौकी प्रभारियों एवं कार्यालय मे पदस्थ अधिकारियो/कर्मचारियों, सीसीटीएनएस कार्य मे पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को साइबर हाईजीन सुनिश्चित् करने का प्रशिक्षण दिया गया, तथा इकाई में हार्डवेयर, नेटवर्क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया। साइबर कमांडो द्वारा पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि साइबर हाईजीन (Cyber Hygiene) रखने के दौरान अपनी ऑनलाइन सुरक्षा और डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए नियमित आदतें अपनाई जानी चाहिए। (01)मजबूत और अलग पासवर्ड: हर अकाउंट के लिए अलग और जटिल पासवर्ड (अक्षरों, अंकों और प्रतीकों के साथ) का उपयोग करें। (02) टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): सभी महत्वपूर्ण खातों (ईमेल, बैंक) पर 2FA चालू करें, जो सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। (03)सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि सुरक्षा खामियां दूर हो सकें। (04)संदिग्ध लिंक्स से बचें: अज्ञात ईमेल, संदेश या लिंक पर क्लिक न करें, ये फिशिंग हमले हो सकते हैं। (05)डेटा का बैकअप (Backup): महत्वपूर्ण फाइलों का नियमित रूप से बैकअप लें, ताकि रैनसमवेयर के हमले से डेटा न खोए। (06) सार्वजनिक Wi-Fi का सुरक्षित उपयोग: कैफे या एयरपोर्ट के फ्री Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग या संवेदनशील काम न करें। (07)एंटीवायरस का उपयोग: विश्वसनीय सुरक्षा सॉफ्टवेयर (Antivirus) इंस्टॉल करें और नियमित स्कैन करें। (08)ऐप्स को सीमित अनुमति: स्मार्टफोन पर ऐप्स को केवल उतनी ही अनुमति (Permissions) दें जितनी जरूरी हो। (09)सोशल मीडिया पर सतर्कता: सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें और प्राइवेसी सेटिंग्स कड़ी रखें। (10) लॉगआउट करना न भूलें: सार्वजनिक या शेयर किए गए कंप्यूटर का उपयोग करने के बाद हमेशा लॉगआउट करें। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, उप पुलिस अधीक्षक अजाक श्री सुरेश भगत, पीएचक्यू टेक्निकल ब्रांच से साइबर कमांडो दिलीप सिंह और रिखम साहू एवं साइबर सेल अंबिकापुर पुलिस टीम समेत जिले के विभिन्न थाना/चौकी, कार्यालय के पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- पत्थलगांव में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 72 लीटर नशीली कफ सिरप के साथ अरुण यादव (27 वर्ष), निवासी पोंगरो कोडाबहरी, थाना कांसाबेल गिरफ्तार, ₹1.44 लाख की जप्ती1
- सूरजपुर ब्रेकिंग - एकंर- सूरजपुर कपड़े दुकान में लगी आग,,,, दुकान के उपरी मंजिल पर लगी आग,,,, नेशनल हाईवे 43 स्थित कृष्णा ड्रेसेस में लगी आग,,,, अज्ञात कारणों से लगी आग,,,, दमकल कि टीम मौके पर पहुंच आग बुझाने में जुटी,,,, मुख्य मार्ग किनारे दुकान में लगी आग से नेशनल हाईवे पर लग रही भीड़,,,, किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं,,,, कोतवाली थाना क्षेत्र के मेन रोड कि घटना,,,, *BGN24 India news* *सरगुजा संभागीय ब्यूरो चीफ* *शिव नाथ बघेल* कि रिपोर्ट,,,8
- आज धारमजयगड़ नोनाईजोर बृज के पास 7:5 बजे बस और सफारी जोरदार टक्कर1
- : नारी वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को उनका उचित अधिकार और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इस पहल का विरोध करते हुए कांग्रेस ने माताओं और बहनों को उनकी हिस्सेदारी से वंचित करने का काम किया है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है, जो देश की राजनीति में उनकी भागीदारी को मजबूत करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी ने ही इस महत्वपूर्ण कदम का विरोध कर अपने दोहरे चरित्र को उजागर किया है।1
- शराब पर एक ही पार्टी की दो अलग नजरिया,आखिर क्यों?1
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से सटे NTPC Limited (सीपत संयंत्र) के खिलाफ अब आर-पार की जंग की तैयारी है। लंबे समय से वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और शोषण का दंश झेल रहे प्रभावित गांवों के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। 1 मई, मजदूर दिवस के अवसर पर सुखरीपाली स्थित ठाकुर देव द्वार पर एक विशाल जनआंदोलन होने जा रहा है, जिसमें 24 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन को घेरने की रणनीति तैयार की गई है। वादों की भेंट चढ़ता विश्वास : ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधन ने बार-बार बैठकों और झूठे आश्वासनों के जरिए केवल समय बर्बाद किया है। 9 मार्च को होने वाले आंदोलन को प्रशासन ने यह कहकर रुकवाया था कि 1 मई तक सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ये क्या जादू है?...🤔 फ्लाई ऐश विभाग में 'करोड़ों का खेल'? - स्थानीय जनप्रतिनिधियों - नरेन्द्र वस्त्रकार और रेवा शंकर साहू - ने फ्लाई ऐश विभाग के AGM पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। उनकी प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं: फर्जी बिलिंग : एक ही वाहन पर कई नेम प्लेट लगाकर फर्जी भुगतान का दावा। अवैध निकासी : 'सेनोस्फीयर' जैसे प्रतिबंधित पदार्थों की चोरी-छिपे निकासी। CBI जांच की मांग : जनप्रतिनिधियों ने AGM के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की है ताकि इस 'अरबों के घोटाले' का पर्दाफाश हो सके। श्रम अधिकारों का हनन और रोजगार में धांधली - NTPC प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप है: आरक्षण की अनदेखी : आदिवासियों के लिए आरक्षित 152 पद सालों से लंबित हैं। भर्ती में भ्रष्टाचार : 692 पदों की भर्ती में गड़बड़ी और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने के आरोप। न्यूनतम मजदूरी का उल्लंघन : Minimum Wages Act, 1948 के तहत तय ₹541 की जगह मजदूरों को केवल ₹300–350 थमाए जा रहे हैं। पर्यावरण और किसानी पर प्रहार : राख डाइक (Ash Dyke) से होने वाले रिसाव ने क्षेत्र में तबाही मचा रखी है: बंजर होती जमीन : रिसाव के कारण उपजाऊ खेत दलदल में बदल रहे हैं और नहरें जाम हो चुकी हैं। स्वास्थ्य संकट : उड़ती राख से इंसानों और मवेशियों की जान पर बन आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह Environment Protection Act, 1986 और NGT के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जर्जर बुनियादी ढांचा और CSR की विफलता : Companies Act, 2013 के तहत मिलने वाले CSR फंड का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। ओवरलोडिंग की मार : 14 टन क्षमता वाली सड़कों पर 70 टन के भारी वाहन दौड़ रहे हैं। खंडहर होता क्षेत्र : प्रसिद्ध "घूमना पुल" बीते 4 वर्षों से जर्जर है, लेकिन मरम्मत की सुध लेने वाला कोई नहीं। "हक मांगने पर मिलती है धमकी" ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने जायज अधिकारों की मांग करते हैं, प्रबंधन उन्हें National Security Act (रासुका) के तहत कार्रवाई करने की धमकी देकर डराने की कोशिश करता है। मौन है प्रबंधन - इस पूरे विवाद पर जब संबंधित AGM का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। उनकी यह चुप्पी आरोपों को और अधिक हवा दे रही है। आगे क्या? - कल का सूर्योदय NTPC प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मजदूर दिवस पर होने वाला यह जनआंदोलन न केवल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करेगा, बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता की भी परीक्षा लेगा।3
- PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गूंजा नारा – महिलाओं को 33% आरक्षण कब?1
- साइबर हाईजीन एवं साइबर सुरक्षा के सम्बन्ध मे 01 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला किया गया आयोजित। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे आयोजित की गई प्रशिक्षण कार्यशाला। पुलिस मुख्यालय रायपुर से टेक्निकल ब्रांच के साइबर कमांडो द्वारा जिले मे पदस्थ अधिकारियो/कर्मचारियों को किया गया प्रशिक्षित। साइबर अटैक से सिस्टम का बचाव एवं डाटा सुरक्षित रखने SOP का पालन करने दी गई जानकारी। :- साइबर कमांडो द्वारा इकाई के हार्डवेयर, नेटवर्क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया। साइबर अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए समय समय पर साइबर हाईजीन सुनिश्चित् करते हुए साईबर खतरों, डेटा बीच जैसे जोखिमों को कम किये जाने के क्रम मे पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा प्रशिक्षित साइबर टीम को जिले के पुलिस अधिकारियो एवं कर्मचारियों को साइबर हाईजीन के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, इसी क्रम मे आज़ दिनांक को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे समस्त थाना/चौकी प्रभारियों एवं कार्यालय मे पदस्थ अधिकारियो/कर्मचारियों, सीसीटीएनएस कार्य मे पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों को साइबर हाईजीन सुनिश्चित् करने का प्रशिक्षण दिया गया, तथा इकाई में हार्डवेयर, नेटवर्क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया। साइबर कमांडो द्वारा पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि साइबर हाईजीन (Cyber Hygiene) रखने के दौरान अपनी ऑनलाइन सुरक्षा और डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए नियमित आदतें अपनाई जानी चाहिए। (01)मजबूत और अलग पासवर्ड: हर अकाउंट के लिए अलग और जटिल पासवर्ड (अक्षरों, अंकों और प्रतीकों के साथ) का उपयोग करें। (02) टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): सभी महत्वपूर्ण खातों (ईमेल, बैंक) पर 2FA चालू करें, जो सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। (03)सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें ताकि सुरक्षा खामियां दूर हो सकें। (04)संदिग्ध लिंक्स से बचें: अज्ञात ईमेल, संदेश या लिंक पर क्लिक न करें, ये फिशिंग हमले हो सकते हैं। (05)डेटा का बैकअप (Backup): महत्वपूर्ण फाइलों का नियमित रूप से बैकअप लें, ताकि रैनसमवेयर के हमले से डेटा न खोए। (06) सार्वजनिक Wi-Fi का सुरक्षित उपयोग: कैफे या एयरपोर्ट के फ्री Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग या संवेदनशील काम न करें। (07)एंटीवायरस का उपयोग: विश्वसनीय सुरक्षा सॉफ्टवेयर (Antivirus) इंस्टॉल करें और नियमित स्कैन करें। (08)ऐप्स को सीमित अनुमति: स्मार्टफोन पर ऐप्स को केवल उतनी ही अनुमति (Permissions) दें जितनी जरूरी हो। (09)सोशल मीडिया पर सतर्कता: सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें और प्राइवेसी सेटिंग्स कड़ी रखें। (10) लॉगआउट करना न भूलें: सार्वजनिक या शेयर किए गए कंप्यूटर का उपयोग करने के बाद हमेशा लॉगआउट करें। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, उप पुलिस अधीक्षक अजाक श्री सुरेश भगत, पीएचक्यू टेक्निकल ब्रांच से साइबर कमांडो दिलीप सिंह और रिखम साहू एवं साइबर सेल अंबिकापुर पुलिस टीम समेत जिले के विभिन्न थाना/चौकी, कार्यालय के पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- सुशासन सरकार की योजनाएं जब जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो ऐसे ही प्रेरणादायक बदलाव देखने को मिलते हैं। सरकार के सहयोग और अपने हुनर के दम पर ये महिलाएं न सिर्फ अपनी पहचान बना रही हैं, बल्कि समाज को भी आगे बढ़ने की नई दिशा दिखा रही हैं। ये सिर्फ एक रसोई नहीं, बल्कि सशक्तिकरण की एक जीवंत कहानी है। 💪🍲1