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यह वह सकसियत है जो अपनी काबलियत के कारण जाने जाते रहे हैं जिन्होंने सत्ता के विपरीत भी अपनी जनता का विश्वास क़ायम और मेहनत से जनता के दिलो पर राज करते रहे शत शत नमन
Ashok verma
यह वह सकसियत है जो अपनी काबलियत के कारण जाने जाते रहे हैं जिन्होंने सत्ता के विपरीत भी अपनी जनता का विश्वास क़ायम और मेहनत से जनता के दिलो पर राज करते रहे शत शत नमन
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- यह वह सकसियत है जो अपनी काबलियत के कारण जाने जाते रहे हैं जिन्होंने सत्ता के विपरीत भी अपनी जनता का विश्वास क़ायम और मेहनत से जनता के दिलो पर राज करते रहे शत शत नमन1
- जमीन के लालच में जीजा की हत्या तालाब में फेंका शव चार आरोपी गिरफ्तार सुल्तानपुर। कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम लोलपुर चौहानी में 2 अगस्त को हुई शाकिब हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार जमीन के लालच में शाकिब की गला दबाकर हत्या कर शव तालाब में फेंक दिया गया था। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित चार टीमों ने जांच के बाद घटना का पर्दाफाश किया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्या में प्रयुक्त साक्ष्यों और घटना की पूरी कड़ी खंगाल रही है।1
- लोलेपुर चौहानी हत्या के मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर की बाइट सुल्तानपुर जनपद में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, जहां पर लोलेपुर चौहानी हत्या के मामले में सुल्तानपुर पुलिस अधीक्षक महोदय ने बड़ी कार्यवाही करते हुए चार को गिरफ्तार किया बाइट1
- मनुष्य का पहला आहार सात्विक था-डॉ. यशमंत सिंह, आदिमानव को मांसाहारी बताना तर्कसंगत नहीं; राणा प्रताप कॉलेज में संगोष्ठी सुलतानपुर के राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित एक संगोष्ठी में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. यशमंत सिंह ने कहा कि मनुष्य का पहला आहार सात्विक था और आदिमानव को मांसाहारी बताना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि सृष्टि में शाकाहार पहले आया है, जबकि मांस का सेवन हमेशा शौक के लिए किया गया, न कि आवश्यकता के लिए। डॉ. सिंह महाविद्यालय के विवेकानंद सभागार में बाबू धनंजय सिंह स्मृति आंतरिक व्याख्यानमाला के तहत 'शाकाहार और मानव जीवन' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मांसाहार न केवल शरीर में बीमारियों को बढ़ाता है, बल्कि विचारों को भी दूषित करता है। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि हमें कम हिंसा द्वारा जीवन यापन करना चाहिए। आत्मोन्नति तभी संभव है जब हम न्यूनतम हिंसा के साथ जीवन जिएं। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि पशु-पक्षी हमेशा से हमारे साथ इसलिए रहे हैं क्योंकि हम उनका संरक्षण करते थे। यदि हम उन्हें अपना आहार बनाएंगे, तो पर्यावरण असंतुलित होगा। संगोष्ठी की शुरुआत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि धरती पर चार करोड़ प्रजाति के पौधे हैं और सभी में औषधीय गुण मौजूद हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोजन केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन को भी बनाता है, इसलिए शाकाहार अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभात श्रीवास्तव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन संयोजक डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेन्द्र प्रताप सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर धीरेन्द्र कुमार सहित सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- आज जब कोई धमकी देता है कि... दंगा करवा देंगे तो मैं कहता हूं-👇🏻 *आओ बच्चू,*... मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं कि कैसे दंगा होता है...😎🤣 *बाबा जी*1
- गांव में आने जाने के लिए 35 वर्ष पूर्व बने सरकारी खड़ंजे पर छप्पर रखकर दबंगों ने रास्ता किया बंद पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बेला गांव निवासी धर्मेन्द्र कुमार ने शनिवार को 1:00 बजे पट्टी पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपित किया की 35 वर्ष पूर्व सरकारी खडंजा गांव वालों के आने जाने के लिए बनवाया गया था जिससे ग्राम वासी होकर आते जाते हैं दबंगों ने दबंगई के बल पर सरकारी खड़ंजे पर छप्पर रखकर रास्ता बंद कर दिया जिसके कारण गांव वालों का आना-जाना बंद हो गया जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ा रही है। रास्ता खुलवाने की पुलिस से गुहार लगाई।1