मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बटुक के साथ हुई मारपीट के मामले में शामिल पुलिस अधिकारी विनीत, वर्ष 2014 बैच के PPS अधिकारी बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अधिकारी ने विवाह के लिए धर्म परिवर्तन किया था। इन तथ्यों के आलोक में कुछ गंभीर प्रश्न उठते हैं— क्या इस घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हुई है? क्या पीड़ित की धार्मिक पहचान के कारण उसके साथ अत्यधिक बल प्रयोग हुआ? यदि आरोप सही हैं, तो अब तक संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कानूनी/ प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि धर्म, व्यक्तिगत जीवन या विवाह अपने-आप में अपराध नहीं हैं। लेकिन यदि किसी अधिकारी ने कानून की शपथ का उल्लंघन करते हुए किसी नाबालिग/धार्मिक प्रतीक (बटुक) पर हिंसा की है, तो यह IPC/ CrPC और पुलिस आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन होगा—और इसमें शून्य सहनशीलता होनी चाहिए। न्याय और संविधान की मांग है कि— आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, दोष सिद्ध होने पर तत्काल कार्रवाई हो, और पीड़ित को न्याय व संरक्षण मिले।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बटुक के साथ हुई मारपीट के मामले में शामिल पुलिस अधिकारी विनीत, वर्ष 2014 बैच के PPS अधिकारी बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अधिकारी ने विवाह के लिए धर्म
परिवर्तन किया था। इन तथ्यों के आलोक में कुछ गंभीर प्रश्न उठते हैं— क्या इस घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हुई है? क्या पीड़ित की धार्मिक पहचान के कारण उसके साथ अत्यधिक बल प्रयोग हुआ? यदि आरोप सही हैं, तो अब तक संबंधित अधिकारी
के विरुद्ध कानूनी/ प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि धर्म, व्यक्तिगत जीवन या विवाह अपने-आप में अपराध नहीं हैं। लेकिन यदि किसी अधिकारी ने कानून की शपथ का उल्लंघन करते हुए किसी नाबालिग/धार्मिक प्रतीक (बटुक) पर हिंसा
की है, तो यह IPC/ CrPC और पुलिस आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन होगा—और इसमें शून्य सहनशीलता होनी चाहिए। न्याय और संविधान की मांग है कि— आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, दोष सिद्ध होने पर तत्काल कार्रवाई हो, और पीड़ित को न्याय व संरक्षण मिले।
- Post by Amit Yadav1
- नये नये एंटायर पोलिटिकल साइंस से phd कर रहे समस्त नमो फोबिया से ग्रसित भक्तों व वर्तमान में प्रयागराज जनपद में तैनात सरकारी मशीनरी के जिम्मेदारों के साथ आजतक पर उछल कूद कर रहे ढ़ोंगी, योगी व बीजेपी समर्थक को भाजपा द्वारा जितेन्द्र सरस्वती को टीवी डिबेट में प्रवक्ता बनाना इस बात का संकेत है कि अब पार्टी को तथ्यों से नहीं, चेहरों से बहस जीतनी है। लोकतंत्र में प्रवक्ता का काम सवालों से भागना नहीं, जवाब देना होता है — लेकिन टीवी पर आज जवाब नहीं, डैमेज कंट्रोल चल रहा है।1
- नौटंकी के मशहूर कलाकार श्री राम कॉमेडियन अब नहीं रहे पूरी जिंदगी बीता दे नौटंकी क्षेत्र1
- हमने महात्मा गाँधी जी के नाम से मनरेगा शुरू किया था, लेकिन ये सरकार इसे तबाह करने पर तुली है। मनरेगा को ख़त्म कर सरकार ने ग्रामीण भारत के गरीबों, कमजोर तबकों पर हमला किया है, जिसका देशभर में विरोध हो रहा है। जल्द ही बजट सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें हम मनरेगा के मुद्दे को उठाएंगे। देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी गांव स्तर पर इस गंभीर मुद्दे को आंदोलन के रूप मे लेकर जा रही है। MGNREGA को फिर से लागू करना ही पड़ेगा। इस कानून को उसी तरह वापस लेना होगा, जैसे तीन काले कृषि कानूनों को लेना पड़ा था। मैं इस मौके पर आप सबसे कुछ अपील करना चाहता हूँ। यह लडाई किसी दल की लड़ाई नहीं। गरीब और कमजोर लोगों के हक हकूक की लड़ाई है- मल्लिकार्जुन खड़गे। #मनरेगा_बचाओ_संग्राम पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- Post by Shyamu Patel1
- रायबरेली गोरा बाजार मोहारी का पुरवा विधवा महिला ज्ञान वती के सास का नाम गुन्ता था गुन्ता ने अपने बेटे रामकुमार को वसीयत कर दिया रेखा बाजपेयी सदर तहसील मे नकली बैनामा दिखा कर मुन्सी ओर कर्मचारी को घूस देकर गुन्ता का नाम कटवा दिया ओर रेखा बाजपेयी नकली बैनामा दिखा कर अपने नाम चाडाॅ लिया जब ज्ञान वती को पता चला तो ज्ञान वती ने लखनऊ कमीशीनी से मुकादमा दैर किया लखनऊ कमीशीनी से केश चल रहा लेकिन रेखा बाजपेयी फर्जी कागज दिखा कर अधिकारियों ओर प्रशासन को घूस देकर आयेदिन जोर जबरदस्ती अवैध कप्जा है ज्ञानवती ने लगाई मुख्यमंत्री योगी बाबा महराज से वरासात चडाने कि गुहार4
- Post by Balvant singh Press1
- Post by Amit Yadav1