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मौत पर भोज नहीं, दुआ चाहिए: मरण भोज के खिलाफ मुड़ली के युवाओं की पहल मुड़ली के जागरूक युवाओं ने समाज में फैले गलत रिवाज मरण भोज के खिलाफ एक सराहनीय पहल की है। युवाओं ने संकल्प लिया है कि वे न तो मरण भोज में शामिल होंगे और न ही किसी को इसकी सलाह देंगे। उनका मानना है कि शोक की घड़ी में दावत नहीं, बल्कि दुआ, सब्र और पीड़ित परिवार की मदद ही इंसानियत और धर्म का तकाज़ा है। यह पहल समाज को कुप्रथाओं से मुक्त करने की दिशा में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दे रही है। #SocialReform #NoFuneralFeast #EndBadPractices #YouthForChange #MourningWithDignity #SayNoToFuneralFeast #CommunityAwareness #HumanityFirst #PrayersNotFeast #MurliYouth
Md Shamse Alam Champarni
मौत पर भोज नहीं, दुआ चाहिए: मरण भोज के खिलाफ मुड़ली के युवाओं की पहल मुड़ली के जागरूक युवाओं ने समाज में फैले गलत रिवाज मरण भोज के खिलाफ एक सराहनीय पहल की है। युवाओं ने संकल्प लिया है कि वे न तो मरण भोज में शामिल होंगे और न ही किसी को इसकी सलाह देंगे। उनका मानना है कि शोक की घड़ी में दावत नहीं, बल्कि दुआ, सब्र और पीड़ित परिवार की मदद ही इंसानियत और धर्म का तकाज़ा है। यह पहल समाज को कुप्रथाओं से मुक्त करने की दिशा में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दे रही है। #SocialReform #NoFuneralFeast #EndBadPractices #YouthForChange #MourningWithDignity #SayNoToFuneralFeast #CommunityAwareness #HumanityFirst #PrayersNotFeast #MurliYouth
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- मौत पर भोज नहीं, दुआ चाहिए: मरण भोज के खिलाफ मुड़ली के युवाओं की पहल मुड़ली के जागरूक युवाओं ने समाज में फैले गलत रिवाज मरण भोज के खिलाफ एक सराहनीय पहल की है। युवाओं ने संकल्प लिया है कि वे न तो मरण भोज में शामिल होंगे और न ही किसी को इसकी सलाह देंगे। उनका मानना है कि शोक की घड़ी में दावत नहीं, बल्कि दुआ, सब्र और पीड़ित परिवार की मदद ही इंसानियत और धर्म का तकाज़ा है। यह पहल समाज को कुप्रथाओं से मुक्त करने की दिशा में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दे रही है। #SocialReform #NoFuneralFeast #EndBadPractices #YouthForChange #MourningWithDignity #SayNoToFuneralFeast #CommunityAwareness #HumanityFirst #PrayersNotFeast #MurliYouth1
- सुगौली रेल पुलिस ने नियमित जांच के दौरान सत्याग्रह एक्सप्रेस से 85 बोतल विदेशी शराब किया बरामद, अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई में जुटी।1
- जलाभिषेक के बाद शिवलिंग को ढकने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आस्था को ढकना समाधान है या व्यवस्था सुधारना ज़रूरी? #ViratRamayanMandir #WorldLargestShivling #18JanuaryDecision #ShivlingAastha #TempleManagementFail #BiharAdministration #VyavasthaParSawal #ShraddhaluonKiAwaaz #जनहित #धार्मिक_आस्था #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- थरथरी में सनसनीखेज हत्या, बोरे में बंद युवक अंशु कुमार का शव बरामद। (शंकर कुमार सिन्हा, जिला ब्यूरो चीफ, दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार, नालंदा बिहार।) नालंदा 12 जनवरी 2026-थरथरी। नालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयल बीघा गांव के पास पुलिस ने बोरे में बंद एक युवक का शव बरामद किया है। मृतक की पहचान अंशु कुमार के रूप में की गई है।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। इस संबंध में एएसपी हिलसा सैलजा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कोयल बीघा गांव के पास एक शव पड़ा हुआ है। सूचना के सत्यापन के लिए जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तो बोरे में बंद युवक का शव बरामद हुआ।पुलिस के अनुसार मृतक के गले पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले का पूर्ण खुलासा हो सकेगा।2
- घोड़े से शराब तस्करी का अनोखा खेल पुलिस ने किया नाकाम, तस्कर गिरफ्तार नौतन थाना पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अनोखे तस्करी के तरीके का पर्दाफाश किया है। दियारा क्षेत्र से घोड़े के माध्यम से विदेशी शराब की तस्करी की जा रही थी, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 158 पीस विदेशी शराब के साथ एक घोड़ा और एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि मकड़ी टोला बडरिया इलाके से शराब की खेप घोड़े पर लादकर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापामारी की, जहां से शराब से लदा घोड़ा और तस्कर को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान नौतन थाना क्षेत्र के तेलवा गांव निवासी रंग लाल यादव के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार तस्कर दियारा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर शराब की तस्करी कर रहा था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। पुलिस ने शराब और घोड़े को जब्त कर लिया है तथा आरोपी के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से इलाके में शराब तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है और पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अवैध शराब कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।4
- Post by Santosh kumar1
- प्रेस विज्ञप्ति (संख्या-01) 12 January . माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में प्रस्तावित समृद्धि यात्रा के मद्देनजर आज आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, श्री गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयुक्त महोदय ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। 12.01.2026.1
- न्याय के लिए भटक रहे सेवानिवृत्त एनटीपीसी महाप्रबंधक, अंचल प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल। (शंकर कुमार सिन्हा, जिला ब्यूरो चीफ, दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार, नालंदा बिहार।) नालंदा 12 जनवरी 2026-सिलाव। जिले में कानून-व्यवस्था और भूमि विवादों के निपटारे की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी कथित निष्क्रियता और नियमों की गलत व्याख्या के कारण एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ताजा मामला सिलाव अंचल का है, जहां दबंगों के आगे कानून बौना नजर आ रहा है।मामला सिलाव अंचल के राजस्व मौजा नानंद, खाता संख्या 3, खसरा संख्या 3643 से जुड़ा है। यह भूमि बकास्त श्रेणी की है, जिसका कुल रकबा 19 डिसमिल है। उक्त भूमि का बंदोबस्त जमींदार द्वारा मध्यवर्ती किसान के नाम किया गया था। वर्ष 1995 में यह भूमि विधिवत निबंधित वसीका (सेल डीड) के माध्यम से उमा किरण कुमारी को प्राप्त हुई, जिनके पति इंजीनियर अनिल कुमार, एनटीपीसी से सेवानिवृत्त महाप्रबंधक हैं।विक्रेता से क्रेता के नाम पर विधिवत जमाबंदी कायम है तथा नियमित रूप से राजस्व रसीद भी निर्गत हो रही है। भूमि की मापी अंचल अमीन द्वारा कराई जा चुकी है और स्वयं अंचल अधिकारी, सिलाव ने स्थल निरीक्षण भी किया है।इसके बावजूद कुछ कथित असामाजिक तत्व इस रैयती भूमि को सरकारी भूमि बताकर लगभग सात डिसमिल हिस्से पर जबरन सरकारी कार्य कराना चाहते हैं। जब पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में अंचल अधिकारी से शिकायत की, तो उन्हें भूमि का रैयतीकरण कराने की सलाह दी गई।भूमि मामलों के जानकारों का कहना है कि रैयतीकरण की प्रक्रिया उस स्थिति में अपनाई जाती है, जब किसी सरकारी प्रयोजन के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाता है और मुआवजा दिया जाना होता है। लेकिन इस मामले में भूमि स्वामी स्वयं अपनी जमीन का उपयोग अपने निजी प्रयोजन के लिए करना चाहते हैं। ऐसे में रैयतीकरण कराना या न कराना पूरी तरह भूमि स्वामी की इच्छा पर निर्भर करता है, न कि किसी अधिकारी के दबाव पर।इस संदर्भ में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी पत्रांक 925/2014 का उल्लेख भी महत्वपूर्ण है। इस संकल्प में स्पष्ट किया गया है कि जिस भूमि पर वर्षों से राजस्व रसीद कट रही हो और जिस पर दखल-कब्जा स्थापित हो, उसे सरकार रैयती भूमि की श्रेणी में मानेगी। साथ ही, जिस भूमि पर 36 वर्षों से अधिक समय से कब्जा हो, वह एडवर्स पजेशन के अंतर्गत भी आती है।नियमों के अनुसार, ऐसी भूमि पर बलपूर्वक किसी भी प्रकार का कार्य कराना कानूनन गलत है और बिना वैधानिक आधार के एनओसी जारी करना भी नियमों का उल्लंघन है। दुखद यह है कि भूमि विवादों को सुलझाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी कार्यशैली से आम नागरिक हताश हो रहे हैं और दबंगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी को न्याय दिलाएगा, या फिर कानून की खुलेआम अनदेखी यूं ही जारी रहेगी।2