रामगंजमंडी जलदाय विभाग में जर्जर कमरे की पट्टियां भरभराकर गिरीं, बड़ा हादसा टला रामगंजमंडी जलदाय विभाग कार्यालय परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ स्थित एक पुराने और जर्जर कमरे की छत की पट्टियां अचानक ढह गईं। गनीमत यह रही कि घटना रविवार यानी छुट्टी के दिन हुई, जिससे कार्यालय में कोई कर्मचारी या नागरिक मौजूद नहीं था, अन्यथा जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कमरा पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में था। अब चर्चा है कि कार्यालय के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर तेज रफ्तार ट्रेनों के गुजरने से होने वाले कंपन (वाइब्रेशन) के कारण कमजोर हो चुकी पट्टियां टूटकर गिर गईं। वहीं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह भवन लगभग 30-35 साल पुराना है। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए इसे पहले ही बंद कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में ताकली डैम के टेंडर जारी होने वाले हैं। इसी योजना के तहत इस जर्जर कमरे को भी शामिल कर इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य करवाया जाएगा।
रामगंजमंडी जलदाय विभाग में जर्जर कमरे की पट्टियां भरभराकर गिरीं, बड़ा हादसा टला रामगंजमंडी जलदाय विभाग कार्यालय परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ स्थित एक पुराने और जर्जर कमरे की छत की पट्टियां अचानक ढह गईं। गनीमत यह रही कि घटना रविवार यानी छुट्टी के दिन हुई, जिससे कार्यालय में कोई कर्मचारी या नागरिक मौजूद नहीं था, अन्यथा जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कमरा पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में था। अब चर्चा है कि कार्यालय के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर तेज रफ्तार ट्रेनों के गुजरने से होने वाले कंपन (वाइब्रेशन) के कारण कमजोर हो चुकी पट्टियां टूटकर गिर गईं। वहीं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह भवन लगभग 30-35 साल पुराना है। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए इसे पहले ही बंद कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में ताकली डैम के टेंडर जारी होने वाले हैं। इसी योजना के तहत इस जर्जर कमरे को भी शामिल कर इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य करवाया जाएगा।
- रामगंजमंडी जलदाय विभाग कार्यालय परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ स्थित एक पुराने और जर्जर कमरे की छत की पट्टियां अचानक ढह गईं। गनीमत यह रही कि घटना रविवार यानी छुट्टी के दिन हुई, जिससे कार्यालय में कोई कर्मचारी या नागरिक मौजूद नहीं था, अन्यथा जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कमरा पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में था। अब चर्चा है कि कार्यालय के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर तेज रफ्तार ट्रेनों के गुजरने से होने वाले कंपन (वाइब्रेशन) के कारण कमजोर हो चुकी पट्टियां टूटकर गिर गईं। वहीं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह भवन लगभग 30-35 साल पुराना है। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए इसे पहले ही बंद कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में ताकली डैम के टेंडर जारी होने वाले हैं। इसी योजना के तहत इस जर्जर कमरे को भी शामिल कर इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य करवाया जाएगा।1
- दरा नाल में रविवार को फिर बनें ज़ाम के हालात कोटा झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर दरा अभ्यारण क्षेत्र में दों अलग-अलग जगहों पर ट्रक ख़राब होने के चलते ज़ाम कि स्थिति बनी गई देखते ही देखते ज़ाम कि स्थिति बिगड़ने लगी सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक तरफा ट्रैफिक यातायात को सुचारू करवाया तब जाकर वाहनों कि आवाजाही शुरू हो सकी क़रीब 5 घंटे तक रेंक रेंक चलें वाहन सैकड़ों यात्रियों को घंटों करनी पड़ी कड़ी मशक्कत9
- रामगंजमंडी जलदाय विभाग कार्यालय परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ स्थित एक पुराने और जर्जर कमरे की छत की पट्टियां अचानक ढह गईं। गनीमत यह रही कि घटना रविवार यानी छुट्टी के दिन हुई, जिससे कार्यालय में कोई कर्मचारी या नागरिक मौजूद नहीं था, अन्यथा जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कमरा पिछले कई वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में था। चर्चा है कि कार्यालय के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर तेज रफ्तार ट्रेनों के गुजरने से होने वाले कंपन (वाइब्रेशन) के कारण कमजोर हो चुकी पट्टियां टूटकर गिर गईं। अधिकारियों का पक्ष: विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह भवन लगभग 30-35 साल पुराना है। इसकी जर्जर हालत को देखते हुए इसे पहले ही बंद कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में ताकली डैम के टेंडर जारी होने वाले हैं। इसी योजना के तहत इस जर्जर कमरे को भी शामिल कर इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य करवाया जाएगा।1
- Post by पत्रकार आयुष गुप्ता1
- परवन बांध में मकानों के मुवावजे में दी जा रही राशि में भेदभाव का आरोप ,ग्रामीणों ने विधायक की अगुवाई में दिया ज्ञापन झालावाड़। जिले के खानपुर क्षेत्र के अकावद परवन बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहे गांवो में कुछ गांव के मकानों में कम ज्यादा मुवावजा दिए जाने की कार्यवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया है उनका कहना है कि सभी को समान रूप से राशि मिले इसको लेकर आज सोमवार शाम 5 बजे करीब खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर की अगवाई में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ से मुलाकात कर ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंध राजस्व अधिकारी से बात कर इस मामले में फिर से कार्रवाई करने का आश्वाशन दिया है। जिला कलेक्टर को सोपे ज्ञापन में बताया कि खानपुर तहसील के अकावदकला में परवन नदी पर परवन बांध परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। बांध परियोजना के सम्पूण डूब क्षेत्र के गावं खेरखेडा के 264 मकानों को पुनर्वास व स्थापन किया जा रहा है। इसकी सर्वे रिपोर्ट व पुरष्कार मूल्यांकन 2017 में किया जा कर 2025 में मुआवजा वितरण किया गया वो भी अपर्याप्त मुआवजा दिया है, किसी को 20 हजार रुपए तो किसी को 30 हजार रुपए किसी को 80 हजार रुपए दिए है। जबकि हमारें पास के गांव भीलखेडा के ग्रामिणों को किसी को 10 लाख किसी को 15 लाख व किसी को 25 लाख का मुआवजा वितरण किया गया है। जबकि दोनो गांव समान डूब में है व दोनो गावं के चैक एक दिनांक को जारी हुए है। इस इतने कम व अपर्याप्त मुआवजे से खेरखेडा के ग्रामीण संतुष्ट नहीं है और चिंता में है कि इस अपर्याप्त मुआवजे से पूर्नवास व पुनर्स्थापन स्थान अब नए आवास का निर्माण कैसे होगा। उल्लेखनीय है कि खानपुर क्षेत्र के अकावद में परवन नदी पर बांध बनाया जा रहा है, इसमें ग्रामीणों की जमीने डूब में आने के कारण इनको दूसरे ऊंचे स्थानों पर बसाया गया था, लेकिन उनकी जमीनों का और मकान का मुआवजा प्राप्त नहीं मिलने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया है।1
- Post by हिन्दी दैनिक दो गज दूरी1
- Post by बालचद2
- रामगंजमंडी में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और मारामारी के बीच प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार और नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी की संयुक्त टीम ने सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे शहर में दुकानों पर जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान कई दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करते हुए पाए जाने पर टीम ने उन्हें जब्त कर लिया। साथ ही संबंधित दुकानदारों को भविष्य में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई फिलहाल जारी है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।1