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नाली निर्माण नहीं होने से आस पास के 5 गांवों के श्रमिक जो परतापुर कस्बे में रोजगार के लिए जाने वाले और स्कूल जमे वाले छात्र परेशान गोपीनाथ का गढ़ा आमजा रोड पर 10घरों का गंदा पानी रोड पर खुला बह रहा है जिससे बस स्टैंड जाने वाला मुख्य मार्ग पर कीचड़ भरा रहने के कारण आमजन जो पैदल वहां से निकलते है उनके कपड़े खराब होते है दिन में कही लोग गाड़ी स्लिप होने की वजह गिर जाते है किसी दिन बड़ी घटना होने की आशंका है कही बार प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन कुछ समाधान नहीं हुआ है
Advocate Kk
नाली निर्माण नहीं होने से आस पास के 5 गांवों के श्रमिक जो परतापुर कस्बे में रोजगार के लिए जाने वाले और स्कूल जमे वाले छात्र परेशान गोपीनाथ का गढ़ा आमजा रोड पर 10घरों का गंदा पानी रोड पर खुला बह रहा है जिससे बस स्टैंड जाने वाला मुख्य मार्ग पर कीचड़ भरा रहने के कारण आमजन जो पैदल वहां से निकलते है उनके कपड़े खराब होते है दिन में कही लोग गाड़ी स्लिप होने की वजह गिर जाते है किसी दिन बड़ी घटना होने की आशंका है कही बार प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन कुछ समाधान नहीं हुआ है
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- *आदिवासी कोड को लेकर प्रेस कोमप्रेस करते हुऐ मध्यप्रदेश काग्रेंस प्रतिपक्ष नेता उमंग जी सिगार साहब।* धन्यवाद देते *आदिवासीयो कि जब अपनी संस्कृति अपने रिती रिवाज है तो फिर आदिवासी धर्म कोड मिलना चाहिए।*जय जौहर जय आदिवासी 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻बी ऐम अहारी👏👏1
- कुशलगढ़ नगर व आसपास के क्षेत्रों में शीतला सप्तमी का पर्व गहरी आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। मगरिब माता पहाड़ी स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए मंगलवार रात्रि से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रात्रि करीब 10 बजे से महिलाओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो बुधवार सुबह तक जारी रहीं। केसरिया, लाल और गुलाबी परिधानों में सजी महिलाएं पूजन थाली लेकर माता शीतला के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि व क्षेत्र की खुशहाली की कामना करती रहीं। प्रजापत समाज के अध्यक्ष राजू भाई प्रजापत ने बताया कि यह मंदिर वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां शीतला सप्तमी पर हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर व्यवस्था में गोपाल, रामचंद्र, विजय, चेतन, विशाल, पवन, देवीलाल, बाबूलाल, ललित, देवीलाल, महेश, दिनेश, संजय, कैलाश, सत्यनारायण, संदीप, विजय प्रजापत सहित युवाओं की टीम सेवा में जुटी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। परंपरा अनुसार इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया गया और श्रद्धालुओं ने ठंडा भोजन ग्रहण कर माता से परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।1
- बांसवाड़ा महालक्ष्मी चौक पर फाग उत्सव भजनों के साथ बहुत ही धूमधाम से मनाया गया1
- Post by VAGAD news241
- डूंगरपुर। खेतों me फसल काटने गई युवती की जहरीले जानवर के काटने से तबियत बिगड़ गई। वही युवती का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पाप जानकारी अनुसार जिले के निकटवर्ती खांड़ी ओबरी गांव निवासी रीना पिता प्रेमशंकर भनात मंगलवार शाम अपने घर के पास खेतों में गेहूं की फसल काटने के लिए गई थी। तभी फसल में छिपे जहरीले जानवर ने युवती के हाथ पर काट लिया। जिसके बाद युवती को चक्कर ओर उल्टी की शिकायत होने पर उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। युवती का उपचार चल रहा है।1
- साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित डूंगरपुर। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने पीएचईडी अधीक्षण अभियंता को गर्मियों से पूर्व जिले में पेयजल वितरण के उचित प्रबंधन हेतु समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभाग वार समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान पालनहार योजना, पेंशन योजना के तहत सत्यापन आदि की जानकारी दी तथा सीमलवाड़ा, चिखली, गलियाकोट में न्यून प्रगति पर तीव्रता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं में मार्च पूर्व लक्ष्य के अनुसार स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएचइडी अधीक्षण अभियंता ने पेयजल वितरण, हेड पंप, ट्यूब वेल, विभागीय कार्य एवं योजनाओं की क्रियान्वित के संबंध में जानकारी दी। इसी क्रम में पीडब्ल्यूडी, एवीएनएल, टीएडी, पशुपालन, उद्योग, जल संसाधन, सहकारिता, आईसीडीएस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों की समीक्षा करते हुए सभी प्रगतिरत कार्यों को तय समय अवधि में पूर्ण करने तथा न्यून प्रगति वाली योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों के तत्काल निस्तारण करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी गण मौजूद रहें।3
- उदयपुर/डूंगरपुर। लोकसभा क्षेत्र उदयपुर के जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने दिल्ली के सदन में पुरजोर आवाज उठाई है। मंगलवार को संसद में नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख करते हुए डॉ. रावत ने जिले की पांच महत्वपूर्ण पंचायत समितियों - ओगणा, सुलाव, देवला, नाई और कल्याणपुर में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने तर्क दिया कि ये क्षेत्र न केवल भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं, बल्कि शिक्षा के संसाधनों के अभाव में यहां की प्रतिभाएं पिछड़ रही हैं। सांसद डॉ. रावत ने सदन को सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ अवगत कराया कि ये पांचों पंचायत समितियां पूर्णतः जनजाति बाहुल्य हैं और विद्यालय स्थापना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि देवला में 98 प्रतिशत, सुलाव में 95 प्रतिशत, कल्याणपुर में 88 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत और ओगणा में 68 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या निवास करती है। वर्तमान में इन क्षेत्रों में एक भी एकलव्य विद्यालय संचालित नहीं होने के कारण यहां के बालक-बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के लिए भटकना पड़ता है या उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। डॉ. रावत ने अपने संबोधन में क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्गम अरावली पहाड़ियों में बसे इन गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत विशेष बजट प्रावधान कर इन पांचों स्थानों पर एकलव्य विद्यालयों की स्वीकृति जल्द प्रदान की जाए। सांसद की इस पहल से स्थानीय नागरिकों में हर्ष की लहर है, क्योंकि इन क्षेत्रों में लंबे समय से शिक्षा के इस आधुनिक ढांचे की मांग की जा रही थी। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो इन सुदूर क्षेत्रों के जनजाति विद्यार्थियों को भी समग्र और वैश्विक स्तर की शिक्षा सुलभ हो सकेगी।1
- कुशलगढ़ नगर के चंद्रशेखर आजाद मैदान में सोमवार रात्रि दूधिया रोशनी के बीच आयोजित हिंदू प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ उत्साह, राष्ट्रभक्ति और खेल भावना के वातावरण में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया तथा खिलाड़ियों का परिचय कराया गया। उद्घाटन के दौरान जय श्रीराम के उद्घोषों से पूरा मैदान गूंज उठा और उपस्थित खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह में परियोजना प्रमुख धर्मराज भाई साहब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संचालक कैलाश राव ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला मंत्री रमेश चंद्र तेली मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला मंत्री अरुण जोशी, धर्माचार्य नरसिंह गिरी महाराज, पंडित हेमेंद्र पांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि धर्मराज भाई साहब ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की सनातन संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और गौरवशाली परंपरा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व भी कई विचारधाराओं ने भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन सनातन धर्म की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि इसे कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेल के साथ-साथ अपनी संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक मूल्यों को भी जीवन में अपनाएं तथा समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अध्यक्षता कर रहे कैलाश राव ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अनुशासन, समर्पण और टीम भावना का श्रेष्ठ माध्यम है। खेल मैदान युवाओं को परिश्रम, संयम और प्रतिस्पर्धा की भावना सिखाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और युवाओं को स्वस्थ व जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला मंत्री अरुण जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल प्रतियोगिताएं समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं और युवाओं को नशे व बुरी आदतों से दूर रखती हैं। खेल मैदान में भले ही प्रतिस्पर्धा होती है, लेकिन अंततः भाईचारे और सौहार्द का संदेश ही सबसे बड़ा होता है। उन्होंने सभी टीमों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पवन जी भाईसाहब, एडवोकेट स्वाची उर्फ जिमी सिंह राठौड़, नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष नितेश बैरागी, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश कावड़िया, पूर्व पालिका अध्यक्ष बबलू भाई, सौरभ सोलंकी, शक्ति छपरी, अमन गायरी, पीयूष ट्रेलर, साहिल वाल्मीकि, भावेश आहारी, नितिन पांचाल, खुश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रीतेश उर्फ बंटी दोषी ने किया, जबकि आभार विश्व हिंदू परिषद के खंड प्रमुख अमित सिंह चौहान ने व्यक्त किया। आयोजकों ने बताया कि इस टूर्नामेंट में कुल आठ टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में विजेता टीम को 71 हजार रुपये नकद पुरस्कार व ट्रॉफी तथा उपविजेता टीम को 51 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह के पश्चात मुख्य अतिथि धर्मराज भाई साहब और कैलाश राव ने प्रतीकात्मक रूप से बल्लेबाजी कर टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद पहला मैच सनातनी सेना और सुदर्शन क्लब के बीच खेला गया, जिसमें सुदर्शन क्लब विजेता रहा। पूरे मैदान में खेल प्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था और खिलाड़ियों का जोरदार उत्साहवर्धन किया गया।1