शेखपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से राष्ट्रीय नारा ‘बदलाव शेखपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से राष्ट्रीय नारा ‘बदलाव जरूरी है’ के तहत जारी पदयात्रा के चौथे दिन रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में टीम लोदीपुर, सारिका, गोसायमढ़ी, गब्बे, भीकमपुर, बादशाहपुर और मंदना पहुंची। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने गली-गली और घर-घर जाकर किसानों, मजदूरों, छात्र-नौजवानों और महिलाओं से बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को दर्ज किया। कई समस्याओं से मौके पर ही जिलाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में शिक्षा, रोजगार, कृषि और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सीपीआई पदयात्रा के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी भूमिहीन गरीबों को पांच डिसमिल जमीन देने, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को उजाड़ने की कार्रवाई रोकने, किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, बाजार समितियों को चालू करने, फसल बीमा लागू करने, गरीबों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने और किसानों के कर्ज माफ करने की मांग उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को 1 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विशाल रैली में प्रमुखता से उठाया जाएगा। पदयात्रा रविवार दोपहर तीन बजे तक चली।
शेखपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से राष्ट्रीय नारा ‘बदलाव शेखपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से राष्ट्रीय नारा ‘बदलाव जरूरी है’ के तहत जारी पदयात्रा के चौथे दिन रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में टीम लोदीपुर, सारिका, गोसायमढ़ी, गब्बे, भीकमपुर, बादशाहपुर और मंदना पहुंची। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने गली-गली और घर-घर जाकर किसानों, मजदूरों, छात्र-नौजवानों और महिलाओं से बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को दर्ज किया। कई समस्याओं से मौके पर ही जिलाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में शिक्षा, रोजगार, कृषि और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सीपीआई पदयात्रा के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी भूमिहीन गरीबों को पांच डिसमिल जमीन देने, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को उजाड़ने की कार्रवाई रोकने, किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, बाजार समितियों को चालू करने, फसल बीमा लागू करने, गरीबों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने और किसानों के कर्ज माफ करने की मांग उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को 1 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विशाल रैली में प्रमुखता से उठाया जाएगा। पदयात्रा रविवार दोपहर तीन बजे तक चली।
- शेखपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से राष्ट्रीय नारा ‘बदलाव शेखपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की ओर से राष्ट्रीय नारा ‘बदलाव जरूरी है’ के तहत जारी पदयात्रा के चौथे दिन रविवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में टीम लोदीपुर, सारिका, गोसायमढ़ी, गब्बे, भीकमपुर, बादशाहपुर और मंदना पहुंची। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने गली-गली और घर-घर जाकर किसानों, मजदूरों, छात्र-नौजवानों और महिलाओं से बातचीत की तथा उनकी समस्याओं को दर्ज किया। कई समस्याओं से मौके पर ही जिलाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में शिक्षा, रोजगार, कृषि और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सीपीआई पदयात्रा के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी भूमिहीन गरीबों को पांच डिसमिल जमीन देने, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को उजाड़ने की कार्रवाई रोकने, किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, बाजार समितियों को चालू करने, फसल बीमा लागू करने, गरीबों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने और किसानों के कर्ज माफ करने की मांग उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को 1 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित विशाल रैली में प्रमुखता से उठाया जाएगा। पदयात्रा रविवार दोपहर तीन बजे तक चली।1
- राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की बैठक में संगठन को मजबूत करने पर जोर, अगली बैठक में होगा अध्यक्ष-सचिव का चुनाव शेखपुरा। शहर के जंगली रसोई परिसर में राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से दर्जनों पत्रकारों ने भाग लिया। इस दौरान पत्रकारों ने संगठन की मजबूती, एकजुटता और पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया। पत्रकारों ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी सदस्यों का आपसी समन्वय और एकजुटता जरूरी है। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की आगामी बैठक में जिला अध्यक्ष एवं जिला सचिव का चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में पत्रकारों ने निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता के साथ-साथ संगठन के माध्यम से पत्रकारों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। आगामी बैठक को लेकर पत्रकारों में उत्साह देखा गया।3
- भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ @sauravjbt1
- लखीसराय अशोक धाम मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम लखीसराय: सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर लखीसराय के अशोक धाम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती देखी गई। श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और सुचारु आवागमन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- पक़रीबरावा 16 अगस्त को पकरीबरावां में पासवान एकता मंच का महाजुटान, समाज को एकजुट करने की बड़ी रणनीति तैयार पक़रीबरावा 16 अगस्त को पकरीबरावां में पासवान एकता मंच का महाजुटान, समाज को एकजुट करने की बड़ी रणनीति तैयार1
- “तीन मौतों के बाद घोसवरी में हड़कंप, पोस्टमार्टम का ग्रामीणों ने किया विरोध” घोसवरी के रामनगर मुसहरी में 24 घंटे में तीन मौतें, कारण को लेकर असमंजस घोसवरी। घोसवरी थाना क्षेत्र के रामनगर मुसहरी में पिछले 24 घंटे में तीन लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। शनिवार को सुरेश मांझी और प्रकाश मांझी की मौत के बाद गंभीर हालत में इलाजरत महादेव मांझी ने रविवार सुबह करीब 4 बजे दम तोड़ दिया। लगातार तीन मौतों के बाद बस्ती में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महादेव मांझी के परिजनों का कहना है कि उनकी मौत लकवा की बीमारी से हुई है। वहीं, कुछ ग्रामीण मौतों के पीछे जहरीली शराब की आशंका जता रहे हैं। दूसरी ओर, इलाके में लंबे समय से जलजमाव और उससे फैलने वाली संभावित बीमारी को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम का ग्रामीणों ने किया विरोध महादेव मांझी की मौत की सूचना के बाद घोसवरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया और सड़क जाम कर आवागमन बाधित करने लगे। ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस को वापस लौटना पड़ा और शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि शनिवार को सुरेश मांझी और प्रकाश मांझी के शवों का भी पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। दोनों के परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। अब महादेव मांझी की मौत के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। तीन मौतों से उठे सवाल एक ही बस्ती में कम समय में तीन मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन बीमारी को मौत की वजह बता रहे हैं, जबकि ग्रामीणों के बीच जहरीली शराब और जलजमाव से फैलने वाली बीमारी को लेकर अलग-अलग आशंकाएं हैं। पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। फिलहाल घोसवरी थाना पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है और मौतों के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बस्ती में स्वास्थ्य जांच या अन्य कार्रवाई होती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।1
- शर्मा गांव में 15 महीने से खराब पड़े 2 ट्रांसफार्मर। 200 एकड़ धान की फसल पर संकट, किसान परेशान। शर्मा गांव में 15 महीने से खराब पड़े 2 ट्रांसफार्मर। 200 एकड़ धान की फसल पर संकट, किसान परेशान। लखीसराय। रामगढ़ चौक प्रखंड के तेतरहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत शर्मा गांव के उरसावां मौजा, जमुनिया खंधा और डुमराही में लगे 2 बिजली ट्रांसफार्मर पिछले 15 महीने से खराब पड़े हैं। ट्रांसफार्मर नहीं बनने से किसानों की खेती चौपट हो रही है। 200 एकड़ धान की फसल प्रभावित ग्रामीण तमौरी सिंह, संतोष सिंह, पिंटू सिंह, विनो सिंह, तीरो सिंह, बच्चू सिंह, विलायती सिंह, अरुण सिंह, उदय पहलवान आदि ने बताया कि दोनों ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। इसके कारण लगभग 200 एकड़ जमीन में लगी धान की फसल सूखने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होने पर सिंचाई के लिए बिजली जरूरी है, लेकिन बिजली नहीं रहने से खेती भगवान भरोसे चल रही है। कई बार दी शिकायत, नहीं हुई सुनवाई किसानों ने बताया कि इस संबंध में बिजली विभाग को कई बार लिखित और मौखिक जानकारी दी गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभाग की लापरवाही से किसान काफी परेशान हैं। कनीय अभियंता ने दिया आश्वासन इस संबंध में बिजली विभाग के कनीय अभियंता अनुराग पीएम से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी सूचना अभी तक हमको नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि मानव बल के माध्यम से दोनों ट्रांसफार्मर की जानकारी एकत्रित कर जल्द से जल्द ठीक करवाया जाएगा, ताकि किसानों के कृषि कार्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। किसानों ने मांग की है कि खरीफ सीजन को देखते हुए ट्रांसफार्मर की मरम्मत अविलंब कराई जाए, ताकि फसल को बचाया जा सके।1
- श्रीकृष्ण रामरुचि महाविद्यालय, बरबीघा में रविवार को ‘विरासत को संवारने की एक पहल’ कार्यक्रम के तहत प्रबुद्धजनों की बैठक आयोजित की श्रीकृष्ण रामरुचि महाविद्यालय, बरबीघा में रविवार को ‘विरासत को संवारने की एक पहल’ कार्यक्रम के तहत प्रबुद्धजनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास, संस्थापकों के योगदान तथा संस्था के वर्तमान स्वरूप और भविष्य के विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसकी वर्तमान उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके इतिहास, परंपराओं और संस्थापकों के दूरदर्शी प्रयासों से भी होती है। ऐसे में महाविद्यालय की ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। बैठक में महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं के विस्तार तथा संस्था की पुरानी उपलब्धियों और महत्वपूर्ण स्मृतियों को सहेजने पर भी चर्चा हुई। प्रबुद्धजनों ने महाविद्यालय के विकास में सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार की ओर से उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय की विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में संस्था को और मजबूत बनाना बताया गया। यह कार्यक्रम रविवार की दोपहर 2बजे तक चलता रहा।1