वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, चार मंजिला इमारत से गिरने की घटना मथुरा वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिष्य चार मंजिला इमारत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण के रूप में बताई जा रही है। वह जबलपुर के रहने वाले थे और वृंदावन में गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे। बताया गया है कि वह संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित शिष्य थे। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है, हालांकि अभी तक इसे आत्महत्या की पुष्टि नहीं माना गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बताया गया है कि मृतक के कमरे से कुछ संदिग्ध सामान भी मिला है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वृंदावन पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिष्य आखिर चार मंजिल से नीचे कैसे गिरे और घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, चार मंजिला इमारत से गिरने की घटना मथुरा वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिष्य चार मंजिला इमारत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण के रूप में बताई जा रही है। वह जबलपुर के रहने वाले थे और वृंदावन में गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे। बताया गया है कि वह संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित शिष्य थे। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है, हालांकि अभी तक इसे आत्महत्या की पुष्टि नहीं माना गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बताया गया है कि मृतक के कमरे से कुछ संदिग्ध सामान भी मिला है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वृंदावन पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिष्य आखिर चार मंजिल से नीचे कैसे गिरे और घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
- वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, चार मंजिला इमारत से गिरने की घटना मथुरा वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिष्य चार मंजिला इमारत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण के रूप में बताई जा रही है। वह जबलपुर के रहने वाले थे और वृंदावन में गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे। बताया गया है कि वह संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित शिष्य थे। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है, हालांकि अभी तक इसे आत्महत्या की पुष्टि नहीं माना गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बताया गया है कि मृतक के कमरे से कुछ संदिग्ध सामान भी मिला है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वृंदावन पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिष्य आखिर चार मंजिल से नीचे कैसे गिरे और घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।1
- मथुरा बरेली नेशनल हाइवे पर बाइक और बुलट की जोरदार भिड़ंत में 3 घायल, गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर जनपद हाथरस के मथुरा बरेली नेशनल हाईवे पर गांव किन्दोली नाले के पास बाइक और बुलट की जोरदार भिड़ंत हो गई। सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क हादसे को देख मौके पर राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से पुलिस उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायलों को हायर मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया।1
- थाना समाधान दिवस में डीएम व एसपी ने सुनी शिकायतें....... हाथरस के थाना कोतवाली हाथरस गेट परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। थाना समाधान दिवस में पहुंचे नवागत जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल एसपी हाथरस, सीओ सिटी हाथरस, बुके भेटकर स्वागत किया। थाना समाधान दिवस में नवागत जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह, सीओ हिमांशु माथुर समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। समाधान दिवस में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों से अधिकारियों ने सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। अधिकांश मामले भूमि विवाद से संबंधित सामने आए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने संबंधित एसडीएम और लेखपालों को मौके पर जाकर शिकायतों की जांच करने तथा दोनों पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधिकारियों को भी शिकायतों के निस्तारण में राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया। अधिकारियों ने फरियादियों को उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।1
- थाना समाधान दिवस: जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने हाथरस गेट थाने में सुनीं जनसमस्याएं, 12 में से 4 का मौके पर निस्तारण हाथरस। थाना समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा के साथ थाना कोतवाली हाथरस गेट में फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का मौके पर मुआयना कर निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिलाधिकारी ने थाना समाधान पंजिका का अवलोकन भी किया। समाधान दिवस के दौरान लगभग 12 शिकायतों में से चार शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। जिन मामलों में पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता है, उनमें दोनों विभागों की टीमें समन्वय के साथ एक टीम के रूप में कार्य करते हुए समस्याओं का तत्काल निस्तारण करेंगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शासन की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेष रूप से भूमि संबंधी विवादों में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच और प्रत्येक शिकायत का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। दोनों पक्षों की उपस्थिति में सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाए, ताकि किसी को समस्या न हो। निस्तारण में लापरवाही न बरती जाए।इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, थाना प्रभारी आदि उपस्थित रहे।1
- सासनी के गांव नया नगला में जलभराव और गंदगी से ग्रामीण परेशान, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का निकलना हुआ दूभर सासनी के गांव नया नगला में जलभराव और गंदगी से ग्रामीण परेशान, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का निकलना हुआ दूभर सासनी क्षेत्र के गांव नया नगला में जल निकासी की बदतर व्यवस्था और छोटी नालियों के कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव में नालियां छोटी होने के कारण आए दिन चौक हो जाती हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है। सड़क पर जलभराव और कीचड़ होने के कारण उठने वाली दुर्गंध से जीना मुहाल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीण प्रशांत का कहना है कि जलभराव के कारण स्कूल जा रहे कई बच्चे पानी और कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं। वहीं राकेश बीटीसी ने बताया कि उन्होंने अपने घर के पास खुद ही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करवाया है, लेकिन नाली की समस्या जस की तस बनी रहने के कारण जल निकासी अवरोध हो जाती है और सारा पानी सड़क पर आ जाता है। सोनू कुमार ने चिंता जताई कि इस गंदगी और जलभराव से मक्खी-मच्छरों के पनपने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इस संबंध में कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत भी की गई है, लेकिन प्रधान द्वारा अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। प्रधान की इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कल्याण सिंह ने बताया कि सड़क पर फैला गंदा पानी और कीचड़ बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है, जिससे हर समय गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।1
- 25 सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित महारैली में हाथरस से अटेवा पेंशन बचाओ मंच हाथरस। अटेवा प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के दिशा-निर्देशन में शुक्रवार 25 सितंबर को लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित महारैली में हाथरस से अटेवा पेंशन बचाओ मंच समेत विभिन्न संगठनों के शिक्षक और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। लखनऊ में रात से हो रही लगातार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। शिक्षक और कर्मचारी छाता व रेनकोट लेकर ईको गार्डन में डटे रहे, जबकि कई लोग बारिश में भीगते हुए नेताओं का संबोधन सुनते नजर आए। प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की अपील की और पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराई। उन्होंने ‘एक देश, एक पेंशन’ का नारा देते हुए कहा कि कर्मचारियों को सिर्फ पुरानी पेंशन चाहिए। प्रदेश महामंत्री नीरज त्रिपाठी ने यूपीएस और एनपीएस का विरोध किया तथा सेवारत शिक्षकों पर लागू टीईटी का भी विरोध जताया। रैली में हाथरस से स्वास्थ्य विभाग, लेखपाल संघ, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और बेसिक शिक्षा विभाग के सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए।1
- अज्ञात कारणों के चलते विशाख्त पदार्थ से एक युवक की बिगड़ी हालत, डॉक्टरों ने किया आगरा रेफर जनपद हाथरस की हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर में अज्ञात कारणों के चलते विशाख्त पदार्थ से एक युवक गोलू की हालत बिगड़ गई। परिजन बिगड़ी हालत में युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों द्वारा युवक का उपचार किया गया। वहीं हालत बिगड़ता देख डॉक्टरों ने युवक को बेतहर उपचार हेतु हायर मेडिकल सेंटर आगरा के लिए रेफर कर दिया।1
- इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया... आशिकी बनी आफत!झाड़ियों में भाभी के साथ इश्क पड़ा भारी, ग्रामीणों ने युवक को पकड़ा; आधा मुंडन, मूंछ काटकर चेहरे पर कालिख पोती अकराबाद से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि झाड़ियों में एक महिला के साथ युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि युवक का आधा सिर मुंडवाया गया, आधी मूंछ काटी गई और चेहरे पर कालिख पोतकर गांव में जुलूस निकाला गया। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है— अगर किसी पर कोई आरोप है, तो कानून हाथ में लेने का अधिकार आखिर किसने दिया?1