नगर में धूमधाम से निकली टेसू की बारात, जीवंत हुई पुरानी परंपरा बीनागंज। नगर में ग्वाल समाज द्वारा पुरानी लोक परंपराओं को जीवंत करने की पहल के तहत सोमवार रात्रि टेसू की भव्य बारात धूमधाम से निकाली गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोकगीतों के बीच निकली बारात ने नगर में उत्साह का माहौल बना दिया। पिछले चार दिनों से ग्वाल समाज के लोग नगर में घूम-घूमकर पारंपरिक लोकगीत गा रहे थे। इसके बाद सोमवार रात टेसू की बारात निकाली गई, जिसमें समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्वाल समाज के लोगों का कहना है कि आधुनिकता के दौर में पुरानी लोक परंपराएं और रीति-रिवाज धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी इन परंपराओं से दूर होती जा रही थी। इसी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से टेसू की बारात निकालने की परंपरा को फिर से शुरू किया गया है। समाज की इस पहल ने लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया।
नगर में धूमधाम से निकली टेसू की बारात, जीवंत हुई पुरानी परंपरा बीनागंज। नगर में ग्वाल समाज द्वारा पुरानी लोक परंपराओं को जीवंत करने की पहल के तहत सोमवार रात्रि टेसू की भव्य बारात धूमधाम से निकाली गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों और
लोकगीतों के बीच निकली बारात ने नगर में उत्साह का माहौल बना दिया। पिछले चार दिनों से ग्वाल समाज के लोग नगर में घूम-घूमकर पारंपरिक लोकगीत गा रहे थे। इसके बाद सोमवार रात टेसू की बारात निकाली गई, जिसमें समाज के
लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्वाल समाज के लोगों का कहना है कि आधुनिकता के दौर में पुरानी लोक परंपराएं और रीति-रिवाज धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी इन परंपराओं से दूर होती जा रही थी। इसी सांस्कृतिक विरासत
को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से टेसू की बारात निकालने की परंपरा को फिर से शुरू किया गया है। समाज की इस पहल ने लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया।
- नगर में धूमधाम से निकली टेसू की बारात, जीवंत हुई पुरानी परंपरा बीनागंज। नगर में ग्वाल समाज द्वारा पुरानी लोक परंपराओं को जीवंत करने की पहल के तहत सोमवार रात्रि टेसू की भव्य बारात धूमधाम से निकाली गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोकगीतों के बीच निकली बारात ने नगर में उत्साह का माहौल बना दिया। पिछले चार दिनों से ग्वाल समाज के लोग नगर में घूम-घूमकर पारंपरिक लोकगीत गा रहे थे। इसके बाद सोमवार रात टेसू की बारात निकाली गई, जिसमें समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्वाल समाज के लोगों का कहना है कि आधुनिकता के दौर में पुरानी लोक परंपराएं और रीति-रिवाज धीरे-धीरे लुप्त होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी इन परंपराओं से दूर होती जा रही थी। इसी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से टेसू की बारात निकालने की परंपरा को फिर से शुरू किया गया है। समाज की इस पहल ने लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया।4
- महाराष्ट्रियन कॉलोनी की पहचान बनाए रखने की मांग। । राजगढ़। शहर की महाराष्ट्रियन कॉलोनी, जिसे मराठी समाज के वरिष्ठजनों ने करीब 35-40 वर्ष पहले बसाया था, की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने की मांग उठी है। भले ही कॉलोनी में 10-15 घर हैं, लेकिन इससे लोगों की भावनाएं और पूर्वजों की स्मृतियां जुड़ी हैं। कापसे सर, कुंठे सर और सतलकर आंटी सहित वरिष्ठजनों के अनुशासन एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए नागरिकों ने कहा कि कॉलोनी का नाम और पहचान कायम रहनी चाहिए। वहीं, महाराष्ट्रियन कॉलोनी और उद्भव नगर के नागरिक नाले की स्वच्छता, मार्ग की सुरक्षा और पौधों के संरक्षण के लिए मिलकर प्रयास कर रहे हैं। उद्देश्य बुजुर्गों के संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।1
- मुर्रा खुर्द रोड पर जंप की बैठक संपन्न सदस्यता अभियान पर दिया जोर पेन डायरी के साथ पत्रकारों का सम्मान बोले पदाधिकारी हर पत्रकार के साथ खड़ा है संगठन मुर्रा खुर्द रोड पर जंप की बैठक संपन्न सदस्यता अभियान पर दिया जोर पेन डायरी के साथ पत्रकारों का सम्मान बोले पदाधिकारी हर पत्रकार के साथ खड़ा है संगठन1
- शिवपुरी में कमीशनखोरी के आरोप से सियासी हलचल, जिला पंचायत अध्यक्ष के पति पर 20% कमीशन मांगने का दावा भाजपा नेता यशपाल रावत ने लगाए आरोप, जिला पंचायत सदस्यों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से की शिकायत; जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत शिवपुरी। जिला पंचायत में कथित कमीशनखोरी को लेकर विवाद सामने आया है। भाजपा नेता यशपाल रावत ने जिला पंचायत अध्यक्ष के पति अमित यादव पर विकास कार्यों के बदले 20 प्रतिशत कमीशन लेने के आरोप लगाए हैं। मामले में जिला पंचायत सदस्यों ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। विकास कार्यों में कमीशन लेने का आरोप आरोप है कि जिला पंचायत से जुड़े विकास कार्यों में 20 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। भाजपा नेता यशपाल रावत ने इस मामले को उठाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के पति अमित यादव पर सवाल खड़े किए हैं। जिला पंचायत सदस्यों की ओर से कलेक्टर को शिकायत दिए जाने के बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर भी पहुंच गया है। जांच से खुलेगा मामला इस प्रकरण में अब प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित कार्यों की फाइलें, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड, टेंडर प्रक्रिया और शिकायतकर्ताओं के बयान जांचे जाने की जरूरत है। बड़ा सवाल: क्या जिला पंचायत के विकास कार्यों में वास्तव में कमीशनखोरी हुई है, या आरोपों के पीछे कोई अन्य विवाद है? इसका जवाब निष्पक्ष जांच और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों से ही सामने आएगा। फिलहाल, अमित यादव का पक्ष और जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।1
- बड़ाई गांव के कुएं में मिला मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू,ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची टीम, मगरमच्छ को परवन नदी में छोड़ा गया बड़ाई गांव के कुएं में मिला मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू,ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची टीम, मगरमच्छ को परवन नदी में छोड़ा गया छीपाबड़ौद - रेंज छीपाबड़ौद के सारथल नाका अंतर्गत बड़ाई गांव में ग्रामीणों को गांव के पास स्थित कुएं में मगरमच्छ होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को परवन नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। मगरमच्छ के रेस्क्यू को देखने के लिए गांव में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। रेस्क्यू टीम में शामिल रहे सारथल नाका प्रभारी जितेन्द्र भार्गव, भगवान सिंह, रिंकू मीणा, राजू मीणा, प्रवीण शर्मा, मालम सिंह, सुनील सगवान, नवीन गुर्जर। Jitendra Kushwah Mob. 89699996273
- विश्व हिंदू परिषद जिला राघौगढ़ की बैठक कुंभराज में संपन्न, हित चिंतक अभियान की बनाई कार्ययोजना। कुंभराज विश्व हिंदू परिषद जिला राघौगढ़की जिला बैठक स्थानीय श्री रामेश्वर धाम मंदिर, कुंभराज में संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ श्री राम दरबार के पूजन के साथ किया गया। बैठक में प्रांत मंत्री श्री नवल जी भदौरिया का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। विभाग मंत्री श्री दिलीप सिंह कुशवाहा ने आगामी कार्यक्रमों एवं हितचिंतक अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में चारों प्रखंडों के पालक निर्धारित किए गए तथा प्रखंड बैठकों की तिथि एवं स्थान भी तय किए गए। प्रांत मंत्री श्री नवल जी भदौरिया ने कार्यकर्ताओं को अपने-अपने प्रवास निर्धारित करने, हित चिंतक अभियान के लक्ष्य लेकर संगठन के कार्यों को गति देने तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री मुकेश शर्मा, जिला मंत्री श्री राम सोनी, जिला सहमंत्री श्री सोनू योगी, जिला कोषाध्यक्ष श्री वीरेन जी तिवारी, समरसता प्रमुख श्री रामपाल जी, सहसंयोजक करन, दीपक मीणा दीपक जैन, डॉ दिनेश लोधी, भगवान सिंह कुशवाह , नीरज मीणा सहित जिला एवं प्रखंडों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने तथा हित चिंतक अभियान को गति देने के लिए कार्यकर्ताओं ने सक्रियता से कार्य करने का संकल्प लिया।2
- परिवहन मंत्री और कलेक्टर के नाम तहसीलदार संजय चौरसिया को सौंपा ज्ञापन, भोपाल-सिरोंज मार्ग की बसों को शमशाबाद बस स्टैंड तक लाने की मांग शमशाबाद में बसों के बस स्टैंड पर नहीं आने से व्यापारी और नागरिक नाराज, सात दिन का अल्टीमेटम शमशाबाद में बसों के बस स्टैंड पर नहीं आने से भड़का आक्रोश! सात दिन में समाधान नहीं तो भूख हड़ताल परिवहन मंत्री और कलेक्टर के नाम तहसीलदार संजय चौरसिया को सौंपा ज्ञापन, भोपाल-सिरोंज मार्ग की बसों को शमशाबाद बस स्टैंड तक लाने की मांग शमशाबाद। भोपाल-सिरोंज मार्ग पर संचालित यात्री बसों के शमशाबाद बस स्टैंड तक नहीं आने की समस्या को लेकर नगर के व्यापारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समस्त व्यापारी बंधुओं एवं नगर के गणमान्य लोगों ने तहसीलदार संजय चौरसिया के माध्यम से मध्य प्रदेश शासन के परिवहन मंत्री एवं विदिशा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की। परमिट शमशाबाद तक, लेकिन बसें महानीम पर उतार रहीं यात्री! ज्ञापन में बताया गया कि भोपाल-सिरोंज मार्ग पर संचालित लगभग 18 से अधिक बसों के परमिट शमशाबाद बस स्टैंड तक होने के बावजूद बस संचालक यात्रियों को शमशाबाद बस स्टैंड तक नहीं लाते और बसें सीधे महानीम से निकल जाती हैं। इसके कारण प्रतिदिन हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, महिलाओं, बच्चों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को दिक्कत होती है। आरोप है कि शमशाबाद तक का किराया लेने और लगभग 50 प्रतिशत किराया बढ़ने के बावजूद यात्रियों को महानीम पर उतार दिया जाता है। रात के समय यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। सात दिन का अल्टीमेटम, समाधान नहीं तो भूख हड़ताल व्यापारियों एवं नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित बसों के परमिट और निर्धारित मार्ग की जांच कराई जाए तथा सभी बसों का शमशाबाद बस स्टैंड तक आना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो व्यापारी एवं नागरिक भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल व्यापारियों की नहीं, बल्कि नगर के हजारों यात्रियों, विद्यार्थियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़ी है। प्रशासन के सामने अब समाधान की चुनौती नगरवासियों को उम्मीद है कि परिवहन विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए यात्रियों को राहत दिलाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन सात दिन की समय-सीमा में समस्या का निराकरण करता है या व्यापारियों और नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।1
- एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में युवक ने खाया जहरीला पदार्थ, गुना पुलिस में मचा हड़कंप पुरानी रंजिश और युवक के पुराने रेप केस ने उलझाए सवाल गुना। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब शिकायत लेकर पहुंचे मुकेश यादव ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बिना देरी किए युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत ठीक बताई गई। घटना ने पुलिस की शिकायत सुनवाई की प्रक्रिया और आवेदक की असंतुष्टि को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की पृष्ठभूमि में बमोरी तहसील क्षेत्र के ग्राम बिलास में दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है। मुकेश की मां राधा बाई पत्नी स्वर्गीय रामदयाल यादव ने 27 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि 26 अक्टूबर की रात कई लोग उनके घर पहुंचे, गाली-गलौज और मारपीट की, घर से करीब 2.40 लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल ले गए तथा फायरिंग कर परिवार को डराया। आवेदन में मुकेश के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की जांच की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है। *पुराने रेप केस का जिक्र, मामले में बढ़ा पेच* पुलिस के आधिकारिक पक्ष के अनुसार, मुकेश यादव पूर्व में दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी रह चुका है। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद की पृष्ठभूमि में भी यही मामला रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिस युवती से जुड़ा यह मामला था, वह अब मुकेश के साथ रह रही है, युवक के बयानो के आधार पर। यहीं से मामला और पेचीदा हो जाता है। एक तरफ परिवार घर में घुसकर मारपीट, नकदी और बाइक ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहा है; दूसरी तरफ युवक की पुरानी आपराधिक केस में संलिप्तता का संदर्भ सामने आ रहा है। लेकिन किसी व्यक्ति का पूर्व में आरोपी होना अपने आप में उसकी वर्तमान शिकायत को खारिज करने का आधार नहीं हो सकता। *सवाल पुलिस की निष्पक्ष सुनवाई का* इस घटना के बाद सबसे अहम सवाल यह है कि क्या किसी पुराने आपराधिक मामले में आरोपी रह चुका व्यक्ति वर्तमान में किसी घटना का पीड़ित होने का दावा नहीं कर सकता? क्या उसकी शिकायत की जांच दूसरे शिकायतकर्ताओं की तरह निष्पक्षता से नहीं होनी चाहिए? कानून का मूल सिद्धांत है कि किसी व्यक्ति की वर्तमान शिकायत पर निर्णय आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर होना चाहिए—उसके अतीत की छवि के आधार पर नहीं। यदि शिकायत में संज्ञेय अपराध के आरोप हैं, तो पुलिस को लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार उनकी जांच और आवश्यक कार्रवाई करनी होती है। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप अपने आप में अपराध सिद्ध नहीं करते। *मुकेश ने जनसुनवाई में जहरीला पदार्थ क्यों खाया* क्या वह पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट था और उसकी शिकायत पर अब तक क्या कदम उठाए गए—इन सवालों के जवाब पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के बाद ही सामने आएंगे। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं: क्या दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी, क्या कथित मारपीट और चोरी की शिकायत पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी और क्या जनसुनवाई में युवक के इस कदम के पीछे की परिस्थितियों की भी जांच होगी? इन सवालों का जवाब ही बताएगा कि मामले में शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही।2