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ब्यावर की धरती से 'भारत अखंड मिशन' का शुभारंभ किया गया है। इसे अपनी मूल पहचान बताते हुए, मिशन के प्रणेता ने इसे राजस्थान के हर कोने तक ले जाने और फिर पूरे भारत में विस्तारित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि वे केवल भाषण नहीं देंगे, बल्कि इस मिशन को करके दिखाएंगे। प्रणेता ने लोगों से इस पहल में 'जय भारत अखंड' लिखकर अपना समर्थन देने का आह्वान किया है।
भारत अखंड मिशन ✅👑
ब्यावर की धरती से 'भारत अखंड मिशन' का शुभारंभ किया गया है। इसे अपनी मूल पहचान बताते हुए, मिशन के प्रणेता ने इसे राजस्थान के हर कोने तक ले जाने और फिर पूरे भारत में विस्तारित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि वे केवल भाषण नहीं देंगे, बल्कि इस मिशन को करके दिखाएंगे। प्रणेता ने लोगों से इस पहल में 'जय भारत अखंड' लिखकर अपना समर्थन देने का आह्वान किया है।
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- मांगलियावास थाना क्षेत्र के लामाना स्थित एक फैक्ट्री में रविवार रात एक श्रमिक के साथ हुई मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चार लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। इन सभी को मंगलवार को उपखंड अधिकारी पीसांगन के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। यह विवाद फैक्ट्री श्रमिक और सुपरवाइजर के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था। मारपीट की सूचना मिलने पर फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर तुरंत मौके पर पहुँचे और घायल श्रमिक को अजमेर अस्पताल भिजवाकर उसका उपचार शुरू करवाया। घायल श्रमिक की हालत में सुधार बताया गया है, और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा ही उसके पूरे इलाज का खर्च उठाया जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश निवासी आलोक दुबे पुत्र विद्याभूषण दुबे, विकास पुत्र दिलीप सिंह, बलवंत पुत्र नूरा यादव, और मध्य प्रदेश निवासी ओम प्रताप पुत्र शमशेर बहादुर को गिरफ्तार किया था। फैक्ट्री मालिक दीपक झंवर ने झगड़ा करने वाले इन चारों आरोपियों को फैक्ट्री से निकालने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में किसी भी प्रकार का अशांति का माहौल उत्पन्न करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है, और भविष्य में भी ऐसा करने वालों को फैक्ट्री से निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार, खबर लिखे जाने तक पीड़ित श्रमिक की ओर से थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी, और पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, सोमवार को मांगलियावास पुलिस ने यातायात नियमों की पालना के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस से नौकझौंक करने पर रास के पिलपाया निवासी वाहन चालक दिलीप पुत्र नौरत प्रजापत को भी शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे भी पीसांगन उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश करने पर जमानत पर रिहा कर दिया गया।1
- ब्यावर के वर्धमान कन्या महाविद्यालय सभागार में सोमवार, 22 जून को 'पत्रिका इग्नाइटर्स-2026' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मार्गदर्शन दिया। इस कार्यक्रम में ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत, पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। अपने प्रेरक संबोधन में मंत्री श्री रावत ने छात्रों को बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता; इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और कठिन परिश्रम ही वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थी जीवन को भविष्य की नींव रखने का सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए, विद्यार्थियों से अपने लिए एक आदर्श (रोल मॉडल) चुनकर उसके पदचिह्नों पर चलने का प्रयास करने का आह्वान किया, और इस संदर्भ में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। इसके साथ ही, मंत्री ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सकारात्मक और सीमित उपयोग करने की सलाह दी, और अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उन्हें सही दिशा प्रदान करने का आग्रह किया। मंत्री श्री रावत ने जल संरक्षण को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन अपनाना चाहिए, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए, और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हम आज जल बचाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर पाएंगे, क्योंकि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर ब्यावर विधायक श्री शंकर सिंह रावत ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर अध्ययन को सफलता का आधार बताते हुए अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया, और कहा कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास एवं दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक श्री रतन सिंह ने भी विद्यार्थियों से अपने जीवन में एक आदर्श स्थापित करने और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों को नशे से दूर रहने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों से बचाव के लिए डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील रहने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक ने अभिभावकों को भी बच्चों के साथ नियमित संवाद जारी रखते हुए उन्हें सही मार्गदर्शन देने की बात कही, ताकि वे सुरक्षित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें। यह कार्यक्रम बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।1
- अजमेर स्थित जेएलएन अस्पताल के गेट पर अस्थाई सफाई कर्मचारियों और वार्ड बॉय ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वार पर आयोजित किया गया।1
- अजमेर के आनासागर झील क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस घटना के कारण क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- अजमेर में एक नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसे शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक, विशेषकर चार साल तक, उसका शोषण किया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब नाबालिग ने अपने परिवार को घटना के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। रामगंज थाना पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की सत्यता सुनिश्चित करने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उल्लेखनीय है कि यह जानकारी उपलब्ध विवरण और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है, और अदालत के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए।1
- ब्यावर में 23 जून 2026 को एडवोकेट घनश्याम फुलवारी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक शिष्टमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसे मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और संभागीय आयुक्त अजमेर को भी भेजा गया। ज्ञापन में ब्यावर के बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा मिट्टी भरकर प्लाट काटने और बेचने का मुद्दा उठाया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिष्टमंडल ने राजस्थान के बहुचर्चित जनयाचिका "अब्दुल रहमान बनाम राजस्थान सरकार (याचिका संख्या 1536/2003)" का हवाला दिया, जिसमें हाईकोर्ट ने 2 अगस्त 2004 को जलस्रोतों में पानी की आवक में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाकर 15 अगस्त 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन भी हुआ था जिसने जल निकासी चैनलों को सरकारी भूमि घोषित करने और सरकारी स्वामित्व वाली झीलों के डूब क्षेत्रों में निजी खातेदारी अधिकारों को सरकार के अधीन लाने का सुझाव दिया था। इसी फैसले के बाद अजमेर की आना सागर, फाई सागर, राजसमन्द झील और उदयपुर झील से अतिक्रमण हटाए गए थे। इसके साथ ही, शिष्टमंडल ने हाईकोर्ट के बफर जोन संबंधी फैसले का भी जिक्र किया, जिसके अनुसार प्राथमिक नाले, नदी, झील या डूब क्षेत्र के केंद्र से 50 मीटर की दूरी पर और नदियों, नालों पर 25 से 15 मीटर की दूरी के अंदर कोई निर्माण अवैध है। आरोप लगाया गया है कि ब्यावर में इन सभी फैसलों की "खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाई जा रही हैं", जिससे तालाबों में पानी की आवक बाधित हो रही है। ज्ञापन में बताया गया कि ब्यावर के बिचडली तालाब के भराव के रास्ते को मिट्टी भरकर रोका जा रहा है और भूमाफियाओं द्वारा इसके डूब क्षेत्र तथा कैचमेंट एरिया में कॉलोनियां काट कर बेची जा रही हैं, जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में है। इस संबंध में नगर परिषद द्वारा 23 मई 2024 को जारी एक लोक सूचना का उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार जय नारायण त्रिपाठी द्वारा खसरा संख्या 1476, 1477, 1479 पर पट्टों के लिए आवेदन किया गया था, जो तालाब का डूब क्षेत्र है। गोविंद नारायण त्रिपाठी ने स्वयं 4 मार्च 2022 को नगर परिषद को दिए एक नोटिस में यह स्वीकार किया था कि उनके खेत में तालाबी पानी आता है, जिससे बचाव के लिए उन्हें मिट्टी भरवानी पड़ी थी, जो इस बात का प्रमाण है कि यह डूब क्षेत्र है। इसके अलावा, शहर का ऐतिहासिक परकोटा भी तोड़ा गया ताकि कॉलोनी के लिए रास्ता बनाया जा सके, जिसमें पार्षद पुत्र अमित प्रजापत का नाम सामने आया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में नगर परिषद प्रशासन द्वारा बिचडली तालाब के डूब क्षेत्र खसरा संख्या 1447 से अवैध भरी हुई मिट्टी को हटाया गया, जिसके लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया गया। हालांकि, एडवोकेट फुलवारी ने यह भी कहा कि यह धन्यवाद तभी सार्थक होगा जब उनके द्वारा पिछले छह वर्षों में अन्य भूमाफियाओं के खिलाफ दी गई शिकायतों पर भी कार्रवाई होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी, तहसील कार्यालय और सिंचाई विभाग द्वारा एनओसी जारी की जा रही हैं, जिससे अधिकारियों की भूमाफियाओं से मिलीभगत प्रतीत होती है। 14 मई 2024 को नगर परिषद ने इन डूब क्षेत्रों पर सूचना बोर्ड लगाए और लाउडस्पीकर से अतिक्रमण हटाने की सूचना प्रसारित की थी, लेकिन बाद में नगर परिषद के अध्यक्ष अधिकारियों ने सांठगांठ कर वे सूचना बोर्ड हटा दिए, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हुए। रजिस्ट्री कार्यालय में भी इन जमीनों की रजिस्ट्री हो जाती है, जिससे बड़ा राजस्व वसूला जाता है और अवैध भरती भरकर जमीनों का बेचान जारी है। इन गतिविधियों से जरूरतमंद लोग जो मकान बनाने के लिए भूखंड खरीदते हैं, उन्हें नुकसान हो रहा है, जबकि प्रशासन यह सब होते हुए भी निष्क्रिय रहा। शिष्टमंडल ने मांग की है कि ऐसे भूमाफियाओं को पट्टा नहीं दिया जाए, बिचडली तालाब के अस्तित्व की रक्षा की जाए, और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो जो इन अवैध गतिविधियों में भूमाफियाओं से साठगांठ कर शामिल थे। इस शिष्टमंडल में एडवोकेट सुनील सिंगाड़िया, एडवोकेट सुलक्षणा शर्मा, एडवोकेट राजेश बंसल और एडवोकेट शाबिर खान भी उपस्थित थे। एडवोकेट घनश्याम फुलवारी प्रदेश सचिव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि आरटीआई व मानवाधिकार विभाग तथा ब्यावर नगर परिषद के निवर्तमान पार्षद हैं।1
- ब्यावर से एक नई पहल की शुरुआत की गई है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि इसे रोका नहीं जाएगा। इस 'आवाज' को पहले पूरे राजस्थान के जोधपुर, जयपुर, उदयपुर और कोटा सहित हर जिले तथा हर गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके बाद, इस पहल का विस्तार राजस्थान से आगे बढ़कर पूरे भारत में किया जाएगा।1
- मोहर्रम की सात तारीख को ख़्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के मकबरे में रखे बड़े ताजिये पर मेहंदी पेश की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, ब्यावर में वन बंधु परिषद और भगवती मल्लि बहु मंडल द्वारा संयुक्त रूप से एक योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रविवार, 21 जून को पीपलिया बाजार स्थित रांका हाउस में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में लगभग 30 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। फिजियोथेरेपिस्ट जिनिता ने योग शिविर का संचालन किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में जानकारी दी और नियमित योग को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताते हुए विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस अवसर पर वन बंधु परिषद की अध्यक्ष संतोष रांका, मंत्री उषा मोदी और संरक्षक मंजू भूतड़ा, साथ ही भगवती मल्लि बहु मंडल की अध्यक्ष बबीता ओसतवाल और मंत्री पल्लवी पिपाड़ा सहित अनेक महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। उपस्थित महिलाओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।1