logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

झारखंड के प्रतापपुर प्रखंड की जोगिडीह पंचायत के कल्याणपुर गांव में 'हर घर नल योजना' विफल हो गई है। लाखों रुपये की लागत से बना जलमीनार पिछले एक साल से बंद पड़ा है, जिसके कारण गांव के लगभग 30 घरों तक नल का पानी नहीं पहुँच पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार एक साल पहले वज्रपात से खराब हुआ था। मरम्मत के लिए दो महीने पहले समरसेबल पंप और अन्य उपकरण ले जाए गए, लेकिन इसके बावजूद जलमीनार अब तक चालू नहीं हो सका है। हालत तब और बिगड़ गई जब गांव का चापाकल भी मरम्मत के नाम पर खोल दिया गया, जिससे भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण रामप्रवेश ठाकुर, सतेंद्र ठाकुर और अन्य ने उपायुक्त रवि आनंद से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। वहीं, मुखिया बीरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में विभाग को सूचना दे दी गई है और मरम्मत का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा।

4 hrs ago
user_Headline jharkhand
Headline jharkhand
Press-Media प्रतापपुर, चतरा, झारखंड•
4 hrs ago

झारखंड के प्रतापपुर प्रखंड की जोगिडीह पंचायत के कल्याणपुर गांव में 'हर घर नल योजना' विफल हो गई है। लाखों रुपये की लागत से बना जलमीनार पिछले एक साल से बंद पड़ा है, जिसके कारण गांव के लगभग 30 घरों तक नल का पानी नहीं पहुँच पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार एक साल पहले वज्रपात से खराब हुआ था। मरम्मत के लिए दो महीने पहले समरसेबल पंप और अन्य उपकरण ले जाए गए, लेकिन इसके बावजूद जलमीनार अब तक चालू नहीं हो सका है। हालत तब और बिगड़ गई जब गांव का चापाकल भी मरम्मत के नाम पर खोल दिया गया, जिससे भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण रामप्रवेश ठाकुर, सतेंद्र ठाकुर और अन्य ने उपायुक्त रवि आनंद से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। वहीं, मुखिया बीरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में विभाग को सूचना दे दी गई है और मरम्मत का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा।

More news from झारखंड and nearby areas
  • झारखंड के प्रतापपुर प्रखंड की जोगिडीह पंचायत के कल्याणपुर गांव में 'हर घर नल योजना' विफल हो गई है। लाखों रुपये की लागत से बना जलमीनार पिछले एक साल से बंद पड़ा है, जिसके कारण गांव के लगभग 30 घरों तक नल का पानी नहीं पहुँच पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार एक साल पहले वज्रपात से खराब हुआ था। मरम्मत के लिए दो महीने पहले समरसेबल पंप और अन्य उपकरण ले जाए गए, लेकिन इसके बावजूद जलमीनार अब तक चालू नहीं हो सका है। हालत तब और बिगड़ गई जब गांव का चापाकल भी मरम्मत के नाम पर खोल दिया गया, जिससे भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण रामप्रवेश ठाकुर, सतेंद्र ठाकुर और अन्य ने उपायुक्त रवि आनंद से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। वहीं, मुखिया बीरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में विभाग को सूचना दे दी गई है और मरम्मत का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा।
    1
    झारखंड के प्रतापपुर प्रखंड की जोगिडीह पंचायत के कल्याणपुर गांव में 'हर घर नल योजना' विफल हो गई है। लाखों रुपये की लागत से बना जलमीनार पिछले एक साल से बंद पड़ा है, जिसके कारण गांव के लगभग 30 घरों तक नल का पानी नहीं पहुँच पा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार एक साल पहले वज्रपात से खराब हुआ था। मरम्मत के लिए दो महीने पहले समरसेबल पंप और अन्य उपकरण ले जाए गए, लेकिन इसके बावजूद जलमीनार अब तक चालू नहीं हो सका है। हालत तब और बिगड़ गई जब गांव का चापाकल भी मरम्मत के नाम पर खोल दिया गया, जिससे भीषण गर्मी में महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीण रामप्रवेश ठाकुर, सतेंद्र ठाकुर और अन्य ने उपायुक्त रवि आनंद से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। वहीं, मुखिया बीरेंद्र यादव ने बताया कि इस संबंध में विभाग को सूचना दे दी गई है और मरम्मत का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा।
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Press-Media प्रतापपुर, चतरा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • पलामू जिले के पांकी ब्लॉक में पर्यावरण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ब्लॉक के अगल-बगल बोतलों के ढेर लगे हुए हैं, जो आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह कचरा एक अधिकारी द्वारा फैलाया गया है, और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
    1
    पलामू जिले के पांकी ब्लॉक में पर्यावरण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। ब्लॉक के अगल-बगल बोतलों के ढेर लगे हुए हैं, जो आसपास के वातावरण को प्रभावित कर रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि यह कचरा एक अधिकारी द्वारा फैलाया गया है, और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
    user_W SINGH
    W SINGH
    पांकी, पलामू, झारखंड•
    9 hrs ago
  • प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यकाल के 12 साल सफलतापूर्वक पूरे होने के अवसर पर, खनन एवं कला संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी से एक खास बातचीत आयोजित की गई।
    1
    प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यकाल के 12 साल सफलतापूर्वक पूरे होने के अवसर पर, खनन एवं कला संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी से एक खास बातचीत आयोजित की गई।
    user_Hindustan Express News
    Hindustan Express News
    Media house शेरघाटी, गया, बिहार•
    16 hrs ago
  • गया जिले के टेकारी से लापता हुए एक युवक की खोजबीन के लिए उसके परिजन बाराचट्टी पहुंचे हैं। परिजनों ने बाराचट्टी पुलिस से मिलकर अपने गायब सदस्य को ढूंढने की गुहार लगाई है और उसकी तलाश में मदद की अपील की है।
    1
    गया जिले के टेकारी से लापता हुए एक युवक की खोजबीन के लिए उसके परिजन बाराचट्टी पहुंचे हैं। परिजनों ने बाराचट्टी पुलिस से मिलकर अपने गायब सदस्य को ढूंढने की गुहार लगाई है और उसकी तलाश में मदद की अपील की है।
    user_Ganesh Prasad  Ganesh Prasad
    Ganesh Prasad Ganesh Prasad
    पत्रकारिता बाराचट्टी, गया, बिहार•
    12 hrs ago
  • झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।
    4
    झारखंड के पलामू जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि यह योजना 'छलावा' साबित हो रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए जाने के बावजूद चयनित गांवों तक अपेक्षित राशि नहीं पहुँच रही है, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

वर्ष 2018 से 2026 तक की अवधि के लिए पलामू जिले में इस योजना के तहत कुल 285 गांवों का चयन किया गया है। प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक गांव पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 137 गांवों को 60-60 हजार रुपये और 9 गांवों को 30-30 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। करीब आठ वर्षों में कुल मिलाकर केवल 84.90 लाख रुपये का ही आवंटन हो पाया है। सतबरवा प्रखंड के ठेमी, हुड़मुड़, सलइया और चपरना जैसे गांवों को सीमित राशि मिली है, जबकि जोड़ा, नौरंगा, तुम्बागड़ा और पोची जैसे कई गांवों को तो अब तक कोई राशि मिली ही नहीं है, जिस पर ग्रामीणों ने फंड आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

रबदा पंचायत के सलइया गांव स्थित परहिया टोला में आज भी सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जहाँ ग्रामीण नदी और चुआड़ी के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। वार्ड सदस्य बबलू परहिया ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बीमार सुगनी देवी को समुचित इलाज नहीं मिल पाया और बाद में उनकी मौत हो गई। इस मामले पर प्रभारी बीडीओ प्रदीप दास ने दो दिन पूर्व जानकारी लेकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करने की बात कही थी, लेकिन कोई आलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं समाजसेवी अरबिंद सिंह ने इस योजना को विफल करार देते हुए कहा है कि कई टोले आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आदर्श ग्राम का दर्जा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इरफान अंसारी, हेमंत सोरेन और डीसी पलामू साहब को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करने के बाद भी परहिया जाति के दर्द को नहीं सुना गया। उनका यह भी मानना है कि यदि नेता और पदाधिकारी चाहते तो इस जांच को बचाया जा सकता था।
    user_लोकतांत्रिक अधिकार झारखण्ड़
    लोकतांत्रिक अधिकार झारखण्ड़
    सतबरवा, पलामू, झारखंड•
    10 hrs ago
  • लातेहार जिले में टोरी-चंदवा एनएच-39 पर बनने वाले फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी से आक्रोशित किसानों और माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला उपायुक्त (डीसी) से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। माकपा राज्य सचिव प्रकाश विप्लव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें लेकर उदयपुरा से समाहरणालय तक 7 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की। इस दौरान, उनके पोस्टरों पर स्पष्ट लिखा था कि "शिलान्यास के 5 साल बाद भी काम शुरू नहीं, हमें इच्छा मृत्यु दो।" यह परियोजना मूल रूप से 3 अप्रैल, 2021 को नितिन गडकरी और हेमंत सोरेन द्वारा ऑनलाइन शिलान्यास के साथ शुरू की गई थी, जिसे टोरी आरओबी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, शिलान्यास के बाद भी, काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है, और इसके लिए सात बार निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। परियोजना की अनुमानित लागत भी 2021 में ₹43 करोड़ से बढ़कर अब ₹119.71 करोड़ हो गई है। टोरी क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से किसान और माकपा नेता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने यह चरम कदम उठाया है।
    1
    लातेहार जिले में टोरी-चंदवा एनएच-39 पर बनने वाले फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी से आक्रोशित किसानों और माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला उपायुक्त (डीसी) से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। माकपा राज्य सचिव प्रकाश विप्लव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें लेकर उदयपुरा से समाहरणालय तक 7 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की। इस दौरान, उनके पोस्टरों पर स्पष्ट लिखा था कि "शिलान्यास के 5 साल बाद भी काम शुरू नहीं, हमें इच्छा मृत्यु दो।"

यह परियोजना मूल रूप से 3 अप्रैल, 2021 को नितिन गडकरी और हेमंत सोरेन द्वारा ऑनलाइन शिलान्यास के साथ शुरू की गई थी, जिसे टोरी आरओबी के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, शिलान्यास के बाद भी, काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है, और इसके लिए सात बार निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। परियोजना की अनुमानित लागत भी 2021 में ₹43 करोड़ से बढ़कर अब ₹119.71 करोड़ हो गई है। टोरी क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से किसान और माकपा नेता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने यह चरम कदम उठाया है।
    user_Ashish Kumar Baidya
    Ashish Kumar Baidya
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    24 min ago
  • गया जिले के माडनपुर स्थित डाक बाबा इलाके की एक संकीर्ण गली में अचानक एक गाय घुस गई। इस घटना के बाद, गाय को बाहर निकालने के लिए लगभग नौ घंटे तक लगातार प्रयास किए गए। निगमकर्मी, स्थानीय नागरिक और गाय मालिक सभी ने मिलकर इस बचाव अभियान में हिस्सा लिया, जिसके फलस्वरूप गाय को सुरक्षित और जीवित बाहर निकाल लिया गया।
    1
    गया जिले के माडनपुर स्थित डाक बाबा इलाके की एक संकीर्ण गली में अचानक एक गाय घुस गई। इस घटना के बाद, गाय को बाहर निकालने के लिए लगभग नौ घंटे तक लगातार प्रयास किए गए। निगमकर्मी, स्थानीय नागरिक और गाय मालिक सभी ने मिलकर इस बचाव अभियान में हिस्सा लिया, जिसके फलस्वरूप गाय को सुरक्षित और जीवित बाहर निकाल लिया गया।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    51 min ago
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) झारखंड प्रदेश का चार दिवसीय अभ्यास वर्ग 12 से 15 जून तक कोडरमा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस समापन सत्र के दौरान संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई, जिसमें ABVP के कर्मठ कार्यकर्ता विशाल कुमार प्रजापति को चतरा जिला संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके मनोनयन की घोषणा होते ही जिले के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई। विशाल कुमार प्रजापति लंबे समय से संगठन के कार्यों, छात्रहित और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में जिले में परिषद का और अधिक विस्तार होगा, तथा छात्र संबंधी मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाए जाएंगे। दायित्व घोषणा के बाद, कार्यकर्ताओं ने विशाल कुमार प्रजापति को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
    1
    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) झारखंड प्रदेश का चार दिवसीय अभ्यास वर्ग 12 से 15 जून तक कोडरमा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस समापन सत्र के दौरान संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई, जिसमें ABVP के कर्मठ कार्यकर्ता विशाल कुमार प्रजापति को चतरा जिला संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके मनोनयन की घोषणा होते ही जिले के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई।

विशाल कुमार प्रजापति लंबे समय से संगठन के कार्यों, छात्रहित और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में जिले में परिषद का और अधिक विस्तार होगा, तथा छात्र संबंधी मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाए जाएंगे। दायित्व घोषणा के बाद, कार्यकर्ताओं ने विशाल कुमार प्रजापति को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
    user_Headline jharkhand
    Headline jharkhand
    Press-Media प्रतापपुर, चतरा, झारखंड•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.