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जालौन.. रोडबेज बस स्टेण्ड. चुर्खी रोड लोना रोड पर किया 1200 करोड़ रूपये मे जालौन तहसील को एक भी रुपये ना मिलने पर.. मूग खरीद केवल 2000 कुंतल खरीद पर किया बोले बोले विधायक गौरी शंकर वर्मा जी.... भीम. राजावत पत्रकार 4tv news जिला संवाददाता जालौन.. तहसील अध्यक्ष ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन जालौन. Mo.9628800458

1 hr ago
user_Bheem rajawat 9628800458
Bheem rajawat 9628800458
पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

जालौन.. रोडबेज बस स्टेण्ड. चुर्खी रोड लोना रोड पर किया 1200 करोड़ रूपये मे जालौन तहसील को एक भी रुपये ना मिलने पर.. मूग खरीद केवल 2000 कुंतल खरीद पर किया बोले बोले विधायक गौरी शंकर वर्मा जी.... भीम. राजावत पत्रकार 4tv news जिला संवाददाता जालौन.. तहसील अध्यक्ष ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन जालौन. Mo.9628800458

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जालौन मंडी में घोटाला : किसान की मूंग लौटा दी! व्यापारी की कीड़ा लगी मूंग खरीद ली!!. जालौन गल्ला मंडी में मूंग खरीद पर उठे सवाल, किसानों के कागज लौटाए, व्यापारियों की मूंग खरीदने का आरोप जालौन। गल्ला मंडी में मूंग खरीद को लेकर किसानों ने खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि PCU क्रय केंद्र पर उनकी मूंग खरीदने के बजाय कागजात वापस किए जा रहे हैं, जबकि व्यापारियों से कथित तौर पर भुनगा (कीड़ा लगी) मूंग की भी खरीद की जा रही है। किसानों का कहना है कि वह अपनी उपज लेकर क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खरीद के नाम पर उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि क्रय केंद्र प्रभारी लाखन और तिवारी की मौजूदगी में खरीद प्रक्रिया में धांधली की जा रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि उनकी उपज मानकों के अनुरूप होने के बावजूद नहीं खरीदी जा रही है, तो व्यापारियों की मूंग की खरीद किस आधार पर की जा रही है? किसानों का आरोप है कि खरीद केंद्र पर स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार मंडी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। जिम्मेदारी किसकी? किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही सवाल उठाया है कि यदि क्रय केंद्र पर किसानों की मूंग नहीं खरीदी जा रही है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी किसानों की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई करते हैं या किसान इसी तरह क्रय केंद्र के चक्कर काटते रहेंगे।
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    जालौन मंडी में घोटाला : किसान की मूंग लौटा दी! व्यापारी की कीड़ा लगी मूंग खरीद ली!!.
जालौन गल्ला मंडी में मूंग खरीद पर उठे सवाल, किसानों के कागज लौटाए, व्यापारियों की मूंग खरीदने का आरोप
जालौन। गल्ला मंडी में मूंग खरीद को लेकर किसानों ने खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि PCU क्रय केंद्र पर उनकी मूंग खरीदने के बजाय कागजात वापस किए जा रहे हैं, जबकि व्यापारियों से कथित तौर पर भुनगा (कीड़ा लगी) मूंग की भी खरीद की जा रही है।
किसानों का कहना है कि वह अपनी उपज लेकर क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खरीद के नाम पर उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि क्रय केंद्र प्रभारी लाखन और तिवारी की मौजूदगी में खरीद प्रक्रिया में धांधली की जा रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि उनकी उपज मानकों के अनुरूप होने के बावजूद नहीं खरीदी जा रही है, तो व्यापारियों की मूंग की खरीद किस आधार पर की जा रही है?
किसानों का आरोप है कि खरीद केंद्र पर स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार मंडी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
जिम्मेदारी किसकी?
किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही सवाल उठाया है कि यदि क्रय केंद्र पर किसानों की मूंग नहीं खरीदी जा रही है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी किसानों की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई करते हैं या किसान इसी तरह क्रय केंद्र के चक्कर काटते रहेंगे।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • कोंच,सेवढ़ा सिंध नदी से जल लेने निकली कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा कोंच जालौन के कोंच में सावन माह में भगवान शिव की भक्ति का रंग नगर में लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे जालौन के कोंच नगर के चंदकुआ स्थित प्राचीन भूतेश्वर मंदिर से सैकड़ों श्रद्धालुओं की कांवड़ यात्रा सेवढ़ा स्थित सिंध नदी के लिए रवाना हुई। यात्रा में शामिल भक्त सिंध नदी से पवित्र जल लेकर वापस भूतेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ यात्रा के रवाना होते ही पूरा वातावरण भोलेनाथ की भक्ति में रंग गया। श्रद्धालु हाथों में कांवड़ लेकर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा के दौरान भक्तों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिली। कांवड़ियों ने भगवान शिव के भजनों और जयकारों के साथ अपनी यात्रा शुरू की। कांवड़ यात्रा में अमन अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, सागर लोहिया, अर्पित नीखरा, मुरली पटवा, राजा बाबू सोनी, हिमांशु सोनी, अमन तिवारी, रविकांत प्रजापति, रोहित सोनी, रवि राठौर, प्रतीक अग्रवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे। श्रद्धालु सेवढ़ा सिंध नदी पहुंचकर पवित्र जल भरेंगे और कांवड़ में जल लेकर वापस कोंच के भूतेश्वर मंदिर आएंगे। इसके बाद विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। सावन के पावन महीने में निकल रही इस कांवड़ यात्रा को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कांवड़ यात्रा को लेकर नगरवासियों में भी उत्साह देखने को मिला। भक्तों का कहना है कि सावन में भगवान शिव को जल अर्पित करने से मन को शांति और विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होती है।
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    कोंच,सेवढ़ा सिंध नदी से जल लेने निकली कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा कोंच
जालौन के कोंच में सावन माह में भगवान शिव की भक्ति का रंग नगर में लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे जालौन के कोंच नगर के चंदकुआ स्थित प्राचीन भूतेश्वर मंदिर से सैकड़ों श्रद्धालुओं की कांवड़ यात्रा सेवढ़ा स्थित सिंध नदी के लिए रवाना हुई। यात्रा में शामिल भक्त सिंध नदी से पवित्र जल लेकर वापस भूतेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ यात्रा के रवाना होते ही पूरा वातावरण भोलेनाथ की भक्ति में रंग गया। श्रद्धालु हाथों में कांवड़ लेकर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा के दौरान भक्तों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिली। कांवड़ियों ने भगवान शिव के भजनों और जयकारों के साथ अपनी यात्रा शुरू की।
कांवड़ यात्रा में अमन अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, सागर लोहिया, अर्पित नीखरा, मुरली पटवा, राजा बाबू सोनी, हिमांशु सोनी, अमन तिवारी, रविकांत प्रजापति, रोहित सोनी, रवि राठौर, प्रतीक अग्रवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।
श्रद्धालु सेवढ़ा सिंध नदी पहुंचकर पवित्र जल भरेंगे और कांवड़ में जल लेकर वापस कोंच के भूतेश्वर मंदिर आएंगे। इसके बाद विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। सावन के पावन महीने में निकल रही इस कांवड़ यात्रा को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कांवड़ यात्रा को लेकर नगरवासियों में भी उत्साह देखने को मिला। भक्तों का कहना है कि सावन में भगवान शिव को जल अर्पित करने से मन को शांति और विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होती है।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    36 min ago
  • तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, वंदे मातरम के नारों से गूंजा कदौरा विधायक विनोद चतुर्वेदी व पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने किया शुभारंभ, पुलिस बल रहा मुस्तैद कदौरा। नगर में मंगलवार को आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में नगरवासी, युवा और जनप्रतिनिधि यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान पूरा नगर ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कदौरा नगर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ विधायक विनोद चतुर्वेदी एवं पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद तिरंगा यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से निकाली गई। यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में नगरवासी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पूरे उत्साह के साथ देशभक्ति के नारों का उद्घोष किया। यात्रा के दौरान नगर का माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि रविकांत शिवहरे, मंडल अध्यक्ष हेमंत साहू, अमित शिवहरे, बबलू शुक्ला, राहुल सिंह परिहार (युवा मोर्चा), आदित्य तिवारी, महिला मोर्चा अध्यक्ष रेनू वर्मा, रजनी पाल मीना शुक्ला आरती पांडे सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं, तिरंगा यात्रा को लेकर कदौरा थाना प्रभारी परविंदर सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। पुलिस टीम ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली और नगर में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
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    तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, वंदे मातरम के नारों से गूंजा कदौरा
विधायक विनोद चतुर्वेदी व पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने किया शुभारंभ, पुलिस बल रहा मुस्तैद
कदौरा। नगर में मंगलवार को आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में नगरवासी, युवा और जनप्रतिनिधि यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान पूरा नगर ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कदौरा नगर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ विधायक विनोद चतुर्वेदी एवं पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद तिरंगा यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से निकाली गई।
यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में नगरवासी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पूरे उत्साह के साथ देशभक्ति के नारों का उद्घोष किया। यात्रा के दौरान नगर का माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि रविकांत शिवहरे, मंडल अध्यक्ष हेमंत साहू, अमित शिवहरे, बबलू शुक्ला, राहुल सिंह परिहार (युवा मोर्चा), आदित्य तिवारी, महिला मोर्चा अध्यक्ष रेनू वर्मा, रजनी पाल मीना शुक्ला  आरती पांडे  सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
वहीं, तिरंगा यात्रा को लेकर कदौरा थाना प्रभारी परविंदर सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। पुलिस टीम ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाली और नगर में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर ग्रामीण ने की डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्व. श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए आवासीय पट्टों के संबंध में न तो खुली बैठक की गई और न ही आमजन को इसकी सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पात्र लोगों को दरकिनार कर कथित रूप से अपात्र लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए। शिकायत में शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल और कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह जैसी महिलाओं को पात्र होने के बावजूद पट्टे से वंचित किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में ग्राम प्रधान और लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को आवासीय पट्टा दे दिया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवकान्ती के नाम आवासीय पट्टा किए जाने के बावजूद वह संपन्न परिवार से हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक उनके पति संपन्न हैं, ससुर के नाम करीब 20 बीघा जमीन और तीन मकान हैं। इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल— क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी? यदि दी गई थी तो उसकी कार्यवाही और प्रस्ताव कहां है? क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं? यदि किसी के पास पहले से जमीन और पक्का मकान है तो उसे आवासीय पट्टा किस आधार पर मिला? पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया? क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई? क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया? यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
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    निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर ग्रामीण ने की डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप
निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्व. श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए आवासीय पट्टों के संबंध में न तो खुली बैठक की गई और न ही आमजन को इसकी सूचना दी गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पात्र लोगों को दरकिनार कर कथित रूप से अपात्र लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए। शिकायत में शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल और कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह जैसी महिलाओं को पात्र होने के बावजूद पट्टे से वंचित किए जाने की बात कही गई है।
शिकायत में ग्राम प्रधान और लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। 
आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को आवासीय पट्टा दे दिया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवकान्ती के नाम आवासीय पट्टा किए जाने के बावजूद वह संपन्न परिवार से हैं।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उनके पति संपन्न हैं, ससुर के नाम करीब 20 बीघा जमीन और तीन मकान हैं। 
इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल—
क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी?
यदि दी गई थी तो उसकी कार्यवाही और प्रस्ताव कहां है?
क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं?
यदि किसी के पास पहले से जमीन और पक्का मकान है तो उसे आवासीय पट्टा किस आधार पर मिला?
पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया?
क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई?
क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया?
यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं?
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है।
अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Advertising agency उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कोंच क्षेत्र पंचायत में विकासकार्यों के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप, कई गांवों में बिना काम लाखों रुपये निकालने की एसडीएम से शिकायत जालौन के कोंच क्षेत्र पंचायत के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर कथित फर्जी भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों प्रदीप कुमार और दीपेश कुमार ने मंगलवार दोपहर 2 बजे एसडीएम कोंच अभिनव को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच प्रदेश स्तरीय टीएसी/चीफ टीएसी से कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गुमावली के मजरा हरदुआ, खैरी, कुंअरपुरा, भदारी, पनयारा, लौना और भदेवरा समेत कई गांवों में जलरोक बांध, नाला खुदाई, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग और चकरोड निर्माण के कार्य अभिलेखों में दर्शाकर भुगतान करा लिया गया, जबकि मौके पर कई कार्य नहीं कराए गए। कुछ मामलों में घटिया निर्माण होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में अलग-अलग कार्यों के लिए लाखों रुपये के भुगतान का उल्लेख करते हुए वर्क आईडी भी दी गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ कार्यों में एक ही विकास कार्य को अलग-अलग स्तर पर दर्शाकर भुगतान किए जाने की भी आशंका है। शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम से पूरे मामले की स्थलीय जांच और तकनीकी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बताए गए कार्य वास्तव में हुए हैं या नहीं और भुगतान में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
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    कोंच क्षेत्र पंचायत में विकासकार्यों के नाम पर फर्जी भुगतान का आरोप, कई गांवों में बिना काम लाखों रुपये निकालने की एसडीएम से शिकायत
जालौन के कोंच क्षेत्र पंचायत के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर कथित फर्जी भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों प्रदीप कुमार और दीपेश कुमार ने मंगलवार दोपहर 2 बजे एसडीएम कोंच अभिनव को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच प्रदेश स्तरीय टीएसी/चीफ टीएसी से कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गुमावली के मजरा हरदुआ, खैरी, कुंअरपुरा, भदारी, पनयारा, लौना और भदेवरा समेत कई गांवों में जलरोक बांध, नाला खुदाई, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग और चकरोड निर्माण के कार्य अभिलेखों में दर्शाकर भुगतान करा लिया गया, जबकि मौके पर कई कार्य नहीं कराए गए। कुछ मामलों में घटिया निर्माण होने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में अलग-अलग कार्यों के लिए लाखों रुपये के भुगतान का उल्लेख करते हुए वर्क आईडी भी दी गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ कार्यों में एक ही विकास कार्य को अलग-अलग स्तर पर दर्शाकर भुगतान किए जाने की भी आशंका है।
शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम से पूरे मामले की स्थलीय जांच और तकनीकी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बताए गए कार्य वास्तव में हुए हैं या नहीं और भुगतान में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    38 min ago
  • उत्तर प्रदेश बना इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का नया हब लखनऊ। योगी सरकार की निवेश-हितैषी नीतियों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बढ़ते निवेश से आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को नई गति मिल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। सरकार का फोकस अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है। तेजी से विकसित हो रहा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम उत्तर प्रदेश को देश की टेक्नोलॉजी ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी गति मिल रही है।
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    उत्तर प्रदेश बना इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का नया हब
लखनऊ। योगी सरकार की निवेश-हितैषी नीतियों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बढ़ते निवेश से आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को नई गति मिल रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। सरकार का फोकस अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है। तेजी से विकसित हो रहा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम उत्तर प्रदेश को देश की टेक्नोलॉजी ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। 
इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी गति मिल रही है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आवास आवंटन में धांधली का आरोप: बिना खुली बैठक और मुनादी के अपात्रों को बांटे गए पट्टे ​ग्राम बरदौली के मजरा निवाड़ी का मामला; ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग ​संपन्न और प्रधान के परिजनों को पट्टा देने का आरोप, पात्र विधवा महिलाएं दरकिनार ​कालपी (जालौन)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदौली के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए पट्टा आवंटन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ​ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्वर्गीय श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि पट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया में नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो गांव में कोई खुली बैठक बुलाई गई और न ही ग्रामीणों को इसकी पूर्व सूचना या मुनादी कराई गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान और हल्का लेखपाल की मिलीभगत से कागजों में ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। ​पात्रों को दरकिनार कर चहेतों पर मेहरबानी ​शिकायत में कहा गया है कि गांव की अत्यंत गरीब और जरूरतमंद विधवा महिलाओं शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल तथा कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह को पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया। ​दूसरी ओर, ग्राम प्रधान पर अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को पट्टा आवंटित करने का सीधा आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से ही लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान मौजूद हैं। इसके अलावा गांव के संपन्न परिवारों जैसे शिवकान्ती (जिनके पति संपन्न हैं और ससुर के नाम 20 बीघा जमीन व तीन मकान हैं) और विवाह के बाद अन्यत्र जा चुकी लड़की आखरीन पुत्री शकील के नाम भी पट्टे जारी करने पर सवाल खड़े किए गए हैं। ​प्रशासन के सामने खड़े हुए तीखे सवाल ​पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पट्टों के आवंटन के लिए खुली बैठक और मुनादी कराई गई थी, तो उसकी कार्यवाही का आधिकारिक प्रस्ताव और रजिस्टर कहां है। 20 से 30 बीघा जमीन और पक्के मकान वाले लोगों को किस आधार पर आवासहीन घोषित कर पट्टा जारी किया गया, जबकि प्राथमिक सूची में शामिल असहाय और गरीब विधवा महिलाओं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर कोई भौतिक सत्यापन किया था या केवल कागजी खानापूरी की गई। ​जांच पूरी होने तक कब्जे पर रोक की मांग ​शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक विवादित गाटा संख्याओं पर किसी भी प्रकार के निर्माण या कब्जे पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ​अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के विरुद्ध किए गए पट्टे रद्द होना तय माना जा रहा है, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व प्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
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    आवास आवंटन में धांधली का आरोप: बिना खुली बैठक और मुनादी के अपात्रों को बांटे गए पट्टे
​ग्राम बरदौली के मजरा निवाड़ी का मामला; ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
​संपन्न और प्रधान के परिजनों को पट्टा देने का आरोप, पात्र विधवा महिलाएं दरकिनार
​कालपी (जालौन)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदौली के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए पट्टा आवंटन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
​ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्वर्गीय श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि पट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया में नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो गांव में कोई खुली बैठक बुलाई गई और न ही ग्रामीणों को इसकी पूर्व सूचना या मुनादी कराई गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान और हल्का लेखपाल की मिलीभगत से कागजों में ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
​पात्रों को दरकिनार कर चहेतों पर मेहरबानी
​शिकायत में कहा गया है कि गांव की अत्यंत गरीब और जरूरतमंद विधवा महिलाओं शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल तथा कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह को पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया।
​दूसरी ओर, ग्राम प्रधान पर अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को पट्टा आवंटित करने का सीधा आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से ही लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान मौजूद हैं। इसके अलावा गांव के संपन्न परिवारों जैसे शिवकान्ती (जिनके पति संपन्न हैं और ससुर के नाम 20 बीघा जमीन व तीन मकान हैं) और विवाह के बाद अन्यत्र जा चुकी लड़की आखरीन पुत्री शकील के नाम भी पट्टे जारी करने पर सवाल खड़े किए गए हैं।
​प्रशासन के सामने खड़े हुए तीखे सवाल
​पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पट्टों के आवंटन के लिए खुली बैठक और मुनादी कराई गई थी, तो उसकी कार्यवाही का आधिकारिक प्रस्ताव और रजिस्टर कहां है। 20 से 30 बीघा जमीन और पक्के मकान वाले लोगों को किस आधार पर आवासहीन घोषित कर पट्टा जारी किया गया, जबकि प्राथमिक सूची में शामिल असहाय और गरीब विधवा महिलाओं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर कोई भौतिक सत्यापन किया था या केवल कागजी खानापूरी की गई।
​जांच पूरी होने तक कब्जे पर रोक की मांग
​शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक विवादित गाटा संख्याओं पर किसी भी प्रकार के निर्माण या कब्जे पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
​अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के विरुद्ध किए गए पट्टे रद्द होना तय माना जा रहा है, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व प्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जालौन पुलिस जिन चेन स्नेचिंग करने वाले बदमाशों को ढूंढ रही थी उसे औरैया पुलिस ने पकड़ा नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के समीपवर्ती औरैया जिले से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज पुलिस ने एक बदमाश पकड़ा है दरअसल इस पकड़े गए बदमाश और उसके साथी को जालौन पुलिस एक हफ्ते से ढूंढ रही थी लेकिन कामयाबी औरैया पुलिस को मिली
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    जालौन पुलिस जिन चेन स्नेचिंग करने वाले बदमाशों को ढूंढ रही थी उसे औरैया पुलिस ने पकड़ा 
नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के समीपवर्ती औरैया जिले से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज पुलिस ने एक बदमाश पकड़ा है 
दरअसल इस पकड़े गए बदमाश और उसके साथी को जालौन पुलिस एक हफ्ते से ढूंढ रही थी लेकिन कामयाबी औरैया पुलिस को मिली
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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