राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। इसी कड़ी में सकरावास निवासी पशुपालक गोपीलाल गाड़री को उनकी दो दुधारू भैंसों के लिए 80 हजार रुपये का बीमा लाभ मिला। यह बीमा सुरक्षा कवच उन्हें ग्राम पंचायत सकरावास में आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रदान किया गया। शिविर में उपखण्ड अधिकारी बिंदु बाला राजावत, तहसीलदार कालूसिंह राणा, अतिरिक्त ब्लॉक विकास अधिकारी राजेश कुमार जैन और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीपू सुल्तान के हाथों गोपीलाल को बीमा पॉलिसी के दस्तावेज सौंपे गए। गोपीलाल ने बताया कि उनकी दो भैंसें ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार थीं, जिससे वे बीमारी या किसी अप्रत्याशित घटना की आशंका को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। फरवरी माह में पशुपालन विभाग द्वारा चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के तहत डॉ. टीपू सुल्तान और उनकी टीम उनके घर पहुंची, जहां पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी दोनों भैंसों का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा कराया गया। बीमा पॉलिसी मिलने के बाद गोपीलाल ने अपनी आजीविका की सुरक्षा का भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि अब किसी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई का आधार उपलब्ध रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार और पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को ग्रामीण पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी बताया। अधिकारियों ने इस अवसर पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देना है। पशुपालन विभाग रेलमगरा की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में काफी सराहना मिल रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। इसी कड़ी में सकरावास निवासी पशुपालक गोपीलाल गाड़री को उनकी दो दुधारू भैंसों के लिए 80 हजार रुपये का बीमा लाभ मिला। यह बीमा सुरक्षा कवच उन्हें ग्राम पंचायत सकरावास में आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रदान किया गया। शिविर में उपखण्ड अधिकारी बिंदु बाला राजावत,
तहसीलदार कालूसिंह राणा, अतिरिक्त ब्लॉक विकास अधिकारी राजेश कुमार जैन और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीपू सुल्तान के हाथों गोपीलाल को बीमा पॉलिसी के दस्तावेज सौंपे गए। गोपीलाल ने बताया कि उनकी दो भैंसें ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार थीं, जिससे वे बीमारी या किसी अप्रत्याशित घटना की आशंका को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। फरवरी माह में पशुपालन विभाग द्वारा चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के
तहत डॉ. टीपू सुल्तान और उनकी टीम उनके घर पहुंची, जहां पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी दोनों भैंसों का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा कराया गया। बीमा पॉलिसी मिलने के बाद गोपीलाल ने अपनी आजीविका की सुरक्षा का भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि अब किसी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई का आधार उपलब्ध रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार और पशुपालन विभाग का
आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को ग्रामीण पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी बताया। अधिकारियों ने इस अवसर पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देना है। पशुपालन विभाग रेलमगरा की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में काफी सराहना मिल रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
- राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ग्रामीण पशुपालकों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है। इसी कड़ी में सकरावास निवासी पशुपालक गोपीलाल गाड़री को उनकी दो दुधारू भैंसों के लिए 80 हजार रुपये का बीमा लाभ मिला। यह बीमा सुरक्षा कवच उन्हें ग्राम पंचायत सकरावास में आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रदान किया गया। शिविर में उपखण्ड अधिकारी बिंदु बाला राजावत, तहसीलदार कालूसिंह राणा, अतिरिक्त ब्लॉक विकास अधिकारी राजेश कुमार जैन और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीपू सुल्तान के हाथों गोपीलाल को बीमा पॉलिसी के दस्तावेज सौंपे गए। गोपीलाल ने बताया कि उनकी दो भैंसें ही परिवार की आजीविका का मुख्य आधार थीं, जिससे वे बीमारी या किसी अप्रत्याशित घटना की आशंका को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। फरवरी माह में पशुपालन विभाग द्वारा चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान के तहत डॉ. टीपू सुल्तान और उनकी टीम उनके घर पहुंची, जहां पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी दोनों भैंसों का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा कराया गया। बीमा पॉलिसी मिलने के बाद गोपीलाल ने अपनी आजीविका की सुरक्षा का भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि अब किसी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई का आधार उपलब्ध रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार और पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को ग्रामीण पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी बताया। अधिकारियों ने इस अवसर पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देना है। पशुपालन विभाग रेलमगरा की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में काफी सराहना मिल रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।4
- नाथद्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रेलमगरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर सहायक अभियंता, एवीवीएनएल को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्काल समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बार-बार ट्रिपिंग होने से आमजन तथा किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छापरी, मेडखेड़ा, गवारडी और धनेरिया सहित कई गांवों में तो तीन दिनों से नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे किसानों के सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं और फसलों के नुकसान की आशंका भी जताई गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने जोर देकर कहा है कि हाल ही में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जाने के दावों के बावजूद, धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीण रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और दिन में भी बिजली बार-बार ट्रिप होती रहती है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारू और निर्बाध बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शांतिलाल प्रजापत, मंडल अध्यक्ष अम्बालाल गाड़री, लक्ष्मीलाल मेनारिया, एडवोकेट पृथ्वीराज पुरोहित, हीरालाल गाड़री (प्रशासक राजपुरा), इंटक नेता हुक्मीचंद मेनारिया, प्रभुलाल जाट, विष्णु सेवदा, दिनेश सनाढ्य, नारायण गर्ग, ओमप्रकाश व्यास, मदनलाल धोबी, सुरेशचंद खटीक, प्रतापसिंह सिसोदिया, दिनेश सुखवाल, मिट्ठूदास, अल्लानूर मंसूरी, हमीदखां, भेरूलाल जाट, माधुलाल और बद्रीलाल नायक सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के नवानिया और किकावास गांवों में लोहार समाज के आराध्य लोहार बावजी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। मालवीय लोहार समाज मेनार चोखला के तत्वाधान में देवरावल योगिराज लोहार बावजी की शोभायात्रा नवानिया से किकावास तक निकाली गई, जिसमें आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य शोभायात्रा में 22 चौखला के सभी समाजजन और मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 101 महिलाएं विशेष रूप से चुंदड़ी पोशाक में सिर पर कलश धारण किए हुए थीं, जिससे शोभायात्रा की सुंदरता और बढ़ गई। इसी अवसर पर, किकावास में लोहार समाज के भवन में वरिष्ठ कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। इसमें 40 सदस्यीय एक टीम का गठन कर उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। यह जन्मोत्सव नवानिया और किकावास में आयोजित हुए विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का एक प्रमुख हिस्सा था, जिसमें समाज की गहरी आस्था देखने को मिली।1
- पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें पानी नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वे अत्यधिक परेशान हैं और अपना हक मांग रहे हैं।2
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रूपाहेली गांव में बलाई समाज के साथ हुए कथित सामाजिक बहिष्कार, भेदभाव, मारपीट और अत्याचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर अखिल भारतीय बलाई महासभा के बैनर तले सैकड़ों बलाई समाज के लोगों ने सोमवार को भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि कोटड़ी तहसील के दोवनी निवासी गोपाल लाल भट्ट पर रूपाहेली गांव के सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला निर्णय जारी करने का आरोप है। उन्होंने कथित तौर पर अनुसूचित जाति समाज द्वारा दिए जाने वाले चंदे को ब्रह्मभोज में शामिल न करने की बात कही, जिसके बाद गांव में सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया गया कि 8 मार्च 2026 को रूपाहेली गांव के हनुमान मंदिर में आयोजित होने वाले एक सामाजिक कार्यक्रम को लेकर हुई बैठक में कुछ लोगों ने यह निर्णय लिया कि बलाई समाज से किसी प्रकार का दान, चंदा या सहयोग नहीं लिया जाएगा तथा समाज के लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस निर्णय के विरोध में बलाई समाज के परिवारों ने कार्यक्रम से दूरी बनाने का फैसला किया। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने पुनः बैठक कर समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान जारी कर दिया। आरोपों के अनुसार, गांव के राशन विक्रेताओं, नाइयों, मेडिकल संचालकों और अन्य दुकानदारों को बलाई समाज के लोगों को सेवाएं नहीं देने के निर्देश दिए गए, साथ ही आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी गई। बलाई समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की जाए। उनकी प्रमुख मांगों में गोपाल लाल भट्ट की गिरफ्तारी और सार्वजनिक माफी मंगवाना, सर्वसमाज एवं प्रशासन की संयुक्त जांच समिति गठित कर दोषियों को गिरफ्तार करना, एफआईआर दर्ज नहीं करने के आरोप में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना, मारपीट, गाली-गलौज और अत्याचार के आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार करना, तथा सामाजिक बहिष्कार से जुड़े किराणा, मेडिकल, नाई एवं अन्य सेवाओं पर रोक लगाने के मामलों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शामिल है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।1
- एक वायरल जलभराव खबर के सामने आने के बाद प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, अधिकारियों को नालों की सफाई के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, साथ ही ग्रामीण सेवा शिविरों के संबंध में भी चेतावनी दी गई है। इन प्रशासनिक गतिविधियों के अतिरिक्त, घोसुण्डा में सोमवती अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था का संचार देखा गया। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और ब्लैक स्पॉट सुधार के उपायों पर भी विस्तृत मंथन किया गया।1
- कपासन क्षेत्र के सूखे तालाबों को भरने के उद्देश्य से निर्माणाधीन डीके फीडर योजना को लेकर जीतावास क्षेत्र में उपजे विवाद के शीघ्र समाधान की मांग तेज हो गई है। किसानों की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य हाल ही में रुक गया था और एक प्रकरण भी दर्ज हुआ है, जिससे क्षेत्र में असंतोष और चिंता का माहौल है। इस मामले में, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता रोशनलाल टुकलिया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर, राजसमंद जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा और चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन को पत्र भेजकर हस्तक्षेप करने और सर्वसम्मति से समाधान निकालने का आग्रह किया है। टुकलिया ने बताया कि लगभग ₹25 करोड़ की लागत से बनने वाली यह डीके फीडर योजना जल संरक्षण, भू-जल स्तर सुधार और तालाबों के पुनर्भरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों, सिंचाई विभाग और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर विवाद का हल निकालना समय की मांग है। इसके लिए, उन्होंने प्रभावित किसानों, सिंचाई विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक विचार किया जा सके और बरसात से पहले सहमति आधारित समाधान निकल सके, जिससे परियोजना का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। टुकलिया ने यह भी कहा कि जिन किसानों की भूमि या कृषि गतिविधियां इस योजना से प्रभावित हो रही हैं, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे किसानों की चिंताएं दूर होंगी और यह जनहितकारी परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि योजना पूरी होने पर बनास नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग सूखे तालाबों को भरने में होगा, जिससे जल संकट कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। टुकलिया ने उल्लेख किया कि जीतावास ग्राम पंचायत भी पक्की नहर निर्माण से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठा चुकी है। उन्होंने सभी पक्षों से संवाद, समन्वय और आपसी सहमति के आधार पर इस महत्वपूर्ण विकास एवं जनहित योजना को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।2
- राजसमंद के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथ कॉलोनी 'ए' के पास वन विभाग की भूमि में एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, शव करीब दो दिन पुराना था, जो पूरी तरह सड़ चुका था और किसी जानवर द्वारा नोचा गया था। परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम से मौका निरीक्षण करवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। मृतका की पहचान उसके भाई नानालाल ने नारायणी बाई गमेती पत्नी भंवर लाल गमेती के रूप में की है। उन्होंने बताया कि महिला लंबे समय से अकेली रहती थी और उसकी दोनों पुत्रियों की शादी हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला हादसा प्रतीत हो रहा है। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के कारण मौत के बाद शव को किसी जंगली जानवर ने नोचा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।3