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हरछठ पूजा से पहले श्रीराम मंदिर में भक्तों ने की साफ-सफाई घंसौर। हरछठ पूजा के पूर्व बुधवार, 2 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 घंसौर स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। भक्तों ने मंदिर परिसर की सफाई कर पूजा-अर्चना के लिए वातावरण को स्वच्छ एवं व्यवस्थित किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वच्छता कार्य में सहभागिता निभाई। हरछठ पूजा को लेकर मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। भक्तों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता हम सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर परिसर की सफाई के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल नजर आया।
Umesh Srivastava
हरछठ पूजा से पहले श्रीराम मंदिर में भक्तों ने की साफ-सफाई घंसौर। हरछठ पूजा के पूर्व बुधवार, 2 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 घंसौर स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। भक्तों ने मंदिर परिसर की सफाई कर पूजा-अर्चना के लिए वातावरण को स्वच्छ एवं व्यवस्थित किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वच्छता कार्य में सहभागिता निभाई। हरछठ पूजा को लेकर मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। भक्तों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता हम सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर परिसर की सफाई के बाद श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल नजर आया।
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- नारायणगंज में श्रद्धा के साथ मनाया हरछठ पर्व माताओं ने मांगी पुत्रों की दीर्घायु, किया विधि विधान से पूजन नारायणगंज में श्रद्धा के साथ मनाया हरछठ पर्व माताओं ने मांगी पुत्रों की दीर्घायु, किया विधि विधान से पूजन नारायणगंज में दो सितंबर बुधवार पांच बजे हरछठ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पुत्रवती महिलाओं ने अपने पुत्रों की रक्षा और उनकी दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत धारण किया। महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की और अपने पुत्रों का तिलक किया। इस दौरान पुत्रों ने भी अपनी माताओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। पर्व को लेकर बाजारों में खासी चहल-पहल देखी गई और पूजन सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। बताया गया कि हलषष्ठी व्रत के कड़े नियम होते हैं। इस दिन गाय के दूध या उससे बनी किसी भी वस्तु दही, घी, मक्खन आदि का सेवन पूर्णत: वर्जित होता है। व्रती महिलाओं ने शाम के समय पूजन संपन्न किया और व्रत के पारण के रूप में केवल पसही के चावल का सेवन किया। इसके साथ ही महिलओं ने सामूहिक पूजा की। महिलाओं ने महुआ, पसहर चावल और दही से बने व्यंजनों का भोग लगाया। मंदिरों और घरों में सामूहिक कथा का आयोजन हुआ, जिसमें हल षष्ठी की व्रत कथा सुनी गई। मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। 000000000000000000000000000000001
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- 🔴 जबलपुर में बढ़ा डेंगू-चिकनगुनिया-मलेरिया का खतरा: 2 दिन में 8 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे --- जिले में अब तक डेंगू के 54, चिकनगुनिया के 33 और मलेरिया के 7 मरीज सामने आए, अस्पतालों की ओपीडी में भी बढ़ी भीड़ --- जबलपुर में बारिश के बीच मच्छरजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दो दिनों में डेंगू के 5, चिकनगुनिया के 2 और मलेरिया का 1 नया मरीज सामने आया है। नए मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। - स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में अब तक डेंगू के 54, चिकनगुनिया के 33 और मलेरिया के 7 मरीज सामने आ चुके हैं। - करीब एक महीने पहले तक जिले में डेंगू के 30, चिकनगुनिया के 21 और मलेरिया के 3 मरीज थे। यानी बीते एक महीने में मच्छरजनित बीमारियों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। - डेंगू के नए मरीज पाटन, पनागर, निगरी, गढ़ा और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में मिले हैं। वहीं अंसार नगर, मदार टेकरी क्षेत्र की 11 वर्षीय बच्ची में मलेरिया की पुष्टि हुई है। - मरीज मिलने वाले इलाकों में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें सर्वे के साथ-साथ कीटनाशक का छिड़काव भी कर रही हैं। - वहीं त्योहार और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार और मंगलवार को अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। जिला अस्पताल विक्टोरिया, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, रांझी अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में बुखार, उल्टी-दस्त और मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। - जिला अस्पताल में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। - सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी के अनुसार, संदिग्ध मरीजों की जांच कराई जा रही है। डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण वाले मरीजों को जांच के लिए विक्टोरिया अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। - स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के बाद घरों और आसपास कूलर, गमले, पुराने टायर, डिब्बों और अन्य जगहों पर पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा पानी में मच्छर तेजी से पनपते हैं। - अगर किसी को बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द या कमजोरी महसूस हो रही है, तो लापरवाही न करते हुए डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं। - 📍 जबलपुर | मध्य प्रदेश रिपोर्ट दीपक विश्वकर्मा, सच तक पत्रिका न्यूज़, जबलपुर,1
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