ब्रेकिंग न्यूज़ बसे 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान* *ई-रिक्शा और ऑटो टैक्सी के बढ़ते दबदबे से बस यूनियन में आक्रोश, 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान* *तमाम शिकायतों के बावजूद नहीं जागा प्रशासन, बसों का संचालन थमा तो यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें* पलिया कलां, खीरी। पलिया क्षेत्र में ई-रिक्शा और ऑटो टैक्सी के बढ़ते संचालन को लेकर बस यूनियन का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। यूनियन का आरोप है कि लंबे समय से प्रशासन से शिकायतें करने के बावजूद समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज बस यूनियन ने 28 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। बस यूनियन के इस फैसले से यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। यदि जिले में बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद होता है तो रोजाना सफर करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, ग्रामीणों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से पलिया और अन्य कस्बों तक आने-जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यूनियन का कहना है कि उनकी मांगों और समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि 28 सितंबर से पहले प्रशासन बस यूनियन और अन्य वाहन संचालकों के बीच कोई समाधान निकाल पाता है या नहीं।
ब्रेकिंग न्यूज़ बसे 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान* *ई-रिक्शा और ऑटो टैक्सी के बढ़ते दबदबे से बस यूनियन में आक्रोश, 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान* *तमाम शिकायतों के बावजूद नहीं जागा प्रशासन, बसों का संचालन थमा तो यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें* पलिया कलां, खीरी। पलिया क्षेत्र में ई-रिक्शा और ऑटो टैक्सी के बढ़ते संचालन को लेकर बस यूनियन का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। यूनियन का आरोप है कि लंबे समय से प्रशासन से शिकायतें करने के बावजूद समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज बस यूनियन ने 28 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। बस यूनियन के इस फैसले से यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। यदि जिले में बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद होता है तो रोजाना सफर करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, ग्रामीणों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से पलिया और अन्य कस्बों तक आने-जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यूनियन का कहना है कि उनकी मांगों और समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि 28 सितंबर से पहले प्रशासन बस यूनियन और अन्य वाहन संचालकों के बीच कोई समाधान निकाल पाता है या नहीं।
- ब्रेकिंग न्यूज़ बसे 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान* *ई-रिक्शा और ऑटो टैक्सी के बढ़ते दबदबे से बस यूनियन में आक्रोश, 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान* *तमाम शिकायतों के बावजूद नहीं जागा प्रशासन, बसों का संचालन थमा तो यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें* पलिया कलां, खीरी। पलिया क्षेत्र में ई-रिक्शा और ऑटो टैक्सी के बढ़ते संचालन को लेकर बस यूनियन का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। यूनियन का आरोप है कि लंबे समय से प्रशासन से शिकायतें करने के बावजूद समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया। इससे नाराज बस यूनियन ने 28 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। बस यूनियन के इस फैसले से यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है। यदि जिले में बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद होता है तो रोजाना सफर करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, ग्रामीणों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से पलिया और अन्य कस्बों तक आने-जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यूनियन का कहना है कि उनकी मांगों और समस्याओं पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि 28 सितंबर से पहले प्रशासन बस यूनियन और अन्य वाहन संचालकों के बीच कोई समाधान निकाल पाता है या नहीं।1
- जल भराव के कारण लोगों का निकलना मुश्किल है लखीमपुर खीरी देवकली रोड गांधीनगर लखीमपुर खीरी गांधीनगर में इतना ज्यादा पानी है कि लोगो का निकलना मुश्किल हो गया है .. भ्रष्टाचारियों को वोट से मतलब है रोड से नहीं..इस बार पानी की व्यवस्था साही नहीं वो वोट नहीं ✅1
- बारिश में गरीब का आशियाना ढहा, परिवार बाल-बाल बचा तीन दिन की बारिश के बाद मकान की दीवारें भरभराकर गिरीं, मलबे में फंसा परिवार; घायल हुआ युवक लखीमपुर खीरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव ने ग्राम खमरिया पंडित निवासी एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक मकान की दीवारें भरभराकर गिर गईं। दीवारों के मलबे में पूरा परिवार फंस गया। मोहल्ले के लोगों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। हादसे में दुर्गेश कुमार जायसवाल पुत्र मुनीम जायसवाल के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित परिवार की मनोरमा देवी पुत्री पुरुषोत्तम लाल जायसवाल का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उनका आरोप है कि आवास और अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए वह काफी समय से ग्राम प्रधान, विधायक और सांसद के यहां चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्के आवास की सुविधा नहीं मिल सकी। बारिश के कारण हालात इतने खराब हो गए कि परिवार के लिए घर में रहना भी मुश्किल हो गया। पीड़िता का कहना है कि मकान की दीवारें गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर है। उनका यह भी दावा है कि पिछले तीन दिनों से घर में चूल्हा नहीं जला और बच्चों को भोजन तक नसीब नहीं हुआ। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए चल रही सरकारी आवास एवं राहत योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक आखिर क्यों नहीं पहुंच रहा है। यदि पीड़ित परिवार लंबे समय से आवास के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहा था तो उसकी स्थिति की जांच समय रहते क्यों नहीं हुई? बारिश शुरू होने के बाद जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर क्या व्यवस्था की गई, यह भी जांच का विषय है। मनोरमा देवी ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर परिवार की स्थिति देखने और तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह पूरे परिवार के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। पीड़िता ने बेहद गंभीर स्थिति में परिवार सहित आत्महत्या करने की बात भी कही है। एक ओर सरकार गरीबों को आवास और आपदा के समय राहत देने की योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर यदि किसी जरूरतमंद परिवार को जर्जर मकान में रहने और मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल जरूरत आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षित स्थान, भोजन और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की है। साथ ही प्रशासन को मामले की जांच कर यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि परिवार ने यदि वास्तव में आवास के लिए पूर्व में आवेदन या शिकायतें की थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई हुई। बारिश ने मकान की दीवार गिराई है, लेकिन इस हादसे ने सरकारी व्यवस्था की दीवारों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों का जवाब कागजों में देता है या मौके पर पहुंचकर इस गरीब परिवार की मदद करता है।4
- अंजनी कुमार सिंह की अपील— बारिश के बीच कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों से दूर रहें लगातार बारिश के बीच डीएम की अपील, कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों से दूर रहें लखीमपुर खीरी। जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों से दूर रहें और फिलहाल ऐसे मकानों में जाने से बचें। डीएम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास पक्का मकान या सुरक्षित आश्रय नहीं है तो प्रशासन उसके रहने और भोजन की व्यवस्था करेगा। राहत एवं बचाव के लिए प्रशासन की टीमें तैयार हैं और बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। उन्होंने बताया कि 25, 26 और 27 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सभी बैराजों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। डीएम ने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि मौसम को देखते हुए सतर्क रहें और किसी भी जोखिम वाले स्थान पर जाने से बचें।अगर चाहें तो इसे मैं फेसबुक पर वायरल होने वाली टैग वाली पोस्ट के रूप में भी तैयार कर सकता हूं।1
- *बारिश के बीच शहर के हालात देखने सड़कों पर उतरे डीएम, जलभराव वाले इलाकों में खुद संभाली कमान* *डीएम ने ईओ संग पूरे शहर का किया भ्रमण, जलभराव वाले क्षेत्रों में मौके पर खड़े होकर दिए जरूरी निर्देश; गिरे पेड़ों को तत्काल हटवाकर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश* लखीमपुर खीरी, 26 सितंबर। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में जलभराव और विभिन्न स्थानों पर पेड़ गिरने की स्थिति को देखते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह स्वयं सड़कों पर उतरे और शहर की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने अधिशासी अधिकारी के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर जलभराव वाले स्थानों का मौके पर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। डीएम ने भ्रमण के दौरान जिन-जिन क्षेत्रों में बारिश के कारण जलभराव मिला, वहां स्वयं मौके पर खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जल निकासी की व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा जहां आवश्यक हो वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सड़कों पर गिरे पेड़ों को लेकर भी डीएम ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने वन विभाग एवं संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर गिरे हुए पेड़ों को शीघ्र हटवाने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि बारिश के कारण कहीं भी आवागमन बाधित न होने पाए और पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही संबंधित टीमें मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई करें। *डॉन बॉस्को स्कूल के सामने टूटा क्लैंप, डीएम ने लिया संज्ञान* निरीक्षण के दौरान डॉन बॉस्को स्कूल के सामने विद्युत पोल पर क्लैंप टूटे होने की स्थिति का डीएम ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को मौके पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए क्लैंप को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने तथा बारिश के दौरान विद्युत संबंधी किसी भी संभावित जोखिम को देखते हुए जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। *बारिश में सुरक्षा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम* डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान आमजन की सुविधा और सुरक्षित आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। जलभराव, गिरे पेड़ों अथवा अन्य किसी कारण से मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए यातायात सुचारु कराया जाए।1
- लगातार बारिश हो रही है, ऐसे में लोग कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों से दूर रहें। हमारी टीमें मदद के लिए तैयार हैं। यदि किसी के पास पक्का मकान या सुरक्षित आश्रय नहीं है तो प्रशासन उसके लिए रहने और भोजन की व्यवस्था करेगा। लोग सतर्क और सावधान रहें और फिलहाल ऐसे मकानों में जाने से बचें। 25, 26 और 27 सितंबर के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और कल भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। लखीमपुर खीरी- डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा— “लगातार बारिश हो रही है, ऐसे में लोग कच्चे और क्षतिग्रस्त मकानों से दूर रहें। हमारी टीमें मदद के लिए तैयार हैं। यदि किसी के पास पक्का मकान या सुरक्षित आश्रय नहीं है तो प्रशासन उसके लिए रहने और भोजन की व्यवस्था करेगा। लोग सतर्क और सावधान रहें और फिलहाल ऐसे मकानों में जाने से बचें। 25, 26 और 27 सितंबर के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और कल भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। सभी बैराजों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में टीमें लगातार पहुंच रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों के लिए आश्रय, भोजन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”1
- अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली के अलर्ट पर स्कूल बंद, डीएम ने जारी की एडवाइजरी। लखीमपुर खीरी मे मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए जनपद में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य स्थगित कर दिया गया है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने लोगों से तेज बारिश, हवाओं और गरज-चमक के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। डीएम ने कहा कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित पक्के मकानों में रहें। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़, बिजली के खंभों, खुले मैदान और ऊंची जगहों से दूर रहें। जलभराव वाले क्षेत्रों के साथ कच्चे व जर्जर मकानों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। किसी भी आपदा या सहायता की आवश्यकता होने पर कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1077 अथवा 05872-298410, 412865 और मोबाइल नंबर 9454416588 पर सूचना दी जा सकती है।2
- दो दिनों की लगातार बारिश से बिगड़े हालात, घर गिरे, पेड़ उखड़े, फसलें बर्बाद, कई मौतें लखीमपुर खीरी। दो दिनों की लगातार बारिश से बिगड़े हालात, घर गिरे, पेड़ उखड़े, कई मौतें1