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प्रभारी मंत्री बेडम नांगल शेरपुर पहुंचे कलेक्टर एसपी रहे मौजूद प्रभारी मंत्री बेडम नांगल शेरपुर पहुंचे करौली भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन महूआ विधायक हिण्डोन पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा शीला चंदन सहित कई पदाधिकारी सभा स्थल पर पहुंचे
मनोज तिवाड़ी
प्रभारी मंत्री बेडम नांगल शेरपुर पहुंचे कलेक्टर एसपी रहे मौजूद प्रभारी मंत्री बेडम नांगल शेरपुर पहुंचे करौली भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन महूआ विधायक हिण्डोन पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा शीला चंदन सहित कई पदाधिकारी सभा स्थल पर पहुंचे
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- Post by Rehan khan1
- हिंडौन सिटी। स्टेशन रोड स्थित पत्थर वालों की धर्मशाला में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बताओ को लेकर आयोजित हुई। जिसमें संगठन के जिलाध्यक्ष एवं टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, कांग्रेस के जिला प्रभारी चतर सिंह और हिंडौन विधानसभा क्षेत्र प्रभारी रवि गुर्जर, संगठन के हिंडौन शहर व देहात के ब्लॉक अध्यक्ष सहित स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।3
- प्रभारी मंत्री बेडम नांगल शेरपुर पहुंचे करौली भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन महूआ विधायक हिण्डोन पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव प्रदेश मंत्री महिला मोर्चा शीला चंदन सहित कई पदाधिकारी सभा स्थल पर पहुंचे1
- मेरे परम् मित्र साथी नर्सिंग ऑफिसर नरेश सिंह तंवर (नर्सिंग ऑफिसर जिला अस्पताल हिंडौन सिटी) दिल के बहुत करीब अजीज मित्र नेकदिल इंसान चाहे घर हो या अस्पताल हमेशा सभी की मदद को तैयार रहने वाले का अचानक यू चले जाना हमारे सभी के लिए अपूर्णीय क्षति है, आप का हर किसी से सहजता से मिलना हर किसी कि सहायता करना ये सब हर इंसान में नहीं होते हम समझ सकते हैं कि, क्या गुजर रही होगी परिजनों एवं प्रियजनों पर। शोकाकुल परिजनों एवं प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। दिवंगत आत्मा को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा समस्त परिजनों एवं प्रियजनों को इस वज्रपात को सहन करने की सामर्थ्य प्रदान करे। 🙏😭 अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि 😭🙏 🙏😭 शत् शत् नमन 😭🙏 Miss u Bhai Naresh Tanwar1
- गंगापुर सिटी। जनगणना-2026 में आदिवासी समुदायों के लिए पृथक कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में होने वाली जनगणना के आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्धारण का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रपत्रों में आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के लिए स्पष्ट कॉलम का अभाव है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1871 से 1941 तक की जनगणनाओं में आदिवासी समुदायों की पृथक गणना होती रही थी, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन संभव था। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं होने से आदिवासी समुदायों की सटीक पहचान प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों की अलग पहचान को मान्यता दी गई है और उनके पृथक आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। महापंचायत ने तर्क दिया कि अनुसूचित जनजातियों की गणना को ही पूर्ण आदिवासी गणना मानना उचित नहीं है, क्योंकि कई समुदाय विभिन्न श्रेणियों में शामिल हैं। इससे आदिवासियों की परंपराओं, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2026 में ‘आदिवासी कॉलम’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आवश्यकताओं का सही आकलन हो सके। इससे योजनाओं और संसाधनों का वितरण भी अधिक न्यायसंगत हो सकेगा। अंत में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।1
- जनगणना 2026 में आदिवासियों के लिए पृथक कॉलम की मांग महापंचायत ने राज्यपाल के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, सटीक आंकड़ों की आवश्यकता बताई गंगापुर सिटी। जनगणना-2026 में आदिवासी समुदायों के लिए पृथक कॉलम निर्धारित करने की मांग को लेकर आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में होने वाली जनगणना के आंकड़े नीतियों और योजनाओं के निर्धारण का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रपत्रों में आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के लिए स्पष्ट कॉलम का अभाव है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 1871 से 1941 तक की जनगणनाओं में आदिवासी समुदायों की पृथक गणना होती रही थी, जिससे उनकी वास्तविक संख्या और सामाजिक स्थिति का आकलन संभव था। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं होने से आदिवासी समुदायों की सटीक पहचान प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों की अलग पहचान को मान्यता दी गई है और उनके पृथक आंकड़े संकलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। महापंचायत ने तर्क दिया कि अनुसूचित जनजातियों की गणना को ही पूर्ण आदिवासी गणना मानना उचित नहीं है, क्योंकि कई समुदाय विभिन्न श्रेणियों में शामिल हैं। इससे आदिवासियों की परंपराओं, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि जनगणना 2026 में ‘आदिवासी कॉलम’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आवश्यकताओं का सही आकलन हो सके। इससे योजनाओं और संसाधनों का वितरण भी अधिक न्यायसंगत हो सकेगा। अंत में चेतावनी दी गई कि मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक असंतोष उत्पन्न हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।2
- लोगों को शिकायत ग्राम क्षेत्र में स्थित उचित मूल्य की दुकान, संचालक रघुनंदन लोधा के यहाँ चल रहे अनाज वितरण कार्यक्रम में अव्यवस्था देखने को मिली। राशन लेने पहुंचे कई लोगों ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और असंतोष व्यक्त किया। लाभार्थियों का आरोप है कि उन्हें समय पर और पूरी मात्रा में अनाज नहीं मिल रहा है। कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की कि लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद वितरण प्रक्रिया धीमी है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वितरण के दौरान पारदर्शिता की कमी महसूस हो रही है और कई बार नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- करौली नागल शेरपुर में कल आएंगे CM प्रभारी मंत्री ने दौरा कर देखी व्यवस्थाएं1